छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में मई-जून में होगा नगरीय निकाय चुनाव ! निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरु कर दी है। मई जून-2026 में होने वाले चुनावों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की बैठक भी हुई। बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं, कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए। सभी दावा-आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए।

गौरतलब है कि प्रदेश में नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 4 पद एवं 60 पार्षद के पदों पर चुनाव होने तय है। इसके अलावा 4 पदों एवं 17 पार्षद पदों पर उप चुनाव प्रस्तावित हैं। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद एवं पंचों के 1110 पद खाली हैं, जिन पर निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा।
5 मई को आएगी अंतिम मतदाता सूची
मतदाता सूची का तीन से चार चरणों में प्रकाशन होगा जिसमें निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल को किया जाएगा। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्ति का समय होगा। 27 अप्रैल तक इसका निराकरण किया जाएगा और 5 मई 2026 को अंतिम मतदाता सूची आएगी। आयोग ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
इन जगहों पर होंगे चुनाव और उपचुनाव
निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिन मई-जून माह में उपचुनाव की तारीख तय होगी। क्योंकि मई के पहले हफ्ते तक मतदाता का अंतिम प्रकाशन होगा। जिसके बाद चुनाव कराया जाएगा। इसमें रायपुर के बिरगांव निगम में 32 नंबर वार्ड में जनप्रतिनिधि की मृत्यु के कारण चुनाव होगा। वहीं सरपंच पद के लिए 3 और पंच के 23 पद के लिए चुनाव होंगे।
एसआईआर के बाद ये है चुनावी गणित
बता दें कि छत्तीसगढ़ में एसआईआर से पहले 2,12,30,737 मतदाता थे। एसआईआर के बाद 24, 99, 823 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। जिनमें मृत्यु हो चुके, दूसरे प्रदेश शिफ्ट दो राज्यों में नाम दर्ज होने के कारण मतदाताओं के नाम काटे गए है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब प्रदेश में कुल 1,87,30,914 पंजीकृत मतदाता ही जीत-हार तय करेंगे। हालांकि कई सूची में नाम जोड़ने के लिए कई लोगों ने फॉर्म भरे हैं। हालांकि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे।

कोरबा
सुशासन तिहार 2026: जरूरतमंद परिवार को मिला नया आशियाना
जनसमस्या निवारण शिविर में मिली खुशियों की चाबी, परिवार को मिला पक्का मकान
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनकल्याण, संवेदनशील शासन और त्वरित समस्या समाधान का सशक्त माध्यम बन रहा है। यह पहल आमजन की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान हो रहा है, जिससे नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास और अपनत्व की भावना और अधिक मजबूत हुई है।
इसी कड़ी में कोरबा शहर के तुलसी नगर निवासी रामप्रवेश गुप्ता, पिता मिश्री लाल गुप्ता, जो एक होटल में मिठाई मिस्त्री के रूप में कार्य करते हैं, को भी सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली। तीन बच्चों के साथ उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में निवास कर रहा था, जहां बारिश के दिनों में पानी रिसने, सीमित जगह और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, पानी टंकी टीपी नगर में उन्हें उनके नए आवास की चाबी सौंपी गई। वर्षों से अपने पक्के घर का सपना संजोए गुप्ता के लिए यह क्षण बेहद भावुक और यादगार रहा। नए आवास की चाबी प्राप्त करते ही उनके चेहरे पर संतोष, खुशी और भविष्य के प्रति नया विश्वास साफ झलकने लगा।
उन्होंने शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित और बेहतर वातावरण में जीवन यापन कर सकेगा। सुशासन तिहार के माध्यम से मिला यह लाभ न केवल उनके आवास संबंधी समस्या का समाधान है, बल्कि उनके परिवार के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की नई शुरुआत भी है।
कोरबा
कोरबा जिले में तूफानी बारिश का कहर:तीन आदिवासी किशोरों की मौत
कोरबा/पाली। शाम 04.00 बजते ही मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी से चारों तरफ धूल के गुबार दिखाई दे रहे थे, वहीं जिले के कई हिस्सों में बड़े-बड़े पेड़ के डगाल टूट गए। जिले के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया और आंधी-तूफान प्रारंभ होते ही बिजली गुल हो गई।

पाली ब्लाक के पहाड़ गांव में आंधी-तूफान ने कहर बरपा दिया। एक बड़े पेड़ का डगाल टूटने से तीन आदिवासी किशोरों की दबने से मौत हो गई। ग्राम पंचायत पहाड़ गांव के आश्रित गांव बाइसेमार के तीन आदिवासी बच्चे कमलेश कुमार, दिनेश तिर्की और शिव टेकाम आंधी-बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे रूक गए। तेज आंधी के कारण पेड़ का डगाल टूट गया, जिससे तीनों बच्चे दब गए। गांव वालों को जानकारी होने पर उन्हें तत्काल सीएचसी पाली ले जाया गया, जहां एक बच्चा तत्काल घटना स्थल पर ही मौत को गले लगा लिया, दो अन्य बच्चे अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया।

