कोरबा
बालको ने विश्व पर्यावरण दिवस पर लिया हरित भविष्य का संकल्प

बालकोनगर, । वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने छत्तीसगढ़ वन विभाग के सहयोग से बालको टाउनशिप में 200 से अधिक पौधे लगाकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। कंपनी द्वारा सस्टेनेबिलिटी एवं पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। कंपनी ने वन विभाग के सहयोग से वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की है जो हरित भविष्य को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।
बालको के भूमि पुनरुद्धार में वृक्षारोपण की महत्वपूर्ण भूमिका के महत्वपूर्ण कदम की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड (सीईसीबी) के प्रतिनिधि विस्तारित वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बने। स्लोगन ‘हमारी भूमि हमारा भविष्य, हम पुर्नोद्धार की पीढी है’ पर चलाए गए अभियान से कर्मचारी और समुदाय को हरित भविष्य के लिए एकजुट किया गया।
युवा पीढ़ी को इस वैश्विक अभियान में शामिल करने के लिए कंपनी द्वारा सीड्स बॉल (खुद से) बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई जिसके बाद नंद घर में पौधारोपण किया गया। नंद घर आंगनवाड़ी केंद्र हैं जो समुदायिक विकास के लिए वेदांता लिमिटेड द्वारा संचालित की जाती हैं। कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को अधिक हरियाली वाले स्थानों के विकास के लिए वृक्षारोपण और बीजों के पुन: उपयोग के बारे में शिक्षित करना है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि हम पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने और संरक्षित करने के लिए कटिबद्ध हैं। हम अपने प्रचालन में सस्टेनेबल प्रथाओं को अपनाकर 2050 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के व्यावसायिक नवाचार को अपना रहे हैं। विश्व पर्यावरण दिवस हमें अपने समुदाय के साथ जुड़ने, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और उसे बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ाने का अवसर देता है। विभिन्न पर्यावरण कार्यक्रमों के माध्यम से हमारा लक्ष्य सस्टेनेबल संस्कृति को बढ़ावा देना है जो हमारे प्रचालन के साथ-साथ समुदाय तक फैली हुई है। इस अभियान में हमने सभी हितधारकों को हरित भविष्य के लिए हमारे मिशन में शामिल किया है।
कोरबा वन विभाग के उप वनमंडलाधिकारी आशीष खेलवार ने पर्यावरणीय प्रयासों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पौधारोपण एक सस्टेनेबल अभ्यास है जिसे हमें दैनिक कार्य संस्कृति में शामिल करना चाहिए। वन विभाग एवं विभिन्न संगठनों के एकजुट प्रयास, सस्टेनेबल भविष्य को प्राप्त करने और हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। वित्त वर्ष 2025 में 1.5 लाख पेड़ लगाने के लक्ष्य के साथ बालको द्वारा सस्टेनेबल भविष्य की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयास तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका समर्पित प्रयास वास्तव में सराहनीय है।
कंपनी ने अपने संयंत्र में पर्यावरण के अनुकूल प्रचालन करने और उसे बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उप-इकाइयों के अपने कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों को “ग्रीन चैंपियन ऑफ द ईयर” पुरस्कार से सम्मानित किया। सप्ताहिक कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यक्तियों को प्रेरित करने के लिए प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं। सस्टेनेबल प्रैक्टिस को बढ़ावा देने और पर्यावरण संबंधी समर्पित प्रयासों का जश्न मनाने लिए पुरस्कार समारोह के साथ हुआ।
कंपनी समुदाय के साथ साझेदारी में कर्मचारियों, निवासियों और बच्चों को सस्टेनेबल जीवन के बारे में शिक्षित करके पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति विकसित कर रही है। प्रकृति के साथ जुड़ाव को मजबूत करने के लिए बालको ने बच्चों के ग्रीष्मकालीन शिविर में विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया। शिविर के माध्यम से बीज वितरण तथा वृक्ष को गले लगाने का अभ्यास कराया गया जिससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को विकसित किया जा सके।
बालको ने वित्त वर्ष 2024 में सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योगदान के साथ सकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जो निम्नलिखित हैं। आसपास के प्राकृतिक जल संसाधनों को पुनर्जीवित करके भूजल बहाली सुनिश्चित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 42 कृषि और सामुदायिक तालाबों का जीर्णोद्धार कर जल संरक्षण के प्रयास को मजबूत किया गया। 1 लाख 20 हजार से अधिक पौधारोपण किया गया जो हरित भविष्य के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। मानव तथा पशुओं के बीच सामंजस्यपूर्ण बंधन को सुगम बनाने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन। स्थानीय वनस्पतियों और जीवों के बारे में सभी को संवेदनशील बनाने के लिए वन सैर के साथ-साथ वन्यजीव और प्रकृति फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं का आयोजन। कंपनी ने क्षेत्र की जैव विविधता को प्रदर्शित करने के लिए मैगजीन का प्रकाशन किया गया। कंपनी ने रिक्लेमेशन प्रक्रिया के तहत 150 हेक्टयेर से अधिक फैले अनुपयोगी पांच ऐश डाइक क्षेत्र का सफलतापूर्वक वनीकरण किया जो पर्यावरण संरक्षण प्रति कंपनी की कटिबद्धता को दर्शाता है।

कोरबा
संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।
कोरबा
सुशासन तिहार में जनमन सहित अन्य प्रचार समाग्री का किया गया वितरण
कोरबा। सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जन कल्याणकारी और महत्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित तथा जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों एवं नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही जिले के सभी पांच ब्लाक में आयोजित महत्वपूर्ण शिविर स्थल-ग्राम पिपरिया, जल्के, बसीबार, बैरा, चोढ़ा, चुईया, गिधौरी, केराकछार, सिरमिना, लमना, नगोई, मोरगा, निरधी, जटगा, छिंदपुर आदि स्थानों में शिविर के माध्यम से जनमन सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का अवलोकन किया। शिविर के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में प्रचार सामग्री सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिंग टूमारो छ.ग.टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड) आदि का वितरण किया गया।
कोरबा
31 मई को मनाया जाएगा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में कोरबा जिले में 31 मई 2026 को राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले में तंबाकू सेवन एवं धुम्रपान से हाने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे जनसामान्य में धुम्रपान और तम्बाकू सेवन करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य परामर्श एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधयां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों, महाविद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्तिगत स्वाथ्य के लिए हानिकारक है , बल्कि यह हमारे परिवारों और पर्यावरण को भी नुकसान पहॅंुचाता है वर्तमान समय में कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बिमारियॉं एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण तंबाकू सेवन है।
उन्होंने आमजन से अपील किया है कि वे स्वयं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावो के प्रति जागरूक करें साथ ही विश्व तंबाकू निषेघ कार्यक्रम में सहभागिता कर तंबाकू मुक्त समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।
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