Connect with us

विदेश

ईरान में कई जगहों पर अटैक:खार्ग में ऑयल टर्निमल पर हमला, कोम-काशान में पुल उड़ाए, ईरान का शारजाह पर जवाबी हमला

Published

on

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी, एजेंसी। अमेरिका और इजराइल ने मंगलवार को ईरान में कई जगहों पर हमला किया। सबसे बड़ा हमला खार्ग आइलैंड पर हुआ, जहां ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया। ईरान का करीब 80 से 90% कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है।

इसी दौरान कोम और कशान में भी पुलों को निशाना बनाया गया। काशान के पास यहयाबाद रेलवे पुल पर हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे के पुल पर भी हमला किया गया।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने मंगलवार को रात 8 बजे (अमेरिका समयानुसार) तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला, तो उसके जरूरी ठिकानों पर हमला किया जाएगा।

इन हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए UAE के शारजाह में हमला किया। ईरान पहले ही कह चुका था कि अब वह चुप नहीं बैठेगा। अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाएगा।

ट्रम्प ने ईरान को 1 रात में तबाह करने की धमकी दी

ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को “एक ही रात में खत्म किया जा सकता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान तय समय से पहले अमेरिका से समझौता नहीं करता, तो कार्रवाई कभी भी हो सकती है और यह मंगलवार रात भी हो सकती है।

ट्रम्प की शर्त है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोले। यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई गुजरती है। इसके लिए उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे (वॉशिंगटन समय) तक की डेडलाइन दी है, जो भारत में बुधवार सुबह 5:30 बजे होती है।

व्हाइट हाउस में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के नेता बातचीत तो कर रहे हैं, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि कोई समझौता होगा या नहीं। वहीं, ईरान ने अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उसने कहा है कि वह स्थायी समाधान चाहता है और उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं।

ईरान जंग से जुड़ी तस्वीरें…

अमेरिकी हमलों के बाद राजधानी तेहरान कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

अमेरिकी हमलों के बाद राजधानी तेहरान कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

इजराइल ने सोमवार को ईरान के बुशहर नेवी बेस पर हमला किया। यहां नेवल बेस के साथ एयरफोर्स बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन के अंडरग्राउंड स्टोरेज मौजूद थे।

इजराइल ने सोमवार को ईरान के बुशहर नेवी बेस पर हमला किया। यहां नेवल बेस के साथ एयरफोर्स बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन के अंडरग्राउंड स्टोरेज मौजूद थे।

ईरान ने सोमवार को इजराइल के पेटाह टिकवा शहर पर मिसाइल हमला किया।

ईरान ने सोमवार को इजराइल के पेटाह टिकवा शहर पर मिसाइल हमला किया।

इजराइल के पेटाह टिकवा में सोमवार को सड़क पर मिसाइल गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

इजराइल के पेटाह टिकवा में सोमवार को सड़क पर मिसाइल गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

ट्रम्प बोले- ईरान में सभ्यता खत्म हो सकती है, आज की रात बहुत अहम

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- आज रात हालात इतने गंभीर हैं कि एक पूरी सभ्यता के खत्म होने का खतरा बताया जा रहा है। मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन ऐसा हो भी सकता है।

अगर सच में सत्ता में बड़ा बदलाव होता है और नए, ज्यादा समझदार और कम कट्टर लोग आगे आते हैं, तो हालात बेहतर भी हो सकते हैं।

आज की रात दुनिया के इतिहास में बहुत अहम मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि पिछले 47 साल से जो दबाव, भ्रष्टाचार और हिंसा चल रही थी, वह अब खत्म हो सकती है।

ट्रम्प ने साउथ कोरिया और जापान को किम जोंग उन का डर दिखाया

डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को NATO, ऑस्ट्रेलिया, जापान और साउथ कोरिया की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन देशों ने ईरान जंग में अमेरिका की मदद नहीं की। उन्होंने यह बात व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

उन्होंने कहा- आप जानते हैं किसने हमारी मदद नहीं की? साउथ कोरिया ने मदद नहीं की। ऑस्ट्रेलिया ने मदद नहीं की। जापान ने मदद नहीं की।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि जापान में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, ताकि उसे उत्तर कोरिया से बचाया जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि साउथ कोरिया में करीब 45,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, ताकि उसे किम जोंग उन से बचाया जा सके, जिनसे मेरे (ट्रम्प) अच्छे रिश्ते हैं।

अमेरिका ने बहरीन से अपने 1500 नाविकों को निकाला

ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले के खतरे के बाद अमेरिका ने बहरीन से अपने करीब 1500 नाविकों को वापस बुला लिया है। बहरीन में अमेरिका की नेवी का 5th फ्लीट मौजूद है, जो पूरे मिडिल ईस्ट में समुद्री ऑपरेशन संभालती है।

