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Amarnath Yatra की हुई शुरुआत, PM मोदी ने शिव भक्तों को दीं शुभकामनाएं, जारी किया खुला पत्र

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नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सालाना अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित और शुभ यात्रा के लिए प्रार्थना की। जम्मू और कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की पवित्र यात्रा की शुरुआत को चिह्नित करते हुए, प्रधानमंत्री ने तीर्थयात्रियों से स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय आजीविका और राष्ट्र-निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच संकल्प अपनाने का आग्रह करते हुए एक खुला पत्र भी जारी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर, PM मोदी ने अमरनाथ यात्रा को भारत की आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का एक शाश्वत प्रतीक बताया।

PM मोदी ने X पर लिखा: “बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी अमरनाथ यात्रा, हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का एक शाश्वत अध्याय है। मेरी इच्छा है कि शिव के भक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और शुभ हो! इस पवित्र अवसर पर, तीर्थयात्रियों को मेरा पत्र पांच संकल्पों से जुड़ा है।” लेटर शेयर करते हुए (हिंदी में, मोटे तौर पर ऐसे) PM मोदी ने भक्तों को बधाई देते हुए कहा, “प्यारे भक्तों, हर हर महादेव! जय बाबा बर्फानी! जम्मू और कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में हिस्सा लेना अपने आप में एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। भक्तों के लिए बाबा बर्फानी का आशीर्वाद लेने का मौका ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन की जाने वाली पहली पूजा (पहला रिवाज) से शुरू होता है।” PM मोदी ने आगे कहा कि देश के कोने-कोने से भक्त इस पवित्र यात्रा में शामिल होने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्होंने लेटर में कहा, “हर साल, बाबा बर्फानी के साक्षात दर्शन करने का यह मौका लाखों शिव भक्तों के लिए एक बहुत ही शुभ और कभी न भूलने वाला अनुभव साबित होता है। मैं इस साल की तीर्थयात्रा के मौके पर सभी शिव भक्तों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।”

PM मोदी ने आगे कहा कि बाबा अमरनाथ का आशीर्वाद लेने की यह तीर्थयात्रा भारत की आध्यात्मिक परंपरा में एक हमेशा रहने वाला अध्याय है। PM मोदी ने कहा, “हर साल, सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों भक्त दुनिया भर से इस यात्रा में हिस्सा लेने के लिए जम्मू और कश्मीर आते हैं। अलग-अलग इलाकों के लोग, अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं और अलग-अलग परंपराओं को मानते हैं, और महादेव के दर्शन के लिए पक्का इरादा करके यह तीर्थयात्रा करते हैं।” PM मोदी ने सालाना तीर्थयात्रा को आसानी से चलाने के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू और कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा बलों की कोशिशों की भी तारीफ़ की। उन्होंने कहा, “कई दशकों से, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू और कश्मीर सरकार ने बड़ी कुशलता और सेवा की भावना से तीर्थयात्रा को मैनेज किया है। इसके अलावा, हमारा प्रशासन और सुरक्षा बल यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस साल भी, हज़ारों कर्मचारी पूरी लगन से यह ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना, CRPF, जम्मू और कश्मीर पुलिस, ITBP, BSF, NDRF, डॉक्टरों, मेडिकल कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफ़ाई कर्मचारियों और तीर्थयात्रियों की सेवा में शामिल सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया। PM मोदी ने कहा, “इस मौके पर, मैं इंडियन आर्मी, CRPF, जम्मू और कश्मीर पुलिस, ITBP, BSF, NDRF, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ, एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और तीर्थयात्रियों की सेवा में लगे हर व्यक्ति को दिल से बधाई देता हूं। इन दो महीनों के दौरान, बाबा बर्फानी का पवित्र धाम भारत की ‘अनेकता में एकता’ की शानदार झलक दिखाता है।” उन्होंने कहा कि दो महीने की तीर्थयात्रा के दौरान, बाबा बर्फानी का पवित्र धाम भारत की “अनेकता में एकता” का जीता-जागता उदाहरण पेश करता है।

PM मोदी ने कहा, “बाबा बर्फानी के घर की यह तीर्थयात्रा जम्मू और कश्मीर की मेहमाननवाज़ी और देश भर से आने वाले तीर्थयात्रियों की भक्ति को भी दिखाती है। यात्रा के हर पड़ाव पर, जम्मू और कश्मीर के हज़ारों लोकल नागरिक तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से अनगिनत भक्त पवित्र गुफा के रास्ते और तीर्थयात्रा के रास्तों पर भंडारे (कम्युनिटी किचन) भी लगाते हैं। बिना किसी स्वार्थ के सेवा की यह भावना हमारी सनातन संस्कृति और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ (सभी सुखी रहें) के आदर्श का जीता-जागता उदाहरण है।”

