छत्तीसगढ़
अमिताभ जैन बने रहेंगे छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव:केंद्र सरकार से एक्सटेंशन को मिली मंजूरी, 13वें CS के लिए सुब्रत-पिंगुआ के नाम की थी चर्चा
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन अभी रिटायर नहीं होंगे, बल्कि वह अपने पद पर बने रहेंगे। केंद्र सरकार से अनुमति मिलते ही राज्य सरकार ने अमिताभ को सेवा विस्तार देने पर मुहर लगाई है। अब वह आगामी आदेश तक चीफ सेक्रेटरी के पद पर बने रहेंगे।
अमिताभ जैन अगर आज रिटायर होते तो सुब्रत साहू या मनोज पिंगुआ को छत्तीसगढ़ का 13वां मुख्य सचिव बनाया जा सकता था। हालांकि रेस में सबसे आगे सुब्रत साहू थे। वहीं मनोज पिंगुआ के नाम की भी चर्चा जोरों पर थी।
इसके साथ ही नए मंत्रियों को भी कैबिनेट में शामिल करने पर विचार चल रहा है। रविवार शाम को CM साय ने राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात की थी। हालांकि सीएम सचिवालय ने दोनों की तस्वीरें जारी कर जानकारी दी थी कि राज्य हित से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई है।
सुब्रत साहू का नाम CS रेस में सबसे आगे था
मुख्य सचिव बनाए जाने में बड़ा नाम सुब्रत साहू का सामने आ रहा था। सुब्रत साहू छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के आईएएस हैं। एक सर्वे ने सुब्रत साहू को देश के 50 प्रभावशाली आईएएस में शामिल किया था। मुख्य सचिव बनाए जाने में दूसरे नंबर पर चॉइस सुब्रत हैं।
वर्तमान में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण रामलला तीर्थ दर्शन योजना में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। वो इस वक्त धार्मिक न्यास व धर्मस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं।
पिंगुआ के नाम की भी चर्चा थी
प्रदेश के 1994 बैच के सीनियर IAS अफसरों में से एक मनोज पिंगुआ के नाम की भी चर्चा थी। मनोज पिंगुआ हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय के कुछ अफसरों से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद से यह बात तय मानी जा रही थी कि पिंगुआ मुख्य सचिव बनाए जा सकते हैं।
अब जानिए सीनियर IAS मनोज पिंगुआ के बारे में ?
वो साफ-सुथरी छवि के साथ बहुत ही शांत प्रशासनिक अधिकारी माने जाते हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय की पहली पसंद भी हैं। वर्तमान में मनोज कुमार पिंगुआ गृह,जेल, विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। मनोज पिंगुआ वर्तमान में छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।
मनोज पिंगुआ लंबे समय से गृह और जेल विभाग के प्रमुख सचिव रहें। वे व्यावसायिक परीक्षा मंडल और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष भी रहे हैं। मनोज पिंगुआ विभिन्न जिलों में कलेक्टर रहे। जांजगीर-चांपा जिला निर्माण के बाद वे दूसरे कलेक्टर बने।
जांजगीर-चांपा जिले के दूसरे कलेक्टर बने थे
जिले के पहले कलेक्टर डॉक्टर वीएस निरंजन 31 अक्टूबर सन 2000 को मध्यप्रदेश चले गए थे। उसके बाद मनोज पिंगुआ जांजगीर-चांपा जिले के दूसरे कलेक्टर बने। वे धमतरी और सरगुजा कलेक्टर भी रहें।2014 में मनोज पिंगुआ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए थे।
प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले पिंगुआ छत्तीसगढ़ में आदिम जाति विकास और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव का पदभार संभाल रहे थे। उन्हें केंद्र में केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति मिली थी। 2016 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के बाद उन्होंने कई विभाग सम्हालें।
ये अधिकारी भी रहे चर्चे में
- सुबोध सिंह- सेन्ट्रल डेपुटेशन से छत्तीसगढ़ लौटे IAS सुबोध सिंह को मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव बनाया गया। वो CM के साथ सरकार चलाने में अहम रोल अदा करते हैं।