ईरान की धमकी- अब मिडिल ईस्ट के बाहर भी हमला करेंगे

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मंगलवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी कि उनका जवाब सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह वहां के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बना सकते हैं।

गार्ड्स ने अपने बयान में कहा कि अब तक उन्होंने संयम बरता था, लेकिन अब वह खत्म हो चुका है। बयान में कहा गया कि ईरान अब अमेरिका और उसके सहयोगियों के ऐसे ढांचे को निशाना बना सकता है, जिससे उन्हें इस इलाके के तेल और गैस संसाधनों से दूर कर दिया जाए।

ईरान ने यह भी कहा कि उसने अब तक पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्तों की वजह से संयम रखा था, लेकिन अब वह स्थिति नहीं रही। गार्ड्स ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना ने हद पार की, तो अंजाम बुरा होगा।

इजराइल का लेबनान में पुल पर हमला

इजराइल की सेना (IDF) ने कहा है कि उसने दक्षिण लेबनान में लितानी नदी के एक और पुल पर हमला किया है। उनके मुताबिक हिजबुल्लाह के लड़ाके इस पुल का इस्तेमाल हथियार ले जाने के लिए कर रहे थे।

इजराइल ने 22 मार्च को भी लितानी नदी पर बने एक पुल को उड़ा दिया था।

इजराइल ने 22 मार्च को भी लितानी नदी पर बने एक पुल को उड़ा दिया था।

ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमला

अमेरिका और इजराइल ने मंगलवार को ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमला किया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, यहां ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया है।

ईरान के करीब 80 से 90% कच्चे तेल का निर्यात खार्ग आइलैंड से होता है। यहां बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और जहाजों में तेल भरने की फैसिलिटी मौजूद हैं। इससे हर दिन करीब 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में भरा जा सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ दिन पहले धमकी दी थी कि अगर ईरान ने मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिका समयानुसार) तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो उसके जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा। अभी इस डेडलाइन को खत्म होने में 12 घंटे बाकी हैं।

वहीं ईरानी सेना ने कहा कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे। अमेरिका और उसके साथियों के ठिकानों पर हमला किया जाएगा।

Continue Reading

देश

भारतीय कारोबारी पर अमेरिकी शिकंजा, नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू

Published

on

वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका ने गंभीर अपराधों और कथित आव्रजन धोखाधड़ी के मामलों में 17 लोगों की नागरिकता रद्द (डिनैचुरलाइजेशन) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें भारतीय मूल के  नीरज शर्मा भी शामिल हैं, जिन पर फर्जी एच-1बी वीजा दस्तावेजों का उपयोग करने और नागरिकता प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, न्यूजर्सी स्थित प्लेसमेंट फर्म मैग्नाविजन एलएलसी के मालिक नीरज शर्मा ने कथित तौर पर 11 एच-1बी वीजा आवेदनों पर हस्ताक्षर किए थे। इन आवेदनों में दावा किया गया था कि संबंधित कर्मचारी एक वैश्विक वित्तीय संस्थान में काम करेंगे।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि एच-1बी वीजा आवेदनों के समर्थन में जमा किए गए कुछ दस्तावेजों में संबंधित वित्तीय संस्थान के अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर थे। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर वीजा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। न्याय विभाग के मुताबिक, नीरज शर्मा ( Neeraj Sharma) ने वर्ष 2017 में अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि नागरिकता साक्षात्कार के दौरान उन्होंने अपने कथित आपराधिक आचरण और गतिविधियों के बारे में सही जानकारी नहीं दी। शर्मा को दिसंबर 2017 में अमेरिकी नागरिकता प्रदान कर दी गई थी। बाद में उन्हें अप्रैल 2015 से अप्रैल 2017 के बीच वीजा धोखाधड़ी और आव्रजन नियमों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि नागरिकता केवल उन्हीं लोगों को मिलनी चाहिए जो कानून का पालन करते हैं और आवेदन प्रक्रिया के दौरान पूरी ईमानदारी बरतते हैं।

Markwayne Mullin ने कहा कि अमेरिकी नागरिकता एक विशेषाधिकार है और यदि कोई व्यक्ति आव्रजन प्रक्रिया में झूठ बोलता है या महत्वपूर्ण जानकारी छिपाता है, तो उससे यह विशेषाधिकार वापस लिया जा सकता है। न्याय विभाग ने जिन अन्य 16 लोगों के खिलाफ नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है, उनमें विभिन्न गंभीर अपराधों के आरोपी या दोषी ठहराए गए व्यक्ति शामिल हैं। इनमें यौन अपराध, बाल शोषण और अश्लील सामग्री से जुड़े मामलों में दोषी पाए गए लोग भी शामिल हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी आव्रजन और नागरिकता अधिनियम (Immigration and Nationality Act) के तहत यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी तरीके से, महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर या जानबूझकर गलत जानकारी देकर नागरिकता प्राप्त करता है, तो अदालत के आदेश के माध्यम से उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है। यह प्रक्रिया नागरिकता मिलने के कई वर्षों बाद भी शुरू की जा सकती है, यदि अधिकारियों को धोखाधड़ी या तथ्य छिपाने के प्रमाण मिलते हैं।

