कोरबा
रोजगार मिलने से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों का होगा सामाजिक एवं आर्थिक विकास: देवांगन
108 पहाड़ी कोरवाओं-बिरहोर युवाओं को मिला नियुक्ति प्रमाण पत्र
डीएमएफ से किया जाएगा मानदेय का भुगतान, स्कूलों में भृत्य और अतिथि शिक्षक के रूप में करेंगे कार्य
कोरबा ।जिले में निवासरत् विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 108 बेरोजगार युवाओं को वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर, महापौर राजकिशोर प्रसाद एवं कलेक्टर अजीत वसंत के हाथों जिला खनिज न्यास मद से मानदेय के आधार पर उनके निवास के नजदीक के स्कूलों में योग्यतानुसार भृत्य एवं अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए डीएमएफ का प्रावधान किया था, आज इसका लाभ धरातल पर नजर आ रहा है। जिले के मूल निवासी पहाड़ी कोरवाओं और बिरहोरों को डीएमएफ से रोजगार मिलने जा रहा है, यह एक बड़ी उपलब्धि है। किसी भी परिवार में एक सदस्य को भी नौकरी मिल जाती है तो परिवार खुशहाली के रास्ते पर आगे बढ़ता है, ठीक रोजगार मिलने से पहाड़ी कोरवा तथा बिरहोर जनजाति समाज का आर्थिक तथा सामाजिक विकास होगा और वे विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। डीएमएफ से मानदेय के आधार पर 79 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के युवाओं को भृत्य तथा 29 युवाओं को अतिथि शिक्षक के रूप में रोजगार प्रदान किया गया।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदाय करने नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री देवांगन ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को विकास की राह पर आगे लाने निरंतर प्रयासरत् हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उन्होंने पीवीटीजी निवासरत् क्षेत्रों में बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति कर उनकी समस्याओं का निराकरण किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी छत्तीसगढ़ को विकास की राह में आगे ले जाने के लिए योजना बनाकर कार्य कर रहे हैं। किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य में वृद्धि, आयुष्मान योजना के माध्यम से किसानों और आम लोगों को लाभ मिलने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास के साथ ही छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना से प्रदेश की गरीब महिलाओं का आर्थिक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिला खनिज न्यास मद से क्षेत्र का विकास होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को नीट व जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था भी कराई गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश के लिए कुछ लोग राज्य से बाहर भी चले जाते हैं। ऐसे में पिछड़ी जनजाति परिवार के सदस्यों को उनके निवास क्षेत्र के आसपास ही रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, यह सराहनीय है। रोजगार प्राप्त करने वाले युवा अनावश्यक इस रोजगार को न छोड़ें और इससे अच्छा अवसर न मिलने तक मन लगाकर कार्य करें।
कार्यक्रम में विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल ने कहा कि कोरबा जिले की पहचान कोरबा जनजाति परिवारों से है। जनप्रतिनिधि होने के नाते मूल निवासियों का उत्थान कैसे हो यह निरंतर ध्यान में रहता है। यह ख़ुशी की बात है कि जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक दिन पहले ही अध्ययन के लिए बाहर भेजने के पश्चात आज जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को अपने ही गांव के आसपास रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार से हम अपने पिछड़ेपन को दूर कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं और अपना भाग्य भी बदल सकते हैं। विधायक श्री पटेल पीएम जनमन योजना से पीवीटीजी को विकास की राह पर जोड़ने प्रधानमंत्री द्वारा किए गए प्रयास का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन की पहल पर पिछड़ी जनजाति परिवारों को आगे आने का मौका मिला है। उन्होंने आकांक्षी जिला के रूप में चिन्हित कोरबा की पहचान विकास के माध्यम से सामान्य जिला के रूप में होने की कामना की। कार्यक्रम में महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि डीएमएफ से रोजगार का अवसर मिलना, डीएमएफ से जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग की सुविधा राजधानी में मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार आर्थिक रूप से संपन्न नहीं है, ऐसे में रोजगार मिलने पर उनके जीवन स्तर में बदलाव होगा। पारिवारिक एवं सामाजिक वातावरण भी बदलेगा। इसलिए रोजगार प्राप्त करने वाले कोई भी युवा बेवजह अपनी नौकरी न छोड़ें। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों के बसाहटों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के सदस्यों को रोजगार का अवसर मिलना उनके जीवन का एक नया अध्याय है।