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छत्तीसगढ़

BJP के 11 नेताओं को सैलजा का मानहानि नोटिस:छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूर्व प्रभारी बोलीं-माफी मांगे; पूर्व विधायकों ने लगाया था टिकट बेचने का आरोप

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूर्व प्रदेश प्रभारी और हरियाणा के सिरसा से लोकसभा प्रत्याशी कुमारी सैलजा ने 11 बीजेपी नेताओं को मानहानि का नोटिस भेजा है। छत्तीसगढ़ के इन नेताओं ने सिरसा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सैलजा पर कोयला और शराब घोटाले को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।

जिन नेताओं को नोटिस जारी हुआ है, वो पहले कांग्रेस में थे। बाद में बीजेपी में शामिल हो गए। सैलजा ने कहा कि, सभी नेता दो दिनों में माफी मांगे, नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं भाजपा नेताओं ने कहा है कि इस नोटिस से वे डरने वाले नहीं हैं।

इन नेताओं को नोटिस

सैलजा के वकील ने पूर्व प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला, पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, पूर्व महापौर वाणी राव, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिता रावटे, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष तुलसी साहू, पूर्व प्रदेश ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष चौलेश्वर चंद्राकर, उषा पटेल, आलोक पांडेय, अजय बंसल और अरुण सिंह नोटिस भेजा है।

2 दिन के अंदर सार्वजनिक रूप से मांगे माफी

सैलजा ने अपने नोटिस में कहा कि, ये तमाम नेता दो दिन के भीतर उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो इन नेताओं पर लीगल एक्शन लिया जाएगा। भाजपा ने छत्तीसगढ़ के इन नेताओं को सिरसा लोकसभा चुनाव में जिम्मेदारी सौंपी है।

सैलजा पर लगाए थे यह आरोप

सिरसा में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान पूर्व विधायकों ने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ में बतौर प्रभारी काम करते हुए कुमारी सैलजा ने टिकट वितरण के मामले में भी उचित उम्मीदवारों की अनदेखी की। उन्होंने कहा था कि, सिर्फ पैसा देने वाले लोगों को टिकट दिया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

इन नेताओं का कहा था कि, हमारा सिरसा में आने का मकसद केवल यही है कि यहां के मतदाताओं को इस बारे में जानकारी मिल सके। आखिरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाली कांग्रेस की महिला नेता कुमारी सैलजा खुद किस कदर भ्रष्टाचार में लिप्त रहती थी।

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छत्तीसगढ़

भूपेश बोले- कौशल्या भाभी को सीएम बना दीजिए:महिला आरक्षण बिल पर छत्तीसगढ़ सरकार बुलाएगी विशेष सत्र, विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी

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रायपुर,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि विष्णु जी, अगर आपको तकलीफ है तो कौशल्या भाभी को मुख्यमंत्री बना दीजिए। बघेल ने आरोप लगाया कि जनसंघ, RSS, विहिप और भाजपा ने कभी महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में मौका नहीं दिया।

महिलाओं को आरक्षण देने की पहल सबसे पहले राजीव गांधी ने की थी, लेकिन भाजपा ने उस समय अड़ंगा लगाया, नहीं तो 1989 में ही यह कानून पास हो जाता। पंचायत राज व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में इसे लागू किया गया, जिसके बाद 1995 में पहला चुनाव हुआ।

इससे लाखों महिलाएं राजनीति में आईं और आज बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है। भूपेश ने ये बातें अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही हैं।

बता दें कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने पर भाजपा ने आक्रोश रैली निकाली थी। साय सरकार एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है, जो इसी महीने आयोजित हो सकता है। सीएम साय के मुताबिक विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।

विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया में पहले मुख्यमंत्री और कैबिनेट सत्र आयोजित करने का निर्णय लेते हैं। इसके बाद प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाता है, और उनकी स्वीकृति के बाद ही सत्र बुलाया जाता है।

आक्रोश रैली निकलने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने सभा को संबोधित किया था।

आक्रोश रैली निकलने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने सभा को संबोधित किया था।

‘नारी शक्ति जाग गई’ के नारों के साथ स्टेडियम से निकली आक्रोश रैली।

‘नारी शक्ति जाग गई’ के नारों के साथ स्टेडियम से निकली आक्रोश रैली।

हाथों में तख्ती-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं।

हाथों में तख्ती-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं।

प्रदर्शन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।

प्रदर्शन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।

27 अप्रैल तक चलेगा प्रदर्शन

नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं होने के बाद बीजेपी अब कांग्रेस के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में लगातार छत्तीसगढ़ में भी विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन की शुरूआत सोमवार 20 अप्रैल से हो गई।

  • 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में जन आक्रोश महिला सम्मेलन रखे जाएंगे।
  • 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा।

कांग्रेस फूट डालो और राज करो की नीति अपनाती है- साय

19 अप्रैल को रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम साय ने कहा था कि, वे बहुत दुखी मन से मीडिया के बीच आए हैं। 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण विपक्ष के रवैये की वजह से नहीं मिल पाया। इंडी गठबंधन ने 70 करोड़ महिला शक्ति की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है।

छत्तीसगढ़ में पंचायती राज में महिलाओं का आरक्षण 57 प्रतिशत है और विधानसभा में भी 21-22 प्रतिशत नारी शक्ति है। इंडी गठबंधन के लोग अंग्रेजों की तरह “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाते हैं और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टी धर्म के नाम पर आरक्षण की बात कहकर लोगों को बरगलाती है।

