कोरबा
उपलब्धि:कोरबा की सेल्स गर्ल माही सांवरिया ने जीता मिस क्वीन कांटिनेटल का खिताब

कोरबा। बचपन से संघर्षों में जीने वाली कोरबा की एक सेल्स गर्ल ने कोरबा ही नहीं बल्कि देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर जता दिया कि जज्बा और जुनून से कुछ भी कार्य असंभव नहीं है। माता-पिता का प्यार-दुलार से वंचित नाना-नानी की देख रेख में पली-बढ़ी माही उर्फ आरती ने समाज के ताने से क्षुब्ध नहीं हुई बल्कि इसी ताने को सफलता का हथियार बनाकर यह मुकाम हासिल किया और वियतनाम में आयोजित मिस क्वीन कांटिनेंटल इंटरनेशनल का खिताब अपने नाम किया।
वियतनाम में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली माही ने मिस क्वीन कांटिनेटल इंटरनेशनल का खिताब जीतकर कोरबा शहर का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि से नगर का जहां मान बढ़ा है, वहीं कोरब की साधारण युवतियों के लिए बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा साबित करने की प्रेरणा भी मिलती है। 22 सितंबर रविवार को टीपीनगर स्थित तिलक भवन में माही सावरियां ने प्रेसवार्ता में चर्चा करते हुए बताया कि उनकी यात्रा कठिनाईयों से भरी रही है, लेकिन उन्होंने हर परिस्थिति का समाना करते हुए अपने सपनों को साकार किया।
माही ने बताया कि उनका जन्म एक साघारण परिवार में हुआ है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी बचपन से ही कई कठिनाईयों का सामना करते हुए आगे बढऩे से पीछे नहीं हटी। उन्होंने बताया कि कमजोर आर्थिक स्थिति होने के कारण 12वीं के बाद आगे नहीं पढ़ पाई। इसके बाद भी अपने सपनों को छोडऩे की नहीं सोची। घर की जिम्मेदारियों ने उन्हें कोरबा की दुकानों में प्राईवेट नौकरी करने मजबूर किया और इस दौरान कई दुकानों में सेल्स गर्ल का काम किया। माही ने बताया बचपन से ही उसे मॉडल जैसे कपड़े पहनने के शौक रहे हैं और कई मॉडल को देखकर उसे भी लगा कि वह अपना कैरियर मॉडलिंग में ही बनाएगी।
कई शो किए, लेकिन शुरूआत में पर्याप्त संसाधन और पैसे नहीं मिले , इसके बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पहले फैशन शो में भाग लेने के बाद, यह एहसास हुआ कि इस क्षेत्र में पैसा और ग्लैमर जरूरी है। इसके बाद भी हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपने प्रयासों से सफलता हासिल की। उषा शर्मा के शो में प्रथम पुरस्कार मिला और बाद में मिस छत्तीसगढ में रनर अप रही। मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब भी जीता, जो एक बड़ी उपलब्धि थी, यह मेरे कैरियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। 2018 में मां का निधन हुआ और पिता बचपन में ही छोड़ कर चला गया। अनाथ जैसा जीवन जीने वाली लडक़ी को समाज से भी कई ताने खाने पड़ते हैं, मुझे भी कई ताने सहने पड़े और घर में अकेली लडक़ी देखकर कई लोगों ने गलत नियत से भी देखा। इस ताने को मैंने हथियार बनाया और सफलता की बुलंदी को छूने के लिए जज्बा और कड़ी मेहनत की और वियतनाम में मिस क्वीन कांटिनेंटल इंटरनेशनल का खिताब जीतने में सफलता मिली।
मेरे संघर्ष की कहानी ने दिलाया खिताब

प्रेसवार्ता में माही ने बताया कि मैं रैंप पर चली और इंटरब्यू भी हुआ। इंटरब्यू में मैंने अपने जीवन की कहानी बतायी और कहा कि समाज के ताने से जीना नहीं छोडऩा चाहिए, बल्कि ताने को ही हथियार बनाकर आगे बढऩा चाहिए। देश-दुनिया में मेरी जैसी कई अनाथ सी लडक़ी होंगी, उन्हें मैं संदेश देना चाहती हूं कि समाज के ताने को दरकिनार करो, स्वयं में आत्म विश्वास जगाओ और आगे बढ़ो, यही सफलता की कहानी है।
दोस्तों ने किया सपोर्ट
माता-पिता के प्यार दुलार से वंचित नाना-नानी ने मुझे पाल पोषकर बड़ा किया और किसी तरह 12 वीं तक पढ़ाई की और उसके बाद आगे नहीं पढ़ पायी, लेकिन मॉडल की दुनिया में किसी तरह प्रवेश करना चाहती थी। मेरे कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए मेरे दोस्तों ने सपोर्ट किया। वियतमनाम जाने के लिए मेरे पास पैसे तक नहीं थे, लेकिन दोस्तों के सपोर्ट और सोने का कंगन बेचकर मैं इंटरनेशनल मिस कांटिनेंटल में भाग लिया और जीत हासिल की।
किराया कोई देना नहीं चाहता था, मैंने अपनी कमाई से घर भी बनाया
माही उर्फ आरती ने अपने जुनून और जज्बे से वह सब कुछ पाना चाहती है, जिससे समाज मुझे वंचित रखने के लिए मजबूर कर दिया। मां का मर्डर (2018) हो जाने के बाद मुझे छत की तलाश थी, लेकिन कई लोगों ने अकेली लडक़ी को किराया तक में घर रहने के लिए नहीं दिया और इधर-उधर भटकती रही, मॉडल की दुनिया में आने के बाद मेरे पास पैसा और पहचान दोनों आने लगे और मैं अपनी कमाई से एक छोटा सा घर भी बनाया। उन्होंने समाज के ऐसे लोगों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अनाथ लड़कियों की उपेक्षा न करें और समाज में लड़कियों का सम्मान करें। मेरी जैसी न जाने कितनी लड़कियां होंगी, जो संघर्षों में जी रही होंगी, ऐसी लड़कियों का सम्मान करें और जरूरत पडऩे पर उनका सहयोग भी करें। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी लड़कियों के लिए मॉडल स्कूल खोलने का विचार रखती हूं और ऊपर वाला इसके लिए मुझे सक्षम बनाए तो यह सपना भी साकार करूंगी और समाज में ऐसी लड़कियों की पहचान दिलाऊंगी।
कोरबा
नम: सामूहिक विवाह का दिव्य आयोजन:108 दिव्यांग/निर्धन जोड़ों को मिला पंडित धीरेंद्र शास्त्री का सानिध्य एवं राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद
शुभता का संदेश:नवदम्पत्तियों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय

कोरबा/ढपढप। अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा प्रबंधन की पहल पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं ढपढप की पावन धरती में परिणय सूत्र में आबद्ध हुए। नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जहां सानिध्य मिला, वहीं छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद मिला। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक, पुजारी एवं राजपुरोहित पंडित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने शुभता का संदेश दिया और कहा कि नवयुगल नवदाम्पत्य जीवन में सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन को प्राप्त करें। श्री पाण्डेय ने कहा कि मातारानी के आशीर्वाद से हमें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि हम इतना विशाल और भव्यता के साथ यह नेक कार्य कर सके।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दिव्य वाणी से गूंजता रहा मंत्रोच्चार

ढपढप की पावन धरती में जब 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं शादी के जोड़े में सजधज कर कथा स्थल/विवाह स्थल पहुंचे तो हजारों लोग जहां कन्यादान के लिए घराती बने, वहीं दुल्हों की ओर से भी बाराती के रूप में हजारों लोग शामिल हुए और जब सौभाग्यकांक्षी, चिरंजीवियों का मिलन हुआ, तो चारों तरफ से सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन का आशीर्वाद के लिए पुष्पवर्षा हुई और जब युगल सात फेरे ले रहे थे, तो हनुमंत भक्त पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चार चारों तरफ गूंजने लगा। घराती-बाराती इस दिव्य नम: सामूहिक विवाह से उल्लास और उमंग के साथ नाचने, गाने लगे। इस दिव्य दृश्य को देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा था। दिव्यांगों और निर्धनों के इस अनुपम परिणय उत्सव को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो प्रकृति ने भी अपनी सारी खुशी इन नवयुगलों के जीवन में उड़ेल दिया हो और इन्हें आशीर्वाद दे रही हो। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में यह जीवन का उत्सव सम्पन्न हुआ और उनका शुभ आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
राज्यपाल रमेन डेका ने नवयुगलों को दिया शुभ आशीर्वाद, 05-05 हजार देने की घोषणा

प्रोटोकाल के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ठीक 11.00 बजे परिणय स्थल ढपढप पहुंचे और नवयुगलों को अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सभी नवदम्पत्तियों को 05-05 हजार देने की घोषणा की।
आयोजन समिति ने उपहार देकर नवदम्पत्तियों को विदा किया

आयोजन समिति दिव्यांगों एवं निर्धन कन्याओं का अभिभावक के रूप में शादी का खर्चा उठाया और नवयुगलों को उपहार दिया। आयोजन समिति ने 108 निर्धन/दिव्यांग कन्याओं को नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया।
लाखों हाथों ने दिया शुभ आशीर्वाद





कोरबा में पहली बार दिव्यता, भव्यता और इतना बड़ा विशाल जनसमूह ढपढप की पावन धरती पर दिखा। एक तरफ 05 दिवसीय दिव्य श्रीहनुमंत कथा सम्पन्न हो रही थी, दूसरी तरफ 108 निर्धन एवं दिव्यांग कन्याओं का घर बस रहा था। करीब 01.00 लाख लोग यहां मौजूद थे। लाखों हाथों ने इन दिव्य एवं गरीब कन्याओं को पूरे मन से अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया और खुशहाल, समृद्ध जीवन के लिए प्रभु से कामना की।
शुभता का संदेश:नवयुगलों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय


इस दिव्य आयोजन की सफलता के लिए आयोजन समिति और कोरबा वासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नमन पाण्डेय ने दिव्यांग/निर्धन 108 कन्याओं के नवजीवन में प्रवेश करने पर शुभता का संदेश दिया और कहा कि मातारानी नवदम्पत्तियों के जीवन में खुशहाली एवं समृद्धि लाए और उनके जीवन को वैभवशाली बनाए।


कोरबा
रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला का मतदाता सूची प्रकाशित
दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित
कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला पंजीयन क्रमांक 3163 एस.के.कंवर द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के टी.पी.हंस सचिव के पास 11 अप्रैल तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 11 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।
कोरबा
मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया का मतदाता सूची प्रकाशित
दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित
कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया पंजीयन क्रमांक 39 जी.आर. भतरा द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के हरिलाल/सदस्य के पास 09 अप्रैल तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 11.30 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।
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