विक्टोरिया, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मोदी को अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। सम्मान मिलने पर PM मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया।
PM मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित किया। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि सेशेल्स से भारत का रिश्ता सिर्फ 50 साल पुराना नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत अगस्त 1770 में हुई थी। जब ‘थेलेमाक’ जहाज से यहां 5 भारतीय पहुंचे थे।
मोदी ने कहा कि जब लोग दुनिया का नक्शा देखते हैं, तो उन्हें सेशेल्स हिंद महासागर में बसे कुछ छोटे-छोटे द्वीपों का एक समूह दिखाई देता है। लेकिन हमारे लिए सेशेल्स सिर्फ द्वीपों का समूह नहीं, बल्कि इससे कहीं बढ़कर है।
पीएम मोदी को राष्ट्रपति पैट्रिक ने सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया।
सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल ‘लेस्पवार’ सौंपा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल ‘पीएस लेस्पवार’ सौंपा। इससे सेशेल्स की समुद्री निगरानी और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में गश्त की क्षमता मजबूत होगी।
पर्यावरण के क्षेत्र में मोदी को अब तक 3 बड़े सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पर्यावरण की रक्षा, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने और लंबे समय तक पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में किए गए काम के लिए मिला है।
पर्यावरण के क्षेत्र में मोदी को अब तक 3 बड़े अवार्ड मिल चुके हैं। इससे पहले मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया था। संयुक्त राष्ट्र ने साल 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड’ प्रदान किया था।
PM मोदी के सेशेल्स दौरे की खास बातें
1. गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि
PM मोदी 29 जून को सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे।
2. 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज
भारत ने सेशल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ गिफ्ट किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा।
3. नए समझौतों पर हस्ताक्षर
प्रत्यर्पण संधि: सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समझौता हुआ।
स्वास्थ्य सेवा: भारत सेशेल्स में एक नेशनल हॉस्पिटल बनाने में मदद करेगा।
अंतरिक्ष और कृषि: अंतरिक्ष की खोज और कृषि के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने हाथ मिलाया है।
4. मोदी ने कोको डी मेर पौधा लगाया
कोको डी मेर का पौधा और इसका फल सिर्फ सेशल्स पर ही प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाला बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है। एक अकेले बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है।
कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला के कूल्हे जैसा दिखाई देता है। इसे ‘डबल कोकोनट’ भी कहा जाता है। वहीं, नर फूल पुरुष के जननांग जैसा दिखता है। इस अनूठी बनावट के कारण सदियों से इस पौधे को लेकर कई तरह की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं।
इस पेड़ को वयस्क होने और फल देने में 20 से 40 साल का समय लगता है। एक फल को पूरी तरह पककर तैयार होने में 6 से 7 साल लग जाते हैं। यह पेड़ बेहद लंबी उम्र जीता है; माना जाता है कि ये 200 से 350 साल तक जीवित रह सकते हैं।
प्राचीन काल में, जब यह फल समुद्र में तैरता हुआ मालदीव या भारत के तटों पर पहुंच जाता था, तो लोग सोचते थे कि यह समुद्र के तल में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल है। इसी वजह से फ्रांसीसी भाषा में इसका नाम ‘कोको डी मेर’ पड़ा, जिसका अर्थ होता है समुद्र का नारियल।
सेशेल्स से जुड़ी खास बातें जानिए…
सेशेल्स की पहली बस्ती में शामिल थे 5 भारतीय
पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा ने पहली बार सेशेल्स को 1502 में खोज की थी। तब यहां पर लोगों की कोई स्थाई बसावट नहीं थी। इसके बाद कई सदियों तक अरब और यूरोपीय जहाज यहां रुकते रहे, लेकिन कोई स्थायी आबादी नहीं बनी।
पहलीबार 1770 में फ्रांस ने पहली स्थायी बस्ती बसाई। इसी दल में 15 फ्रांसीसी बसने वाले, 7 अफ्रीकी गुलाम और 5 भारतीय शामिल थे। इन्हें सेशेल्स का पहला स्थायी निवासी माना जाता है। इसके बाद 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी भाषी इलाकों से भी लोग यहां आकर बसने लगे। 20वीं सदी से तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग सेशेल्स पहुंचे।
सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्वज बिहार से
आज करीब 1.20 लाख आबादी वाले इस देश में भारतीय मूल के लोग लगभग 8% हैं। भारतीय मूल के लोगों में बिहारी समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है। साल 2020 में राष्ट्रपति बने वेवेल रामकलावन की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हैं।