उन्होंने कहा कि, आने वाले वक्त में इंडी गठबंधन को इसका खामियाजा भुगतना होगा। कांग्रेस और इंडी गठबंधन का वास्तविक चेहरा सामने आ चुका है और देश की माता-बहनें सच्चाई जान चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश की महिलाओं की उम्मीदों पर पानी नहीं फिरने दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने शनिवार शाम देश को सम्बोधित करते हुए बिल पास नहीं होने पर महिलाओं से माफी मांगी।

पीएम मोदी ने शनिवार शाम देश को सम्बोधित करते हुए बिल पास नहीं होने पर महिलाओं से माफी मांगी।

लोकसभा में पास नहीं हो सका महिला आरक्षण बिल

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था।

PM मोदी ने माफी मांगी, विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार शाम देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाने पर माताओं-बहनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि इस बिल में संशोधन नहीं हो पाया और इसके लिए वे क्षमा चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ दलों के लिए दलहित देशहित से बड़ा हो गया, जिसका नुकसान नारी शक्ति को उठाना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी राजनीति के कारण महिलाओं के अधिकारों को झटका लगा है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण प्रस्ताव गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा खुशी जताई गई, जबकि देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अपने अपमान को नहीं भूलती और इस पूरे घटनाक्रम को देश की महिलाएं याद रखेंगी।

विशेष सत्र में लाया गया था प्रस्ताव

महिला आरक्षण से जुड़े इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार ने संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था। मतदान के दौरान आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : नगरीय निकायों के कार्यों की मैराथन समीक्षा का दूसरा दिन, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा

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शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश

नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने कहा

साव ने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने के दिए निर्देश, कहा काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही तय कर की जाएगी कड़ी कार्रवाई

शहरों को स्वच्छ व सुंदर बनाने तथा नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश

31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने कहा

शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश

रायपुर। प्रदेशभर के नगरीय निकायों की समीक्षा का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आज दिनभर चली बैठक में सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को बेतरतीब निर्माणों, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने को कहा। श्री साव ने कहा कि  काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
 
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने को कहा। उन्होंने राज्य के उभरते शहरों को सुव्यवस्थित, सुनियोजित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ ही नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पांचों संभागों के विभागीय क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को हर तिमाही में प्रत्येक नगर पालिका और नगर पंचायत का व्यक्तिगत निरीक्षण कर संचालक को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को आगामी 31 मई तक नगर पंचायतों की नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व संग्रहण बढ़ाने संपत्ति कर, जल कर, यूजर चार्ज जैसे करों की वसूली गंभीरता और कड़ाई से करने को कहा। उन्होंने एनर्जी ऑडिट के माध्यम से गैर-जरूरी विद्युत कनेक्शनों की पहचान कर इसके विच्छेदन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकाय के सभी कार्मिकों को हर माह समय पर वेतन और बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।
 
श्री साव ने जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने के लिए निर्देशित करते हुए शत-प्रतिशत भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण कराने को कहा। उन्होंने 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। श्री साव ने सभी सीएमओ को मुख्यालय में ही निवास करते हुए प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर शहर की साफ-सफाई और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने भ्रमण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अपने साथ रखने को कहा। उन्होंने सीएमओ द्वारा प्रातः भ्रमण में की जा रही कोताही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए रोजाना अनिवार्यतः कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए।  

श्री साव ने शहरों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए बच्चों के लिए खेल के मैदानों और उद्यानों के लिए जगहों का चिन्हांकन करने को कहा। उन्होंने कुनकुरी और अंबागढ़-चौकी में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों का निर्माण इस साल दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर दूरदर्शिता से काम करते हुए अगले दस वर्षों के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता में रखते हुए इसके लिए 15वें वित्त आयोग की राशि से पुख्ता व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वर्षा ऋतु के पहले सभी नाला, नालियों, ड्रेनेज और तालाबों की सफाई करने को कहा। उन्होंने पाइपलाइन्स के लीकेज ठीक करते हुए सभी घरों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण एक साल के भीतर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि शहर के जरूरतमंदों के लिए पीएम आवास स्वीकृत करना और बनवाना सीएमओ की जिम्मेदारी है। इस पर सक्रियता और गंभीरता से काम करते हुए आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने को कहा। उन्होंने आवास की स्वीकृति के बाद लाभार्थियों को बुलाकर मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान सहित योजना से संबंधित सभी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने को कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में प्रदेशभर में आगामी 1 मई से शुरू हो रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शहरवासियों को लाभान्वित करने की तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा और नगर पंचायतों के अभियंता भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिनभर चले मैराथन बैठक में नगर पंचायतों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की।

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छत्तीसगढ़

बाजा बंद करने की बात पर बारातियों से मारपीट

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जांजगीर। मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम पौना में बारात के दौरान बाजा बंद कराने को मारपीट हो गई। घटना में 6 बाराती घायल हो गए। पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। ग्राम खोखरा निवासी देवराज बरेठ की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया।

16 अप्रैल को देवराज बरेठ बारात के साथ ग्राम पौना पहुंचे थे। स्कूल पारा के पास बाराती बाजा बजाते हुए नाच-गाना कर रहे थे, तभी गांव के कुछ लोग पहुंचे और बाजा बंद करने की बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते गाली-गलौच के बाद लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। बीच-बचाव करने आए मनेश्वर यादव सहित अन्य लोगों को भी पीटा गया। देवराज बरेठ के सिर में गंभीर चोट आई। धनंजय यादव की आंख में गंभीर चोट लगने पर उन्हें सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। पैसे और मोबाइल फोन भी लूट लिए गए। पुलिस ने ग्राम पौना निवासी नरेंद्र उर्फ लालू कश्यप, सरोज कश्यप, विमल कश्यप और संजय कश्यप को गिरफ्तार किया है।

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