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छत्तीसगढ़

विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने विशेष सचिव की अगुवाई में बनेगी कमेटी

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कमेटी में होंगे मेडिकल कालेज के डीन, सीनियर मेडिकल प्रोफेसर्स के अलावा वित्त एवं स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी

डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता और स्वास्थ्य मंत्री तथा उप-मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राजनांदगांव व कवर्धा मेडिकल कालेज की भी हुई समीक्षा

रायपुर, 11 जून 2024 । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था तथा मेडिकल कालेजों की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेश के मेडिकल कालेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर चिंता जाहिर की और उनके मानदेय को बढ़ाने तथा उन्हें नियमित करने को लेकर जरूरी निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह के सुझाव पर स्वास्थ्य विभाग को एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं।

    इस कमेटी में स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव नोडल अधिकारी होंगे। कमेटी में वित्त तथा स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी के साथ ही किसी मेडिकल कालेज के डीन तथा सीनियर प्रोफेसर भी शामिल होंगे। ये कमेटी एक महीने में विशेषज्ञ चिकित्सकों के मानदेय और उनके नियमितिकरण करने के प्रावधान के बारे में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के प्रावधानों और नियमों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बैठक में राजनांदगांव व कवर्धा समेत प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों की सुविधाओं व स्थापना को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग को लधु एवं दीर्घ लक्ष्य बनाकर काम करना चाहिए, ताकि समयबद्ध तरीके से काम हो सके और ज्यादा से ज्यादा लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को असिस्टेंट प्रोफेसर्स के रिक्त पदों को जल्द पीएससी के माध्यम से शीघ्र भर्ती करने की बात स्वास्थ्य मंत्री से कही।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में प्रदेश के निर्माणाधीन मेडिकल कालेजों के बारे में जानकारी लेते हुए उनकी शीघ्र स्थापना के लिए आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री जायसवाल ने राज्य के मेडिकल कालेजों और जिला अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार तथा खाली पदों को भरने को लेकर भी विभाग के उच्च अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए ताकि राज्य की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।

    समीक्षा बैठक में विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल,  स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, सीजीएमएससी की एमडी श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, चिकित्सा शिक्षा के संचालक डॉ यू.एस. पैंकरा समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

प्रतापपुर : कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

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कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

    प्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने आज धोन्धा प्रतापपुर में बहुप्रतीक्षित कृषि महाविद्यालय का विधिवत भूमि पूजन संपन्न किया। उनके द्वारा आज 889.53 लाख राशि से निर्मित होने वाले कृषि महाविद्यालय भवन प्रतापपुर (धोन्धा) व 602.10 लाख  से निर्मित होने वाले बालक एवं कन्या छात्रावास भवन प्रतापपुर (धोन्धा) का भूमि पूजन किया गया। 
                    इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल सिंह पैंकरा, जिला पंचायत सदस्य लवकेश पैंकरा, क्षेत्र के किसान, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
                    भूमि पूजन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह दिन धोंधा प्रतापपुर और संपूर्ण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि पर कृषि महाविद्यालय की स्थापना से किसान बंधुओं की आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्च कृषि शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।
                    मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस महाविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती के तरीके और कृषि विज्ञान की उच्चस्तरीय शिक्षा अब उनके अपने गृह जिले में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जाएगा।
                     इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि महाविद्यालय की स्थापना उनके क्षेत्र के लिए एक स्वप्न के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के लिए प्रयास आज सफल हुआ है जिसमें कृषि मंत्री राम विचार नेताम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने ग्रामवासियों एवं किसान बंधुओं से कहा कि अब उनके बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। विधायक श्रीमती पोर्ते ने यह भी कहा कि यह महाविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के कृषि विकास और युवाओं के उज्जवल भविष्य की नींव भी रखेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।
                     इस कृषि महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को कृषि विज्ञान, उद्यानिकी, पशुपालन और ग्रामीण प्रबंधन जैसे विषयों में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। अब दूरदराज के ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

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रायपुर : छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति की बैठक सम्पन्न

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रायपुर। छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विधि एवं विधायी तथा शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक की विशेष उपस्थित में सम्पन्न हुई। बैठक में महाधिवक्ता विवेक शर्मा, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी विभाग सुषमा सावंत, अधिवक्ता शैलेन्द्र दुबे, वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील ओटवानी, छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति के अन्य सदस्य सहित भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, वित्त तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अधिवक्ताओं के हितों एवं कल्याण के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक बीमा, पेंशन, नए अधिवक्ताओं के मानदेय, चिकित्सा बीमा, अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु मृत्युदावा राशि का प्रावधान सहित छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण विधेयक के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

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रायपुर : सेवा और समर्पण भाव के कारण भारतीय डॉक्टरों को देश के बाहर भी मिलता है सम्मान – डेका

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राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर दिया बल

राज्यपाल रमेन डेका ने रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स रायपुर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स एक विश्वसनीय संस्थान रहा है। जब हम सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थानों की बात करते हैं एम्स का नाम सबसे ऊपर होता है। यह गर्व का विषय है कि भारत के सभी राज्यों में एम्स की स्थापना हो चुकी है। एम्स रायपुर में इलाज हेतु आए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस लिहाज से इस संस्थान को और बड़ी जगह की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं राज्य शासन को यह सलाह दूंगा कि नवा रायपुर में एम्स की स्थापना के लिए भूमि आबंटित करें, ताकि बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिल सकें।

               राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर बल दिया, ताकि हृदय रोगियों को अपने ही प्रदेश में बेहतर इलाज मिल सकें और उन्हें प्रदेश के बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अथवा एम्स में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसीलिटी की स्थापना की जा सकती है।

              श्री डेका ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की बढ़ोतरी के कारण प्रदेश में मृत्यु दर में आशानुकूल कमी आई है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है ताकि हम वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बना सकें। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने होंगे, चाहे वह चिकित्सा का क्षेत्र हो, इंजीनियरिंग का क्षेत्र हो या अंतरिक्ष विज्ञान। श्री डेका ने डॉक्टरों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आप सभी ऐसे नोबेल प्रोफेशन में हैं जो सीधे लोगों की भलाई से जुड़ा हुआ है। आज भी समाज का एक बड़ा तबका डॉक्टरों को भगवान मानता है। देश के बाहर भी भारतीय डॉक्टरों का नाम सम्मान से लिया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारे सुप्रशिक्षित और समर्पित डॉक्टर हैं। हमारे भारतीय डॉॅक्टर हमेशा मरीजों के बेहतर इलाज को प्राथमिकता देते है जो उनकी सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने अपनी माता जी का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब मेरी माता जी बीमार रहा करती थीं जब का मेरा अनुभव है कि डॉक्टरों को देखते ही उनकी आधी परेशानी खत्म हो जाती थी। यह डॉक्टरों पर आम लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।

             श्री डेका ने इस अवसर पर भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नये प्रतिमान स्थापित करता रहें और निरंतर मरीजों की सेवा में तत्परता से जुटा रहे ऐसी मेरी कामना है। इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे।

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