रामकलावन के परदादा करीब 138 साल पहले बिहार के गोपालगंज जिले के परसौनी गांव से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से उन्हें गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया। बाद में उनका परिवार सेशेल्स में बस गया। साल 2018 में, जब रामकलावन विपक्ष के सांसद थे, तब उन्होंने अपने पूर्वजों के गांव परसौनी का दौरा भी किया था।
सेशेल्स के कछुए लंबी उम्र के लिए मशहूर
दुनिया में कछुओं की 360 से ज्यादा प्रजातियां हैं। इनमें से सेशेल्स में पाया जाने वाला अल्डाब्रा जायंट कछुआ सबसे प्रसिद्ध प्रजातियों में से एक है। यह प्रजाति अपनी बेहद लंबी उम्र (औसत उम्र 150 साल) के लिए जानी जाती है।
दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है। जोनाथन की उम्र करीब 194 साल मानी जाती है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ था। वह 1882 में करीब 50 साल की उम्र में सेशेल्स से सेंट हेलेना भेज दिया गया था।
वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र का राज जानने के लिए उसके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसकी कोशिकाएं इंसानों की कोशिकाओं की तरह तेजी से बदलाव नहीं करतीं। इससे उम्र बढ़ने और लंबी जिंदगी से जुड़े नए रहस्यों का पता चल सकता है।
दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित कछुआ। इसका नाम जोनाथन है। यह एल्डाब्रा जायंट कछुए की प्रजाति का है और अटलांटिक महासागर में स्थित सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है।
मोदी बोले- भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे
पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर कहा- सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।
फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
मैं सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनूंगा। यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से दोनों देशों की मित्रता को मजबूत किया है।
मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित, शांतिपूर्ण व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।
मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था।
उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था।
मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके।
मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था।
उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।
नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI के पास लॉ स्टूडेंट्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों के आचरण पर कार्रवाई करने का अधिकार उनके यूनिवर्सिटी या संबंधित शैक्षणिक संस्थान के पास है।
कोर्ट ने यह फैसला हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के छात्रों से जुड़े विवाद में दिया। छात्रों ने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। इसके बाद BCI ने छात्रों का वकील के तौर पर एनरोलमेंट रोकने और मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने BCI के आदेश को गैरकानूनी बताया
CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम, 1961 BCI या स्टेट बार काउंसिल को लॉ स्टूडेंट्स पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का कोई स्पष्ट या निहित अधिकार नहीं देता।
कोर्ट ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की ओर से 13 अगस्त को जारी आदेश को गैरकानूनी बताया।
इस मामले में NALSAR के दो पूर्व छात्रों मिहिरा सूद और अभिषेक तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि BCI को छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।
14 अगस्त को CJI ने कहा था- छात्रों को विरोध का अधिकार
14 अगस्त को पिछली सुनवाई में CJI सूर्यकांत ने BCI के मामले में दखल देने पर नाराजगी जताई थी।
CJI ने कहा था कि भले ही छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा था- यह छात्रों और मेरे बीच की बात है। BCI कौन होती है दखल देने वाली? यह पूरी तरह गलत है।
यमुनानगर, एजेंसी। हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज हादसे में लापता सेना के दोनों जवानों के शव मिल गए हैं। एक जवान का शव उत्तर प्रदेश में बैराज से करीब 15 किलोमीटर दूर मिला, जबकि दूसरा करीब 200 किलोमीटर बहकर हरियाणा के ही जींद की हांसी ब्रांच नहर तक पहुंचा। दोनों शव डाइविंग सूट पहने हुए मिले हैं।
इसके बाद शाम 5 बजे जवान के शव को लेकर आर्मी का हेलीकॉप्टर जींद पुलिस लाइन से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ।
दरअसल, मंगलवार शाम प्रैक्टिस के दौरान पांच जवान चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी बोट पर कूदे थे। इसी दौरान अचानक बोट डूब गई। तीन जवान तैरकर बाहर निकल आए, जबकि दो जवान लापता हो गए थे।
हादसे के बाद सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें यमुनानगर से लेकर आसपास की नहरों में सर्च ऑपरेशन चला रही थीं।
एक शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तो दूसरा हरियाणा के जींद जिले से बरामद हुआ।
तीन दिन में क्या-क्या हुआ….
