कोरबा
जहाँ तक जाती है नजर…वहाँ आँखे जाती है ठहर…
बाँगो मिनीमाता जलाशय ..सिर्फ पहचान ही नहीं छत्तीसगढ़ की शान है..
प्रकृति की गोद में जलमग्न दृश्यों को निहारने खींचे चले आते हैं पर्यटक
खेतो को सिंचित ही नहीं करती किसानों को समृद्ध भी बनाती है मिनीमाता हसदेव बाँगो जलाशय
कोरबा । यह बाँगो जलाशय है…जिसका अधिकृत नाम अविभाजित मध्यप्रदेश में छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता के नाम पर मिनीमाता हसदेव बाँगो परियोजना है..। प्रकृति के सुरम्य वातावरण के बीच कई ऊंचे पर्वतों के आसपास जलमग्न इस नजारों को देखने यहाँ हर पर्यटकों की आँखों की पलके तब तक नहीं झपकती जब तक वह इस नयनाभिराम नजारों को अंतिम छोर तक नहीं देख लेता, हालांकि दूर-दूर तक कई किलोमीटर में फैला यह जलमग्न दृश्य हर किसी के आँखों में पूरी तरह से कैद नहीं हो पाता…क्योंकि उनकी नजरें जहाँ तक जा पाती है…पानी के ठहराव के बीच देखने वालों की आँखे भी वहीं तक ही ठहर जाती है। कोरबा जिले की पहचान और छत्तीसगढ़ की शान मिनीमाता हसदेव बाँगो जलाशय देखने वालों को रोमांचित ही नहीं करती..उन्हें अचंभित भी कर देती है। यहाँ आना और इन नजारों को करीब से देख पाना किसी सौभाग्य से कम नहीं, क्योंकि यह खूबसूरती की ही नहीं… लाखो लोगो की प्यास बुझाने के साथ किसानों के खेतो को हरा-भरा बनाकर उनके समृद्धि की भी पहचान है..।
कोरबा शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतर्गत मिनीमाता बाँगो जलाशय छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे बड़ा जलाशय की पहचान रखता है। जल संसाधन विभाग के मिनीमाता ( हसदेव ) बांगो परियोजना अंतर्गत कोरबा जिले में स्थित मिनीमाता बांगो बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1992 में पूर्ण हुआ। यह बांध प्रदेश का सबसे अधिक जल भराव क्षमता एवं सबसे ऊँचा बांध है, इस बांध की जल भराव क्षमता 2894.33 मिलियन क्यूबिक मीटर (लाइव स्टोरेज) एवं 3264.33 मिलियन क्यूबिक मीटर (ग्रास स्टोरेज) है साथ ही बांध का डूबान क्षेत्र 185 स्क्वॉयर किलोमीटर है, इस बांध की ऊंचाई नदी के तल से 73 मीटर एवं फाउंडेशन लेवल से 87 मीटर है। यह बांध तीन महत्वपूर्ण हिस्सों में बना है जो कि 1. रॉक फिल बांध 2. मेसनरी बांध 3. मिटटी बांध है, जिसमे से रॉक फिल बांध 177मीटर, मेसनरी बांध 554.5 मीटर एवं मिटटी बांध 1778 मीटर है। मिनीमाता बांगो बांध की कुल लम्बाई 2509.5 मीटर है। इस परियोजना में 6730 वर्ग किमी जलग्रहण क्षेत्र, बांध का उच्चतम स्तर 366 मीटर, अधिकतम जलाशय स्तर 363.08 मीटर, पूर्ण जलाशय स्तर 359.66 मीटर है। वर्तमान में बांध की सुरक्षा के लिए विभिन्न जटिल कार्यों को सम्बद्ध किया गया है। यहां बांध के सुरक्षा के लिए जवान लगातार तैनात है और सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जा रही है। इस बांध और आसपास के सुंदर नजारों को निहारने के लिए कोरबा जिला ही नहीं अन्य जिले के लोग भी निरन्तर यहां आते हैं। कोरिया जिले के परमानंद दास, सुशीला सिंह, माया सिंह ने बांगो बांध का नाम सुना था। उन्हें इस बांध को करीब से देखने की इच्छा थी। यहां आकर जब बांध को देखा तो उन्हें दूर-दूर तक पानी का ऐसा नजारा दिखा जैसे कोई नीला आकाश है। उन्होंने बताया कि वाकई में बांगो बांध को करीब से देख लेना सौभाग्य की बात है। हम लोग कब से योजना बना रहे थे, आज यहां आकर नदी- पहाड़ सब को पास से देखा।
कोरबा
लिटियाखार में चलाया गांव चलो-बस्ती चलो अभियान
कोरबा/गेवरा-दीपका। भारतीय जनता पार्टी के गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान के तहत दीपका मंडल के ग्राम पंचायत लिटियाखार के बिरसा मुंडा शक्ति केंद्र में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर आमजन से संपर्क किया और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।

नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने हितग्राहियों से मुलाकात कर उनका सम्मान भी किया। राजपूत ने कहा कि जनता का विश्वास और सहयोग ही जनप्रतिनिधियों के लिए ऊर्जा का स्रोत है, जो उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में जाकर कार्यकर्ताओं ने लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं भी सुनीं। अभियान के तहत योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

कोरबा
प्रगति नगर दीक्षा महिला समिति ने शुरू की प्याऊ सेवा
कोरबा/गेवरा/दीपका। भीषण गर्मी के बीच सामाजिक सरोकार निभाते हुए दीक्षा महिला समिति दीपका इकाई ने प्रगतिनगर में दो प्याऊ जल सेवा केंद्र की शुरुआत की है। भारतीय स्टेट बैंक परिसर व व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स परिसर में आम लोगों एवं राहगीरों के लिए इस सेवा का शुभारंभ किया गया, जिससे क्षेत्रवासियों को गर्मी में राहत मिलेगी।

समिति की यह पहल एसईसीएल के श्रद्धा महिला मंडल के सामाजिक कार्यों से प्रेरित होकर की गई है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग बैंकिंग एवं अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। समिति ने भीषण गर्मी को देखते हुए पेड़ों पर मिट्टी के बर्तनों में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था की है।
वहीं पशुओं के लिए भी एक स्थान पर जल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को गुड़-चना, फल, जलजीरा, आम पना, गुलाब शरबत, लस्सी और नींबू पानी का वितरण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे और समिति के इस प्रयास की सराहना की। समिति की अध्यक्ष रंभा मिश्रा ने कहा कि भीषण गर्मी में राहगीरों को पानी के लिए भटकना न पड़े, इसी उद्देश्य से स्वच्छ, ठंडा और निर्मल पेयजल की व्यवस्था की गई है।

कोरबा
सेवानिवृत्त बिजली कर्मियों की ग्रेच्युटी में 20 लाख की धोखाधड़ी:कोरबा में संविदा कर्मी पर केस दर्ज, ब्लैंक चेक का मिसयूज कर रकम हड़पी
कोरबा। कोरबा में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी राशि में बड़े गबन का मामला सामने आया है। तुलसी नगर सब स्टेशन कार्यालय में कार्यरत संविदा कर्मी हरीश कुमार पर 20 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है।
आरोप है कि हरीश कुमार ने कार्यपालन अभियंता (ईई-डी) से ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद उसने चेक में अपना खाता नंबर भरकर राशि अपने खाते में जमा करा ली। इस तरह सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी की रकम सीधे आरोपी के खाते में चली जाती थी।

प्रारंभिक जांच में अब तक छह सेवानिवृत्त कर्मचारियों से कुल 20 लाख 58 हजार 788 रुपए के गबन की पुष्टि हुई है। यह मामला तब सामने आया जब एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के खाते में ग्रेच्युटी की राशि जमा नहीं हुई और उसने कार्यालय में शिकायत की।
राशि ट्रांसफर और केस दर्ज
जांच में पता चला कि संबंधित राशि संविदा कर्मी के खाते में ट्रांसफर हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे कोतवाली थाना भेजा गया। पुलिस ने आरोपी हरीश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विभागीय कार्रवाई की तैयारी
विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है, जिसमें निलंबन के साथ बर्खास्तगी की तैयारी की जा रही है। इधर, संविदा कर्मी हरीश कुमार ने अपने बचाव में दावा किया है कि उसने यह कार्य कार्यपालन अभियंता (ईई-डी) के निर्देश पर किया था।
आरोपी का बचाव पक्ष
उसने इस संबंध में कंपनी के मुख्यालय रायपुर को पत्र भेजकर अपनी बात रखी है। विभागीय अधिकारी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं, ताकि गड़बड़ी में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
बैंक लेनदेन और दस्तावेजों की जांच
पुलिस भी बैंक लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि तुलसी नगर स्थित विद्युत विभाग से 20 लाख रुपये के गबन की शिकायत मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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