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पत्नी संग ताजमहल पहुंचे US विदेश मंत्री रुबियो; तारीफों के बांधे पुल, बोले- “दुनिया का सच्चा खजाना दिखाने के लिए धन्यवाद”

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आगरा, एजेंसी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो  (Marco Rubio) ने सोमवार को पत्नी जीनेट रुबियो के साथ आगरा स्थित विश्व प्रसिद्ध ताजमहल (Taj Mahal) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ताजमहल को “दुनिया के असली खजानों में से एक” बताया। रुबियो और उनकी पत्नी ने करीब डेढ़ घंटे तक ताजमहल परिसर में समय बिताया। विजिटर्स बुक में उन्होंने लिखा-“Thank you for allowing us to visit one of the true treasures of the World.”यानी, “दुनिया के सच्चे खजानों में से एक को देखने का अवसर देने के लिए धन्यवाद।” इस दौरे में भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor भी उनके साथ मौजूद रहे।

🇺🇸🇮🇳 Marco Rubio took a break from patching up U.S.-India relations to visit the Taj Mahal.

Diplomacy and tourism, all in one trip. pic.twitter.com/IQz0e7V2rI https://t.co/G67B6W4j4A

— Mario Nawfal (@MarioNawfal) May 25, 2026

ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शामिल है और भारत आने वाले वैश्विक नेताओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पिछले वर्ष अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) भी पत्नी उषा वेंस और बच्चों के साथ ताजमहल देखने पहुंचे थे।इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी अपने पहले कार्यकाल में पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ ताजमहल का दौरा किया था। उस समय ट्रंप ने इसे भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया था।


#WATCH
 || Uttar Pradesh: US Secretary of State, Marco Rubio and his wife Jeanette D. Rubio, visit the Taj Mahal in Agra.#MarcoRubio #JeanetteRubio #TajMahal #Agra #UttarPradesh pic.twitter.com/IZOONre8E5

— All India Radio News (@airnewsalerts) May 25, 2026

UNESCO World Heritage Site है ताजमहल
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ताजमहल मुगल वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है, जिसमें फारसी, भारतीय और इस्लामी स्थापत्य शैली का अद्भुत संगम दिखाई देता है। साल 1983 में UNESCO ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था और इसे “भारत में मुस्लिम कला का रत्न तथा विश्व धरोहर की सर्वाधिक प्रशंसित कृतियों में से एक” बताया था।

#WATCH | Uttar Pradesh: US Secretary of State, Marco Rubio and his wife Jeanette D. Rubio, at the Taj Mahal in Agra

US Ambassador to India Sergio Gor is also present.

(Source: US Network Pool via Reuters) pic.twitter.com/XZvdRHfwfY

— ANI (@ANI) May 25, 2026

रुबियो का आगरा दौरा उनके चार दिवसीय भारत दौरे का हिस्सा है। वह मंगलवार को होने वाले Quad Summit में हिस्सा लेंगे।भारत यात्रा के दौरान उन्होंने कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी का दौरा किया और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। भारत इस समय क्वाड देशों भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

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नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

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नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

काठमांडू,

भारत और नेपाल के बीच यात्रा और व्यापार करने वालों के लिए अच्छी खबर है। नेपाल सरकार ने भारतीय और नेपाली नागरिकों को 9 नवंबर 2016 के बाद जारी रू.200 और रू.500 के भारतीय नोट अधिकतम रू.25,000 तक नेपाल लाने और ले जाने की अनुमति दे दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने नई अधिसूचना जारी कर इस संबंध में नियम स्पष्ट किए हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि 8 नवंबर 2016 से पहले जारी रू.500 और रू.1,000 के भारतीय नोट पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इन पुराने नोटों को नेपाल में लाने या ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

नेपाली नागरिकों के लिए विशेष नियम
नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक भारतीय मुद्रा केवल भारत से नेपाल ला सकेंगे। उन्हें भारतीय करेंसी नेपाल से किसी तीसरे देश में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा कि नए नियम से नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों और भारत के साथ व्यापार करने वाले नेपाली नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे सीमा पार नकदी लेन-देन की प्रक्रिया भी सरल होगी। नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक और विदेशी यात्री 5,000 अमेरिकी डॉलर या उसके बराबर विदेशी मुद्रा बिना कस्टम घोषणा के नेपाल ला सकते हैं। यदि इससे अधिक राशि लाई जाती है तो कस्टम अधिकारियों के समक्ष इसकी घोषणा करना अनिवार्य होगा। एजेंसी।

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दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

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दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

नई दिल्ली,

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-जून के दौरान शॉपिंग मॉल और खुदरा बाजारों में खुदरा दुकानों की पट्टा गतिविधि 78 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख वर्ग फुट हो गई। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट कहती है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से फैशन दुकानों, खाद्य एवं पेय (एफएंडबी) कंपनियों और डिपार्टमेंटल स्टोर के विस्तार से हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में शॉपिंग मॉल में पट्टा गतिविधि मजबूत रही और इसमें सालाना आधार पर दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मुख्य सड़कों पर पट्टे में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल पट्टा गतिविधियों में फैशन खंड की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही, जबकि एफएंडबी का 16 प्रतिशत और डिपार्टमेंटल स्टोर का 12 प्रतिशत योगदान रहा।

कंपनी के अनुसार, बेहतर लोकेशन वाले मॉल और बाजार परिसरों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने से रिक्तता घटी है और किराया बढ़ा है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, आवासीय विस्तार और उपभोक्ता मांग में वृद्धि के कारण एनसीआर देश के प्रमुख संगठित खुदरा बाजारों में तेजी से उभर रहा है। एजेंसी।

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विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

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विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

मुंबई,

वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर विदेशी फंड अब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बैंकिंग, आईटी और अन्य अपेक्षाकृत स्थिर सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। AI निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह बदलाव एशियाई बाजारों का निवेश परिदृश्य बदलता दिख रहा है।

ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी इंटरनेशनल, BNP Paribas और M&G Investments जैसे निवेशकों ने दक्षिण कोरिया और ताइवान के AI एवं सेमीकंडक्टर शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू किया है। विश्लेषकों का कहना है कि AI पर हो रहे भारी निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में फंड मैनेजर बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और अन्य अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी बिकवाली का असर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों पर भी दिखा है। निवेशकों की निकासी से दोनों बाजारों में दबाव बना हुआ है और अस्थिरता बढ़ी है।

भारत और चीन विदेशी निवेशकों का केंद्र

दूसरी ओर, भारत और चीन विदेशी निवेशकों के लिए फिर आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। जुलाई के दौरान भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ा है, जिससे आईटी सहित कई प्रमुख सेक्टरों को समर्थन मिला। वहीं, चीन में इंटरनेट कंपनियों और बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल तेज जोखिम वाले AI शेयरों की तुलना में बेहतर मूल्यांकन और स्थिर रिटर्न वाले बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

एजेंसी।

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