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कोरबा

कोरबा में टोनही प्रताड़ना में देवरानी, बेटी और बेटा गिरफ्तार:बुजुर्ग महिला को वर्षों तक करते रहे बदनाम,जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप

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कोरबा। कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के भांटापारा कुदुरमाल में टोनही प्रताड़ना का मामला सामने आया है। पुलिस ने 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में उसकी देवरानी, पुत्री और पुत्र को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

उरगा थाने में सत्यभामा वैष्णव (65), निवासी कुदुरमाल वार्ड क्रमांक-04 ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी देवरानी लक्ष्मीन वैष्णव उर्फ लक्ष्मी, उसकी पुत्री चंचल वैष्णव और पुत्र किशन वैष्णव उर्फ गोलू कई वर्षों से उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे।

जादू-टोना बताकर पूरे मोहल्ले में किया बदनाम

शिकायत के अनुसार, आरोपी रोज घर के सामने आकर गाली-गलौज करते थे। वे बुजुर्ग महिला पर जादू-टोना करने का आरोप लगाकर उन्हें “टोना-टोटका करने वाली” बताकर पूरे मोहल्ले में बदनाम करते थे। इतना ही नहीं, उनके दिवंगत पति को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणियां करते थे।

जान से मारने की धमकी भी दी

पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें कई बार घर से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दी। घर में कोई सामान खराब होने या कूलर जलने जैसी घटनाओं का दोष भी उन पर ही मढ़ा जाता था। लगातार प्रताड़ना के कारण वह और उनका बेटा राजेंद्र वैष्णव भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर थे।

टोनही प्रताड़ना अधिनियम के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 3(5) तथा टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तीनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल

गिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्मीन वैष्णव उर्फ लक्ष्मी (45), चंचल वैष्णव (21) और किशन वैष्णव उर्फ गोलू (26) शामिल हैं। तीनों भांटापारा कुदुरमाल के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां जमानत नहीं मिलने पर जेल भेज दिया गया।

उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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कोरबा

लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल का शपथ ग्रहण 12 जुलाई को

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कोरबा। पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल का शपथ समारोह 12 जुलाई को होटल कावेरी डीडीएम रोड कोरबा के सभागार में संध्या 6.00 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ लायंस क्लब्स डिस्ट्रिक्ट 3233सी के नवनिर्वाचित प्रथम वाईस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एमजेएफ लायन पवन मलिक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। गेस्ट ऑफ आनर के रूप में पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन रामसिंह अग्रवाल, शपथ अधिकारी के रूप में रीजन चेयरमेन एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मल्टीपल काऊंसिल वाईस चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल एवं जोन चेयरमेन लायन मनोज गुप्ता उपस्थित रहेंगे। क्लब अध्यक्ष लायन सुरेन्द्र कुमार डनसेना एवं सचिव लायन दर्शन अग्रवाल ने कार्यक्रम को सफल बनाने सभी सदस्यों की शत प्रतिशत उपस्थिति की अपील की है।
2026-27 के लिए दर्शन अग्रवाल अध्यक्ष, सचिव सुरेन्द्र कुमार डनसेना

लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल की नई कार्यकारिणी में लायन दर्शन अग्रवाल को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं लायन सुरेन्द्र कुमार डनसेना सचिव, लायन शोमा सोनी कोषाध्यक्ष मनोनित किए गए हैं। प्रथम उपाध्यक्ष लायन पार्वती दास, द्वितीय उपाध्यक्ष लायन सुभाष चंद अनंत, सहसचिव लायन अतुल साहू, टेलट्विस्टर लायन ज्योति साहू, टेमर लायन मधू पाल, पीआरओ लायन मनोज गुप्ता, मेम्बरशीप चेयरपर्सन लायन प्रेमलता अग्रवाल, सर्विस चेयरपर्सन लायन आशीष अग्रवाल, एलसीआईएफ चेयरपर्सन एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल रहेगे। साथ ही क्लब संचालक सदस्य के रूप में लायन नूतन राजवाड़े, लायन विकास अग्रवाल, लायन प्रीति अग्रवाल, लायन ओमप्रकाश अग्रवाल रहेगें। क्लब मार्गदर्शक के रूप में पूर्व प्रान्तपाल पीएमजेएफ लायन डॉ.राजकुमार अग्रवाल अपनी सेवायें क्लब को देगें।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय में “Ground Water Regulation and Control” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला सम्पन्नभू-जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन को लेकर विशेषज्ञों ने साझा किए महत्वपूर्ण सुझाव

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बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय, बिलासपुर में “Ground Water Regulation and Control” विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण (CGWA), नई दिल्ली तथा केंद्रीय भू-जल बोर्ड (CGWB), उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र, रायपुर के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भू-जल संरक्षण, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा इससे जुड़े नियामकीय प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के कार्यपालक निदेशक (पर्यावरण) सी. जयदेव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों से आए अधिकारी-कर्मचारी तथा प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागी भी मौजूद रहे।

