कोरबा
जंगल की पवित्र धरती पर इतिहास: राज्यपाल रमेन डेका की उपस्थिति में 108 निर्धन कन्याओं का विवाह, दिव्य श्री हनुमंत कथा का भव्य समापन
अपना घर सेवा समिति ने रचा सेवा, संस्कार और सनातन वैभव का अद्भुत अध्याय — नन्हा महाराज के सहयोग से ढपढप बना आस्था का महासंगम

कोरबा/बांकीमोंगरा। कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) की पावन धरती पर आयोजित दिव्य श्री हनुमंत कथा का समापन ऐसा ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक दृश्य बनकर सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्ति, सेवा और सनातन चेतना से सराबोर कर दिया।
घने जंगलों और प्राकृतिक शांति के बीच आयोजित यह पांच दिवसीय आयोजन केवल कथा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आस्था, मानवता, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और लोककल्याण का विराट महायज्ञ बन गया।
इस भव्य आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि 108 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह अत्यंत गरिमामय और धार्मिक वातावरण में संपन्न कराया गया और इस पावन अवसर को और भी ऐतिहासिक बना दिया छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका की उपस्थिति ने, जिन्होंने स्वयं उपस्थित होकर सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनके समक्ष वरमाला के साथ विवाह समारोह का शुभारंभ हुआ।
राज्यपाल की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया और यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गया।

अपना घर सेवा समिति ने किया ऐतिहासिक और अनुकरणीय आयोजन

इस पूरे विराट और सुव्यवस्थित धार्मिक-सामाजिक आयोजन को अपना घर सेवा समिति ने अत्यंत समर्पण, सेवा भाव और शानदार व्यवस्थाओं के साथ संपन्न कराया।
समिति ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि संकल्प सेवा का हो और भावना लोककल्याण की हो, तो जंगल के बीचों-बीच भी ऐसा दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन संभव है, जिसे लोग वर्षों तक याद रखें।
कथा स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के स्वागत, विवाह कार्यक्रम, धार्मिक अनुशासन, सेवाकार्य, मंचीय गरिमा और आयोजन की भव्यता—हर स्तर पर अपना घर सेवा समिति की सक्रिय और प्रेरक भूमिका स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
नन्हा महाराज का मिला विशेष सहयोग, आयोजन की गरिमा हुई और ऊंची

इस पुण्य और भव्य आयोजन में सर्वमंगल मंदिर के नन्हा महाराज का भी विशेष सहयोग, सहभागिता और आध्यात्मिक समर्थन प्राप्त हुआ।
उनकी उपस्थिति और सहयोग ने आयोजन को और अधिक श्रद्धामय, ऊर्जावान और धार्मिक स्वरूप प्रदान किया।
नन्हा महाराज ने इस पूरे आयोजन में अपनी आध्यात्मिक सहभागिता से इसे केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के महापर्व का स्वरूप प्रदान किया।
जंगल के बीचों-बीच उमड़ा आस्था का ऐसा सैलाब कि पंडाल भी पड़ गया छोटा

ग्राम ढपढप जैसे वनांचल क्षेत्र में श्रद्धालुओं का ऐसा अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा कि विशाल पंडाल भी छोटा पड़ गया। कोरबा जिले के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा स्थल पहुंचे।
सड़कें, रास्ते, गांव की गलियां, कथा स्थल और आसपास का पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं की भीड़ से भरा नजर आया।
स्थानीय ग्रामीणों और गांववासियों के लिए यह दृश्य किसी चमत्कार से कम नहीं था।
लोग आश्चर्यचकित थे कि जंगलों के बीच स्थित एक छोटे से ग्राम में इतना विराट धार्मिक आयोजन, इतनी विशाल भीड़ और इतनी भव्य व्यवस्था देखने को मिलेगी।
पूरा वातावरण “जय श्रीराम”, “जय बजरंगबली” और “बागेश्वर धाम सरकार की जय” के जयघोष से गूंजता रहा।
श्रद्धा, भक्ति और सनातन ऊर्जा का ऐसा दृश्य पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रूप से झंकृत करता रहा।
108 निर्धन कन्याओं का विवाह बना आयोजन का सबसे पावन और प्रेरक अध्याय