अपने लेटर में, प्रधानमंत्री ने भक्तों से तीर्थयात्रा के दौरान पाँच संकल्प लेने की अपील की। ​​उन्होंने आगे कहा, “पहला संकल्प: आइए हम अमरनाथ यात्रा के दौरान साफ़-सफ़ाई के नियमों का पालन करें और पूरे तीर्थयात्रा के रास्ते पर साफ़-सफ़ाई बनाए रखने में मदद करें।” दूसरे संकल्प में भक्तों से सभी एडमिनिस्ट्रेटिव निर्देशों, ट्रैफ़िक नियमों और सुरक्षा गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है, साथ ही बारिश और ठंड के मौसम की वजह से फिसलन वाली जगहों से खास तौर पर सावधान रहने की भी अपील की गई है। पीएम मोदी ने चिट्ठी में कहा, “तीसरा संकल्प: ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को अपनाते हुए, आइए हम अपने तीर्थयात्रा बजट का कम से कम 10 प्रतिशत लोकल प्रोडक्ट खरीदने पर खर्च करें। इससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की रोजी-रोटी मजबूत होगी।”

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SC बोला-लॉ स्टूडेंट्स पर बार काउंसिल एक्शन नहीं ले सकता:लॉ यूनिवर्सिटीज के समारोह में CJI को बुलाने के विरोध के बाद छात्रों का एनरोलमेंट रोका था

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नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI के पास लॉ स्टूडेंट्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों के आचरण पर कार्रवाई करने का अधिकार उनके यूनिवर्सिटी या संबंधित शैक्षणिक संस्थान के पास है।

कोर्ट ने यह फैसला हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के छात्रों से जुड़े विवाद में दिया। छात्रों ने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। इसके बाद BCI ने छात्रों का वकील के तौर पर एनरोलमेंट रोकने और मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने BCI के आदेश को गैरकानूनी बताया

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम, 1961 BCI या स्टेट बार काउंसिल को लॉ स्टूडेंट्स पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का कोई स्पष्ट या निहित अधिकार नहीं देता।

कोर्ट ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की ओर से 13 अगस्त को जारी आदेश को गैरकानूनी बताया।

इस मामले में NALSAR के दो पूर्व छात्रों मिहिरा सूद और अभिषेक तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि BCI को छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।

14 अगस्त को CJI ने कहा था- छात्रों को विरोध का अधिकार

14 अगस्त को पिछली सुनवाई में CJI सूर्यकांत ने BCI के मामले में दखल देने पर नाराजगी जताई थी।

CJI ने कहा था कि भले ही छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है।

उन्होंने कहा था- यह छात्रों और मेरे बीच की बात है। BCI कौन होती है दखल देने वाली? यह पूरी तरह गलत है।

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हथिनीकुंड बैराज हादसा, दोनों जवानों के शव मिले:एक हरियाणा में 200km दूर, दूसरा यूपी में मिला, एयरलिफ्ट कराकर चंडीगढ़ भेजा

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यमुनानगर, एजेंसी। हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज हादसे में लापता सेना के दोनों जवानों के शव मिल गए हैं। एक जवान का शव उत्तर प्रदेश में बैराज से करीब 15 किलोमीटर दूर मिला, जबकि दूसरा करीब 200 किलोमीटर बहकर हरियाणा के ही जींद की हांसी ब्रांच नहर तक पहुंचा। दोनों शव डाइविंग सूट पहने हुए मिले हैं।

इसके बाद शाम 5 बजे जवान के शव को लेकर आर्मी का हेलीकॉप्टर जींद पुलिस लाइन से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ।

दरअसल, मंगलवार शाम प्रैक्टिस के दौरान पांच जवान चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी बोट पर कूदे थे। इसी दौरान अचानक बोट डूब गई। तीन जवान तैरकर बाहर निकल आए, जबकि दो जवान लापता हो गए थे।

हादसे के बाद सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें यमुनानगर से लेकर आसपास की नहरों में सर्च ऑपरेशन चला रही थीं।

एक शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तो दूसरा हरियाणा के जींद जिले से बरामद हुआ।

एक शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तो दूसरा हरियाणा के जींद जिले से बरामद हुआ।

तीन दिन में क्या-क्या हुआ….

