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छत्तीसगढ़

राज्यपाल के अभिाभाषण से विधानसभा का सत्र प्रारंभ

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अंग्रेजी में अभिभाषण पर भूपेश ने राज्यपाल को टोका,कहा-समझ नहीं आ रहा, छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के अभिभाषण के साथ बजट सत्र का आगाज हो गया है। अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही पहले 5 मिनट, बाद में मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले राज्यपाल ने शीत सत्र की तरह जब अंग्रेजी में भाषण पढऩा शुरू किया तो पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस बार भी उन्हें बीच में 2 बार टोका
भूपेश ने कहा कि सदस्यों को अंग्रेजी नहीं आती इसलिए इसे पढ़ा हुआ मान लिया जाए। मंत्री ओपी चौधरी मेज थपथपाते हैं, तो सत्ता पक्ष के सभी लोग मेज थपथपाने लगते हैं।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी सरकार है, जिसका फोकस किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों पर है। अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई। इससे पहले उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई को भी याद किया।
राज्यपाल के अभिभाषण की मुख्य बातें…
सुशासन का नया दौर शुरू करने के लिए सरकार संकल्पबद्ध

नवगठित विधानसभा के प्रथम सत्र के अपने अभिभाषण में मैंने कहा था कि मेरी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदर्शों और सिद्धांतों के अनुसार छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया दौर शुरू करने के लिए संकल्पबद्ध है।
जनता से किए वादे पूरे करने की दिशा में ठोस कदम
मुझे खुशी है कि अल्प अवधि में मेरी सरकार ने जनता से किए गए वादे पूरे करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जिसके कारण प्रदेश में न्याय, राहत और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। समृद्ध किसान-संपन्न प्रदेश की अवधारणा पर तेजी से अमल साल के धान के बकाया बोनस 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में डाल दी गई है।
संस्कृति, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार पर तेजी से काम
जनजाति उत्थान-प्रदेश का मान ध्येय वाक्य अनुसूचित जनजाति के जीवन से जुड़े सभी पहलुओं पर मेरी सरकार की संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को दर्शाता है। बच्चों की शिक्षा से लेकर पूरे समुदाय की संस्कृति, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार, जीवन स्तर उन्नयन जैसे सभी मुद्दों पर तेजी से काम किया जाएगा।
आदिवासियों के विकास के लिए कृत संकल्पित
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों (बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर और अबूझमाडिय़ा) को मूलभूत सुविधाओं जैसे, पक्के आवास गृह, सडक़ें, छात्रावास का निर्माण, शुद्ध पेयजल, विद्युतीकरण, बहुउद्देशीय केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और वनधन केन्द्रों का निर्माण, मोबाइल टावर की स्थापना, व्यवसायिक शिक्षा और कौशल के लिए सरकार कृत संकल्पित है।
पीएम जनमन महाअभियान के तहत खासतौर से संरक्षित जनजातियों के स्वास्थ्य की जांच, इलाज और दवा वितरण के लिए 66 मोबाइल चिकित्सा इकाई वाहनों का उपयोग किया जा रहा है।
लघु वन उपजों से जुड़े आजीविका साधनों को मजबूत बनाएंगे
तेंदूपत्ता, महुआ, इमली समेत सभी लघु वन उपजों से जुड़े आजीविका के साधनों को मजबूत बनाने को मेरी सरकार उच्च प्राथमिकता देगी। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 5500 रुपए प्रति मानक बोरा और संग्राहकों को 4500 रुपए तक बोनस देने सरकार कटिबद्ध है।
संग्राहकों और उनके परिवारजन को अलग-अलग योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा, जो उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी। इसके साथ ही विकास के क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, नई संभावनाओं, नए अवसरों का फायदा उठाने के लिए स्थानीय लोगों को सक्षम बनाया जाएगा।
आवासहीन परिवारों को नया जीवन मिलेगा
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित करीब 18 लाख हितग्राहियों को पक्के आवास देने का फैसला कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया। इससे ग्रामीण अंचलों में आवासहीन परिवारों को नया जीवन मिलेगा। वहीं, सरकार घर-घर निर्मल जल पहुंचाने के लिए ल जीवन मिशन का काम शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए अग्रसर है।
