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छत्तीसगढ़

BJP के लोकसभा प्रभारी ने कहा- ज्योत्सना महंत भी बाहरी:MLA अमर अग्रवाल बोले-कोरबा में बाहरी मुद्दा नहीं, मंत्री बनाना पार्टी और CM का अधिकार

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बिलासपुर, एजेंसी। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 11 में 10 सीटें जीती है। केवल कोरबा लोकसभा सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। बिलासपुर, रायगढ़ और अंबिकापुर की सीट जिताने में लोकसभा कलस्टर प्रभारी अमर अग्रवाल की अहम भूमिका रही है।

चुनाव परिणाम आने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर अन्य राजनीतिक मुद्दों पर दैनिक भास्कर ने उनसे खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरबा में बाहरी मुद्दा नहीं, ज्योत्सना महंत भी बाहरी हैं। मंत्री बनाना पार्टी और CM का अधिकार है।

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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में मोबाइल दुकान में ब्लास्ट:आपसी विवाद में डेटोनेटर फेंका, एक युवक घायल, संदेही हिरासत में

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के बनाहिल गांव में एक मोबाइल दुकान में डेटोनेटर से धमाका हुआ है। इस घटना में दुकान मालिक भूपेंद्र साहू के पैर में चोट आई है और दुकान का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध रमन केवट को हिरासत में लिया है। यह घटना 4 अप्रैल की रात करीब 11 बजे मुलमुला थाना क्षेत्र में हुई।

जानकारी के अनुसार, 4 अप्रैल की रात भूपेंद्र साहू अपनी मोबाइल दुकान का शटर बंद करके काम कर रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुकान के अंदर एक डेटोनेटर फेंक दिया। भूपेंद्र ने उसे पैर से मारकर दूर फेंकने की कोशिश की, लेकिन वह फट गया, जिससे उनके पैर में हल्की चोट आई और दुकान का सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची। रविवार को फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सबूत जुटाए। डीएसपी प्रदीप सोरी ने बताया कि भूपेंद्र साहू ने पूछताछ में रमन केवट पर संदेह जताया है।

भूपेंद्र साहू के अनुसार, 4 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे रमन केवट का अपनी पत्नी से विवाद हो रहा था, जिसे सुलझाने के लिए भूपेंद्र वहां गए थे। आशंका है कि इसी बात को लेकर रमन ने रंजिश रखी और इस घटना को अंजाम दिया।

पुलिस ने संदेही रमन केवट को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डेटोनेटर कहां से प्राप्त किया गया था।

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छत्तीसगढ़

अर्बन नक्सलवाद पर गृहमंत्री विजय शर्मा से सवाल:अर्बन नक्सल पर क्या कार्रवाई हुई है? गृहमंत्री बोले- उस दिशा में अभी कोई काम है नहीं और कहा नहीं जा सकता

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दुर्ग,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा रविवार को दुर्ग जिले में थे। इस दौरान उन्होंने अर्बन नक्सलवाद के सवालों के जवाब में कहा कि अब तक सरकार की एक ही बात थी और वो ये थी कि हथियार छोड़ दें, भारत का संविधान हाथ में रखें और भारत के संविधान के अनुरूप जो करना है वो करें। तो इसमें उस दिशा में अभी कोई काम है नहीं और कहा नहीं जा सकता।

सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा।

सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा।

गृह मंत्री विजय शर्मा दुर्ग के पाटन क्षेत्र स्थित चन्द्राकर भवन, जामगांव (एम) पहुंचे, जहां उन्होंने चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज, दुर्ग राज के 56वें वार्षिक अधिवेशन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने नक्सलवाद, सीएएफ वेटिंग अभ्यर्थियों के अलावा बंगाल चुनाव पर भी बात की।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

106 दिन से धरने पर बैठे हैं सीएएफ वेटिंग के अभ्यर्थी

छत्तीसगढ़ में सीएफ वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थी 106 दिनों से धरना पर बैठे हैं। पुलिस की सख्ती का सामना भी कर रहे हैं। सीएएफ वेटिंग के अभ्यर्थियों के धरने के सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि मैंने उनके लिए स्वंय बात की है। 2017 का वेटिंग लिस्ट अभी कैसे संभव हो सकता है? मैं उनसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं जो चर्चा है बैठ कर करें, उनके मन में जो शंका है उस पर चर्चा करें। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए।