इस घटना ने पहाड़ गांव सहित जिले को हिला कर रख दिया। गांव में पसरा सन्नाटा और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। सीएचसी में तीनों शव मर्च्युरी में रखा गया है, पुलिस आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर रही है।


कोरबा
खाद वितरण में पारदर्शिता व नियमों का कड़ाई से पालन करें सुनिश्चित – कलेक्टर कुणाल दुदावत
सहकारी समिति व निजी उर्वरक विक्रेताओं की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश, अवैध जमाखोरी एवं नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
शासन द्वारा निर्धारित मात्रा अनुसार किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ खाद प्रदान करने के दिए निर्देश
किसानों की सहायता हेतु जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित, हेल्पलाइन नंबर सभी समितियों में प्रदर्शित करने किया निर्देशित
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरकों की सुचारु एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहकारी समिति प्रबंधकों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं की समीक्षा बैठक लेकर खाद के भंडारण एवं विक्रय संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए । उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु खाद वितरण में पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने निर्देशित किया। साथ ही उर्वरक नियंत्रण आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि जिले में खरीफ 2026 के लिए रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा किसानों को आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग सतत निगरानी की जा रही है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों के भंडारण, परिवहन एवं विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग एवं जिला स्तरीय उर्वरक नियंत्रण दल द्वारा नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन में उपलब्ध स्टॉक और वास्तविक भंडार में अंतर, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर विक्रय, बिना लाइसेंस उर्वरक वितरण, अनुदान प्राप्त खाद का दुरुपयोग तथा अनुचित स्थानों पर भंडारण जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी समिति प्रबंधको को निर्देश देते हुए कहा कि पंजीकृत किसानों से संपर्क कर उन्हें अग्रिम खाद उठाव के लिए प्रोत्साहित करें तथा खाद वितरण की प्रक्रिया में अपेक्षित गति लाएं। उन्होंने निर्देशित किया कि समितियों में उपलब्ध उर्वरकों का शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं मात्रा के अनुसार किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत की स्थिति निर्मित न हो। सभी इसका विशेष ध्यान रखें।

कलेक्टर ने खाद उठाव एवं वितरण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सभी संबंधित अधिकारियों एवं प्रबंधकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी समिति प्रबंधकों को खाद वितरण एवं उठाव की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए।
बैठक में निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं दुकान संचालकों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों के विक्रय में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों को निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक विक्रय करने तथा कृषक पंजी का अनिवार्य रूप से संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निजी विक्रेताओं को किसानों को उर्वरकों के साथ किसी अन्य सामग्री, जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, रसायन, बीज, कीटनाशक अथवा दवाओं की टैगिंग या दबावपूर्ण बिक्री नहीं की जाएगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त या निलंबित की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि सभी निजी उर्वरक विक्रेता अपने प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक का नियमित मिलान बनाए रखें, जिससे वितरण व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे तथा किसी प्रकार की विसंगति की स्थिति उत्पन्न न हो।
कलेक्टर ने सहकारी समितियों को खरीफ 2026 के दौरान किसानों को उर्वरक वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिसमें सीमांत किसानों को पिछले वर्ष वितरित उर्वरक यूरिया की 80 प्रतिशत एवं डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा एकमुश्त, लघु किसानों को निर्धारित मात्रा में से यूरिया दो किश्त में तथा बड़े कृषकों को निर्धारित मात्रा में से यूरिया तीन किश्तों में उपलब्ध कराने निर्देशित किया। जिससे खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता बनी रहे।
बैठक में किसानों की सुविधा एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कलेक्टर श्री दुदावत ने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर का प्रदर्शन सभी सहकारी समितियों एवं संबंधित संस्थानों में प्रमुखता से किया जाए, ताकि किसानों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता समय पर प्राप्त हो सके। समितियों को धान खरीदी वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकृत, किसान पुस्तिका तथा भू-अधिकार पुस्तिका धारक किसानों की यूआरडी सूची से शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही समितियों के गोदामों में उपलब्ध उर्वरक की जानकारी संबंधित समितियों में प्रदर्शित करने को कहा गया।
इस अवसर पर उप संचालक कृषि डी पी एस कंवर, उप पंजीयक सहकारी संस्थान एम मिंज, डीएमओ ऋतुराज देवांगन, सहायक नोडल सहकारी केंद्रीय बैंक मुकेश कुमार पटेल सहित सभी सहकारी समिति प्रबंधक एवं निजी खाद विक्रेता एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
-
Uncategorized8 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
