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गुजरात में पुल टूटा, चलती गाड़ियां नदी में गिरीं :10 लोगों की मौत, 8 को बचाया, मध्य गुजरात का सौराष्ट्र से संपर्क टूटा

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वडोदरा,एजेंसी। गुजरात के वडोदरा में महिसागर नदी पर बना ब्रिज बुधवार सुबह टूट गया। हादसे के समय ब्रिज से गाड़ियां गुजर रही थीं। पुल टूटने पर दो ट्रक, दो कार और एक रिक्शा कुल पांच गाड़ियां नदी में गिर गईं। एक टैंकर टूटे सिरे पर फंस गया।

हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 को स्थानीय लोगों ने बचाया। फायर ब्रिगेड की तीन टीमें रेस्क्यू के लिए भेजी गई हैं। 45 साल पुराना यह ब्रिज मध्य गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ता था।

पुल टूट जाने से भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड जैसे दक्षिण गुजरात के शहरों से सौराष्ट्र पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा। अब इसके लिए अहमदाबाद होते हुए लंबा रास्ता लेना पड़ेगा।

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है और PMNRF (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

टूटे हुए पुल और नदी में गिरी गाड़ियों की तस्वीरें…

ब्रिज 45 साल पुराना था, इसका बीच वाला हिस्सा टूट गया है।

ब्रिज 45 साल पुराना था, इसका बीच वाला हिस्सा टूट गया है।

पुल टूटने पर दो ट्रक, दो कार और एक रिक्शा कुल पांच गाड़ियां नदी में गिर गईं।

पुल टूटने पर दो ट्रक, दो कार और एक रिक्शा कुल पांच गाड़ियां नदी में गिर गईं।

पुल टूटने के बाद एक टैंकर टूटे सिरे पर फंस गया।

पुल टूटने के बाद एक टैंकर टूटे सिरे पर फंस गया।

नदी में गिरी एक मां अपने बेटे और पति को बचाने की गुहार लगाती रही।

नदी में गिरी एक मां अपने बेटे और पति को बचाने की गुहार लगाती रही।

पुल टूट जाने से भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड जैसे दक्षिण गुजरात के शहरों से सौराष्ट्र पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा।

पुल टूट जाने से भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड जैसे दक्षिण गुजरात के शहरों से सौराष्ट्र पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा।

लोगों ने कहा, हादसे के लिए प्रशासन जिम्मेदार

हादसे के बाद तुरंत ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और लोगों को रेस्क्यू किया। एक स्थानीय युवक ने बताया, ‘हम सुबह से ही बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक 9 शव बरामद हुए हैं, जिनमें से एक बच्चा है और एक बच्चा लापता है। इस दौरान हमें प्रशासन और अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिली है।’

इनका कहना है कि 45 साल पुराने इस पुल की मरम्मत के लिए प्रशासन को कई बार सूचित किया जा चुका है। प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण आज यह हादसा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस हादसे के लिए पूरी तरह से प्रशासन ही जिम्मेदार है।

रेस्क्यू ऑपरेशन की 3 तस्वीरें…

ब्रिज टूटने के बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF की हेल्प की।

ब्रिज टूटने के बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF की हेल्प की।

स्थानीय लोगों ने गाड़ियों को नदी से बाहर निकाला और इसमें फंसे एक बच्चे को बचाया।

स्थानीय लोगों ने गाड़ियों को नदी से बाहर निकाला और इसमें फंसे एक बच्चे को बचाया।

स्थानीय लोगों ने SDRF की सहायता से घायलों और मृतकों को नदी से रेस्क्यू किया।

स्थानीय लोगों ने SDRF की सहायता से घायलों और मृतकों को नदी से रेस्क्यू किया।

बाइक के साथ मैं और मेरा दोस्त नदी में गिरे: 

