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किसानों पर मेहरबान रहा बजट 2025, सामने आईं 6 नई योजनाएं, जानिए किसमें क्या है फायदा
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1 year agoon
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Divya Akashनई दिल्ली, एजेंसी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के मकसद से छह नई योजनाओं की घोषणा की तथा सब्सिडी वाले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से ऋण प्राप्त करने की सीमा को तीन लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य, देशभर में रोजगार से लेकर फसल उत्पादकता बढ़ाने तक, हर चीज को बढ़ावा देना है। संसद में अपना आठवां बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कृषि को ‘विकास का पहला इंजन’ बताया और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का प्रस्ताव किया। यह सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य कम उत्पादकता, कम फसल लेने वाले क्षेत्र (जिन स्थानों पर दो या तीन की जगह कम या केवल एक ही फसल ली जाती हो) और ऋण लेने के औसत मापदंडों से कम ऋण लेने वाले 100 कृषि-जिलों को लक्षित करना है। राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में लागू की जाने वाली इस योजना से कृषि उत्पादकता बढ़ने, फसल विविधीकरण और कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिये 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण समृद्धि और मजबूती कार्यक्रम
ग्रामीण बेरोजगारी को दूर करने के लिए सरकार एक व्यापक ‘ग्रामीण समृद्धि और मजबूती’ कार्यक्रम लागू करेगी। सीतारमण ने कहा, ‘‘इनका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर पैदा करना है ताकि पलायन एक विकल्प रहे, लेकिन अनिवार्यता न होने पाये।” यह कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, सीमांत और छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर केंद्रित होगा। दलहनों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़े कदम के रूप में छह साल का मिशन अरहर, उड़द और मसूर उत्पादन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। इस पहल के तहत, सहकारी संस्थाएं नेफेड और एनसीसीएफ इन एजेंसियों के साथ समझौते करने वाले पंजीकृत किसानों से चार साल तक दालों की खरीद करेंगी।
मखाना बोर्ड की स्थापना
बिहार के मखाना क्षेत्र के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन में सुधार के लिए एक समर्पित मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। बोर्ड किसानों को एफपीओ में संगठित करेगा और सरकारी योजना के लाभ तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए प्रशिक्षण सहायता प्रदान करेगा।
केसीसी से मिलेगा ज्यादा कर्ज
वित्त मंत्री ने केसीसी लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की, 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए सब्सिडी वाले अल्पकालिक ऋण की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया।
नया रिसर्च इकोसिस्टम
एक नया रिसर्च इकोसिस्टम मिशन, अधिक उपज, कीट-प्रतिरोधी और प्रतिकूल जलवायु-सहिष्णु बीजों को विकसित करने और प्रचारित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें जुलाई, 2024 से शुरू की गई 100 से अधिक बीज किस्मों को व्यावसायिक रूप से जारी करने की योजना है।
पांच वर्षीय कपास मिशन
इसके अतिरिक्त, एक पांच वर्षीय कपास मिशन उत्पादकता में सुधार और ‘एक्स्ट्रा-लांग स्टेपल’ कपास किस्मों को बढ़ावा देने पर काम करेगा, जो कपड़ा क्षेत्र के लिए भारत के एकीकृत 5-एफ दृष्टिकोण का समर्थन करेगा। मछली और जलीय कृषि में दूसरे सबसे बड़े वैश्विक उत्पादक के रूप में भारत की स्थिति को मान्यता देते हुए 60,000 करोड़ रुपये के समुद्री खाद्य निर्यात के साथ सरकार भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र और दूर समुद्र में स्थायी मछली पकड़ने के लिए एक रूपरेखा पेश करेगी और इसके लिए विशेष रूप से अंडमान और निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूह पर ध्यान केंद्रित करेगी।
असम में लगेगा यूरिया प्लांट
अन्य घोषणाओं में असम के नामरूप में एक नए यूरिया संयंत्र की योजना भी शामिल है, जिसकी वार्षिक क्षमता 12.7 लाख टन है। इसके अलावा सहकारी क्षेत्र के ऋण संचालन के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को समर्थन बढ़ाने की घोषणा की गई है। बागवानी क्षेत्र में, बढ़ती आय के कारण से प्रेरित बढ़ती खपत पद्धति को ध्यान में रखते हुए, सब्जियां, फल और श्री अन्न उगाने वाले किसानों के लिए उत्पादन, कुशल आपूर्ति श्रृंखला, प्रसंस्करण और लाभकारी कीमतों को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम लागू किया जाएगा। इस पहल को राज्यों के साथ साझेदारी में लागू किया जाएगा, जिसमें उचित संस्थागत तंत्र के माध्यम से किसान-उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों को शामिल किया जाएगा। बजट पर टिप्पणी करते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह एक दूरदर्शी बजट है, जिसमें समाज के हर वर्ग के साथ-साथ हर क्षेत्र का ध्यान रखा गया है। बजट में कृषि और किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। चौहान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इसमें विश्वास की खुशबू है, विकास की तड़प है और विकसित भारत के निर्माण की बैचैनी है।” उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है।
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खेल
सीनियर-वीमेंस वनडे ट्रॉफी…छत्तीसगढ़ की लगातार चौथी जीत:विदर्भ को 7 विकेट से हराया, माहीक नरवसे रहीं मैच की हीरो, 4 विकेट झटके, अर्द्धशतक भी जमाया
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10 hours agoon
February 12, 2026By
Divya Akashरायपुर,एजेंसी। बीसीसीआई की ओर से आयोजित सीनियर वीमेंस वनडे ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ महिला टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। टूर्नामेंट के अपने चौथे मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने विदर्भ को 7 विकेट से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। यह मुकाबला 12 फरवरी को बड़ौदा में खेला गया।
मैच में छत्तीसगढ़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ की टीम 47.5 ओवर में 158 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। विदर्भ की ओर से कप्तान दिशा कसाट ने शानदार पारी खेलते हुए 65 रन बनाए। उनके अलावा लतिका इनामदार (27 रन) और मोना (17 रन) ही दोहरे अंक तक पहुंच सकीं।
छत्तीसगढ़ के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विदर्भ को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए। छत्तीसगढ़ की ओर से माहीक नरवसे और तरन्नुम पठान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4-4 विकेट अपने नाम किए।