- रेणु पिल्ले: 1991 बैच की आईएएस हैं। वर्तमान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की एसीएस हैं। व्यापमं और छत्तीसगढ़ शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष हैं।
- ऋचा शर्मा: 1994 बैच की आईएएस हैं। फारेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज की एसीएस हैं।
- निधि छिब्बर: 1994 बैच की आईएएस। केंद्र में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की सचिव है।
- विकासशील: 1994 बैच के आईएएस। एशियाई विकास बैंक के कार्यकारी निदेशक हैं।
स्थायी DGP भी नियुक्त होना है
IPS अरुण देव गौतम वर्तमान में अस्थायी डीजीपी हैं। प्रदेश में स्थायी DGP को नियुक्त किया जाना है। गौतम राजनेताओं और अधीनस्थ अफसरों की पसंद है। प्रशासनिक पकड़ मजबूत है। डीजीपी चार्ज संभालने के बाद अब तक कन्ट्रोवर्सी में नहीं फंसे हैं।
वहीं प्रदेश में रिकॉर्ड रहा है, जो अस्थायी प्रभारी रहा है, उसे ही स्थायी पद मिला है। इन सब बातों को ध्यान में रखकर प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं।
लटका है मंत्रिमंडल विस्तार का मामला
छत्तीसगढ़ सरकार में नए मंत्रियों का ऐलान अब कभी-भी हो सकता है। नाम तय कर लिए गए हैं, सिर्फ घोषणा बाकी है। इससे पहले चुनावों और निगम-मंडल लिस्ट की वजह से ये ऐलान टलता रहा है।
हालांकि मीडिया के बार-बार पूछे जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय यही कहते रहे हैं, थोड़ा इंतजार करिए। अचानक राज्यपाल से मुलाकात करने की वजह से मुद्दा फिर से चर्चा में आ चुका है कि शायद अब प्रदेश को मंत्री जल्द मिले।
मंत्रियों के 2 पद खाली
साय कैबिनेट का जब गठन हुआ तो मुख्यमंत्री सहित 12 मंत्री हैं। प्रदेश में 13 मंत्रियों को कैबिनेट में रखा जाता रहा है। तो पहले से ही एक खाली था। लोकसभा चुनाव के समय बृजमोहन अग्रवाल ने इस्तीफा दिया, तो 11 मंत्री बचे। कुल मिलाकर 2 मंत्रियों की जगह साय कैबिनेट में इस वक्त खाली है।
साय कैबिनेट में सबसे ज्यादा मंत्री सरगुजा संभाग से हैं। रायपुर दुर्ग और बस्तर संभाग से मात्र एक-एक मंत्री हैं। इसलिए इन तीनों संभाग का मंत्रिमंडल में प्रतिनिधत्व बढ़ सकता है।
छत्तीसगढ़
विश्व मधुमेह दिवस पर विशेष:मीठे भ्रम से कड़वी सच्चाई तक
स्वास्थ्य-सजग समाज की ओर एक वैज्ञानिक संकल्प
शांति सोनी
व्याख्याता योग प्रशिक्षिका
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महमंद जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
“स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है, सोना-चाँदी नहीं।” — महात्मा गांधी
“जो व्यक्ति अपने शरीर का ध्यान नहीं रखता, वह अपने जीवन के उद्देश्यों को पूर्ण नहीं कर सकता।” — सुकरात
आज का युग तकनीकी प्रगति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सुविधाओं का युग है। जीवन पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हुआ है, किन्तु इन सुविधाओं के साथ हमारी जीवनशैली भी तेजी से बदल गई है। शारीरिक श्रम में कमी, अनियमित दिनचर्या, तनाव, जंक फूड, अत्यधिक स्क्रीन टाइम तथा व्यायाम से दूरी ने अनेक जीवनशैली-जनित रोगों को जन्म दिया है। इनमें मधुमेह (डायबिटीज) आज विश्व के सामने सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है।
मधुमेह एक ऐसा “मौन रोग” (Silent Disease) है, जो धीरे-धीरे शरीर के लगभग प्रत्येक महत्वपूर्ण अंग को प्रभावित करता है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण सामान्य प्रतीत होते हैं, इसलिए अधिकांश लोग समय रहते इसकी पहचान नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप यह रोग हृदय, गुर्दे, आँखों, मस्तिष्क तथा तंत्रिका तंत्र को गंभीर क्षति पहुँचा सकता है।
इसी बढ़ती चुनौती के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष
विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। यह दिवस इंसुलिन के सह-आविष्कारक डॉ. फ्रेडरिक बैंटिंग की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मधुमेह के कारणों, लक्षणों, बचाव, समय पर जाँच तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।