अपने संबोधन में सी. जयदेव ने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग और जल का वैज्ञानिक प्रबंधन समय की आवश्यकता है। उन्होंने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नए नियमों, बेहतर कार्यप्रणालियों और जल संरक्षण के प्रभावी उपायों को समझने का अवसर मिलता है।

दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों से आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने भू-जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण (Recharge), उद्योगों में जल के बेहतर उपयोग तथा भू-जल से जुड़े नियामकीय प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी साझा की।

केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण (CGWA), नई दिल्ली से डॉ. प्रबीर के. नाइक (Regional Director), उद्देश्य कुमार (Scientist-C) एवं सुश्री एच. वी. सोफिया के (Scientist-C) तथा केंद्रीय भू-जल बोर्ड (CGWB), उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र, रायपुर से डॉ. भूषण आर. लामसोगे (Regional Director), सिद्धांत कुमार साहू (Scientist-C), सुश्री सायली उमेश तेंबूर्णे (Scientist-C) एवं प्रमोद साहू (Scientist-C) ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।

कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने भू-जल प्रबंधन, आवश्यक अनुमतियों, जल संरक्षण तथा अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रश्न विशेषज्ञों से पूछे। विशेषज्ञों ने सभी प्रश्नों का सरल एवं व्यावहारिक उत्तर देते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

समापन सत्र में विशेषज्ञों ने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों में जल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग और नियामकीय प्रावधानों का पालन सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि सी. जयदेव द्वारा प्रशिक्षण में सहभागी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यहां प्राप्त जानकारी उनके कार्यक्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन और जल संरक्षण से जुड़े प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

दो दिवसीय यह प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला एसईसीएल में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भू-जल के वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा सतत एवं जिम्मेदार खनन गतिविधियों को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

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Five SECL Mines Earn Prestigious 5-Star Rating, A National Recognition for Mining Excellence

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Bangwar, Khairaha, Beherabandh, Vijay West and Jagannathpur Project Conferred Prestigious 5-Star Rating by the Ministry of Coal

Korba. South Eastern Coalfields Limited (SECL) has achieved a significant milestone in the field of responsible and sustainable mining, with five of its mines receiving the prestigious 5-Star Rating under the *Ministry of Coal’s Star Rating Assessment for the financial year 2024-25. The honoured mines are *Bangwar Underground Mine (Sohagpur Area), Khairaha Underground Mine (Sohagpur Area), Beherabandh Underground Mine (Johilla Area), Vijay West Underground Mine (Hasdeo Area), and Jagannathpur Opencast Project (Bhatgaon Area). This is one of the most significant achievements in SECL’s history, marking the highest number of its mines to receive the coveted 5-Star Rating in a single assessment year.

The Ministry of Coal’s Star Rating system is a comprehensive framework for evaluating the overall performance of coal and lignite mines across the country. Mines are assessed on parameters such as scientific and safe mining practices, environmental management, land reclamation, adoption of modern technologies, occupational safety and welfare, statutory compliance, social responsibility, and operational efficiency. Only mines demonstrating outstanding performance across these parameters are awarded the highest 5-Star Rating.

The four underground mines—*Bangwar, Khairaha, Beherabandh and Vijay West—have been recognised for their exemplary performance in safe mining operations, scientific mining practices, production efficiency, employee welfare and environmental management. *Jagannathpur Opencast Project, the only SECL opencast mine to receive the 5-Star Rating this year, has distinguished itself through outstanding performance in overburden management, green initiatives, water conservation and safe mining practices.

Speaking on this ocassion, Shri Harish Duhan, Chairman-cum-Managing Director, SECL, said:

“The recognition of five SECL mines with the prestigious 5-Star Rating is a matter of immense pride for the entire SECL family. This achievement reflects the collective efforts, dedication and commitment of our employees, officers, business partners and all stakeholders. Safe, sustainable and environmentally responsible mining remains our highest priority. By embracing modern technologies and best mining practices, we are continuously striving to set new benchmarks in operational excellence. This recognition will further inspire us to strengthen our commitment towards responsible and sustainable mining in the years to come.”

This achievement not only highlights SECL’s operational excellence and strong safety culture but also reinforces the company’s unwavering commitment to environmental stewardship, sustainable development and responsible mining. As one of the leading subsidiaries of Coal India Limited, SECL remains committed to adopting modern technologies, innovation and best mining practices to strengthen India’s energy security while contributing to the nation’s sustainable development goals.

Overall, in the Ministry of Coal’s Star Rating Assessment for FY 2024–25, a total of 45 SECL mines secured 3-Star or higher ratings. Of these, 5 mines were awarded 5-Star ratings, 19 mines received 4-Star ratings, and 21 mines earned 3-Star ratings.

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