हादसे में घायल राजूभाई अठिया ने बताया, “मैं और मेरा दोस्त द्वारका से अंकलेश्वर जा रहे थे। हम पुल पर थे तभी वह अचानक ढह गया और हम बाइक समेत नदी में गिर गए। मैं पानी से बाहर निकला और एक गाड़ी के ऊपर चढ़कर बैठ गया। मेरा दोस्त लापता है। थोड़ी देर बाद लोग नाव लेकर मदद के लिए आए।”

राजूभाई दुदाभाई अथिया वडोदरा के सयाजी राव अस्पताल में भर्ती हैं।

राजूभाई दुदाभाई अथिया वडोदरा के सयाजी राव अस्पताल में भर्ती हैं।

  • बाइक के पंक्चर होने से जान बच गई:
  • ब्रिज से गुजर रहे महेशभाई परमार (उम्र 23) भी इस घटना में बाल-बाल बच गए। महेश ने बताया, ‘हम दो दोस्त काम पर जा रहे थे। पुल के पास ही बाइक पंक्चर हो गई। पंक्चर ठीक करवाने के बाद हम ब्रिज पर जैसे ही पहुंचे, तभी अचानक पुल टूट गया। हम तीन-चार गाड़ियों के पीछे थे। देखा तो एक इको कार, एक पिकअप और एक ट्रक पुल से नीचे गिर गए थे। नीचे चीख-पुकार मची थी।’
  • गाड़ियां गिरते ही मैंने ब्रेक लगाया: 
  • हादसे के चश्मदीद 25 साल के संजयभाई सोमाभाई चावड़ा ने बताया कि हम तीन दोस्त बाइक से काम पर जा रहे थे। तभी अचानक मुझे ब्रेक लगाना पड़ा, क्योंकि पुल बीच में से टूट गया था। ब्रेक नहीं लगाते तो हम भी हादसे का शिकार हो गए थे।
संजयभाई सोमाभाई चावड़ा और उनके दोस्त।

संजयभाई सोमाभाई चावड़ा और उनके दोस्त।

एक महिला डूबती दिखी, हमने उन्हें बचा लिया: 

स्थानीय अतुल पढियार ने कहा कि हादसे की खबर मिलते ही मैं और मेरे एक साथी तुरंत रिक्शा लेकर वहां पहुंचे। हमने देखा कि लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। एक महिला को डूबते देखा। हम फौरन नदी में पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला, उनकी जान बच गई है। अतुल ने बताया कि दो-तीन ड्राइवरों के हाथ-पैर में चोटें आईं। उन्हें अस्पताल भेज दिया गया है। हमने और आसपास के कुछ लोगों ने सात-आठ लोगों को नदी से बाहर निकाला।

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IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस- लालू-तेजस्वी समेत 9 पर आरोप तय:दिल्ली कोर्ट ने 7 आरोपियों को बरी किया, होटलों के टेंडर से जुड़ा मामला

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पटना, एजेंसी। IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को लालू, तेजस्वी, राबड़ी समेत 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने 7 आरोपियों को बरी कर दिया है।

इस मामले ED 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।

कोर्ट ने कहा-

राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर अपराध से इनकम और पद के गलत इस्तेमाल का मजबूत शक है। दोनों पटना की उस जमीन का फायदा उठा रहे हैं, जिसे कथित तौर पर 2005 से 2014 के बीच लालू यादव के कहने पर उनके पक्ष में ट्रांसफर किया गया था। तब लालू रेल मंत्री थे।

निचली अदालत के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी

लालू परिवार ने निचली अदालत के अक्टूबर 2025 के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस याचिका का विरोध करते हुए अदालत में कहा कि उनके पास मामले से जुड़े पर्याप्त और पुख्ता सबूत मौजूद हैं। CBI ने कहा कि जांच में कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य सामने आए हैं, जो आरोपों को मजबूत करते हैं।

ED ने दाखिल की है चार्जशीट

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन होटलों और उनसे जुड़ी जमीनों को निजी कंपनियों को नियमों की अनदेखी करते हुए पट्टे पर दिया गया। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था और इससे कुछ निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू प्रसाद यादव परिवार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।

मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के तहत आने वाले रांची और पुरी स्थित दो होटलों के टेंडर में अनियमितताएं की गईं।