Continue Reading

विदेश

उत्तर कोरिया से लौटे शी जिनपिंग, किम जोंग उन के साथ दोस्ती पर जोर,  परमाणु मुद्दे पर साधी चुप्पी

Published

on

प्योंगयांग/ बीजिंग, एजेंसी। चीन के राष्ट्रपति  शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने उत्तर कोरिया की दो दिवसीय राजकीय यात्रा मंगलवार को संपन्न कर ली और बीजिंग लौट गए। सात वर्षों बाद हुई इस यात्रा को दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को पुनर्जीवित करने और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में अपनी भूमिका मजबूत करने के महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्योंगयांग में सोमवार को पहुंचने पर शी जिनपिंग का भव्य स्वागत किया गया। उत्तर कोरियाई नेता Kim Jong Un स्वयं उनके स्वागत और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने शिखर वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग को और विस्तार देने पर जोर दिया।

चीनी और उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, शी जिनपिंग ने व्यापार, कृषि, निर्माण, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की चीन की इच्छा व्यक्त की। वहीं किम जोंग उन ने कहा कि चीन के साथ मित्रता को उत्तर कोरिया की “सर्वोच्च रणनीतिक प्राथमिकता” के रूप में बनाए रखा जाएगा। दोनों नेताओं ने 1950-53 के कोरियाई युद्ध में मारे गए चीनी सैनिकों की स्मृति में बने चीन-उत्तर कोरिया मैत्री स्मारक का भी दौरा किया और पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब उत्तर कोरिया के रूस के साथ संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। यूक्रेन युद्ध के दौरान प्योंगयांग और मॉस्को की बढ़ती निकटता ने बीजिंग की चिंता बढ़ाई है। विश्लेषकों के अनुसार, शी जिनपिंग की यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य उत्तर कोरिया पर चीन के पारंपरिक प्रभाव को फिर से मजबूत करना और यह दिखाना था कि बीजिंग अब भी प्योंगयांग का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। सरकारी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि किम जोंग उन ने ताइवान मुद्दे पर चीन की “एक-चीन नीति” का समर्थन दोहराया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आपसी समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।

हालांकि दोनों देशों की सरकारी रिपोर्टों में उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर किसी विस्तृत चर्चा का उल्लेख नहीं किया गया। यह विषय क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक माना जाता है। यात्रा से पहले किम जोंग उन की बहन Kim Yo Jong ने स्पष्ट कहा था कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को छोड़ने वाला नहीं है और वह अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार जारी रखेगा। दूसरी ओर चीन ने एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण के समर्थन की अपनी पुरानी नीति दोहराई। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने कहा कि इस मुद्दे पर बीजिंग की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।

यात्रा के अंतिम दिन किम जोंग उन और उनकी पत्नी स्वयं हवाई अड्डे तक शी जिनपिंग और उनकी पत्नी को विदा करने पहुंचे। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के अनुसार, उनके सम्मान में विशेष विदाई समारोह आयोजित किया गया। किम ने कहा कि शी जिनपिंग की यात्रा पूरी तरह सफल रही और इससे दुनिया को यह संदेश गया कि चीन और उत्तर कोरिया अपनी पारंपरिक मित्रता और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Continue Reading

बिज़नस

मई में चीन का निर्यात 19.4 प्रतिशत उछला

Published

on

हांगकांग, एजेंसी। चीन के निर्यात में मई महीने के दौरान सालाना आधार पर 19.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रौद्योगिकी उत्पादों के मजबूत निर्यात और वैश्विक मांग में सुधार को इस बढ़त का प्रमुख कारण बताया गया है। चीन की सीमा-शुल्क एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अप्रैल में चीन का निर्यात 14.1 प्रतिशत बढ़ा था। मई में चीन का आयात भी 27.4 प्रतिशत बढ़ा, जो अप्रैल के 25.3 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। 

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका को होने वाले निर्यात में भी बड़ी तेजी देखी गई और यह मई में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। अप्रैल में यह वृद्धि केवल 11 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों ने कहा कि वाहन, सेमीकंडक्टर और कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े उत्पादों की मजबूत मांग ने चीन के निर्यात को समर्थन दिया है। वैश्विक एआई उछाल और हरित प्रौद्योगिकी की तरफ बढ़ते रुझान ने भी इस वृद्धि को बल दिया है। 

डच बैंक आईएनजी के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सॉन्ग ने कहा कि जहाज, सेमीकंडक्टर चिप्स, वाहन और बैटरियों की मजबूत मांग वैश्विक प्रौद्योगिकी उछाल का परिणाम है और इससे व्यापार मूल्य वृद्धि को समर्थन मिला है। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677