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छत्तीसगढ़

भिलाई कांग्रेस जिला-अध्यक्ष चुनाव…13 मिनट में 37 फॉर्म लिया:इसमें पहली मेयर नीता, पूर्व साडा अध्यक्ष समेत कई सीनियर शामिल, कतार में दिखे नेता

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दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। दुर्ग जिले के भिलाई में कांग्रेस जिला अध्यक्ष चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। रविवार (5 अक्टूबर) को भिलाई के एक निजी होटल में भिलाई जिला अध्यक्ष के अंतर्गत आने वाले सभी 7 ब्लॉक के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई।

जैसे ही 12 बजे पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू ने अध्यक्ष के लिए आवेदन लेने का ऐलान किया, इसके ठीक 13 मिनट के अंदर ही 37 कांग्रेसियों ने भिलाई जिला अध्यक्ष बनने के लिए फॉर्म लिया। इस दौरान सीनियर नेता भी कतार में नजर आए।

मंच पर पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू के साथ तमाम सीनियर नेता रहे मौजूद।

मंच पर पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू के साथ तमाम सीनियर नेता रहे मौजूद।

बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल।

बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल।

वन टू वन के लिए कमरे के बाहर नेताओं की लंबी कतार

भिलाई कांग्रेस के पदाधिकारियों से उत्तर प्रदेश के विधायक अजय कुमार लल्लू ने आवेदन फॉर्म लेने के बाद उन्हें वन टू वन बात करने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता पर्यवेक्षक अजय लल्लू के कमरे के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए।

भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि पर्यवेक्षक से मिलने के बाद पदाधिकारियों को बाहर निकलने के लिए भी जगह नहीं मिल रही थी। काफी जद्दोजहद के बाद वे बाहर निकल पा रहे थे। शाम तक वन टू वन का सिलसिला चलता रहा।

37 कांग्रेसियों ने भिलाई जिला अध्यक्ष बनने के लिए फॉर्म लिया है।

37 कांग्रेसियों ने भिलाई जिला अध्यक्ष बनने के लिए फॉर्म लिया है।

पर्यवेक्षक अजय लल्लू से मिलने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लगी लंबी कतार।

पर्यवेक्षक अजय लल्लू से मिलने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लगी लंबी कतार।

जिला अध्यक्ष को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

पर्यवेक्षक लल्लू ने बताया कि इस बार जो भी नया जिला अध्यक्ष बनेगा वो न केवल संगठन को संभालेगा बल्कि वह कांग्रेस चुनाव समिति (सीईसी) का सदस्य भी होगा। यानी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में टिकट बंटवारे की प्रक्रिया में उसकी अहम भूमिका होगी।

इतना ही नहीं, वह सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के संपर्क में रहेगा। इस बैठक में जिला अध्यक्ष को लेकर मंथन किया गया। मौके पर ही लगभग 37 लोगों ने भिलाई जिला अध्यक्ष बनने का फॉर्म लिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने उत्तर प्रदेश के विधायक अजय कुमार लल्लू को जिला अध्यक्ष के चयन के लिए विशेष पर्यवेक्षक बनाकर भेजा है।

जिला अध्यक्ष के लिए आवेदन लेते कांग्रेस कार्यकर्ता।

जिला अध्यक्ष के लिए आवेदन लेते कांग्रेस कार्यकर्ता।

कार्यकर्ताओं का समर्थन जिसे मिलेगा वही बनेगा अध्यक्ष

कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठनात्मक सृजन अभियान के तहत जिले में नए जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहली बार नेताओं की जगह कार्यकर्ताओं की राय को तरजीह दी जा रही है। पार्टी हाईकमान ने साफ कर दिया है कि जिला अध्यक्ष पद पर वही बैठेगा, जिसे कार्यकर्ताओं और जमीनी संगठन का समर्थन मिलेगा। लल्लू 4 से 15 अक्टूबर तक जिले में ही रहेंगे।