तरन्नुम पठान।

माहीक नरवसे (MOM)
47.3 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर हासिल किया लक्ष्य
159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी छत्तीसगढ़ की टीम ने 47.3 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की जीत में माहीक नरवसे ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 66 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।
उनका अच्छा साथ शिल्पा साहू (45 रन) ने दिया, जबकि कप्तान कृति गुप्ता ने नाबाद 27 रन बनाए। विदर्भ की ओर से कोमल जंजाड, आरती बेहनवाल और कंचन नागवानी को 1-1 विकेट मिला।
शानदार बल्लेबाजी और घातक गेंदबाजी के लिए माहीक नरवसे को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने मैच में 66 रन बनाने के साथ 4 विकेट भी झटके।

देश
चांदी आज ₹7,316 गिरी, कीमत ₹2.59 लाख किलो हुई:सोना ₹1,672 गिरकर ₹1.56 लाख पर आया, देखें अपने शहर में सोने के दाम
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11 hours agoon
February 12, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। सोने-चांदी के दाम में आज 12 फरवरी को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 7,316 रुपए कम होकर 2,59,133 रुपए पर आ गई है। इससे पहले बुधवार को चांदी की कीमत 2,66,449 रुपए किलो थी।
वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,672 रुपए गिरकर 1,55,650 रुपए पर आ गई है। इससे पहले बुधवार को ये 1,57,322 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था।
43 दिन में सोना ₹22,455 और चांदी ₹28,713 महंगी हुई
- इस साल अब तक सोने की कीमत 22,455 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 1,56,147 रुपए हो गया है।
- वहीं, चांदी 28,713 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 2,59,133 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।
2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई
- 2025 में सोना 57 हजार रुपए (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।
- चांदी इस दौरान 1.44 लाख रुपए (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए की थी, जो साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।
सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