1 सितंबर: शाम 5 बजे पांच जवान डूबे
मंगलवार शाम करीब 5 बजे हथिनीकुंड बैराज के पास प्रैक्टिस के लिए वन पैरा स्पेशल फोर्स के पांच जवान चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी मोटर बोट में कूदे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद वह स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी। इसके बाद पांचों जवान डाइविंग किट और लाइफ जैकेट पहनकर नदी में कूद गए।
इनमें से 3 जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकल आए, जबकि महाराष्ट्र के पाटिल रोहित नारायण (30) और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय लापता हो गए। रात को ही सेना और लोकल गोताखोरों की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
पांचों जवान इसी बोट में कूदे थे। बाद में सेना की टीम ने इस बोट को बाहर निकाला।
2 सितंबर: रात को पहला शव मिला
अगले दिन बुधवार को सेना के अलावा हरियाणा और यूपी SDRF की टीमें भी सर्च ऑपरेशन में जुटीं। हेलिकॉप्टर से निगरानी की गई। सर्च के चलते बैराज पर हरियाणा-यूपी के रास्ते बंद कर दिए गए। सेना की 10 टीमों ने 15 किमी के एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाया। पश्चिमी यमुना नहर में एक घंटे तक पानी रोका गया, ताकि जलस्तर कम होने पर तलाश की जा सके। जवान ह्यूमन चेन बनाकर उतरे और लापता जवानों की तलाश की।
शाम को बैराज से 15 किमी दूर दादूपुर हैड पर दो लाइफ जैकेट और एक डाइविंग किट मिली। हालांकि, सेना ने यह खुलासा नहीं किया कि ये सामान लापता जवानों का था या नहीं। रात 8 बजे यूपी के सहारनपुर जिले के बरथा कोरसी गांव में डाइविंग सूट में एक शव मिला। सिंचाई विभाग ने इसकी सूचना सेना को दी। बताया गया है कि यह शव जम्मू कश्मीर के अखनूर के अजय का है। हालांकि, सेना नहीं इसकी पुष्टि नहीं की।
डाइविंग सूट पहने युवक का शव यूपी के बरथा कोरसी गांव में बरामद हुआ था।
3 सितंबर: 200 किमी दूर दूसरा शव मिला
गुरुवार को हथिनीकुंड बैराज के पास सर्च ऑपरेशन के साथ सेना की टीमें करनाल के इंद्री भी पहुंचीं। यमुना पश्चिमी नहर में बहकर आने वाले शवों के इंद्री तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुबह से ही यहां निगरानी रखी जा रही थी। हालांकि, सेना की टीमें नहर में नहीं उतरीं और बाहर से ही नजर रखी गई।
इसी दौरान दोपहर 12 बजे सूचना मिली कि डाइविंग सूट में दूसरा शव जींद की हांसी ब्रांच नहर में अमरेहड़ी गांव के पास बरामद हुआ है। हांसी ब्रांच नहर पश्चिमी यमुना नहर की मुनक हेड से निकलती है। बताया गया है कि यह शव महाराष्ट्र के पीआर नारायण का है। हालांकि, सेना ने इसकी भी पुष्टि नहीं की।
जानकारी के अनुसार, पीआर नारायण जलगांव के रहने वाले थे। अपने पीछे वो दो साल का बेटा छोड़ गए हैं।
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार के कई जिलों में बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है। प्रदेश के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 8 नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। काशी में वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। अब तक 2,910 लोग विस्थापित हो चुके हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने 36 नावें लगाई हैं। बाढ़ के हालात को लेकर पीएम मोदी ने वाराणसी के डीएम और मेयर से बात की।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार रात तेज बारिश के बाद लैंडस्लाइड की वजह से 175 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर भारी मलबा गिर गया। इससे कई गाड़ियां रातभर फंसी रहीं।
सैटेलाइट मैप में मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
यूपी के मिर्जापुर में रेलवे अंडरपास में पानी भरने के कारण रोडवेज बस फंसकर बंद हो गई। इसके बाद ट्रैक्टर की मदद से बस को खींचकर बाहर निकाला गया।
यूपी के लखनऊ में बारिश से एक सड़क में करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इसमें बाइक सवार युवक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
