छत्तीसगढ़
बेमेतरा हादसा…फैक्ट्री में खतरनाक एक्सप्लोसिव का निर्माण:जिनसे शरीर के चीथड़े होने में 0.10 सेकेंड लगते हैं;16 किलोमीटर तक सुनाई पड़ी ब्लास्ट की आवाज
रायपुर, बेमेतरा, एजेंसी।
बेमेतरा जिले के पिरदा गांव में स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड फैक्ट्री में धमाका हुए 30 घंटे से ज्यादा का समय हो गया है। हैरानी ये है कि जिला प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन अब तक हादसे में मरने वालों का पता नहीं लगा पाए हैं। विस्फोट के दौरान फैक्ट्री में किन मजदूरों की ड्यूटी थी, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है।हालांकि प्रशासन ने रविवार को 7 मजदूरों के लापता होने की पुष्टि कर दी है। इनकी तलाश के लिए रविवार सुबह फिर मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। रात को अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था।
स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड फैक्ट्री देश बारूद सप्लाई करने के मामले में देश की टॉप-18 हाई एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में शामिल है। यहां अमोनियम नाइट्रेट, PETN यानि पेंटाएरीथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट, TNT यानि ट्राइनाइट्रो टॉल्विन और डायनामाइट जैसे खतरनाक विस्फोटकों का निर्माण होता है।फॉरेंसिक विभाग के जॉइंट डायरेक्टर टीएल चंद्रा ने बताया कि ऐसे विस्फोटकों से शरीर के चीथड़े उड़ने में 0.10 सेकेंड से भी कम का समय लगता है। ऐसे हालात में फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद यहां काम करने आए मजदूरों को उनके परिजन ढूंढ़ रहे हैं। प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन से कोई जवाब नहीं मिला।
इस तरह से हुआ था विस्फोट
फैक्ट्री में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार सुबह 6 बजे की शिफ्ट में मजदूर काम करने पहुंचे थे। जिस फैक्ट्री में PETN यानि पेंटाएरीथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट, TNT यानि ट्रिनिट्रोटोल्यूइन और डायनामाइट स्ट्रीक जैसे खतरनाक विस्फोटकों का निर्माण होता है, वहां के यार्ड में लगी मशीन में सुबह 7.40 बजे आवाज आने लगी।
इसी दौरान मशीन का कुछ हिस्सा गिरा और चिंगारी से आग लगी। आग लगती देखकर वहां काम कर रहे मजदूर गेट की तरफ भागे। TNT यार्ड की तरफ से मजदूरों को दौड़ता देखकर परिसर में मौजूद बाकी लोग भी भागे और लगभग 7.50 बजे विस्फोट हो गया। विस्फोट की वजह से यार्ड के अंदर बाहर निकले 7 लोग घायल हो गया। घायलो को उपचार के लिए रायपुर भेजा गया, इस दौरान एक की मौत हो गई।
ब्लास्ट के बाद से लापता मजदूर
यहां सुबह 6 बजे की शिफ्ट में आए मजदूर ही हादसे का शिकार हुए हैं। ऐसे में अपनों की खैर-खबर लेने के लिए परिजन पूरे दिन भटकते रहे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। गबदा गांव से आए भूषण यादव अपने भाई लोकनाथ को ढूंढ़ रहे थे। सुबह से रात हो गई, लेकिन भाई का कोई पता नहीं चला।इसके बाद शंकर यादव, नारद और पुनाराम के परिजन देर रात तक फैक्ट्री के बाहर बैठे रहे, लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं आया। ब्लास्ट के बाद भास्कर की टीम पहुंची, तब हमें यहां उस यूनिट की अटेंडेंस रजिस्टर का पहला पेज मिला, जहां ब्लास्ट हुआ था।इस लिस्ट के अलावा भी जो श्रमिक लापता है, उनके परिजन भी मौके पर मिले। ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि शनिवार की सुबह ये काम पर गए थे, लेकिन अब तक इनके बारे में कोई भी जानकारी नहीं है।कोई ये भी बताने को तैयार नहीं है कि उनके परिजन जिंदा हैं या धमाके में मारे गए। प्रबंधन की ओर से भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मजदूरों के रोते-बिलखते परिजन से मिलने तक नहीं पहुंचा। जिससे आक्रोशित परिजन और आसपास के ग्रामीण लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार सुबह से एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है।
मलबे का विजन एक्स-रे कर चलाया गया रेस्क्यू
ब्लास्ट के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था। फॉरेंसिक अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल में ब्लास्ट का डर था, इसलिए मलबे का विजन एक्स-रे किया गया। विजन एक्स-रे करने के बाद मलबे के अंदर बारूद या केमिकल नहीं होने की पुष्टि हुई, तभी खुदाई शुरू की गई। खुदाई के बाद मलबे से कुछ श्रमिकों के शरीर के हिस्से मिले हैं।
DNA जांच से मजदूरों का पता किया जा सकेगा
फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीएल चंद्रा ने बताया कि ब्लास्ट की वजह से शरीर क्षत-विक्षत हालत में हैं। जांच में शरीर के कई चीथड़े मिले हैं, जिन्हें इकट्ठा किया गया है। अब इनकी DNA जांच की जाएगी। इसी के बाद पता चलेगा, कौन किसका परिजन है?DNA रिपोर्ट के आधार पर श्रमिकों के शरीर के हिस्सों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फैक्ट्री के भीतर आखिर कुल कितने मजदूर थे।
16 किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ी ब्लास्ट की आवाज
बोरसी गांव के कोटवार बिहारी लाल ने बताया कि ब्लास्ट की आवाज सुबह 7.40 से 7.50 के बीच आई। धमाका इतना तेज था, कि घटनास्थल से 16 किमी दूर तक उसकी आवाज सुनाई दी। जिसने भी आवाज सुनी, वह फैक्ट्री की तरफ दौड़ पड़ा। कोटवार ने बताया, कि जब वो घटनास्थल पहुंचा, तो वहां पीले रंग का धुंआ उठ रहा था।इसके साथ ही केमिकल के कारण वहां पहुंचे सभी लोगों की आंखों और शरीर पर जलन हो रही थी। ब्लास्ट के बाद फैक्ट्री के अंदर इतनी गर्मी थी, कि वीडियो बना रहे लोगों के मोबाइल भी काम नहीं कर रहे थे।