इस पांच दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा का सबसे पुण्यदायी और भावुक क्षण वह रहा, जब 108 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक गरिमा के साथ संपन्न कराया गया।
यह केवल विवाह कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाजसेवा, संस्कार और नारी सम्मान का जीवंत उत्सव बन गया।
उपस्थित हजारों श्रद्धालु इस आयोजन में बाराती भी बने और घराती भी, जिससे पूरा वातावरण पारिवारिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक हो उठा। जहां एक ओर बेटियों के हाथ पीले हुए, वहीं दूसरी ओर हजारों लोगों ने यह अनुभव किया कि सच्चा धर्म वही है, जो किसी के जीवन में खुशियां भर दे।
निर्धन कन्याओं का विवाह क्यों माना जाता है महान पुण्य?

सनातन संस्कृति में कन्यादान को सबसे श्रेष्ठ दानों में से एक माना गया है। जब समाज किसी निर्धन कन्या के विवाह में सहयोग करता है, तब वह केवल एक विवाह नहीं कराता, बल्कि—
एक बेटी का जीवन संवारता है
एक परिवार की चिंता दूर करता है
समाज में सहयोग और समरसता बढ़ाता है
दहेज और दिखावे जैसी कुरीतियों को कमजोर करता है
धर्म को व्यवहारिक रूप में स्थापित करता है
इस दृष्टि से देखा जाए तो ढपढप की धरती पर हुआ 108 निर्धन कन्याओं का विवाह वास्तव में महादान, महापुण्य और लोकसेवा का अद्भुत उदाहरण बन गया।
जंगल की यह धरती अब केवल ग्राम नहीं, तीर्थ बन गई

ग्राम ढपढप का यह वनांचल क्षेत्र पहले अपनी प्राकृतिक शांति और ग्रामीण सादगी के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह स्थान भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति की नई पहचान बन गया है।
जहां हनुमंत कथा गूंजी हो,
जहां संतों का आशीर्वाद मिला हो,
जहां 108 बेटियों के विवाह संपन्न हुए हों,
और जहां राज्यपाल की उपस्थिति में वरमाला का शुभारंभ हुआ हो—
वह भूमि केवल भूमि नहीं रहती, वह तीर्थधाम बन जाती है।
श्रद्धालुओं का मानना रहा कि इस आयोजन के बाद ढपढप की धरती और भी अधिक पवित्र, पूज्य और पुण्यमयी हो गई है।
कथा ने जगाई भक्ति, सेवा ने जीत लिया सबका मन

पांच दिनों तक चले इस आयोजन में श्री बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज की कथा, प्रवचन और आध्यात्मिक संदेशों ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति, संस्कार और सनातन चेतना का नया संचार किया।
उनकी वाणी ने केवल धार्मिक भाव नहीं जगाए, बल्कि समाज को सेवा, धर्म, राष्ट्र, संस्कृति और मानवता का भी संदेश दिया।
समापन दिवस पर कथा स्थल में उपस्थित श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का प्रमाण थी कि यह आयोजन जन-जन की आस्था का केंद्र बन चुका था।
भक्ति, सेवा और संस्कार का अमिट इतिहास रच गया ढपढप

ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में संपन्न यह आयोजन आने वाले समय में कोरबा जिले के सबसे भव्य, सबसे पुण्यदायी और सबसे ऐतिहासिक धार्मिक आयोजनों में गिना जाएगा।
इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि—
जहां सेवा हो,
जहां संतों का आशीर्वाद हो,
जहां बेटियों के जीवन संवरें,
जहां समाज एक परिवार बन जाए,
वहीं सच्चे अर्थों में सनातन का वैभव प्रकट होता है।
ढपढप की यह पावन धरती अब केवल एक गांव नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, संस्कार और सनातन एकता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है।
उक्त आयोजन में मां सर्वमंगला मंदिर के पुरोहित मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, सुबोध सिंह अमरजीत सिंह,अखिलेश अग्रवाल, विजय राठौर , इत्यादि की अहम भूमिका रही।

