छत्तीसगढ़
रायपुर में गांजा तस्करों के 15 ठिकानों पर चला बुलडोजर:दुर्ग-राजनांदगांव से आकर झोपड़ी बनाकर रह रहे थे, नाबालिगों समेत 60 महिला-पुरुष भेजे गए जेल
रायपुर,एजेंसी। रायपुर में गांजा तस्करों के 15 घरों पर पुलिस ने निगम के साथ मिलकर बुलडोजर चलाया है। आरोपी इन्हीं घरों से बेखौफ होकर सूखा नशे का धंधा कर रहे थे। पिछले हफ्ते पुलिस ने शहर के 40 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से नाबालिगों समेत करीब 60 महिला-पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस की सख्ती के चलते बड़ी संख्या में तस्कर अंडर ग्राउंड या शहर छोड़कर भाग रहे हैं। दरअसल, खमतराई थाना इलाके के डेरापारा में सबसे ज्यादा गांजा और अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें थी। दुर्ग-राजनांदगांव के लोग गांजा तस्करी के लिए रायपुर में झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। उन्होंने निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था।

पुलिस के साथ निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, 15 घरों को तोड़ा गया।

जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था।

पुलिस की टीम ने निगम के अमले के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
अतिक्रमण कर रह रहे थे तस्करी
जब आरोपियों के मकानों के संबंधित निगम से जानकारी मांगी गई। निगम ने अतिक्रमण होने की पुष्टि की। सभी मकानों में बिजली भी सप्लाई हुई थी। इसकी जानकारी बिजली विभाग से भी मांगी गई, जो अवैध पाई गई।
इसके बाद तस्करों के मकानों पर कार्रवाई के लिए निगम और बिजली विभाग को चिट्ठी लिखी गई। पुलिस की टीम ने निगम के अमले के साथ मिलकर अतिक्रमण करने वाले 15 मकानों को तोड़ दिया है। इन मकानों में कोई नहीं था, जबकि वहां रहने वाले 13 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें मकान छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस ने निगम के साथ मिलकर ऐसे 15 ठिकानों को जमींदोज किया है।

असामाजिक तत्वों और अवैध कार्यों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए ‘‘निश्चय अभियान‘‘ चलाया जा रहा है।
2 महिलाएं अवैध शराब के साथ पकड़ाई थी
इसी तरह खमतराई पुलिस ने 21 सितंबर को आरटीओ ऑफिस के पास डेरापारा रावांभाठा में रेनु सोनवानी और चांदनी सोनी को अवैध रूप से शराब बिक्री करते पकड़ा था। इनके पास से 181 बोतल देशी शराब जब्त किया गया था। पुलिस ने इसी मोहल्ले पर बने अवैध घरों पर बुलडोजर चलाया है।
शहर के दूसरे इलाकों में भी शिकायतें
इसके अलावा तेलीबांधा, कालीबाड़ी और कुकुरबेड़ा में भी सूखा नशा बेचने की सबसे अधिक शिकायतें हैं। यहां से गांजा के साथ टैबलेट और सिरप भी खुलेआम बेचे जा रहे हैं। पुलिस छापा मारकर इन्हें पकड़ती है, लेकिन इनके परिजन नशे का कारोबार शुरू कर देते हैं।
वहीं आरोपी जेल से छूटकर फिर गांजा बेचने लगते हैं। इसलिए इन इलाकों में भी तस्करों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
गांजा पीने वालों पर भी कार्रवाई
रायपुर में पुलिस तस्करों के साथ नशा करने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। नए कानून में गांजा पीने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान दिया गया है। इसलिए जो भी गांजा पीते हुए पकड़े जा रहे हैं। उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

पिछले हफ्ते पुलिस ने शहर के 40 ठिकानों पर रेड कार्रवाई की।
तेलीबांधा में गांजा तस्करी करते 2 युवक गिरफ्तार
वहीं, 22 सितंबर को तेलीबांधा इलाके में गांजे की तस्करी करते पुलिस ने आरोपी गुज्जर गोपाल और मिलू कुमार को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 6 किलो गांजा मिला। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
आरोपी ओडिशा से 6 किलो गांजा लेकर आए थे। उसे अवंति विहार तालाब के पास पुड़िया बनाकर बेच रहे थे। मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर दोनों को पकड़ा गया। आरोपियों का मोबाइल जांच के लिए लैब भेजा गया है। ओडिशा के तस्करों की जानकारी भी निकाली जा रही है।

इस अभियान में पुलिस रेंज के पांच जिलों में सुख नशे और सूखे नशे और असामाजिक तत्वों की धड़पकड़ कर रही है।
19 सितंबर को भी पुलिस ने मारा था छापा
इससे पहले, 19 सितंबर की सुबह 4 बजे पुलिस अधिकारियों ने 25 से अधिक टीम बनाकर नशे के सामानों की बिक्री करने वाले आरोपियों के संभावित ठिकानों पर रेड मारी थी। जहां से नाबालिग समेत 14 आरोपियों को पकड़ा गया। उनसे पास से 600 ग्राम अफीम और 24.070 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।
इसके अलावा, अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनसे 614 पौवा शराब और 1750 रुपए कैश जब्त किया गया। इसी तरह अपने पास धारदार हथियार रखने वाले 8 आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
वहीं, फरार आरोपियों के संभावित ठिकाने में दबिश देकर 12 स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। साथ ही शांति व्यवस्था बाधित करने वाले 50 आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

