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छत्तीसगढ़

राज्यपाल के अभिाभाषण से विधानसभा का सत्र प्रारंभ

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अंग्रेजी में अभिभाषण पर भूपेश ने राज्यपाल को टोका,कहा-समझ नहीं आ रहा, छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के अभिभाषण के साथ बजट सत्र का आगाज हो गया है। अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही पहले 5 मिनट, बाद में मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले राज्यपाल ने शीत सत्र की तरह जब अंग्रेजी में भाषण पढऩा शुरू किया तो पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस बार भी उन्हें बीच में 2 बार टोका
भूपेश ने कहा कि सदस्यों को अंग्रेजी नहीं आती इसलिए इसे पढ़ा हुआ मान लिया जाए। मंत्री ओपी चौधरी मेज थपथपाते हैं, तो सत्ता पक्ष के सभी लोग मेज थपथपाने लगते हैं।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी सरकार है, जिसका फोकस किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों पर है। अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई। इससे पहले उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई को भी याद किया।
राज्यपाल के अभिभाषण की मुख्य बातें…
सुशासन का नया दौर शुरू करने के लिए सरकार संकल्पबद्ध

नवगठित विधानसभा के प्रथम सत्र के अपने अभिभाषण में मैंने कहा था कि मेरी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदर्शों और सिद्धांतों के अनुसार छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया दौर शुरू करने के लिए संकल्पबद्ध है।
जनता से किए वादे पूरे करने की दिशा में ठोस कदम
मुझे खुशी है कि अल्प अवधि में मेरी सरकार ने जनता से किए गए वादे पूरे करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जिसके कारण प्रदेश में न्याय, राहत और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। समृद्ध किसान-संपन्न प्रदेश की अवधारणा पर तेजी से अमल साल के धान के बकाया बोनस 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में डाल दी गई है।
संस्कृति, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार पर तेजी से काम
जनजाति उत्थान-प्रदेश का मान ध्येय वाक्य अनुसूचित जनजाति के जीवन से जुड़े सभी पहलुओं पर मेरी सरकार की संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को दर्शाता है। बच्चों की शिक्षा से लेकर पूरे समुदाय की संस्कृति, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार, जीवन स्तर उन्नयन जैसे सभी मुद्दों पर तेजी से काम किया जाएगा।
आदिवासियों के विकास के लिए कृत संकल्पित
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों (बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर और अबूझमाडिय़ा) को मूलभूत सुविधाओं जैसे, पक्के आवास गृह, सडक़ें, छात्रावास का निर्माण, शुद्ध पेयजल, विद्युतीकरण, बहुउद्देशीय केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और वनधन केन्द्रों का निर्माण, मोबाइल टावर की स्थापना, व्यवसायिक शिक्षा और कौशल के लिए सरकार कृत संकल्पित है।
पीएम जनमन महाअभियान के तहत खासतौर से संरक्षित जनजातियों के स्वास्थ्य की जांच, इलाज और दवा वितरण के लिए 66 मोबाइल चिकित्सा इकाई वाहनों का उपयोग किया जा रहा है।
लघु वन उपजों से जुड़े आजीविका साधनों को मजबूत बनाएंगे
तेंदूपत्ता, महुआ, इमली समेत सभी लघु वन उपजों से जुड़े आजीविका के साधनों को मजबूत बनाने को मेरी सरकार उच्च प्राथमिकता देगी। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 5500 रुपए प्रति मानक बोरा और संग्राहकों को 4500 रुपए तक बोनस देने सरकार कटिबद्ध है।
संग्राहकों और उनके परिवारजन को अलग-अलग योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा, जो उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी। इसके साथ ही विकास के क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, नई संभावनाओं, नए अवसरों का फायदा उठाने के लिए स्थानीय लोगों को सक्षम बनाया जाएगा।
आवासहीन परिवारों को नया जीवन मिलेगा
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित करीब 18 लाख हितग्राहियों को पक्के आवास देने का फैसला कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया। इससे ग्रामीण अंचलों में आवासहीन परिवारों को नया जीवन मिलेगा। वहीं, सरकार घर-घर निर्मल जल पहुंचाने के लिए ल जीवन मिशन का काम शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए अग्रसर है।
महिलाओं का जीवन बनाया जा रहा आसान
महिलाओं का जीवन आसान बनाने में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की बड़ी भूमिका रही है। इसके तहत प्रदेश में अब तक 36 लाख से ज्यादा नए गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह सुविधा भी शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाई जाएगी।
पुलिस को नई सुविधाओं से लैस किया जाएगा
सरकार ने पुलिस बल को नई सुविधाओं से लैस करने का फैसला लिया है। वहीं, दूसरी ओर उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए मानवीय दृष्टिकोण से संवेदनशील कदम भी उठाए हैं। पुलिस बल को आधुनिक हथियार, दूरसंचार और दूसरी जरूरतों के अनुसार बेहतर क्वालिटी के उपकरण दिए जाएंगे।
प्रदेश को नक्सल समस्यामुक्त बनाने के लिए संकल्पित
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस अधोसंरचना के विकास के लिए लगभग 201 करोड़ रुपए की लागत से काम जल्द पूरे किए जाएंगे। सरकार प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। साथ ही छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल समस्यामुक्त राज्य बनाने के लिए कटिबद्ध है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाना सरकार का मुख्य मकसद है।
सामाजिक सद्भाव बनाने पर हो रहा काम
