देश
कौन देगा ज्यादा कमाई? रू.10,000 की SIP से बनेंगे रू.91.98 लाख, तो रू.10 लाख Lump Sum से कितना होगा फंड?
नई दिल्ली, एजेंसी। म्यूचुअल फंड में निवेश करने के दो मुख्य तरीके होते हैं–Systematic Investment Plan (SIP) और Lump Sum Investment। अक्सर निवेशक इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि लंबे समय में कौन सा तरीका ज्यादा पैसा बना सकता है। दोनों ही तरीके बाजार से जुड़े होते हैं और इनका रिटर्न समय, बाजार की स्थिति और कंपाउंडिंग पर निर्भर करता है। कई निवेशक अक्सर सोचते हैं कि लंबे समय में एकमुश्त निवेश से बड़ा फंड बनता है या मासिक SIP से। SIP और एकमुश्त निवेश कैलकुलेटर इस अंतर को समझने में मदद करता है और यह भी बताता है कि निवेश की राशि, समय और कंपाउंडिंग कैसे एक साथ काम करते हैं। निवेश के दोनों तरीकों के अपने-अपने फायदे हैं। इन दोनों के बीच चुनाव करने के लिए, निवेशक जोखिम लेने की क्षमता, बाजार की स्थिति, निवेश की अवधि और निवेश के लिए उपलब्ध राशि जैसे कारकों पर विचार कर सकते हैं।

SIP बनाम एकमुश्त निवेश कैलकुलेटर:
SIP और एकमुश्त निवेश, दोनों ही बाजार से जुड़े निवेश में शामिल होने के अलग-अलग तरीके हैं। एकमुश्त निवेश में, पूरी राशि एक ही बार में निवेश कर दी जाती है। SIP में, एक निश्चित अवधि के लिए हर महीने एक निश्चित राशि निवेश की जाती है। इस उदाहरण के लिए, हम 12 प्रतिशत के अनुमानित सालाना रिटर्न के साथ 10 साल की अवधि पर विचार कर रहे हैं। इसका मकसद बस कैलकुलेटर-आधारित तरीके से आंकड़ों को समझना है।
20 साल के लिए रू.10,000 की SIP
अगर कोई व्यक्ति 20 साल के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में ₹10,000 का निवेश करता है, तो कैलकुलेशन के अनुसार, मैच्योरिटी पर उसे कुल मिलाकर लगभग रू.91,98,574 का रिटर्न मिल सकता है। SIP कैलकुलेशन
SIP की रकम: रू.10,000 हर महीने
इस दौरान कुल निवेश की गई रकम: 24,00,000
समय सीमा: 20 साल
रिटर्न की अनुमानित दर: 12%
अनुमानित रिटर्न: 67,98,574
कुल वैल्यू: 91,98,574
10 साल के लिए रू.10 लाख का एकमुश्त निवेश
अगर कोई व्यक्ति 20 साल के लिए एकमुश्त (lump-sum) रू.10,00,000 का निवेश करता है, तो मैच्योरिटी पर उसे रू.96,46,293 मिल सकते हैं।
एकमुश्त निवेश का कैलकुलेशन
निवेश की गई रकम: रू.10 लाख
समय सीमा: 20 साल
रिटर्न की अनुमानित दर: 12%
अनुमानित रिटर्न: 86,46,293
कुल वैल्यू: 96,46,293
कैलकुलेशन के अनुसार, SIP की तुलना में, उसी समय सीमा में एकमुश्त निवेश से आपको बेहतर रिटर्न मिल सकता है। हालांकि, ये कैलकुलेशन सिर्फ अनुमान हैं, निवेश की सलाह नहीं। खुद अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें या किसी फाइनेंशियल प्लानर से सलाह लें।
खेल
वैभव सूर्यवंशी ने सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड तोड़ा:15 साल, 99 दिन में भारत के लिए डेब्यू किया, 14 रन बनाकर आउट हुए
मैनचेस्टर, एजेंसी। वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ पहला इंटरनेशनल मैच खेला। वैभव ने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली ने 15 साल 239 दिन और सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था।

वैभव ने अपनी पहली पारी में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए। इसमें दो छक्के शामिल हैं। उन्होंने एक छक्का जोफ्रा आर्चर की गेंद पर और एक छक्का जोश टंग की गेंद पर लगाया। उन्हें विल जैक्स ने स्टंप आउट कराया।
मैच से पहले वैभव ने सोशल मीडिया पर भी डेब्यू के संकेत दिए थे। शुक्रवार को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर अपनी तस्वीर शेयर करते हुए न्यू चैप्टर लिखा था।

टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिली
23 जून को BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें जर्सी दी। सूर्यवंशी ने पहले रघु के पैर छूकर प्रणाम किया, फिर जर्सी ली।
वैभव को ICC की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत इंग्लैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम दिया गया है। उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति मिली है।

जर्सी के साथ फोटोशूट करते हुए वैभव।
वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए थे
एक महीने पहले वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर भी बने थे। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था।
शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था।
देश
दावा- ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी:मेलबर्न मीट्स मोदी प्रोग्राम की फेसबुक पोस्ट में कमेंट कर धमकाया, 9 जुलाई को कार्यक्रम
कैनबरा, एजेंसी। पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जान से मारने की धमकी मिली है। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस मोदी को दी गई धमकी की जांच कर रही है। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि धमकी फेसबुक पर ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक पोस्ट के नीचे लिखी गई थी।
पोस्ट के नीचे अबू मुस्तफा नाम के फेसबुक अकाउंट से लिखा गया, ‘स्टेडियम की छत कार्यक्रम के दौरान बंद रहनी चाहिए, नहीं तो वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएगा।’ जांच एजेंसियों ने उस पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान कर ली है।