बस्तर में अब विकास पर देंगे ध्यान

नक्सल मुद्दे पर गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर के गांवों में पहले बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी, सड़क और मोबाइल टावर जैसी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन अब सरकार इन सभी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है। अर्बन नक्सल के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि हथियार छोड़कर संविधान के रास्ते पर चलें, उसी दिशा में काम होना चाहिए।

अभी सुरक्षा बलों को नहीं हटाया जाएगा

नक्सल उन्मूलन के बाद फोर्स वापसी के सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी अभी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैसे ऑपरेशन के बाद तुरंत डॉक्टर को हटाना ठीक नहीं होता, उसी तरह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभी एहतियात जरूरी है। उन्होंने कहा कि आईईडी कौन निकालेगा? हम लोग जाकर निकालेंगे कि फोर्स निकालेगी? उसकी टेक्नोलॉजी है, उस पर फोर्स काम करती है। अभी प्रतिदिन यही काम चल रहा है। हम लोग कोशिश करेंगे नक्सल मुक्त गांव की तरह आईईडी फ्री विलेज बना दें वहां पर।

जिन्होंने नक्सलवाद के नाम पर कुछ नहीं किया ये उनके मन का शिगुफा

नक्सल मुक्त गांवों को मिलने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि पर उन्होंने बताया कि दो गांवों को राशि मिल चुकी है और यह योजना पंचायत प्रस्ताव के आधार पर लागू होती है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ये तो शिगूफा है इन लोगों का, जिन्होंने नक्सलवाद के नाम पर कुछ नहीं किया, जिन्होंने जेब में रख कर नक्सल के विषय पर कुछ नहीं किया। जिन्होंने झीरम के विषय में शहीद हुए लोगों के संदर्भ में भी कुछ नहीं किया। ये उनके मन का शिगूफा है। ‘इनवद पंचायत’ योजना थी, उसके अंतर्गत गांव के नाम घोषित किए जाते थे कि इन गांव में अगर आप ऐसा करेंगे नक्सल फ्री इसको और पंचायत का प्रस्ताव कर कर लाएंगे तो हम उसको कर देंगे। जिन गांव ने किया उनको दिया गया है।

10 किलो सोना नक्सलियों से मिला

वहीं नक्सलियों से जब्त सोने के मामले में उन्होंने कहा कि लगभग 10 किलो सोना मिला है और यह जांच का विषय है, इसलिए इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ये डंप है, इन्वेस्टिगेशन का विषय है। कुल मिलाकर तो लगभग 10 किलो सोना आया है। पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि वहां की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है और इस बार बंगाल में बदलाव देखने को मिलेगा।

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कोरबा

न्यू कोरबा हॉस्पिटल में मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति सेवाएं सशक्त, डॉ. रजनी के नेतृत्व में मिल रहा बेहतर उपचार

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कोरबा। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और सामाजिक दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अवसाद, चिंता, अनिद्रा और नशे की लत जैसी बीमारियां अब हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर 8 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा है, लेकिन समय पर सही इलाज सभी को नहीं मिल पाता।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए न्यू कोरबा हॉस्पिटल में वरिष्ठ न्यूरो-मनोचिकित्सक डॉ. रजनी वर्मा के नेतृत्व में आधुनिक और समग्र मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां मरीजों की स्थिति को समझकर व्यक्तिगत ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया जाता है, जिसमें काउंसलिंग, साइकोथेरेपी और आवश्यकतानुसार दवाओं के जरिए उपचार किया जाता है। अस्पताल में अवसाद, एंग्जायटी, अनिद्रा, तनाव और व्यवहार संबंधी समस्याओं का प्रभावी इलाज किया जा रहा है।
बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए अस्पताल में विशेष नशा मुक्ति सेवाएं भी शुरू की गई हैं। इसमें शराब, तंबाकू, निकोटिन और ड्रग्स की लत से जूझ रहे मरीजों का वैज्ञानिक तरीके से इलाज किया जाता है। डिटॉक्सिफिकेशन, बिहेवियर थेरेपी, काउंसलिंग और रिलैप्स प्रिवेंशन जैसी सुविधाएं मरीजों को सुरक्षित और स्थायी रूप से नशा मुक्त बनाने में मदद कर रही हैं। डॉ. रजनी वर्मा द्वारा अब तक 200 से अधिक मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जो उनकी विशेषज्ञता और समर्पण को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक समस्याओं और नशे की लत को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, जबकि समय पर उपचार से व्यक्ति सामान्य जीवन में तेजी से वापसी कर सकता है। न्यू कोरबा हॉस्पिटल की ये सेवाएं कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत और उम्मीद का केंद्र बनकर उभर रही हैं।

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