राज्यपाल ने कहा कि सामाजिक सद्भाव बनाने में सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है। हमारी सरकार अलग-अलग संस्कृतियों को संरक्षित कर रही है, पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। शक्तिपीठों को हमारी सरकार संस्कृति के साथ पर्यटन का केंद्र बना रही है। इससे पर्यटन बढ़ेगा।
राजिम कुंभ का नाम राष्ट्रीय के साथ वैश्विक स्तर पर हो रहा है। श्रीराम का नाम दुनिया के साथ छत्तीसगढ़ में रामायण मंडलियों की ओर से फैलाया जा रहा है। रामलला योजना शुरू करके हमारी सरकार लोगों को अयोध्या श्रीराम मंदिर के दर्शन करा रही है।
छात्रों-युवाओं के लिए लगातार हो रहा काम
उन्होंने कहा कि विज्ञान केंद्र रायपुर में विज्ञान के आविष्कार से स्टूडेंट्स को रूबरू कराया जा रहा है। मेरी सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अमलीजामा पहनाने का लगातार काम कर रही है। सरकार ने नौकरियों में उम्र की सीमा को पांच वर्ष बढ़ाकर रोजगार के लिए अवसर बढ़ाए हैं।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा समेत समिति के सदस्य मौजूद रहे।
बजट सत्र एक मार्च तक चलेगा और 9 फरवरी को सरकार बजट पेश करेगी। खास बात यह है कि करीब 20 साल बाद वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे। इससे पहले कल बीजेपी विधायक दल की बैठक में सत्र को लेकर रणनीति बनी।
ई-विधान मोबाइल ऐप पर विधानसभा की सारी जानकारी
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा की सारी जानकारी अब मोबाइल ऐप पर होगी। इसके लिए ई-विधान नाम से ऐप तैयार किया गया है। इसमें भाषण, बजट के आर्थिक सर्वेक्षण, अनुदान की मांगों कि जानकारी, विधेयक सहित अन्य जानकारी मिलेगी। इसके अलावा विधानसभा की वेबसाइट को 40 से ज्यादा कैटेगरी में अपडेट किया गया है।
14 से 26 फरवरी तक अनुदान मांगों पर होगी चर्चा
दिवंगत पूर्व मंत्री शिव नेताम को श्रद्धांजलि दी जाएगी। शुक्रवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी साल 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का बजट पेश करेंगे। 12 और 13 फरवरी को बजट पर चर्चा होगी। 14 से 26 फरवरी तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी।
राजिम मेले का नाम बदलेगा
विधानसभा के इस बजट सत्र में न्यायालय संशोधन विधेयक 2024, छत्तीसगढ़ राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक 2024, छत्तीसगढ़ माल व सेवा कर संशोधन विधेयक 2024 लाया जाएगा। राजिम के पुन्नी मेले का नाम कांग्रेस सरकार ने दिया था, इसे बदल दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इसे कुंभ कल्प का नाम दिया जा सकता है।
विधायकों के स्वास्थ्य की जांच होगी
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वास्थ्य भाग की ओर से विधानसभा कैंपस में सभी विधायकों के लिए 14, 15, 16 फरवरी को 3 दिनों का विशेष स्वास्थ शिविर आयोजित किया गया है, जिसमें विधायक अपने स्वास्थ्य की जांच करा सकेंगे।

दूसरी बार वित्त मंत्री पेश करेंगे बजट
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के समय वित्त मंत्रालय राजपरिवार से राजनीति में आए कोरिया की राजा रामचंद्र सिंहदेव के पास था। उन्होंने बजट पेश किया था। इसके बाद करीब 20 साल बाद ऐसा मौका है, जब कोई अलग वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे।
सिंहदेव के बाद हमेशा वित्त विभाग अपने पास रखने वाले मुख्यमंत्रियों की ओर से बजट पेश करने की परंपरा रही। डॉक्टर रमन सिंह लगातार बजट पेश करते रहे। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भी वित्त मंत्रालय अपने पास रखा। मौजूदा सरकार में वित्त मंत्रालय का जिम्मा ओपी चौधरी के पास है।

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कोरबा

एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश

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कोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।

गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।

2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।

गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।

बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला

25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह

युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज

कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।

लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन

मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।

यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

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कोरबा

आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा

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कोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।

बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल

पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।

सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

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छत्तीसगढ़

गरियाबंद : दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल :उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान

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गरियाबंद। हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा।
             हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए।  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है। 
              यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास। 
             उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है।
              इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

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