रायपुर, एजेंसी। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि मैं जब तक सक्रिय हूं, तब तक मुझे कोई किनारे नहीं कर सकता और न ही मेरे साथ कोई सौतेला व्यवहार कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैं 10 साल तक कोर ग्रुप में रहा हूं, अब नए लोगों को जिम्मेदारी दी गई है जो कि एक सामान्य प्रक्रियात्मक बदलाव है
क्योंकि कोई भी व्यक्ति एक ही जगह जिंदगी भर नहीं रहेगा और समय-समय पर लोग बदलते रहते हैं। बृजमोहन ने ये बातें रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कही हैं।
वहीं, इस बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा नेता रिक्शा से पहुंचे थे, जिनके पीछे उनका काफिला चल रहा था। इस पर सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद हमने भी अपने कारकेड (काफिले) में कटौती की है और आने वाले समय में हम ई-वाहन (EV) के उपयोग पर जोर देंगे।
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ। चुनावों में जीत पर जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। भाजपा का वोट प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध किया, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पहले बैठकों में कार्यकर्ता अपनी पीड़ा बताते थे, लेकिन अब भाजपा कार्यसमिति में नक्सल उन्मूलन पर चर्चा हो रही है। बस्तर के मड़ई मेलों में फिर से रंगत लौटी है। बस्तर को लेकर विस्तृत असेसमेंट किया गया है। अब बस्तर बदल रहा है।
बुधवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में किरणदेव सिंह, सीएम साय।
भाजपा कार्यसमिति की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश हुआ।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा बोले- बैठक में बस्तर को लेकर विस्तृत असेसमेंट किया गया।
कोर कमेटी में ओपी, विजय, अमर की एंट्री
पहले दिन मंगलवार को छत्तीसगढ़ भाजपा कोर कमेटी में बदलाव किया गया था। कमेटी में कई नए सदस्यों को शामिल किया गया है, जबकि कुछ पुराने सदस्यों को हटा दिया गया है। मंत्री ओपी चौधरी और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के साथ पूर्व मंत्री और विधायक अमर अग्रवाल को कोर कमेटी में जगह दी गई है।
वहीं कोर कमेटी की बैठक में पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन अग्रवाल और गौरीशंकर अग्रवाल शामिल नहीं हुए।
इन नेताओं के बैठक में शामिल न होने से उनके कोर कमेटी से हटाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं कोर ग्रुप के पुनर्गठन की पुष्टि भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने की है।
मंगलवार को भाजपा कोर कमेटी से पहले प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई थी।
बैठक में संगठन मजबूत करने पर चर्चा
इससे बाद प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई। मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें पार्टी के संगठनात्मक काम को गांव और बूथ स्तर तक कैसे मजबूत किया जाए, इस पर भी बात हुई।
साथ ही आने वाले समय में अलग-अलग तरह की बैठकों के आयोजन और उनकी रूपरेखा को लेकर भी चर्चा की गई। इन सभी विषयों पर प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श हुआ।
इसमें राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित कई प्रदेश महामंत्री और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव।
सत्ता और संगठन दोनों में बदलाव की चर्चा क्यों?
छत्तीसगढ़ भाजपा इस समय दो समानांतर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहली सरकार को ढाई साल पूरे होने की ओर बढ़ रही है और दूसरी संगठन में कई बड़े पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्ति की स्थिति में है।
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के कार्यकाल को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा तेज है। संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी देने और कई नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर एडजस्ट करने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि पार्टी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में सत्ता और संगठन को लेकर फीडबैक और सर्वे कराया है। उसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। यही वजह है कि अब चर्चा सिर्फ छोटे बदलाव की नहीं, बल्कि व्यापक पुनर्संतुलन की हो रही है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।
डिप्टी सीएम को मिलेगी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी?
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि राज्य के किसी एक उपमुख्यमंत्री को संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिल सकती है। राजनीतिक हलकों में डिप्टी सीएम विजय शर्मा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, हालांकि कुछ जगहों पर अरुण साव का नाम भी सामने आ रहा है।
कहा जा रहा है कि भाजपा राष्ट्रीय संगठन में ऐसे चेहरों को आगे लाना चाहती है, जो चुनावी मैनेजमेंट, आक्रामक राजनीति और संगठन विस्तार में प्रभावी रहे हों। बंगाल चुनाव में जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी, उनके कामकाज का मूल्यांकन भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
यह भी चर्चा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपनी नई टीम तैयार कर सकते हैं। लंबे समय तक छत्तीसगढ़ प्रभारी रहने के कारण वे यहां के नेताओं की कार्यशैली और क्षमता से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने या दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
महिला डिप्टी सीएम का फार्मूला क्यों चर्चा में?
अगर डिप्टी सीएम स्तर पर बदलाव होता है, तो भाजपा एक महिला चेहरे को आगे कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में लता उसेंडी और रेणुका सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं।
इसके पीछे भाजपा की बहुस्तरीय रणनीति देखी जा रही है। पार्टी किसी महिला आदिवासी या ओबीसी चेहरे को डिप्टी सीएम बनाती है तो वह एक साथ कई सामाजिक समीकरण साध सकती है।
महिला प्रतिनिधित्व का संदेश
आदिवासी वोट बैंक को मजबूत करना
सरगुजा-बस्तर क्षेत्र में राजनीतिक संतुलन
और भविष्य के चुनावों के लिए नया नेतृत्व तैयार करना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब सिर्फ सरकार चलाने के मोड में नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की सामाजिक और क्षेत्रीय रणनीति पर काम कर रही है।
मंत्रिमंडल में किन चेहरों पर चर्चा?
चर्चा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व पर केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह भरोसे में है और फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई स्थिति नहीं है। बल्कि पार्टी आगामी चुनाव भी उनके चेहरे पर लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
लेकिन मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चा काफी तेज है। कहा जा रहा है कि 2-4 मंत्री पदों में चेहरे बदल सकते हैं और उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। खास बात यह है कि इस बार पुराने और वरिष्ठ विधायकों की तुलना में नए चेहरों को प्राथमिकता मिलने की संभावना ज्यादा बताई जा रही है।
संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल में एक और महिला चेहरे को शामिल किया जा सकता है। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम हो रहा है।
राजनीतिक चर्चाओं में जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें
भावना बोहरा
पुरंदर मिश्रा
सुशांत शुक्ला
और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम प्रमुख है।
लंबे समय के बाद बीजेपी में प्रदेश कार्यसमिति और कोर कमेटी की बैठक हुई।
आखिर भाजपा इतनी जल्दी बदलाव क्यों चाहती है?
भाजपा की राजनीति में अब चुनाव से ठीक पहले बदलाव के बजाय समय रहते परफॉर्मेंस ट्यूनिंग का मॉडल ज्यादा दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में पार्टी सत्ता में आने के बाद अब दूसरे चरण की रणनीति पर काम कर रही है।
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके। बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात
चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।
प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।
320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी
नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।
मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी। इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।
शाकाहारी सफारी 30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं। भालू सफारी 20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है। बाघ सफारी 20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं। सिंह सफारी 20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है। जू जोन 50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।
दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं। देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है। रायपुर से आसान पहुंच नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है। वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है ।