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देश

बाजार में बढ़ता भरोसा, क्या बैंकिंग सेक्टर दिलाएगा निफ्टी को नई ऊंचाई?

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मुंबई, एजेंसी। भारतीय शेयर बाजार अब ऐसे दौर में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है, जहां केवल सूचकांक नहीं बल्कि सेक्टरों की बदलती ताकत अगले चरण की तेजी तय करेगी। पिछले सप्ताह निफ्टी ने ट्रेंडलाइन के ऊपर मजबूती बनाए रखते हुए यह संकेत दिया कि खरीदार धीरे-धीरे बाजार पर पकड़ मजबूत कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह रही कि इंडेक्स ने दो सप्ताह पहले बने डोजी कैंडल के उच्च स्तर को पार कर अनिश्चितता को पीछे छोड़ते हुए तेजी के पक्ष में संकेत दिए हैं। 

हालांकि 24,490–24,510 का क्षेत्र अभी भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है और इसके ऊपर टिकने पर ही 24,630 से 24,860 तक की नई तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर 24,060–24,080 का क्षेत्र निकट अवधि का महत्वपूर्ण समर्थन रहेगा, जबकि 23,800 के आसपास का स्तर मजबूत आधार का काम कर सकता है। 24,500 स्ट्राइक पर सबसे अधिक कॉल ओपन इंटरेस्ट तत्काल प्रतिरोध का संकेत देता है, जबकि 24,000 स्ट्राइक पर मजबूत पुट ओपन इंटरेस्ट बाजार को मजबूत आधार प्रदान कर रहा है। लगभग 1 का PCR यह दर्शाता है कि बाजार में फिलहाल घबराहट नहीं है और ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना बनी हुई है। इस पूरे बाजार में यदि किसी सेक्टर ने सबसे अधिक मजबूती दिखाई है तो वह बैंकिंग सेक्टर है।

बैंक निफ्टी फिलहाल तेजी के बीच स्वस्थ कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है, जो कमजोरी नहीं बल्कि अगली बड़ी चाल से पहले आधार बनने का संकेत देता है। चार्ट पर बना गैप पूरी तरह भर चुका है और अब मामूली प्रतिरोध की भूमिका निभा रहा है। 58,740–58,760 के ऊपर निर्णायक बंद होने पर बैंक निफ्टी 59,600 से 60,000 की ओर बढ़ सकता है, जबकि 57,200 के आसपास स्थित 200-DMA निकट अवधि का महत्वपूर्ण सहारा रहेगा। 

बैंकिंग सेक्टर के भीतर भी नेतृत्व में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। निजी क्षेत्र के बैंक लगातार मजबूत हो रहे हैं, जबकि हाल के महीनों में शानदार प्रदर्शन करने वाले PSU बैंकों में सीमित मुनाफावसूली देखने को मिल रही है, जिसे फिलहाल स्वस्थ करेक्शन माना जा सकता है। बाजार की एक और सकारात्मक विशेषता यह है कि अब तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार में भागीदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मेटल और CPSE सूचकांक भी मजबूत तकनीकी सपोर्ट से वापसी के संकेत दे रहे हैं, जिससे अल्पकालिक ट्रेडिंग अवसर बन सकते हैं। डेरिवेटिव आंकड़े भी संतुलित लेकिन सकारात्मक तस्वीर पेश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार भी निवेशकों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। डॉव जोंस नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ है, जबकि नैस्डैक अपने शिखर के आसपास स्वस्थ कंसोलिडेशन करता दिखाई दे रहा है, जो वैश्विक जोखिम लेने की क्षमता का संकेत है। 

घरेलू स्तर पर India VIX 12 के नीचे रहने से बाजार में भय का स्तर कम हुआ है, हालांकि प्रमुख प्रतिरोधों के आसपास उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी अपने महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों से वापसी करते दिखाई दिए हैं, जबकि कच्चे तेल की अपेक्षाकृत नरम कीमतें भारत जैसी ऊर्जा आयातक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक बनी हुई हैं। कुल मिलाकर तकनीकी संकेतक, वैश्विक वातावरण, बैंकिंग सेक्टर की मजबूती और बढ़ती व्यापक भागीदारी यह संकेत देती है कि यदि निफ्टी 24,500 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में नई तेजी की शुरुआत हो सकती है, जबकि गिरावट आने पर भी मजबूत समर्थन स्तरों तक इसे खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।

– शशांक बंसल (SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट – INH000010715)

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खेल

वैभव सूर्यवंशी ने सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड तोड़ा:15 साल, 99 दिन में भारत के लिए डेब्यू किया, 14 रन बनाकर आउट हुए

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मैनचेस्टर, एजेंसी। वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ पहला इंटरनेशनल मैच खेला। वैभव ने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली ने 15 साल 239 दिन और सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था।

वैभव ने अपनी पहली पारी में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए। इसमें दो छक्के शामिल हैं। उन्होंने एक छक्का जोफ्रा आर्चर की गेंद पर और एक छक्का जोश टंग की गेंद पर लगाया। उन्हें विल जैक्स ने स्टंप आउट कराया।

मैच से पहले वैभव ने सोशल मीडिया पर भी डेब्यू के संकेत दिए थे। शुक्रवार को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर अपनी तस्वीर शेयर करते हुए न्यू चैप्टर लिखा था।

टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिली

23 जून को BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें जर्सी दी। सूर्यवंशी ने पहले रघु के पैर छूकर प्रणाम किया, फिर जर्सी ली।

वैभव को ICC की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत इंग्लैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम दिया गया है। उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति मिली है।

जर्सी के साथ फोटोशूट करते हुए वैभव।

जर्सी के साथ फोटोशूट करते हुए वैभव।

वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए थे

एक महीने पहले वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर भी बने थे। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था।

शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था।

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देश

दावा- ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी:मेलबर्न मीट्स मोदी प्रोग्राम की फेसबुक पोस्ट में कमेंट कर धमकाया, 9 जुलाई को कार्यक्रम

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कैनबरा, एजेंसी। पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जान से मारने की धमकी मिली है। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस मोदी को दी गई धमकी की जांच कर रही है। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि धमकी फेसबुक पर ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक पोस्ट के नीचे लिखी गई थी।

पोस्ट के नीचे अबू मुस्तफा नाम के फेसबुक अकाउंट से लिखा गया, ‘स्टेडियम की छत कार्यक्रम के दौरान बंद रहनी चाहिए, नहीं तो वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएगा।’ जांच एजेंसियों ने उस पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान कर ली है।

मोदी 8 जुलाई से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे। ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में होना है। मोदी के इसमें शामिल होने की संभावना है। धमकी सामने आते ही जानकारी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस को दे दी गई थी।

अबतक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई

अब तक पुलिस ने धमकी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पुलिस किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों समेत कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।

विदेश दौरे पर PM की सुरक्षा में मेजबान भी शामिल

  • प्रधानमंत्री के विदेश दौरे की सुरक्षा भारत और मेजबान देश मिलकर संभालते हैं। प्रधानमंत्री की सबसे नजदीकी सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के जिम्मे होती है, जबकि कार्यक्रम स्थल, होटल, एयरपोर्ट और यात्रा मार्ग की सुरक्षा मेजबान देश की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां करती हैं।
  • दौरे से पहले सुरक्षा टीमें कार्यक्रम स्थल का कई बार निरीक्षण करती हैं, आने-जाने के रास्तों की जांच होती है और भीड़ पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है।
  • दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां संभावित खतरों की जानकारी साझा करती हैं। धमकी मिलती है, तो तुरंत जांच शुरू होती है और सुरक्षा घेरा बढ़ाने, अतिरिक्त जांच जैसे कदम उठाए जाते हैं।

इससे पहले भी मोदी को धमकी मिल चुकी

2022: पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा में चूक

5 जनवरी 2022 को पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई थी। हुसैनीवाला जाते समय प्यारेआणा ब्रिज (फ्लाईओवर) पर प्रदर्शनकारी किसानों ने रास्ता जाम कर दिया था। इस वजह से पीएम का काफिला लगभग 15-20 मिनट तक फंसा रहा था। इसके बाद पीएम बिना रैली किए बठिंडा एयरपोर्ट वापस लौट गए थे।

2026: पंजाब दौरे से पहले ब्लास्ट की धमकी मिली थी

PM नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था।

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देश

El Nino Alert: सितंबर तक तेज़ होगा एल नीनो, दुनिया में मौसम की बड़ी उथल-पुथल की आशंका

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जिनेवा/नई दिल्ली, एजेंसी। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि प्रशांत महासागर में बन रहे El Nino Conditions आने वाले महीनों में तेजी से मजबूत होकर जुलाई से सितंबर के बीच एक strong event बन सकते हैं। इसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर भारी पड़ सकता है, जिसमें हीटवेव, सूखा और भारी बारिश जैसी चरम घटनाएं शामिल हैं। 
WMO के ‘ग्लोबल सीज़नल क्लाइमेट अपडेट’ में कहा गया है कि दुनिया के प्रमुख केंद्रों के मल्टी-मॉडल अनुमानों से पता चलता है कि मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र का तापमान लगातार और काफ़ी बढ़ रहा है। मुख्य निगरानी क्षेत्रों में समुद्र की सतह के तापमान में मौसमी औसत से 2°C से ज़्यादा की बढ़ोतरी (एनमली) होने की उम्मीद है।

क्या है अल नीनो
अल नीनो मौसम का एक प्राकृतिक पैटर्न है जिसमें इस क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान औसत से ज़्यादा हो जाता है, यह आमतौर पर मार्च और जून के बीच बनता है, नवंबर और फरवरी के बीच अपने चरम पर होता है, और शुरू होने के अगले साल वैश्विक तापमान पर सबसे ज़्यादा असर डालता है। ऐसी घटनाएं आमतौर पर हर 2दो से 7 साल में होती हैं और 9 से 12 महीने तक चलती हैं। भारत में, इसका संबंध कमज़ोर मॉनसून से है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने कहा कि इस चेतावनी से कुछ नहीं बदलेगा – इसके और मज़बूत होने की बात हफ़्तों पहले ही मॉनसून के अनुमान में शामिल कर ली गई थी।

दुनिया पर असर
WMO ने बताया कि इसका असर कई जगहों पर अलग-अलग तरह से दिखेगा:

-कुछ देशों में भीषण सूखा
-कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश और बाढ़
-कई जगहों पर गंभीर हीटवेव
-समुद्र में भी marine heatwaves बढ़ने का खतरा, इसके साथ ही WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि यह स्थिति पहले से ही मॉनिटर की जा रही है और समय रहते चेतावनी देकर नुकसान कम करने की कोशिश की जा रही है।

 भारत पर असर
भारत में El Nino का सीधा संबंध अक्सर कमजोर मानसून से जोड़ा जाता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह स्थिति पहले से ही उनके मानसून पूर्वानुमान में शामिल थी, इसलिए इसमें कोई नया बदलाव नहीं माना जा रहा। वैज्ञानिकों ने बताया कि समुद्र की बढ़ती गर्मी के संकेत पिछले महीनों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे हैं, जो जलवायु परिवर्तन की गंभीर स्थिति को दिखाते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में हो रहे FIFA World Cup जैसे बड़े आयोजनों के दौरान तेज गर्मी और heatwave की वजह से लोगों के बीमार पड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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