इस दौरान वे ब्लॉक, वार्ड से लेकर जिला स्तर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं, सामाजिक संगठनों और प्रभावशाली व्यक्तियों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट दिल्ली हाईकमान को सौंपेंगे। शनिवार (4 अक्टूबर) से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले ही दिन भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 37 कार्यकर्ताओं ने आवेदन फॉर्म लिया है।

सीनियर कांग्रेस नेता व पूर्व महापौर नीता लोधी ने भी लिया फॉर्म।

सीनियर कांग्रेस नेता व पूर्व महापौर नीता लोधी ने भी लिया फॉर्म।

जनहित के मुद्दे उठाने वालों को मिलेगी प्राथमिकता

पत्रकारों से चर्चा के दौरान अजय कुमार लल्लू ने कहा कि इस बार पार्टी आलाकमान ने तय किया है कि जिला अध्यक्ष वही बनेगा जो आम लोगों, किसानों, मजदूरों, दलित-पिछड़े लोगों की आवाज को प्रमुखता से उठाने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

किसी नेता की पसंद या दबाव के बजाय संगठन को मजबूत करने वाले और पांच साल से सक्रिय कार्यकर्ता को ही यह जिम्मेदारी दी जाएगी।

सड़क पर लड़ाई के मुद्दे पर कहा- हम वोट चोरी के मामले में लड़ रहे

विधानसभा चुनाव के बाद से ही भिलाई-दुर्ग में जनहित के बड़े मामलों में कांग्रेस नेताओं की सड़कों पर प्रदर्शन या सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ाई नजर नहीं आ रही है।

इस सवाल के जवाब में पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता वोट चोरी और किसानों के मामले में लगातार लड़ाई लड़ रही है। हमेशा ही सरकार की गलत नीतियों का विरोध कांग्रेस द्वारा किया जाता है।

बड़ी बैठक में दिग्गजों की मौजूदगी

भिलाई में आयोजित बैठक में विधायक विक्रम मंडावी, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, भिलाई के वर्तमान जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर।

पूर्व महापौर नीता लोधी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता धर्मेंद्र यादव, महापौर रिसाली शशि सिन्हा समेत जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्षों और सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद सामाजिक संगठनों, वकीलों, पत्रकारों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों से भी संवाद का कार्यक्रम रखा गया था।

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कोरबा

15 जून को छोटे खातेदारों को रोजगार ,पुनर्वास एवं भू विस्थापितों की समस्याओं को लेकर जन आक्रोश रैली के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी किसान सभा,

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भू विस्थापितों की रैली में शामिल होंगे लोकसभा सांसद अमराराम

आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर के साथ गांव-गांव माइक प्रचार ,बैठक के साथ घर-घर पर्चे वितरण कर भू विस्थापितों को किया जा रहा एकजुट

आंदोलन में कोरबा के चारों परियोजना के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी भू विस्थापित होंगे शामिल

कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण,पूर्व में अधिग्रहित जमीन की वापसी,पट्टा,आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने,पेयजल की व्यवस्था करने,बसावट एवं खनन प्रभावित गांवों की अन्य समस्याओं को लेकर 15 जून को जन आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा की है किसान सभा द्वारा शुरू किया गया आंदोलन भू विस्थापितों का जन सैलाब बनकर कोरबा की सड़कों पर दिखने वाला है कई भू विस्थापित संगठन इस घेराव में शामिल हो रहे है। जिला प्रशासन से भी कई बार हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की मांग की गई लेकिन प्रशासन ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया इस लिए विस्थापितों ने किसान सभा के नेतृत्व में अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव गांव में बैठक कर पर्चे वितरण के साथ भू विस्थापितों को एकजुट भी किया जा रहा है और किसान सभा ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर,पर्चे के साथ गांव गांव माइक प्रचार कर भू विस्थापितों को संगठित करने का काम कर रही है। कलेक्ट्रेट घेराव और जन आक्रोश रैली को लेकर भू विस्थापित संगठनों के साथ आम जनता का व्यापक जन समर्थन मिल रहा है।