मधुमेह क्या है? — एक वैज्ञानिक समझ
मधुमेह केवल रक्त में शर्करा बढ़ जाने का नाम नहीं है। यह शरीर की चयापचय (Metabolic) प्रणाली का एक जटिल विकार है। सामान्यतः अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा निर्मित इंसुलिन हार्मोन भोजन से प्राप्त ग्लूकोज़ को शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचाकर ऊर्जा में परिवर्तित करता है। जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता अथवा इंसुलिन प्रभावी ढंग से कार्य नहीं करता, तब रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाता है और यही स्थिति मधुमेह कहलाती है।
मधुमेह के प्रमुख प्रकार
टाइप-1 मधुमेह – इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। यह प्रायः बच्चों एवं युवाओं में पाया जाता है।
टाइप-2 मधुमेह – यह सबसे सामान्य प्रकार है, जो असंतुलित जीवनशैली, मोटापा, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता तथा आनुवंशिक कारणों से विकसित होता है। वर्तमान में भारत में मधुमेह के अधिकांश रोगी इसी श्रेणी के हैं।
गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) – यह गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं में विकसित होता है और समय पर देखभाल न होने पर माँ तथा शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

लक्षण जिन्हें कभी न करें नज़रअंदाज़
अत्यधिक प्यास लगना
बार-बार मूत्र आना
लगातार थकान रहना
धुंधला दिखाई देना
घावों का देर से भरना
अचानक वजन कम होना
बार-बार संक्रमण होना
इन लक्षणों की अनदेखी भविष्य में गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। इसलिए समय-समय पर रक्त शर्करा की जाँच अत्यंत आवश्यक है।
समय रहते नियंत्रण क्यों आवश्यक है?
अनियंत्रित मधुमेह हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, गुर्दा विफलता, अंधत्व, स्ट्रोक, पैरों में घाव तथा तंत्रिका क्षति जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। अच्छी बात यह है कि संतुलित जीवनशैली अपनाकर इन जटिलताओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
बचाव ही सबसे प्रभावी उपचार
मधुमेह से बचाव के लिए दवा से अधिक आवश्यक है अनुशासित जीवनशैली—
संतुलित एवं पौष्टिक भोजन
नियमित योग एवं व्यायाम
प्रतिदिन कम से कम 30–45 मिनट शारीरिक गतिविधि
तनाव प्रबंधन एवं ध्यान
7–8 घंटे की पर्याप्त नींद
नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त शर्करा की जाँच
मधुमेह नियंत्रण में योग की महत्त्वपूर्ण भूमिका
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। नियमित योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने, तनाव कम करने तथा चयापचय को संतुलित रखने में सहायक सिद्ध होते हैं।
उपयोगी योगासन
सूर्य नमस्कार, मंडूकासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवनमुक्तासन तथा वज्रासन।
प्रभावी प्राणायाम
अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, नाड़ी शोधन तथा प्रतिदिन 10–15 मिनट ध्यान।
विद्यालयों की भूमिका : स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर में प्रत्येक शनिवार आयोजित स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, ध्यान, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना ही भविष्य के स्वस्थ भारत की मजबूत नींव है।
प्रेरक संदेश
“योग अपनाएँ, मधुमेह भगाएँ।”
“स्वस्थ तन, शांत मन—यही है जीवन का सच्चा धन।”
“प्रतिदिन योग करेंगे हम, मधुमेह-मुक्त बनेगा जन-जन।”
निष्कर्ष
मधुमेह कोई अभिशाप नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार का संकेत है। यदि हम संतुलित आहार, नियमित योग, व्यायाम, तनावमुक्त जीवन और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो मधुमेह सहित अनेक जीवनशैली-जनित रोगों से बचाव संभव है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं। आइए, इस विश्व मधुमेह दिवस पर हम सब मिलकर संकल्प लें—”स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ, योग को दिनचर्या बनाएँ और मधुमेह-मुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।”