पटना के चंदौसी गांव में पुनपुन नदी के तेज बहाव से सड़क कई से जगह से बह गई है।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हवालबाग के बड्यूड़ा गांव में मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भारी बारिश से एक कॉलोनी में पानी भर गया।
उत्तरकाशी में पापड़गाड में अचानक नदी उफाना गई।
ओडिशा के बालासोर में 214 गांव डूबे
ओडिशा जिले के भोगराई, बालीपाल, बस्ता, रेमुना और जलेश्वर ब्लॉक के 214 गांवों में बाढ़ का पानी भरने के बाद खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, नदी का जलस्तर अब घट रहा है।
दोपहर तक राजघाट में सुवर्णरेखा का जलस्तर 10.84 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। इसमें अभी गिरावट का रुख है, जो नदी की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है।
यूपी में लगातार बारिश से 23 जिलों में बाढ़
यूपी में लगातार बारिश से 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। अब तक 16 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ से रेस्क्यू किया गया है। काशी में गंगा-वरुणा का पानी अब घरों में घुसने लगा है। सड़कों पर नाव चल रही है। अब तक 407 परिवार घर छोड़ चुके हैं। सभी 84 घाट डूबे हुए हैं। मणिकर्णिका घाट पर छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है।
उत्तर ओडिशा में 373 गांव डूबे
ओडिशा के उत्तर इलाके में बाढ़ से 373 गांव प्रभावित हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया है और बचाव दल तैनात किए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, सुवर्णरेखा नदी बालासोर जिले के भोगराई, बालीपाल, बस्ता, रेमुना और जलेश्वर ब्लॉक के 214 गांवों में बाढ़ का पानी भरने के बाद खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, नदी का जलस्तर अब घट रहा है।
पंजाब: 3 दिन भारी बारिश के आसार
पंजाब और चंडीगढ़ में कई जगह बारिश होने से लोगों को गर्मी व उमस से थोड़ी राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज से 5 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस संबंधी यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चंडीगढ़ में आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
बिहार: बाढ़ की चपेट में 13 जिले; 8 नदियां उफनाईं
बिहार में मानसून काफी मजबूत स्थिति में है। प्रदेश के कई जिलों में बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज भी 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश: नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में बारिश का रेड अलर्ट
मानसूनी बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से गुरुवार को मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट है। 2 जिले- नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश का रेड जबकि 6 जिले- छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।
राजस्थान: कल से तेज बारिश का अलर्ट
राजस्थान में पिछले एक सप्ताह से चल रहा मानसून का ब्रेक बुधवार को खत्म हुआ। भरतपुर के रूपवास में इलाके में 1 इंच से ज्यादा बरसात हुई। जयपुर, धौलपुर, करौली के कई हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य में गुरुवार को भी जयपुर, भरतपुर संभाग के एरिया में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है।
यूपी: 67 जिलों में बारिश का अलर्ट
यूपी में आज गुरुवार को को प्रदेश के 67 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें मथुरा, आगरा समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। बारिश और खराब मौसम के चलते बलिया, वाराणसी समेत प्रदेश के 8 जिलों में 3 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे।
हिमाचल: 175 सड़कें बंद, कल से कमजोर पड़ेगा मानसून
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बुधवार रात तेज बारिश हुई, जिससे जगह-जगह लैंडस्लाइड के कारण 175 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर बारिश के बाद परवाणू फल मंडी के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे कई गाड़ियां भी रातभर मलबे में फंसी रहीं।