डेटोनेटर और चट्टान तोड़ने वाला बारूद बनता था
हादसे के बाद फैक्ट्री पहुंची भास्कर की टीम को फैक्ट्री परिसर में बड़ी मात्रा में बारूद और केमिकल पेटियों में भरा मिला। मौके पर मौजूद पुलिस और फॉरेंसिक अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में डेटोनेटर और पत्थर-कोल माइंस में इस्तेमाल होने वाले बारूद का निर्माण किया जाता था।
इस बारूद की सप्लाई छत्तीसगढ़ के अलावा देशभर में होती थी। फैक्ट्री में निर्माण होने वाले बारूद को रक्षा विभाग के जुड़े संस्थानों को भी सप्लाई की जाती थी।
डेढ़ महीने पहले जिस घर में गूंजी थी शहनाई, आज वहां मातम

फैक्ट्री हादसे में प्रशासन ने जिसकी मौत की पुष्टि की है, वह मजदूर सेवक राम साहू हैं। सेवक राम फैक्ट्री के ही पास गांव पिरदा का रहने वाले थे। डेढ़ महीने पहले ही सेवक ने अपनी दो बेटियों की शादी की थी। भतीजे युवराज साहू ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि खुशियों के बाद मातम भी देखना पड़ेगा।
4 बेटियों के पिता, एकमात्र कमाने वाले
4 बेटियों के पिता सेवक राम अपने घर में एकमात्र कमाने वाले थे। सरकार ने मृतकों के लिए 5 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से अब तक कोई बात करने ही नहीं आया। प्रबंधन की ऐसी संवेदनहीनता से परिजन बेहद आक्रोशित हैं।भतीजे युवराज का कहना है कि 24 साल सेक उनके चाचा सेवक राम इस फैक्ट्री में काम कर रहे थे, लेकिन इस हादसे में हुई मौत के बाद फैक्ट्री वालों ने जानकारी तक नहीं दी। परिजन खुद से अपनों की खैर-खबर लेने पहुंचे तब उन्हें पता चला कि सेवक राम की हादसे में जान जा चुकी है।
ब्लास्ट के समय वे घटना स्थल से दूर थे लेकिन विस्फोट के बाद उछला बड़ा पत्थर उनके सिर में आ गिरा और मौत हो गई।
हादसे की मजिस्ट्रियल जांच कराएगी सरकार
जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम अरुण साव ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से पूरे मामले की दंडाधिकारी जांच कराने की बात कही है। दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा, कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में बारूद फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद मलबे में दिखे कई बॉडी पार्ट्स, सुबह से रेस्क्यू जारी
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शनिवार को एक बारूद फैक्ट्री में बड़ा धमाका हुआ। इसका CCTV वीडियो भी सामने आया है जिसमें गुबार कई मीटर ऊपर तक दिख रहा है। रात को अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया है। 9-10 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
कोरबा
कोरबा में भाजपा की प्रेस वार्ता: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस पर तीखा हमला
भाजपा का आरोप: कांग्रेस ने रोका महिलाओं का हक, उजागर हुई संकीर्ण मानसिकता
कोरबा। भाजपा जिला कार्यालय पं. दीनदयाल कुंज, टीपी नगर कोरबा में आज आयोजित प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार निशाना साधा। प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा प्रीति स्वर्णकार एवं प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा संतोषी दीवान मौजूद रहे।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर अपनी “संकीर्ण और महिला-विरोधी मानसिकता” उजागर की है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर मातृशक्ति के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। भाजपा वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सेवा के भाव से कार्य करती है तथा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने विकास की हर पहल में बाधा डालने की अपनी प्रवृत्ति के तहत इसका विरोध किया। भाजपा ने कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि आम महिलाओं को राजनीतिक अवसर मिलें और प्रतिनिधित्व बढ़े। पार्टी नेताओं ने विपक्ष को लोकतंत्र के लिए “नासूर” बताते हुए कहा कि यह दल केवल कुछ परिवारों तक राजनीति सीमित रखना चाहते हैं।
भाजपा वक्ताओं ने कहा कि भले ही सदन में संख्या बल के अभाव में विधेयक पारित नहीं हो सका हो, लेकिन पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस की “कुत्सित सोच” को उजागर करती रहेगी और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
छत्तीसगढ़
रायपुर : आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें: मुख्य सचिव विकासशील
सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकारी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी।
एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक अभिजीत कौशिक, उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
छत्तीसगढ़
रायपुर : भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
मंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी के समय में बड़ा बदलाव
आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालित
रायपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

निर्देशानुसार 24 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 24 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।
इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।
-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized7 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