देश
रिटेल महंगाई 8 महीने में सबसे ज्यादा:जनवरी में बढ़कर 2.75% पर पहुंची, अक्टूबर 2025 में यह रिकॉर्ड निचले स्तर 0.25% पर थी
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11 hours agoon
February 12, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। जनवरी में रिटेल महंगाई पिछले महीने के मुकाबले बढ़कर 2.75% पर पहुंच गई है। दिसंबर में ये 1.33% पर थी। 8 महीनों में सबसे ज्यादा है। मई 2025 में महंगाई 2.82% पर पहुंच गई थी। सरकार ने गुरुवार, 12 फरवरी को महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं।
नए पैमाने में शामिल हुए ई-कॉमर्स और एयरफेयर
सरकार ने महंगाई मापने के लिए आधार वर्ष को 2012 से बदलकर 2024 कर दिया है। यह बदलाव एक दशक से अधिक समय के बाद किया गया है। ब्लूमबर्ग के सर्वे में 32 अर्थशास्त्रियों ने अनुमान जताया था कि इससे जनवरी की महंगाई दर 2.77% के आसपास रह सकती है।
खाने-पीने की चीजों का वेटेज घटा
पुराने इंडेक्स में खाने-पीने की चीजों का वेटेज लगभग 50% था, जिसे अब घटाकर 36.8% कर दिया गया है। सांख्यिकी मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग के मुताबिक, भारतीयों की आय बढ़ने के साथ अब वे भोजन पर कम और हाउसिंग व अन्य सेवाओं पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
- क्या हटा: अब पुराने हो चुके रेडियो, वीसीआर (VCR) और तांगा-गाड़ी के किराए को इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है।
- क्या जुड़ा: इसकी जगह अब हवाई किराया , ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन, ई-कॉमर्स शॉपिंग, ग्रामीण हाउसिंग रेंट और बिजली की कीमतों को शामिल किया गया है।
बेस ईयर क्या होता है?
बेस ईयर वो साल होता है जिसकी कीमतों को आधार (बेस) माना जाता है। यानी, उसी साल की चीजों की औसत कीमत को 100 का मान देते हैं। फिर, दूसरे सालों की कीमतों की तुलना इसी बेस ईयर से की जाती है। इससे पता चलता है कि महंगाई कितनी बढ़ी या घटी है।
उदाहरण: मान लीजिए 2020 बेस ईयर है। उस साल एक किलो टमाटर रू.50 का था। अब 2025 में वो रू.80 का हो गया। तो महंगाई = (80 – 50) / 50 × 100 = 60% बढ़ी। यही फॉर्मूला CPI में यूज होता है, लेकिन ये पूरे बाजार की चीजों पर लागू होता है।
बेस ईयर कैसे चुना जाता है और कैसे काम करता है?
सरकार आमतौर पर हर 5-10 साल में नया बेस ईयर चुनती है। ये ऐसा साल होता है जो सामान्य हो, न ज्यादा सूखा हो, न महामारी, न ज्यादा महंगाई।
अक्टूबर में 14 साल के निचले स्तर पर थी रिटेल महंगाई
अक्टूबर में रिटेल महंगाई 0.25% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई थी। इसका कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतों में कमी थी। ये 2012 CPI सीरीज में सबसे कम महंगाई थी। यानी, ये करीब 14 साल का निचला स्तर रहा था।
महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?
महंगाई का बढ़ना और घटना प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। ज्यादा चीजें खरीदने से चीजों की डिमांड बढ़ेगी और डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं होने पर इन चीजों की कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।


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