1 सितंबर: शाम 5 बजे पांच जवान डूबे

मंगलवार शाम करीब 5 बजे हथिनीकुंड बैराज के पास प्रैक्टिस के लिए वन पैरा स्पेशल फोर्स के पांच जवान चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी मोटर बोट में कूदे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद वह स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी। इसके बाद पांचों जवान डाइविंग किट और लाइफ जैकेट पहनकर नदी में कूद गए।

इनमें से 3 जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकल आए, जबकि महाराष्ट्र के पाटिल रोहित नारायण (30) और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय लापता हो गए। रात को ही सेना और लोकल गोताखोरों की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।

पांचों जवान इसी बोट में कूदे थे। बाद में सेना की टीम ने इस बोट को बाहर निकाला।

पांचों जवान इसी बोट में कूदे थे। बाद में सेना की टीम ने इस बोट को बाहर निकाला।

2 सितंबर: रात को पहला शव मिला

अगले दिन बुधवार को सेना के अलावा हरियाणा और यूपी SDRF की टीमें भी सर्च ऑपरेशन में जुटीं। हेलिकॉप्टर से निगरानी की गई। सर्च के चलते बैराज पर हरियाणा-यूपी के रास्ते बंद कर दिए गए। सेना की 10 टीमों ने 15 किमी के एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाया। पश्चिमी यमुना नहर में एक घंटे तक पानी रोका गया, ताकि जलस्तर कम होने पर तलाश की जा सके। जवान ह्यूमन चेन बनाकर उतरे और लापता जवानों की तलाश की।

शाम को बैराज से 15 किमी दूर दादूपुर हैड पर दो लाइफ जैकेट और एक डाइविंग किट मिली। हालांकि, सेना ने यह खुलासा नहीं किया कि ये सामान लापता जवानों का था या नहीं। रात 8 बजे यूपी के सहारनपुर जिले के बरथा कोरसी गांव में डाइविंग सूट में एक शव मिला। सिंचाई विभाग ने इसकी सूचना सेना को दी। बताया गया है कि यह शव जम्मू कश्मीर के अखनूर के अजय का है। हालांकि, सेना नहीं इसकी पुष्टि नहीं की।

डाइविंग सूट पहने युवक का शव यूपी के बरथा कोरसी गांव में बरामद हुआ था।

डाइविंग सूट पहने युवक का शव यूपी के बरथा कोरसी गांव में बरामद हुआ था।

3 सितंबर: 200 किमी दूर दूसरा शव मिला

गुरुवार को हथिनीकुंड बैराज के पास सर्च ऑपरेशन के साथ सेना की टीमें करनाल के इंद्री भी पहुंचीं। यमुना पश्चिमी नहर में बहकर आने वाले शवों के इंद्री तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुबह से ही यहां निगरानी रखी जा रही थी। हालांकि, सेना की टीमें नहर में नहीं उतरीं और बाहर से ही नजर रखी गई।

इसी दौरान दोपहर 12 बजे सूचना मिली कि डाइविंग सूट में दूसरा शव जींद की हांसी ब्रांच नहर में अमरेहड़ी गांव के पास बरामद हुआ है। हांसी ब्रांच नहर पश्चिमी यमुना नहर की मुनक हेड से निकलती है। बताया गया है कि यह शव महाराष्ट्र के पीआर नारायण का है। हालांकि, सेना ने इसकी भी पुष्टि नहीं की।

जानकारी के अनुसार, पीआर नारायण जलगांव के रहने वाले थे। अपने पीछे वो दो साल का बेटा छोड़ गए हैं।

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बिहार में गंगा खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर:13 जिलों में बाढ़, काशी में 407 परिवारों ने घर छोड़ा, हिमाचल में 175 सड़कें बंद

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नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार के कई जिलों में बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है। प्रदेश के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 8 नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। काशी में वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। अब तक 2,910 लोग विस्थापित हो चुके हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने 36 नावें लगाई हैं। बाढ़ के हालात को लेकर पीएम मोदी ने वाराणसी के डीएम और मेयर से बात की।

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार रात तेज बारिश के बाद लैंडस्लाइड की वजह से 175 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर भारी मलबा गिर गया। इससे कई गाड़ियां रातभर फंसी रहीं।