मोदी 8 जुलाई से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे। ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में होना है। मोदी के इसमें शामिल होने की संभावना है। धमकी सामने आते ही जानकारी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस को दे दी गई थी।
अबतक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई
अब तक पुलिस ने धमकी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पुलिस किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों समेत कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।
विदेश दौरे पर PM की सुरक्षा में मेजबान भी शामिल
- प्रधानमंत्री के विदेश दौरे की सुरक्षा भारत और मेजबान देश मिलकर संभालते हैं। प्रधानमंत्री की सबसे नजदीकी सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के जिम्मे होती है, जबकि कार्यक्रम स्थल, होटल, एयरपोर्ट और यात्रा मार्ग की सुरक्षा मेजबान देश की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां करती हैं।
- दौरे से पहले सुरक्षा टीमें कार्यक्रम स्थल का कई बार निरीक्षण करती हैं, आने-जाने के रास्तों की जांच होती है और भीड़ पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है।
- दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां संभावित खतरों की जानकारी साझा करती हैं। धमकी मिलती है, तो तुरंत जांच शुरू होती है और सुरक्षा घेरा बढ़ाने, अतिरिक्त जांच जैसे कदम उठाए जाते हैं।
इससे पहले भी मोदी को धमकी मिल चुकी
2022: पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा में चूक
5 जनवरी 2022 को पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई थी। हुसैनीवाला जाते समय प्यारेआणा ब्रिज (फ्लाईओवर) पर प्रदर्शनकारी किसानों ने रास्ता जाम कर दिया था। इस वजह से पीएम का काफिला लगभग 15-20 मिनट तक फंसा रहा था। इसके बाद पीएम बिना रैली किए बठिंडा एयरपोर्ट वापस लौट गए थे।
2026: पंजाब दौरे से पहले ब्लास्ट की धमकी मिली थी
PM नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था।
देश
El Nino Alert: सितंबर तक तेज़ होगा एल नीनो, दुनिया में मौसम की बड़ी उथल-पुथल की आशंका
जिनेवा/नई दिल्ली, एजेंसी। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि प्रशांत महासागर में बन रहे El Nino Conditions आने वाले महीनों में तेजी से मजबूत होकर जुलाई से सितंबर के बीच एक strong event बन सकते हैं। इसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर भारी पड़ सकता है, जिसमें हीटवेव, सूखा और भारी बारिश जैसी चरम घटनाएं शामिल हैं।
WMO के ‘ग्लोबल सीज़नल क्लाइमेट अपडेट’ में कहा गया है कि दुनिया के प्रमुख केंद्रों के मल्टी-मॉडल अनुमानों से पता चलता है कि मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र का तापमान लगातार और काफ़ी बढ़ रहा है। मुख्य निगरानी क्षेत्रों में समुद्र की सतह के तापमान में मौसमी औसत से 2°C से ज़्यादा की बढ़ोतरी (एनमली) होने की उम्मीद है।

क्या है अल नीनो
अल नीनो मौसम का एक प्राकृतिक पैटर्न है जिसमें इस क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान औसत से ज़्यादा हो जाता है, यह आमतौर पर मार्च और जून के बीच बनता है, नवंबर और फरवरी के बीच अपने चरम पर होता है, और शुरू होने के अगले साल वैश्विक तापमान पर सबसे ज़्यादा असर डालता है। ऐसी घटनाएं आमतौर पर हर 2दो से 7 साल में होती हैं और 9 से 12 महीने तक चलती हैं। भारत में, इसका संबंध कमज़ोर मॉनसून से है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने कहा कि इस चेतावनी से कुछ नहीं बदलेगा – इसके और मज़बूत होने की बात हफ़्तों पहले ही मॉनसून के अनुमान में शामिल कर ली गई थी।
दुनिया पर असर
WMO ने बताया कि इसका असर कई जगहों पर अलग-अलग तरह से दिखेगा:
-कुछ देशों में भीषण सूखा
-कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश और बाढ़
-कई जगहों पर गंभीर हीटवेव
-समुद्र में भी marine heatwaves बढ़ने का खतरा, इसके साथ ही WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि यह स्थिति पहले से ही मॉनिटर की जा रही है और समय रहते चेतावनी देकर नुकसान कम करने की कोशिश की जा रही है।
भारत पर असर
भारत में El Nino का सीधा संबंध अक्सर कमजोर मानसून से जोड़ा जाता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह स्थिति पहले से ही उनके मानसून पूर्वानुमान में शामिल थी, इसलिए इसमें कोई नया बदलाव नहीं माना जा रहा। वैज्ञानिकों ने बताया कि समुद्र की बढ़ती गर्मी के संकेत पिछले महीनों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे हैं, जो जलवायु परिवर्तन की गंभीर स्थिति को दिखाते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में हो रहे FIFA World Cup जैसे बड़े आयोजनों के दौरान तेज गर्मी और heatwave की वजह से लोगों के बीमार पड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
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