कोरबा
बाबा साहेब लोकप्रिय, भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे
कोरबा। डॉ. भीमराव राम जी अम्बेडकर बाबा साहेब लोकप्रिय, भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने दलित एवं बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया। श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री एवं भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार थे।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने डॉ. अम्बेडकर की 135वीं जयंती अवसर पर जिला कांग्रेस कार्यालय टी पी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम में उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए यह बात कही।

पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स दोनों ही विश्वविद्यालयों से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने विधि, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान के शोध कार्य में ख्याति प्राप्त की। जीवन के प्रारम्भिक कैरियर में वह अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे एवं वकालत की। बाद का जीवन राजनीतिक गतिविधियों में बीता। 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया। 1990 में, मरणोपरांत उन्हे भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारतरत्न से सम्मानित किया गया।
जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नत्थु लाल यादव ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का जीवन सामाजिक चिंतन पर आधारित था। सामाजिक समानता, मौलिक अधिकार, मानवीय न्याय, समाजवाद तथा देश की एकता के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने बताया कि 15 अगस्त 1947 को भारत के स्वतंत्र होते ही पं. जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में बनी सरकार में डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री का पद संभाला था। उन्होने आगे बताया कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर पूरी शक्ति से जीवन भर सामाजिक उत्थान व विकास के लिए कार्य करते रहे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि वे हर समाज के प्रेरक थे। उनका दर्शन सामाजिक चिंतन पर ही आधारित था। सामाजिक समानता, मौलिक अधिकार, मानवीय न्याय, समाजवाद तथा देश की एकता के लिए संघर्ष के पथ में उन्होने अपने प्राणों की आहूति भी दी।
कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नारायण कुर्रे ने कहा कि सच्चे अर्थों में डॉ. अम्बेडकर एक महामानव, सच्चे देश भक्त और महान मानवतावादी थे।
जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सपना चौहान, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, कांग्रेस ओ बी सी अध्यक्ष गजानंद साहु, सांसद प्रतिनिधि मोहन प्रधान, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष मो.शाहिद, प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी रेखा त्रिपाठी, महिला अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ अध्यक्ष पुष्पा पात्रे, पार्षद बद्री किरण, सुकसागर निर्मलकर, डॉ.गोपाल कुर्रे, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, ब्लॉक अध्यक्ष पालुराम साहु, ए डी जोशी, पूर्व पार्षद डॉ.रामगोपाल यादव, सनीष कुमार, जिला महामंत्री एफ डी मानिकपुरी, गिरधारी बरेठ सचिव डॉ.डी आर नेताम, महेन्द्र थवाईत (गुड्डु), रवि खुंटे, सीमा कुर्रे, जगन्नाथ थवाईत, बसंत राम टंडन, अवधेश लाठिया, शशिराज आदि ने भी संबोधित किया । इन्होंने बताया कि बाबा साहब जहां भी सम्मेलनों व सभाओं को संबोधित करते जय भीम के ऊंचे नारों से गगन (आसमान) गुंज उठता था ।
इस अवसर पर ब्लॉक एवं मंडल पदाधिकारी विजय आदिले, रवि टोप्पो, विजय आनंद, फरियाद अली रिजवी, रमेश वर्मा, गणेश दास महंत, विरेन्द्र राठौर, दीपक टंडन, ममता अग्रवाल, झलकुंवर ठाकुर, माधुरी ध्रुव, टिंकी महंत, शांता महंत, त्रिवेणी मिरी, जया लहरे, संगीता जांगड़े, श्याम बाई खुंटे, रज्जाक खान, संतोष यादव, मोहित दास महंत, अनिल सिंह, शहजाद खान सहित अनेकों कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे ।