सैटेलाइट मैप में मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

यूपी के मिर्जापुर में रेलवे अंडरपास में पानी भरने के कारण रोडवेज बस फंसकर बंद हो गई। इसके बाद ट्रैक्टर की मदद से बस को खींचकर बाहर निकाला गया।

यूपी के मिर्जापुर में रेलवे अंडरपास में पानी भरने के कारण रोडवेज बस फंसकर बंद हो गई। इसके बाद ट्रैक्टर की मदद से बस को खींचकर बाहर निकाला गया।

यूपी के लखनऊ में बारिश से एक सड़क में करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इसमें बाइक सवार युवक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।

यूपी के लखनऊ में बारिश से एक सड़क में करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इसमें बाइक सवार युवक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।

पटना के चंदौसी गांव में पुनपुन नदी के तेज बहाव से सड़क कई से जगह से बह गई है।

पटना के चंदौसी गांव में पुनपुन नदी के तेज बहाव से सड़क कई से जगह से बह गई है।

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हवालबाग के बड्यूड़ा गांव में मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई।

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हवालबाग के बड्यूड़ा गांव में मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भारी बारिश से एक कॉलोनी में पानी भर गया।

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भारी बारिश से एक कॉलोनी में पानी भर गया।

उत्तरकाशी में पापड़गाड में अचानक नदी उफाना गई।

उत्तरकाशी में पापड़गाड में अचानक नदी उफाना गई।

ओडिशा के बालासोर में 214 गांव डूबे

ओडिशा जिले के भोगराई, बालीपाल, बस्ता, रेमुना और जलेश्वर ब्लॉक के 214 गांवों में बाढ़ का पानी भरने के बाद खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, नदी का जलस्तर अब घट रहा है।

दोपहर तक राजघाट में सुवर्णरेखा का जलस्तर 10.84 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। इसमें अभी गिरावट का रुख है, जो नदी की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है।

यूपी में लगातार बारिश से 23 जिलों में बाढ़

यूपी में लगातार बारिश से 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। अब तक 16 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ से रेस्क्यू किया गया है। काशी में गंगा-वरुणा का पानी अब घरों में घुसने लगा है। सड़कों पर नाव चल रही है। अब तक 407 परिवार घर छोड़ चुके हैं। सभी 84 घाट डूबे हुए हैं। मणिकर्णिका घाट पर छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है।

उत्तर ओडिशा में 373 गांव डूबे

ओडिशा के उत्तर इलाके में बाढ़ से 373 गांव प्रभावित हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया है और बचाव दल तैनात किए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, सुवर्णरेखा नदी बालासोर जिले के भोगराई, बालीपाल, बस्ता, रेमुना और जलेश्वर ब्लॉक के 214 गांवों में बाढ़ का पानी भरने के बाद खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, नदी का जलस्तर अब घट रहा है।

पंजाब: 3 दिन भारी बारिश के आसार

पंजाब और चंडीगढ़ में कई जगह बारिश होने से लोगों को गर्मी व उमस से थोड़ी राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज से 5 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस संबंधी यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चंडीगढ़ में आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

बिहार: बाढ़ की चपेट में 13 जिले; 8 नदियां उफनाईं

बिहार में मानसून काफी मजबूत स्थिति में है। प्रदेश के कई जिलों में बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज भी 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मध्य प्रदेश: नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में बारिश का रेड अलर्ट

मानसूनी बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से गुरुवार को मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट है। 2 जिले- नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश का रेड जबकि 6 जिले- छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।

राजस्थान: कल से तेज बारिश का अलर्ट

राजस्थान में पिछले एक सप्ताह से चल रहा मानसून का ब्रेक बुधवार को खत्म हुआ। भरतपुर के रूपवास में इलाके में 1 इंच से ज्यादा बरसात हुई। जयपुर, धौलपुर, करौली के कई हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य में गुरुवार को भी जयपुर, भरतपुर संभाग के एरिया में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है।

यूपी: 67 जिलों में बारिश का अलर्ट

यूपी में आज गुरुवार को को प्रदेश के 67 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें मथुरा, आगरा समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। बारिश और खराब मौसम के चलते बलिया, वाराणसी समेत प्रदेश के 8 जिलों में 3 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे।

हिमाचल: 175 सड़कें बंद, कल से कमजोर पड़ेगा मानसून

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बुधवार रात तेज बारिश हुई, जिससे जगह-जगह लैंडस्लाइड के कारण 175 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर बारिश के बाद परवाणू फल मंडी के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे कई गाड़ियां भी रातभर मलबे में फंसी रहीं।

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