रायपुर जिले में पुलिस अवैध गतिविधियों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ कार्रवाई कर रही है।
रायपुर रेंज में चल रहा ऑपरेशन निश्चय
बता दें कि रायपुर रेंज में पुलिस अवैध गतिविधियों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ कार्रवाई कर रही है। रायपुर रेंज IG अमरेश मिश्रा के निर्देश में जिले में असामाजिक तत्वों और अवैध कार्यों में लिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए ‘‘निश्चय अभियान‘‘ चलाया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस रेंज के 5 जिलों में सूखा नशे बेचने वाले और असामाजिक तत्वों की धड़पकड़ कर रही है।
कोरबा
रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला का मतदाता सूची प्रकाशित
दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित
कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला पंजीयन क्रमांक 3163 एस.के.कंवर द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के टी.पी.हंस सचिव के पास 11 अप्रैल तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 11 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।
कोरबा
मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया का मतदाता सूची प्रकाशित
दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित
कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया पंजीयन क्रमांक 39 जी.आर. भतरा द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के हरिलाल/सदस्य के पास 09 अप्रैल तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 11.30 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।
कोरबा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी
भीषण गर्मी में लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय अपनाने हेतु किया गया आग्रह
कोरबा। ग्रीष्म कालीन मौसम प्रारंभ होने पर तथा अधिक गर्मी पड़ने से शुष्क वातावरण में लू (तापाघात) की संभावना अधिक होती है। जो घातक या जानलेवा हो सकती है। जिले में बढ़ रही गर्मी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय अपनाने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में लगातार मौसम परिवर्तन के बाद तेज धूप एवं गर्मी प्रारंभ हो गया है। जिसके कारण लू लगने की संभावना बढ़ गई है। सूर्य की तेज गर्मी के दुष्प्रभाव से शरीर के तापमान में विपरीत प्रभाव पड़ता है जिससे शरीर में पानी और खनिज लवण नमक की कमी हो जाती है इसे लू लगना या हीट-स्ट्रोक कहा जाता है। वर्तमान में घर से बाहर जाकर ऑफिस वर्क करने वाले, खेती कार्य मे लगे आमजन तथा बाजार में खरीददारी आदि कार्य करने वाले व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी एवं पेय पदार्थो का सेवन नहीं कर पाते हैं। इस कारण वे निर्जलीकरण के शिकार हो जाते हैं, जिसका समय पर उपचार ना मिलने के कारण मरीज की हालत गंभीर हो जाती है।

लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय –
आम लोगों के द्वारा आवश्यक उपाय अपनाकर लू (तापाघात ) से बचाव किया जा सकता है। जिसके अंतर्गत गर्मी के दिनों में हमेशा घर से बाहर जाते समय सफेद, सूती या हल्के रंग के कपड़े पहनना, भोजन करके तथा पानी पीकर ही घर से बाहर निकलना, घर से बाहर जाते समय गर्दन के पिछले भाग कान एवं सिर को कपड़े/ गमछे से ढककर ही निकलना, छतरी एवं रंगीन चश्मे का प्रयोग करना, गर्मी के दिनों में अधिक मात्रा में पानी पिना तथा ज्यादातर पेय पदार्थों का सेवन करना सहित अन्य उपाय अपना सकते है। इसी प्रकार बाहर जाते समय पानी साथ रखें, धूप में बेवजह बाहर जाने से बचें, बच्चों बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें, साथ ही उन्हें समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करें एवं सुपाच्य भोजन एवं तरल पदार्थों का सेवन कराएं। गर्मी के दिनों में तीव्र धूप को घर के अंदर आने से रोकें तथा जहाँ तक संभव हो अधिक से अधिक समय तक धूप में रहकर व्यायाम तथा मेहनत का काम ना करें, धूप में नंगे पांव ना चलें। इन सावधानियों को अपनाकर स्वयं को लू (तापघात) से बचा जा सकता है।
लू (तापाघात) के लक्षण-
लू का शिकार होने पर व्यक्ति में सिर दर्द, बुखार, उल्टी एवं अत्यधिक पसीना आना, बेहोशी, चक्कर आना, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, कमजोरी महसूस होना, शरीर में ऐंठन तथा त्वचा लाल एवं सूखी होना जैसे अन्य लक्षण शामिल है।
लू से बचाव हेतु प्राथमिकी उपचार –
लू (तापाघात) होने पर रोगी को छायादार स्थान पर कपड़े गीले कर लिटायें एवं हवा करें। रोगी को बेहोशी की स्थिती में कोई भी भोज्य/पेय पदार्थ का सेवन नहीं कराएं एवं उसे तत्काल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएं। रोगी के होश में आने की स्थिति में उसे ठंडे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पना आदि पेय पदार्थों का सेवन कराएं। रोगी के शरीर के तापमान को कम करने के लिए उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियाँ रखें, प्रभावित व्यक्ति को शीघ्र ही नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिए ले जाए।
सीएमएचओ ने बताया कि जिले के मेडिकल कॉलेज, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों में लू (तापघात) से बचाव हेतु पर्याप्त मात्रा में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां एवं ओ. आर. एस. की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
कलेक्टर श्री दुदावत तथा सीएमएचओ ने जिले के नागरिकों से गर्मी के मौसम में लू (तापाघात) से बचाव हेतु आवश्यक उपाय को अपनाने का आग्रह किया है। जिससे स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।
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