जन आक्रोश रैली और कलेक्ट्रेट घेराव से पहले घंटाघर में सभा आयोजित होगी जिसे प्रमुख रूप से माकपा के लोकसभा सांसद और किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अमराराम,किसान सभा के राष्ट्रीय नेता अवधेश कुमार, आदिवासी एकता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और सचिव सुरेंद्र लाल सिंह एवं बाल सिंह सहित किसान सभा के प्रदेश के नेता और भू विस्थापित संगठनों के नेता संबोधित करेंगे।

जनआक्रोश रैली और कोरबा कलेक्टर घेराव लोकसभा के सांसद अमराराम के नेतृत्व में होगा

कलेक्ट्रेट घेराव को सफल बनाने के लिए गांव गांव में नुक्कड़ सभा,घर घर पर्चे वितरण एवं भू विस्थापितों को एकजुट करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है आंदोलन में कोरबा जिले के कोरबा,दीपका,गेवरा,कुसमुंडा के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी प्रभावित शामिल होंगे।

किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा सभी क्षेत्रों में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भू विस्थापितों के लंबित रोजगार,जमीन वापसी,पट्टा,बसावट एवं प्रभावित गांव की मूलभुत समस्याओं के निराकार के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है जिससे भू विस्थापितों के सब्र का बांध टूट चुका है। 15 जून को कोरबा की सड़को पर भू विस्थापितों। का आक्रोश जन सैलाब के रूप में दिखने वाला है। प्रबंधन और प्रशासन पहले एकजुट था अब सभी क्षेत्रों के भू विस्थापित अपने अधिकार को लेने के लिए एकजुट हो रहे है। किसानों की जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है और उद्योगों को जमीन नियमों के पालन के तहत सौंपा जाता है लेकिन उद्योग जमीन तो ले लेती है लेकिन विस्थापित जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार और पुनर्वास के लिए भटकते हैं जिला प्रशासन को जमीन अधिग्रण के साथ विस्थापित किसानों के अधिकार को दिलाने के लिए भी सामने आना होगा।

किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक,पवन यादव यादव,अमरजीत कंवर आदि ने भू-विस्थापितों की समस्याओं के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन दोनों को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 1685 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है और समस्याओं की ओर कई बार प्रशासन और प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन भू-विस्थापितों की समस्याओं के निराकरण के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है।

भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव, सचिव दामोदर श्याम ने कहा कि जिनकी जमीन एसईसीएल ने ली है, उन्हें बिना किसी शर्त के रोजगार दिया जाये क्योंकि जमीन ही उनके जीने का एकमात्र सहारा थी जबरन नए नए नियम बनाना बंद किया जाए । छोटे बड़े खातेदार के नाम पर किसानों को बांटने का काम बंद किया जाए। 15 जून को चारों क्षेत्र से पूरे परिवार सहित हजारों भू-विस्थापित कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल होंगे।
कलेक्ट्रेट घेराव में कई भू विस्थापित संगठन शामिल होंगे।


प्रमुख मांगे´

1) छोटे खातेदार के नाम पर भू विस्थापितों के रोके गए रोजगार में तत्काल रोजगार दो ।एसईसीएल में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई है और की जा रही है हर खाते में स्थायी रोजगार प्रदान किया जाये।

2) बांगों बांध के जलाशय के ठेका प्रणाली समाप्त किया जाए।और विस्थापित आदिवासी एवं स्थानीय मछुवारा समितियों को मछली पकड़ने का अधिकार दिया जाए।

3) वन टाइम सेटलमेंट कर रोजगार के पुराने लंबित मामलो का जल्द से जल्द निराकरण किया जाये | अर्जन के बाद जन्म वाले प्रकरण और एक खाता एक रोजगार नियम के विरुद्ध अलग अलग खाता का सयोंजन के कारण रोजगार से वंचितों को रोजगार प्रदान किया जाये |

4) बसावट के नाम पर 3 लाख और 15 लाख रुपए के नाम से भेदभाव बंद किया जाए और सभी क्षेत्रों के भू विस्थापितों को एक समान बसावट की 15 लाख राशि दी जाए।

