शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने कहा
साव ने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने के दिए निर्देश, कहा काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही तय कर की जाएगी कड़ी कार्रवाई
शहरों को स्वच्छ व सुंदर बनाने तथा नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश
31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने कहा
रायपुर। प्रदेशभर के नगरीय निकायों की समीक्षा का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आज दिनभर चली बैठक में सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को बेतरतीब निर्माणों, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने को कहा। श्री साव ने कहा कि काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने को कहा। उन्होंने राज्य के उभरते शहरों को सुव्यवस्थित, सुनियोजित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ ही नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पांचों संभागों के विभागीय क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को हर तिमाही में प्रत्येक नगर पालिका और नगर पंचायत का व्यक्तिगत निरीक्षण कर संचालक को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को आगामी 31 मई तक नगर पंचायतों की नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व संग्रहण बढ़ाने संपत्ति कर, जल कर, यूजर चार्ज जैसे करों की वसूली गंभीरता और कड़ाई से करने को कहा। उन्होंने एनर्जी ऑडिट के माध्यम से गैर-जरूरी विद्युत कनेक्शनों की पहचान कर इसके विच्छेदन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकाय के सभी कार्मिकों को हर माह समय पर वेतन और बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।
श्री साव ने जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने के लिए निर्देशित करते हुए शत-प्रतिशत भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण कराने को कहा। उन्होंने 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। श्री साव ने सभी सीएमओ को मुख्यालय में ही निवास करते हुए प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर शहर की साफ-सफाई और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने भ्रमण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अपने साथ रखने को कहा। उन्होंने सीएमओ द्वारा प्रातः भ्रमण में की जा रही कोताही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए रोजाना अनिवार्यतः कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए।
श्री साव ने शहरों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए बच्चों के लिए खेल के मैदानों और उद्यानों के लिए जगहों का चिन्हांकन करने को कहा। उन्होंने कुनकुरी और अंबागढ़-चौकी में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों का निर्माण इस साल दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर दूरदर्शिता से काम करते हुए अगले दस वर्षों के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता में रखते हुए इसके लिए 15वें वित्त आयोग की राशि से पुख्ता व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वर्षा ऋतु के पहले सभी नाला, नालियों, ड्रेनेज और तालाबों की सफाई करने को कहा। उन्होंने पाइपलाइन्स के लीकेज ठीक करते हुए सभी घरों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण एक साल के भीतर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि शहर के जरूरतमंदों के लिए पीएम आवास स्वीकृत करना और बनवाना सीएमओ की जिम्मेदारी है। इस पर सक्रियता और गंभीरता से काम करते हुए आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने को कहा। उन्होंने आवास की स्वीकृति के बाद लाभार्थियों को बुलाकर मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान सहित योजना से संबंधित सभी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने को कहा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में प्रदेशभर में आगामी 1 मई से शुरू हो रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शहरवासियों को लाभान्वित करने की तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा और नगर पंचायतों के अभियंता भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिनभर चले मैराथन बैठक में नगर पंचायतों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की।
कोरबा 09 सितंबर 2026। जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति मर्यादित नगोईखार पंजीयन क्रमांक 3584 के सदस्यों के मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए मतदाता सूची प्रकाशित किया गया है। मतदाता सूची के संबंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 15 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती सुष्मिता लकड़ा ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय नगोईखार में समिति प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के पास 15 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 16 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