16 आरोपी और कंपनियां मामले में शामिल

इस मामले में लारा प्रोजेक्ट्स, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, सरला गुप्ता, प्रेम चंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, सुजाता होटल्स, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलन और अभीषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड आरोपी हैं। इनमें से कोर्ट ने 7 लोगों को आरोपों से मुक्त कर दिया है।

कोर्ट ने कहा- लालू को साजिश का पता था

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर को कहा था कि इस पूरे टेंडर घोटाले की साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई। अदालत के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में उनका हस्तक्षेप था और इससे उनके परिवार को आर्थिक फायदा हुआ।

कोर्ट ने इसी आधार पर लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का फैसला लिया था।

लालू परिवार ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, लालू प्रसाद यादव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें और उनके परिवार को फंसाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने अदालत में भी अपनी बेगुनाही का दावा किया है।

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अमेरिकी रिपोर्ट में दावा- भारत के पास 190 परमाणु बम:35 और बनाने लायक प्लूटोनियम भी, समुद्र में बना रहा ‘न्यूक्लियर कवच’

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नई दिल्ली, एजेंसी। भारत के पास 190 परमाणु हथियार हैं। अगले कुछ सालों में यह 35 और बना सकता है, इस तरह यह संख्या 225 तक पहुंच सकती है। यह जानकारी अमेरिकी थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) की नई रिपोर्ट में सामने आई है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के बेड़े के जरिए भारत समुद्र में अपना ‘न्यूक्लियर कवच’ बना रहा है।

इन 190 परमाणु हथियारों में से 160 से ज्यादा मौजूदा मिसाइलों के लिए हैं, बाकी नई मिसाइलों के लिए तैयार रखे गए हैं। FAS का अनुमान है कि आने वाले समय में भारत के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ सकती है।

भारत के पास 730 किलो प्लूटोनियम

भारत लगातार अपनी परमाणु ताकत को आधुनिक बना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई नए परमाणु सक्षम हथियार सेना में शामिल किए गए हैं। वहीं, कुछ नए हथियार सिस्टम अभी तैयार किए जा रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक भारत के पास करीब 730 किलो हथियार बनाने वाला प्लूटोनियम होने का अनुमान है। इतने प्लूटोनियम से 225 तक वॉरहेड बनाए जा सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट खुद साफ करती है कि यह सिर्फ अनुमान है, वास्तविक संख्या वॉरहेड के डिजाइन और रिजर्व में रखी सामग्री पर निर्भर करती है।

रिपोर्ट में अग्नि-V का भी जिक्र: एक मिसाइल, कई निशाने

FAS की रिपोर्ट में अग्नि-V बेहतर बनाने का भी जिक्र है। कहा गया है कि इस मिसाइल में MIRV तकनीक का परीक्षण किया गया है। इसका मतलब एक मिसाइल में कई ऐसे वॉरहेड ले जाने की क्षमता विकसित करना है, जिन्हें अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजा जा सकता है।

2024 के बाद मई 2026 में भी कई पेलोड के साथ परीक्षण हुआ। FAS का अनुमान है कि अग्नि-V संभवतः तीन वॉरहेड ले जा सकती है, हालांकि ऐसा करने पर इसकी अधिकतम रेंज प्रभावित हो सकती है।

नया रिएक्टर भी गेमचेंजर

अप्रैल 2026 में भारत के 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने पहली बार क्रिटिकलिटी हासिल की। FAS के अनुमान के मुताबिक 80% क्षमता पर चलने पर यह सालाना करीब 140 किलो प्लूटोनियम-239 पैदा कर सकता है। इससे करीब 35 वॉरहेड बन सकते हैं। आगे ऐसे और फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों की योजना है।

मार्च, 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया था।

मार्च, 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया था।

जमीन के साथ समुद्र में भी बढ़ रही ताकत

FAS के मुताबिक, भारत अपनी न्यूक्लियर ट्रायड को भी मजबूत कर रहा है। इसका मतलब है कि देश जमीन, हवा और समुद्र तीनों माध्यमों से परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित कर रहा है।