महिलाओं का जीवन बनाया जा रहा आसान
महिलाओं का जीवन आसान बनाने में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की बड़ी भूमिका रही है। इसके तहत प्रदेश में अब तक 36 लाख से ज्यादा नए गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह सुविधा भी शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाई जाएगी।
पुलिस को नई सुविधाओं से लैस किया जाएगा
सरकार ने पुलिस बल को नई सुविधाओं से लैस करने का फैसला लिया है। वहीं, दूसरी ओर उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए मानवीय दृष्टिकोण से संवेदनशील कदम भी उठाए हैं। पुलिस बल को आधुनिक हथियार, दूरसंचार और दूसरी जरूरतों के अनुसार बेहतर क्वालिटी के उपकरण दिए जाएंगे।
प्रदेश को नक्सल समस्यामुक्त बनाने के लिए संकल्पित
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस अधोसंरचना के विकास के लिए लगभग 201 करोड़ रुपए की लागत से काम जल्द पूरे किए जाएंगे। सरकार प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। साथ ही छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल समस्यामुक्त राज्य बनाने के लिए कटिबद्ध है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाना सरकार का मुख्य मकसद है।
सामाजिक सद्भाव बनाने पर हो रहा काम
राज्यपाल ने कहा कि सामाजिक सद्भाव बनाने में सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है। हमारी सरकार अलग-अलग संस्कृतियों को संरक्षित कर रही है, पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। शक्तिपीठों को हमारी सरकार संस्कृति के साथ पर्यटन का केंद्र बना रही है। इससे पर्यटन बढ़ेगा।
राजिम कुंभ का नाम राष्ट्रीय के साथ वैश्विक स्तर पर हो रहा है। श्रीराम का नाम दुनिया के साथ छत्तीसगढ़ में रामायण मंडलियों की ओर से फैलाया जा रहा है। रामलला योजना शुरू करके हमारी सरकार लोगों को अयोध्या श्रीराम मंदिर के दर्शन करा रही है।
छात्रों-युवाओं के लिए लगातार हो रहा काम
उन्होंने कहा कि विज्ञान केंद्र रायपुर में विज्ञान के आविष्कार से स्टूडेंट्स को रूबरू कराया जा रहा है। मेरी सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अमलीजामा पहनाने का लगातार काम कर रही है। सरकार ने नौकरियों में उम्र की सीमा को पांच वर्ष बढ़ाकर रोजगार के लिए अवसर बढ़ाए हैं।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा समेत समिति के सदस्य मौजूद रहे।
बजट सत्र एक मार्च तक चलेगा और 9 फरवरी को सरकार बजट पेश करेगी। खास बात यह है कि करीब 20 साल बाद वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे। इससे पहले कल बीजेपी विधायक दल की बैठक में सत्र को लेकर रणनीति बनी।
ई-विधान मोबाइल ऐप पर विधानसभा की सारी जानकारी
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा की सारी जानकारी अब मोबाइल ऐप पर होगी। इसके लिए ई-विधान नाम से ऐप तैयार किया गया है। इसमें भाषण, बजट के आर्थिक सर्वेक्षण, अनुदान की मांगों कि जानकारी, विधेयक सहित अन्य जानकारी मिलेगी। इसके अलावा विधानसभा की वेबसाइट को 40 से ज्यादा कैटेगरी में अपडेट किया गया है।
14 से 26 फरवरी तक अनुदान मांगों पर होगी चर्चा
दिवंगत पूर्व मंत्री शिव नेताम को श्रद्धांजलि दी जाएगी। शुक्रवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी साल 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का बजट पेश करेंगे। 12 और 13 फरवरी को बजट पर चर्चा होगी। 14 से 26 फरवरी तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी।
राजिम मेले का नाम बदलेगा
विधानसभा के इस बजट सत्र में न्यायालय संशोधन विधेयक 2024, छत्तीसगढ़ राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक 2024, छत्तीसगढ़ माल व सेवा कर संशोधन विधेयक 2024 लाया जाएगा। राजिम के पुन्नी मेले का नाम कांग्रेस सरकार ने दिया था, इसे बदल दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इसे कुंभ कल्प का नाम दिया जा सकता है।
विधायकों के स्वास्थ्य की जांच होगी
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वास्थ्य भाग की ओर से विधानसभा कैंपस में सभी विधायकों के लिए 14, 15, 16 फरवरी को 3 दिनों का विशेष स्वास्थ शिविर आयोजित किया गया है, जिसमें विधायक अपने स्वास्थ्य की जांच करा सकेंगे।