कोरबा
तलाकशुदा पति ने पूर्व पत्नी को एयर गन से धमकाया:कोरबा में घर पहुंचकर पिस्टल बताकर बनाया डर का माहौल, पति और मामा गिरफ्तार
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में तलाक के बाद पूर्व पत्नी को एयर गन दिखाकर धमकाने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की हंड्रेड बेड कॉलोनी में आरोपी पति ने महिला के घर पहुंचकर पहले विवाद किया, फिर उसे थप्पड़ मारा और एयर गन को असली पिस्टल बताकर डराने की कोशिश की।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और उसके मामा को गिरफ्तार कर लिया।

लव मैरिज के बाद हुआ था तलाक
नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, बिलासपुर निवासी सतीश कश्यप और पीड़िता ने एक वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और अदालत से उनका कानूनी तलाक हो गया।
पुलिस के मुताबिक, तलाक के बाद भी सतीश लगातार अपनी पूर्व पत्नी से मिलने और विवाद करने उसके घर पहुंचता था।

घर पहुंचकर किया हंगामा
पीड़िता चिकित्सा विभाग में कार्यरत है और सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित हंड्रेड बेड कॉलोनी में अपने पिता के साथ रहती है। महिला के पिता ने बताया कि कुछ दिन पहले सतीश अपनी मां और मामा के साथ घर आया था। वकील के पास जरूरी लिखापढ़ी पूरी होने के बाद सभी चले गए थे।
इसके बावजूद सतीश दोबारा घर पहुंच गया। उस समय महिला खुद को कमरे में बंद कर बैठी थी, लेकिन आरोपी उससे मिलने की जिद करने लगा। जब महिला बाहर आई तो आरोपी ने उसे थप्पड़ मार दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

एयर गन को पिस्टल बताकर दी धमकी
विवाद के दौरान आरोपी ने अपने पास रखी एयर गन निकालकर उसे असली पिस्टल बताया और महिला को डराने-धमकाने लगा। महिला ने तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर एयर गन को असली हथियार की तरह दिखाकर भय का माहौल बनाने का प्रयास किया था।
पति और मामा दोनों गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद मामा पर भी सहयोग और उकसाने का आरोप पाया गया, जिसके बाद उसे भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और भय उत्पन्न करने सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कोरबा
सक्ती जिले में दिनदहाड़े महिला की गोली मारकर हत्या: राजेश यादव ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की उठाई मांग
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने सक्ती जिले के ग्राम जोंगरा में एक महिला की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या की घटना को अत्यंत जघन्य, हृदयविदारक एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया है।
इस संबंध में श्री यादव ने आज छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री को पत्र प्रेषित कर घटना में शामिल सभी आरोपियों की अति शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं त्वरित जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
श्री यादव ने कहा कि दिनदहाड़े हुई इस नृशंस हत्या ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसी घटनाओं से आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो रहा है। यदि अपराधियों के विरुद्ध समयबद्ध और कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो समाज में अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र न्यायालय से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार की जघन्य वारदात करने का दुस्साहस न कर सके।
श्री यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार इस गंभीर मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करेगी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
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