कोरबा 09 सितंबर 2026। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा के माध्यम से जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ का आयोजन शासकीय ई.व्ही.पी.जी.कॉलेज, कोरबा में किया जायेगा। जो नियोजक अपने संस्थाओं के रिक्त पदों को रोजगार मेला के माध्यम से पूर्ति करना चाहते हैं, वे अपने रिक्त पदों की जानकारी 15 सितंबर 2026 तक रोजगार कार्यालय कोरबा के ई-मेल पर उपलब्ध करा सकते हैं या जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। ताकि जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ में शामिल किया जा सके।
मॉं और बच्चे की सुरक्षा, पूरे परिवार की जिम्मेदारी
कोरबा 09 सितंबर 2026। कोरबा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा मातृ मृत्यु को रोकथाम के लिए गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवार से समय पर स्वास्थ्य जांच, उचित उपचार एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने को कहा गया है जो इस प्रकार है- गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही मितानिन / एएनएम को सूचित करें तथा 45 दिनों के भीतर गर्भावस्था का पंजीयन कराएं। गर्भावस्था के शुरूआती 03 महीनों में कम से कम एक बार चिकित्सकीय जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।
प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं –
गर्भवती की कम से कम चार नियमित प्रसवपूर्व जांच(ए.एन.सी) कराना जरूरी है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में हर महीने की 9 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में जांच की सुविधा उपलब्ध है। जांच में रक्तचाप(बीपी) हीमोग्लोबिन(एचबी), पेशाब, सिकल सेल सहित आवश्यक परीक्षण निःशुल्क उपलब्ध है।
खून की कमी(एनीमिया) को हल्के में न लें-
यदि चिकित्सक द्वारा हीमोग्लोबिन कम बताया गया है अथवा सिकल सेल की पुष्टि होती है, तो इसे गंभीरता से लें। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन- फोलिक एसिड की गोलियां नियमित ले तथा हरी सब्जियॉं, गुड-चना एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें। आवश्यकता पड़ने पर रक्त की व्यवस्था के लिए पहले से संभावित रक्तदाताओं के नाम में मोबाईल नंबर सुरक्षित रखें।
जोखिम वाली गर्भावस्था (लाल निशान) में प्रसव घर या छोटे अस्पताल में न कराएं-
कम उम्र, जुड़वा गर्भ, उच्च रक्तचाप, पूर्व में आपरेशन/सीजेरियन प्रसव अथवा अन्य चिकित्सकीय जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव डॉक्टर की सलाह के अनुसार सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज जैसे उच्च स्वास्थ्य संस्थान में कराया जाए। एैसे मामलों में घर प्रसव कराने की जिद न करें। प्रसव से पहले परिवहन की तैयारी रखे-
परिवार 108 का नम्बर सभी मोबाईल में सेव रखें। तथा प्रसव की संभावित तिथि से पहले आवश्यक परिवहन व्यवस्था की योजना बनाए । विशेष रूप से दूरस्थ एवं बरसात प्रभावित क्षेत्रों (पोंड़ी उपरोड़ एवं करतला) की गर्भवती महिलाओं का प्रसव से 07 दिन पूर्व अस्पताल के नजदीक आ जावें।
खतरे का 05 लक्षण दिखें तो तुरंत 108 पर संपर्क करें-
गर्भावस्था के दौरान तेज बुखार/दौरे, अत्यधिक रक्तस्त्राव, रक्तचाप(बीपी) बढ़ना, तेज सिरदर्द या ऑंखों के सामने धंुध /अंधेरा छा जाना, पानी की थैली फटना तथा बच्चे की हलचल कम या बंद होनेा जैसे खतरे के लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और तत्काल स्वास्थ्य संस्था से संपर्क कर 108 एंबुलेंस की सहायता लेकर अस्पताल लाएं।
प्रसव के 48 घंटे बेहद खतरनाक है-
प्रसव के बाद के 48 घंटै मां एवं नवजात दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए प्रसव के बाद मां को कम से कम 48 घंटे स्वास्थ्य संस्था में निगरानी में रखना आवश्यक है। उसके बाद घर आने के बाद भी बुखार , अत्यधिक रक्तस्त्राव, बदबूदार पानी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र लेकर आयें। कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने जिले के आम नागरिको से अपील किए हैं कि गर्भवती महिला की देखभाल को परिवार प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए प्रथम तीन महीने के भीतर पंजीयन, नियमित जांच, पौष्टिक आहार, चिकित्सकीय सलाह का पालन तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अस्पताल पहॅुचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें क्योंकि आपकी बहु-बेटियों की जान बचाना सिर्फ डॉक्टर का नहीं पूरे परिवार का काम है।