दूसरी बार वित्त मंत्री पेश करेंगे बजट
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के समय वित्त मंत्रालय राजपरिवार से राजनीति में आए कोरिया की राजा रामचंद्र सिंहदेव के पास था। उन्होंने बजट पेश किया था। इसके बाद करीब 20 साल बाद ऐसा मौका है, जब कोई अलग वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे।
सिंहदेव के बाद हमेशा वित्त विभाग अपने पास रखने वाले मुख्यमंत्रियों की ओर से बजट पेश करने की परंपरा रही। डॉक्टर रमन सिंह लगातार बजट पेश करते रहे। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भी वित्त मंत्रालय अपने पास रखा। मौजूदा सरकार में वित्त मंत्रालय का जिम्मा ओपी चौधरी के पास है।

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छत्तीसगढ़

तकनीकी नवाचार की उड़ान “लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” का सफल आयोजन

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एचडी शेफर मेमोरियल फाउंडेशन एवं कोडक्राफ्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

AI, पायथन और वेब डिज़ाइन का क्रियाशील प्रशिक्षण; 13 से 68 वर्ष तक के प्रतिभागियों ने सीखी आधुनिक तकनीक की बारीकियाँ

सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर।
एच० डी० शेफर मेमोरियल फाउंडेशन एवं कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय “लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” का आज विधिवत एवं सफलतापूर्वक समापन हुआ। सीओसीएमआई कैम्पस, ककुदंड, बिलासपुर में 11 मई से 27 मई 2026 तक आयोजित इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालयी छात्र-छात्राओं से लेकर कार्यरत पेशेवरों एवं सेवानिवृत्त व्यक्तियों तक — 13 वर्ष से 68 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI टूल्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, पायथन प्रोग्रामिंग, वेबसाइट डिज़ाइनिंग, उद्यमिता कौशल, एक्सेल तथा व्यक्तित्व विकास का व्यावहारिक एवं हस्तप्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि प्रशिक्षण हेतु किसी पूर्व तकनीकी ज्ञान की अनिवार्यता नहीं रखी गई, जिससे तकनीक के क्षेत्र में नए प्रतिभागियों को भी सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिला।
प्रतिभागियों ने तैयार किए नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपनी व्यक्तिगत पोर्टफोलियो वेबसाइट्स, AI आधारित प्रोफेशनल हेडशॉट्स, पोस्टर एवं निमंत्रण-पत्र डिज़ाइन, पायथन आधारित BMI कैलकुलेटर तथा विभिन्न मिनी प्रोजेक्ट्स तैयार किए।
विशेष रूप से 15 वर्षीय बेनहुर एवं 17 वर्षीय एंजेल लहरे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से दो संपूर्ण कम्प्यूटर गेम्स विकसित कर अपनी तकनीकी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया।
“तकनीक साधन है, साध्य नहीं” — संजय विल्सन
समापन समारोह की अध्यक्षता एच० डी० शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के निदेशक संजय विल्सन ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तभी सार्थक है जब उसे मानवीय विवेक, नैतिकता और कौशल के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीक का उपयोग समाजहित एवं आत्मविकास के लिए करने की प्रेरणा दी।
समारोह में आकांक्षा नाथानियल, एंजेल लहरे, बेनहुर, डेफनी, मेर्लिन, राजेश मकबूल एवं विस्मय सहित सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर आलोक विल्सन, विनय जेम्स एवं के० एम० के० पॉल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रशिक्षकों एवं आयोजकों का सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। सॉफ्टवेयर इंजीनियर अप्रतिम सैमुएल एवं डेटा साइंटिस्ट कपिल वर्मा ने प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकी अवधारणाओं एवं व्यावहारिक प्रयोगों से परिचित कराया।
इस सम्पूर्ण आयोजन के सफल संयोजन का श्रेय रेव० निखिल पॉल को जाता है, जिनके समर्पण, कुशल प्रबंधन एवं सतत प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
तकनीकी शिक्षा को जनसामान्य तक पहुँचाने की पहल
“लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” इस तथ्य का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया कि तकनीकी शिक्षा केवल इंजीनियरिंग अथवा विज्ञान के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज का प्रत्येक वर्ग एवं प्रत्येक आयु का व्यक्ति आधुनिक तकनीक सीखकर आत्मनिर्भरता एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

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कोरबा

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ

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जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला

कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।

कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।

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कोरबा

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना

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कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।

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