5) शासन की योजनाओं से प्राप्त पट्टों एवं शासकीय और वन भूमि पर बने मकानों का मुआवजा एवं सौ प्रतिशत सोलिशियम और बसाहट की पात्रता का लाभ दिया जाये ।

6) पुराने अर्जित भूमि को मूल खातेदारों को वापस करायी जाये | अधिग्रहण के बाद जिन जमीनों पर 40 सालों में भी कोल इंडिया ने भौतिक कब्जा नहीं किया है और जिन जमीनों पर किसान ही पीढ़ियों से काबिज हैं उन्हें किसानों के नाम वापस किया जाए।

7)अर्जित गाँव से विस्थापन से पूर्व उनके पुनर्वास स्थल की सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था किया जाये |

8) एसईसीएल में आऊट सोर्सिंग से होने वाले कार्यों में भू विस्थापितों एवं प्रभावित गांव के बेरोजगारों को 100% रोजगार में रखा जाये।

9) प्रभावित एवं पुनर्वास गांव की महिलाओं को स्वरोजगार योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाये।

10) पुनर्वास गांव में कबीज भू विस्थापित परिवार को पूर्ण काबिज भूमि का पट्टा दिया जाये।

11) डिप्लेयरिंग प्रभावित गांव सुराकछार बस्ती में किसानों को हुये नुकसान का क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रदान किया जाये।

12) पूर्व में विस्थापित ग्रामों के भू विस्थापित जिन्हें बसावट नहीं दिया गया है उन्हें बसावट प्रदान किया जाए।

13) डंपिंग की मिट्टी को वापस खोदे गए खदान में भरा जाए इस डंपिंग के मिट्टी का प्रयोग दूसरे कार्यों में ना किया जाए।

14) एसईसीएल कुसमुंडा द्वारा गेवरा का अधिग्रहण 2018 में हो चुका है लेकिन अभी तक वहां पर किसानों को मुआवजा,रोजगार आदि की सुविधा नहीं दी गई है उन्हें तत्काल रोजगार मुआवजा दिया जाए नहीं तो पूर्व में जारी अधिग्रहण रद्द किया जाए।

15) खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था किया जाए।
16) आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए।

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कोरबा

जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा का हुआ आयोजन:जनप्रतिनिधियों ने जनहित के मुद्दे उठाए

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बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा

कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में शुक्रवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग सहित जिला पंचायत सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सामान्य सभा की बैठक में शिक्षा, सहकारिता, उद्योग विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से संबंधित कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के सुझाव दिए।

बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा करते हुए लघु एवं सीमांत किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद, उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

जिला स्तरीय अधिकारियों ने बैठक में अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी प्रगति तथा हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की। अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती अनंत सुष्मिता कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव (अधिवक्ता), श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी, विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान, जिला पंचायत के लेखाधिकारी राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती अमिता साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

12 साल का कार्यकाल पूरा, भाजपा महिला मोर्चा ने सरकार की उपलब्धियां बताई

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कोरबा। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 4399 दिनों के कार्यकाल व केन्द्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उपलब्धियों को साझा किया। भाषण, पेटिंग व रंगोली प्रतियोगिताएं भी हुईं। जिसमें प्रतिभागियों ने कला व विचारों के जरिए पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाई।

राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संकल्प दोहराया। भाजपा जिला कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज टीपी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री संतोषी दीवान और अध्यक्षता महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार ने की। वक्ताओं ने कहा पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम बने हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रतिभागियों को महापौर संजू देवी राजपूत ने पुरस्कृत किया।

इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा, ज्योति वर्मा, रुक्मणी नायर, अर्जुन गुप्ता, नीरज ठाकुर, संजय राठौर, वैशाली रत्नपारखी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री अनुसुईया राठौर, स्वाति कश्यप मौजूद रहीं। समापन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने और जनसेवा के लिए समर्पित भाव से काम करने के आह्वान के साथ हुआ।

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