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ षासन के दिशा-निर्देश पर जिला खनिज न्यास के माध्यम से जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को चिन्हित कर योग्यतानुसार रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। पूर्व में कुछ युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में भृत्य के पद पर नियोजित किया गया था। इसी कड़ी में आज 108 युवाओं को शिक्षा विभाग अंतर्गत स्कूलों में अतिथि शिक्षक एवं भृत्य के पद पर मानदेय के आधार पर नियुक्ति प्रदान की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि रोजगार का यह अवसर अंतिम नहीं है। विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के युवा इस कार्य को करते हुए अपने अध्ययन को जारी रख सकते हैं और उच्च शिक्षा हासिल कर इससे भी बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर प्राप्त होने के पश्चात इससे बेहतर नौकरी प्राप्त नहीं होने तक इस कार्य को बीच में न छोड़ें। जिला प्रशासन द्वारा आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाने तथा विकास की राह पर आगे ले जाने रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। आप इस नियुक्ति से अपने भविष्य को और भी बेहतर बना पाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के युवाओं को रोजगार प्राप्त होने के पश्चात उन्हें मिलने वाले मानदेय की राशि को कोई नुकसान न पहुंचाए इसके लिए विशेष निगरानी भी रखी जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से पीवीटीजी के बसाहटों में बिजली, पानी, सड़क, आवास, आयुष्मान कार्ड आदि का लाभ पहुंचाने की बात कही। कार्यक्रम में विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिनिधि के रूप में पहाड़ी कोरवा युवती रेखा कोरवा ने जिला प्रषासन द्वारा डीएमएफ के माध्यम से शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस माहौल में हम जैसे परिवार के युवाओं को भाग लेने कठिन हो जाता था। रोजगार मिलने और आर्थिक रूप से मजबूत होने पर हम भी कुछ सीखकर आगे बढ़ पाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, मंत्री लखन लाल देवांगन का आभार भी जताया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी टी. पी. उपाध्याय आदि उपस्थित थे।
देवांगन के आग्रह पर मानदेय में की गई वृद्धि –
जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के शिक्षित सदस्यों को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने के साथ ही मुख्य अतिथि श्री लखन लाल देवांगन वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री ने स्कूलोें में भृत्य और अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य करने वाले युवाओं का मानदेय की राशि में दो-दो हजार रूपए वृद्धि का आग्रह किया। जिसे कलेक्टर ने सहर्ष स्वीकार करते हुए मानदेय में वृद्धि करने की बात कही। अब 06 हजार मानदेय के बदले 08 हजार, 08 हजार मानदेय के स्थान पर 10 हजार रूपए और 10 हजार मानदेय के स्थान पर 12 हजार रूपए दिया जाएगा।
कोरबा
15 जून को छोटे खातेदारों को रोजगार ,पुनर्वास एवं भू विस्थापितों की समस्याओं को लेकर जन आक्रोश रैली के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी किसान सभा,
भू विस्थापितों की रैली में शामिल होंगे लोकसभा सांसद अमराराम
आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर के साथ गांव-गांव माइक प्रचार ,बैठक के साथ घर-घर पर्चे वितरण कर भू विस्थापितों को किया जा रहा एकजुट
आंदोलन में कोरबा के चारों परियोजना के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी भू विस्थापित होंगे शामिल
कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण,पूर्व में अधिग्रहित जमीन की वापसी,पट्टा,आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने,पेयजल की व्यवस्था करने,बसावट एवं खनन प्रभावित गांवों की अन्य समस्याओं को लेकर 15 जून को जन आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा की है किसान सभा द्वारा शुरू किया गया आंदोलन भू विस्थापितों का जन सैलाब बनकर कोरबा की सड़कों पर दिखने वाला है कई भू विस्थापित संगठन इस घेराव में शामिल हो रहे है। जिला प्रशासन से भी कई बार हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की मांग की गई लेकिन प्रशासन ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया इस लिए विस्थापितों ने किसान सभा के नेतृत्व में अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव गांव में बैठक कर पर्चे वितरण के साथ भू विस्थापितों को एकजुट भी किया जा रहा है और किसान सभा ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर,पर्चे के साथ गांव गांव माइक प्रचार कर भू विस्थापितों को संगठित करने का काम कर रही है। कलेक्ट्रेट घेराव और जन आक्रोश रैली को लेकर भू विस्थापित संगठनों के साथ आम जनता का व्यापक जन समर्थन मिल रहा है।