भारत ने अप्रैल 2026 में अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिधमान को कमीशन किया। FAS के मुताबिक इस पनडुब्बी में 8 मिसाइल ट्यूब हैं, यह क्षमता INS अरिहंत और INS अरिघात में मौजूद संख्या से दोगुनी है। अरिहंत- क्लास पनडुब्बी, INS अरिसुदन पनडुब्बियों को 2027 में कमीशन किए जाने की योजना है।

भारत का फोकस अब लंबी दूरी की मिसाइलों पर

FAS के मुताबिक, भारत की परमाणु नीति लंबे समय से पाकिस्तान को ध्यान में रखकर बनाई गई है। लेकिन अब भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता भी बढ़ा रहा है। इससे भारत की परमाणु ताकत का फोकस चीन तक भी बढ़ रहा है। भारत की घोषित नीति ‘नो फर्स्ट यूज’ की है। यानी भारत पहले परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं करने की बात कहता है। इसके बावजूद, नए मिसाइल सिस्टम और परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण से दक्षिण एशिया में परमाणु ताकत का संतुलन बदल रहा है।

दुनिया के 9 देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार

SIPRI इयरबुक 2026 के अनुसार फ्रांस, चीन, भारत,पाकिस्तान,उत्तर कोरिया और इजराइल के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं। इसमें से 9,745 इस्तेमाल के लिए तैयार हैं।

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BRICS में जिनपिंग-पुतिन दोनों आएंगे:चीनी राष्ट्रपति का गलवान झड़प के बाद पहला भारत दौरा, PM मोदी से बैठक संभव

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नई दिल्ली, एजेंसी। BRICS समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जिनपिंग के भारत दौरे की पुष्टि की। इससे दो दिन पहले रूस ने भी पुतिन के भारत आने की पुष्टि की थी।

जिनपिंग का यह 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत का पहला दौरा होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की भी उम्मीद है।

15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने चार सैनिकों के मारे जाने की बात मानी थी।

नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को BRICS समिट आयोजित होगा। इसमें चीन और रूस समेत 11 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे।

जिनपिंग ने आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के महाबलीपुरम में मोदी से मुलाकात की थी।

जिनपिंग ने आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के महाबलीपुरम में मोदी से मुलाकात की थी।

गलवान हिंसा के बाद बिगड़े थे भारत-चीन के रिश्ते

भारत और चीन के रिश्ते 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद बुरी तरह बिगड़ गए थे। इस झड़प में दोनों देशों के सैनिक मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर तनाव काफी बढ़ गया।

हालांकि, इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी की कई मौकों पर मुलाकात हुई है। दोनों नेता दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान आमने-सामने आए हैं। पिछले साल चीन में हुई शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO की बैठक के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।

इस बार नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक होने की उम्मीद है।

भारत और चीन के अधिकारी पिछले कई महीनों से दोनों देशों के रिश्तों को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल 24 अगस्त को चीन गए थे।

NSA अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 25 अगस्त को सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

NSA अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 25 अगस्त को सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

सीमा विवाद समेत कई मुद्दे भारत के एजेंडे में

भारत और चीन के बीच सिर्फ सीमा विवाद ही नहीं, बल्कि व्यापार और आर्थिक रिश्ते भी बातचीत का हिस्सा हैं। भारत चीन के साथ अपने बड़े व्यापार घाटे को कम करना चाहता है।

इसके अलावा रेयर अर्थ मैगनेट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे जरूरी सामान की सप्लाई को लेकर भी भारत अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है।

BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है भारत

इस साल BRICS की कमान भारत के पास है। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया भी शामिल हैं।

भारत की अध्यक्षता में पूरे साल अलग-अलग शहरों में बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और कई स्तर की चर्चाएं हो रही हैं।

भारत का फोकस ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, आतंकवाद से निपटने और सप्लाई चेन मजबूत करने पर है। यानी BRICS को सिर्फ राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश और विकास के बड़े मंच के तौर पर आगे बढ़ाने की कोशिश है।

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