कोरबा
एसईसीएल में बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती मनाई गई
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनांक 14 अप्रैल 2026 को एसईसीएल मुख्यालय में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के मुख्य आतिथ्य, निदेशक तकनीकी (संचालन) एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक(वित्त) डी. सुनील कुमार, निदेशक (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र के विशिष्ट आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, विभिन्न श्रमसंघ प्रतिनिधियों, एससी/एसटी एसोसिएशन, सिस्टा के पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, महिलाओं, बच्चों की उपस्थिति में मनाई गई। इस अवसर कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्य अतिथि एवम विशिष्ट अतिथियों के करकमलों से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर पुर्ननिर्मित स्थल का लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने अपने संबोधन में कहा आज राष्ट्र के लिए विशेष दिन है, हम सब बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संकल्पों, विचारों पर चलें और राष्ट्र-निर्माण, समाज-निर्माण में अपना योगदान देते रहें । एसईसीएल भी उनके विचारों के अनुरूप महिलाओं व वंचित वर्गों के लिए महिला सशक्तिकरण, मेघावी छात्रों के लिए नीट परीक्षा की तैयारी में सहयोग, स्मार्ट क्लासेस, प्रोजेक्ट धरा शक्ति के माध्यम से और भी अधिक महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर पुर्ननिर्मित मनभावन स्थल के लिए भी उपस्थितों को बधाई दिया।

इस अवसर पर श्रम संघ प्रतिनिधि कृष्णा सूर्यवंशी, सुदेश डागोर, एम.पी. जांगडे, डी.पी. दिनकर (मासंवि), संजय साहू, अजय सिंह, राहुल दास, सूरज बघेल ने अपने सम्बोधन में भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के आयोजन पर प्रबंधन को धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने गौतम बुद्ध एवं बाबा साहेब के चित्र के समीप दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया उपरांत गौतम बुद्ध एवं बाबा साहेब के चित्र पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने माल्यार्पण किया तत्पश्चात बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया उपरांत विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ पदाधिकारियों, एससी/एसटी एसोसिएशन, सिस्टा के पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों ने बारी-बारी से प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।

कार्यक्रम में दिशा खोब्रागडे, निशा ठावरे एवम उनकी टीम द्वारा बुद्ध वंदना की गयी। कार्यक्रम में उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।

कोरबा
साहित्य भवन व सियान सदन को मिली अतिरिक्त भवनों की सौगात
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में किया गया सवा 41 लाख रू. के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण
उद्योग मंत्री देवांगन ने बालको में सियान सदन निर्माण हेतु 10 लाख रू. प्रदान करने की घोषणा की
कोरबा। कोरबा के घंटाघर स्थित पं.मुकुटधर पाण्डेय साहित्य भवन एवं वहॉं पर स्थित सियान सदन को आज सुविधापूर्ण अतिरिक्त भवनों की सौगात प्राप्त हुई। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सवा 41 लाख रूपये की लागत से निर्मित उक्त दोनों भवनों का लोकार्पण उनके करकमलों के द्वारा किया गया। इस मौके पर निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पंकज देवांगन व राकेश वर्मा सहित नगर के वरिष्ठ नागरिकगण, साहित्य भवन के पदाधिकारी व साहित्यकार बंधु उपस्थित थे।

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा निगम के वार्ड क्र 24 सियान सदन परिसर में जिला खनिज न्यास मद से 23 लाख 65 हजार रूपये की लागत से अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, प्रसाधन कक्ष, बाउण्ड्रीवाल, पेवर ब्लाक बिछाने आदि का कार्य कराया गया है, इसी प्रकार उक्त वार्ड में ही स्थित पं.मुकुटधर पाण्डेय साहित्य भवन में विधायक मद से 17 लाख 60 हजार रूपये की लागत से हाल का निर्माण विस्तार कार्य व अन्य व्यवस्थायें की गई हैं। आज प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उक्त दोनों महत्वपूर्ण कार्यो का लोकार्पण उनके हाथों किया गया।
वरिष्ठजनों का आशीर्वाद सबसे बड़ा धन–उद्योग मंत्री देवांगन

इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि वरिष्ठजनों का आशीर्वाद हम सबके लिये सबसे बड़ा धन है, वह व्यक्ति अत्यंत भाग्यशाली है, जिसे बड़े बुजुर्गो का आशीर्वाद नित्य प्राप्त होता है। उन्होने कहा कि जहॉं बुजुर्गो व वरिष्ठजनों का सम्मान किया जाता है, उनकी सेवा की जाती है, उसी स्थान में शुभता का, सुख-समृद्धि का निवास होता है, हमारा परम कर्तव्य है कि हम अपने परिवार व समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान करें, उनकी सेवा करें तथा निरंतर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि आज सियान सदन में नवनिर्मित अतिरिक्त कमरों को बुजुर्गो की सेवा में सौपा जा रहा है, उन्हेाने इस मौके पर नवनिर्मित अतिरिक्त भवन में ए.सी. लगवाये जाने व टी.व्ही.की व्यवस्था कराये जाने की भी घोषणा की, इसके साथ ही उद्योग मंत्री श्री देवांगन के आग्रह पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा सियान सदन के अतिरिक्त भवन की चाबी भी सियान सदन समिति को सौपी गई, वहीं उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने बालको में सियान सदन निर्माण हेतु 10 लाख रूपये स्वीकृत किये जाने की घोषणा भी की। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने साहित्य भवन के अतिरिक्त भवन निर्माण की शुभकामना देते हुये कहा कि अब साहित्यकार बंधुओं के लिये अपने क्रियाकलापों हेतु स्थान की कमी नहीं रहेगी, जो दो अतिरिक्त कमरे निर्मित कराये गये हैं, उनमें बाहर से आने वाले साहित्यकार भाई-बहनों के रूकने ठहरने की व्यवस्था भी हो सकेगी, इस मौके पर उन्होेने साहित्य भवन का पूर्ण नियंत्रण साहित्य समिति को देने के निर्देश भी दिये।
सियान सदन में की जायेगी 50 और कुर्सियों की व्यवस्था-महापौर श्रीमती राजपूत

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का दिन निश्चित रूप से शुभ दिन है कि आज एक ओर जहॉं हमारे बुजुर्गो को उनके सियान सदन में अतिरिक्त कक्ष प्रसाधन व अन्य विकास कार्यो की सौगात मिली है, वहीं दूसरी ओर साहित्य भवन में नवनिर्मित हाल व अन्य विस्तार कार्य का लोकार्पण भी हुआ है, मैं इसके लिये साहित्यकार बंधुओं एवं अपने वरिष्ठजनों को बधाई देती हूॅं तथा उद्योग मंत्री श्री देवांगन को हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करती हूॅं, जिनके माध्यम से यह दोनों कार्य सम्पन्न हुये हैं। इस मौके पर महापौर श्रीमती राजपूत ने सियान सदन की आवश्यकता को देखते हुये 50 और कुर्सियों की व्यवस्था किये जाने की घोषणा की तथा घोषणा पर तत्काल अमल करने के निर्देश अधिकारियों को दिये, तो वहीं वार्ड पार्षद पंकज देवांगन ने सियान सदन के विकास एवं सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु अपनी पार्षद निधि से 02 लाख रूपये दिये जाने की घोषणा भी की।
उद्योग मंत्री व महापौर ने बुजुर्गो के प्रति प्रकट किया सम्मान भाव-भाजपा जिलाध्यक्ष मोदी
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि बुजुर्गो का सम्मान हमारी भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण विशेषता है, मुझे खुशी है कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सियान सदन को यह सौगात देकर वरिष्ठजनों के प्रति अपने गहरे सम्मानभाव को प्रकट किया है। इस मौके पर उन्होने नगर के साहित्यकारों को साहित्य भवन में अतिरिक्त कक्ष, हाल विस्तार कार्य की सौगात मिलने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पंकज देवांगन, राकेश वर्मा के साथ ही वरिष्ठ पत्रकार कमलेश यादव, युनूस दलियानपूरी, कृष्ण कुमार चन्द्रा, जगदीश श्रीवास, इंदू शर्मा, दीप दुर्गवी, वीणा मिस्त्री, निर्मला शर्मा, बलराम राठौर, अजय दास वैष्णव, भुनेश्वर तिवारी, गुलजार सिंह, शिव जायसवाल, पी.एन.सिंह, जे.के.तिवारी, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, मनोज सिंह राजपूत, अनिल यादव, सुरेन्द्र राजवाडे़, कविता जैन, संतोष मिर्री, भुनेश्वर देवांगन, भारती चौरसिया, मोनू आदिले, रामरतन राठौर, सोहनलाल साहू, लीला कांत, अखिलेश्वर उपाध्याय, रंजना वैष्णव, बी.पी.देवांगन, जे.के.पाण्डेय, ए.के.देवांगन, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, सहायक अभियंता राहुल मिश्रा आदि के साथ अन्य लोग उपस्थित थे।

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