छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में पिकअप पलटा, 19 की मौत:इनमें मां-बेटी सहित 18 महिलाएं; कवर्धा में 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरी गाड़ी

कवर्धा , एजेंसी। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में सोमवार (20 मई) को तेज रफ्तार पिकअप पलटकर 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, 7 से ज्यादा लोग घायल हैं। इनमें 4 को हायर सेंटर रेफर किया गया है। सभी आदिवासी समाज से हैं। हादसा कुकदूर थाना क्षेत्र के बाहपानी गांव के पास हुआ है।
SP अभिषेक पल्लव ने बताया कि मरने वालों में 18 महिलाएं शामिल हैं। इनमें मां-बेटी सहित 3 बच्चियां भी हैं। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया है। हादसे के दौरान पिकअप में 25 लोग सवार थे। सभी लोग तेंदूपत्ता तोड़कर गांव लौट रहे थे। हादसा इतना जबरदस्त था कि 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।पुलिस के दावों से उलट ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के समय पिकअप में 30 से 35 लोग सवार थे। ब्रेक फेल होने से हादसे की आशंका है। हादसे को लेकर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सीएम विष्णुदेव साय, पीसीसी चीफ दीपक बैज सहित कई नेताओं ने दुख जताया है।
बताया जा रहा वाहन में सवार सभी लोग सेमहारा गांव से पिकअप में सवार होकर निकले थे। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे गांव लौट रहे थे। इससे पहले रविवार रात भी कोतवाली क्षेत्र के सिंघनपुरी गांव के पास एक ही ट्रक से पुलिस की तीन गाड़ियां हादसे का शिकार हुई थीं। इसमें एक आरक्षक की मौके पर मौत हो गई, वहीं चालक समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
मृतकों के नाम…
- मिला बाई (48) पति बंजारी,टीकू बाई (40) पति गुलाब सिंह,सिरदारी (45) पुत्र सिलाब गोंड,जनिया बाई (35) पति जनऊ गोंड,मुंगिया बाई (60) पति बजरू मरावी,झंगलो बाई (62) पति धनीरामसिया बाई (50) पति तिरीत गोंड
- किरण (15) पिता शिवनाथ,पटोरिन बाई (35) पति दयाराम गोंड,धनैया बाई (48) पति सिरदारी गोंड,शांति बाई (35) पति शिवनाथ,प्यारी बाई (40) पति फूलचंद,सोनम बाई (16) पिता फूलचंद,विस्मत बाई (45),लीला बाई (35) पति मानसिंह,परसदिया बाई (30) पति रामचंद्र, भारती (13) पिता मानसिंह,सुन्ती बाई (45) पति मदन सिंह
हादसे को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर जानकारी आ रही है कि गाड़ी का ब्रेक फेल हो गया था, जिसके कारण वह अनियंत्रित हो गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच रही है और जांच के बाद ही हादसे के कारण का पता चलेगा। प्रशासन घायलों की हर संभव मदद कर रहा है।
कोरबा
कोरबा कार्बन फैक्ट्री में टैंक फटा:कर्मचारी बाल-बाल बचे, दमकल ने आग पर पाया काबू
कोरबा। कोरबा के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कार्बन फैक्ट्री में सोमवार दोपहर एक टैंक फट गया। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया, हालांकि प्लांट के अंदर काम कर रहे कर्मचारी बाल-बाल बच गए। एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

यह फैक्ट्री कार्बन बनाने का काम करती है। इसमें बाहर से टैंकरों के माध्यम से तरल पदार्थ लाकर टैंकों में रखा जाता है, जहां कार्बन तैयार किया जाता है। टैंक फटने के समय फैक्ट्री में कई महिला और पुरुष कर्मचारी मौजूद थे। टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया, जो बेहद गर्म था और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।

टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया
गर्म पीच को पानी,फायर फोम की मदद से ठंडा किया गया
फैक्ट्री कर्मचारियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सीएसईबी के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और गर्म पीच को पानी तथा फायर फोम की मदद से ठंडा किया। सीएसईबी के फायरमैन धर्मेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि फायर टीम को इंडस्ट्रियल एरिया में टैंक फटने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर दो टैंकर पानी और फोम का छिड़काव कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

टैंक फटने से अस पास फिला मलबा और गर्म हार्ड पीच पर फोम का छिड़काव पर किया गया
फैक्ट्री में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन:स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और संबंधित अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहीं न कहीं लापरवाही के कारण ही यह घटना सामने आई है। फैक्ट्री के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है, जिससे यह पता चल सके कि यहां क्या काम होता है।
इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाले जहरीले केमिकल और धुएं से आसपास के लोग, खासकर पुलिस लाइन में रहने वाले परिवार, काफी परेशान हैं। इस संबंध में पर्यावरण विभाग से भी शिकायतें की जा चुकी हैं।
कोरबा
कोरबा में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरी:पड़ोस के घर में सो रहे पति-पत्नी और बच्चा मलबे में दबे, हालत गंभीर
कोरबा/कुसमुंडा। कोरबा में रविवार देर रात संतोष वर्मा के निर्माणाधीन मकान की तीसरी मंजिल की दीवार गिर गई। यह दीवार बगल में स्थित अजय धनवार के घर पर गिरी, जिससे अजय धनवार, उनकी पत्नी और उनका छोटा बच्चा मलबे में दब गए।

घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र के प्रेम नगर की है। हादसा तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश के दौरान हुआ। मौसम खराब होते ही निर्माणाधीन मकान की ऊपरी दीवार कमजोर होकर सीधे अजय धनवार के घर की छत पर गिर गई।

छप्पर टूटा, घर में मचा हड़कंप
इससे छप्पर टूट गया और सैकड़ों ईंटें घर के अंदर जा गिरीं। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल तीनों को तत्काल मोहल्लेवासियों की मदद से कोरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घरेलू सामान को भारी नुकसान
हादसे में घर के अंदर रखा दोपहिया स्कूटर, बर्तन, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान के भीतर अभी भी ईंटों का मलबा पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का ध्यान नहीं रखा गया था, जिसके कारण तेज हवा और बारिश में दीवार गिर गई।
लापरवाही के आरोप, पुलिस जांच में जुटी
लोगों ने निर्माणकर्ता की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह घटना निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक गंभीर मामला बनकर सामने आई है।

कोरबा
राजस्व कार्यों में गंभीर लापरवाही और भू-अभिलेखों में हेराफेरी पर पटवारी निलंबित
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता और घोर लापरवाही बरतने के कारण पटवारी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तहसीलदार भैंसमा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि श्री सिंह ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करने में गंभीर अनियमितताएं की हैं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है।
जांच के दौरान ग्राम करूमौहा में राजस्व अभिलेखों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है, जिसमें खसरा नंबर 176/1/ख/1 के वास्तविक रकबे 0.016 हेक्टेयर को नियम विरुद्ध तरीके से बढ़ाकर 1.600 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया था। इसी प्रकार एक अन्य मामले में खसरा नंबर 84/4 ख के रकबे को 0.710 हेक्टेयर से बढ़ाकर सीधे 71.000 हेक्टेयर कर दिया गया और बिना किसी वैध आदेश के इसे ऑनलाइन भुइयां पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया।
इन गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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