जन आक्रोश रैली और कलेक्ट्रेट घेराव से पहले घंटाघर में सभा आयोजित होगी जिसे प्रमुख रूप से माकपा के लोकसभा सांसद और किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अमराराम,किसान सभा के राष्ट्रीय नेता अवधेश कुमार, आदिवासी एकता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और सचिव सुरेंद्र लाल सिंह एवं बाल सिंह सहित किसान सभा के प्रदेश के नेता और भू विस्थापित संगठनों के नेता संबोधित करेंगे।
जनआक्रोश रैली और कोरबा कलेक्टर घेराव लोकसभा के सांसद अमराराम के नेतृत्व में होगा
कलेक्ट्रेट घेराव को सफल बनाने के लिए गांव गांव में नुक्कड़ सभा,घर घर पर्चे वितरण एवं भू विस्थापितों को एकजुट करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है आंदोलन में कोरबा जिले के कोरबा,दीपका,गेवरा,कुसमुंडा के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी प्रभावित शामिल होंगे।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा सभी क्षेत्रों में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भू विस्थापितों के लंबित रोजगार,जमीन वापसी,पट्टा,बसावट एवं प्रभावित गांव की मूलभुत समस्याओं के निराकार के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है जिससे भू विस्थापितों के सब्र का बांध टूट चुका है। 15 जून को कोरबा की सड़को पर भू विस्थापितों। का आक्रोश जन सैलाब के रूप में दिखने वाला है। प्रबंधन और प्रशासन पहले एकजुट था अब सभी क्षेत्रों के भू विस्थापित अपने अधिकार को लेने के लिए एकजुट हो रहे है। किसानों की जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है और उद्योगों को जमीन नियमों के पालन के तहत सौंपा जाता है लेकिन उद्योग जमीन तो ले लेती है लेकिन विस्थापित जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार और पुनर्वास के लिए भटकते हैं जिला प्रशासन को जमीन अधिग्रण के साथ विस्थापित किसानों के अधिकार को दिलाने के लिए भी सामने आना होगा।
किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक,पवन यादव यादव,अमरजीत कंवर आदि ने भू-विस्थापितों की समस्याओं के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन दोनों को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 1685 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है और समस्याओं की ओर कई बार प्रशासन और प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन भू-विस्थापितों की समस्याओं के निराकरण के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है।
भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव, सचिव दामोदर श्याम ने कहा कि जिनकी जमीन एसईसीएल ने ली है, उन्हें बिना किसी शर्त के रोजगार दिया जाये क्योंकि जमीन ही उनके जीने का एकमात्र सहारा थी जबरन नए नए नियम बनाना बंद किया जाए । छोटे बड़े खातेदार के नाम पर किसानों को बांटने का काम बंद किया जाए। 15 जून को चारों क्षेत्र से पूरे परिवार सहित हजारों भू-विस्थापित कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल होंगे।
कलेक्ट्रेट घेराव में कई भू विस्थापित संगठन शामिल होंगे।
प्रमुख मांगे´
1) छोटे खातेदार के नाम पर भू विस्थापितों के रोके गए रोजगार में तत्काल रोजगार दो ।एसईसीएल में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई है और की जा रही है हर खाते में स्थायी रोजगार प्रदान किया जाये।
2) बांगों बांध के जलाशय के ठेका प्रणाली समाप्त किया जाए।और विस्थापित आदिवासी एवं स्थानीय मछुवारा समितियों को मछली पकड़ने का अधिकार दिया जाए।
3) वन टाइम सेटलमेंट कर रोजगार के पुराने लंबित मामलो का जल्द से जल्द निराकरण किया जाये | अर्जन के बाद जन्म वाले प्रकरण और एक खाता एक रोजगार नियम के विरुद्ध अलग अलग खाता का सयोंजन के कारण रोजगार से वंचितों को रोजगार प्रदान किया जाये |
4) बसावट के नाम पर 3 लाख और 15 लाख रुपए के नाम से भेदभाव बंद किया जाए और सभी क्षेत्रों के भू विस्थापितों को एक समान बसावट की 15 लाख राशि दी जाए।
5) शासन की योजनाओं से प्राप्त पट्टों एवं शासकीय और वन भूमि पर बने मकानों का मुआवजा एवं सौ प्रतिशत सोलिशियम और बसाहट की पात्रता का लाभ दिया जाये ।
6) पुराने अर्जित भूमि को मूल खातेदारों को वापस करायी जाये | अधिग्रहण के बाद जिन जमीनों पर 40 सालों में भी कोल इंडिया ने भौतिक कब्जा नहीं किया है और जिन जमीनों पर किसान ही पीढ़ियों से काबिज हैं उन्हें किसानों के नाम वापस किया जाए।
7)अर्जित गाँव से विस्थापन से पूर्व उनके पुनर्वास स्थल की सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था किया जाये |
8) एसईसीएल में आऊट सोर्सिंग से होने वाले कार्यों में भू विस्थापितों एवं प्रभावित गांव के बेरोजगारों को 100% रोजगार में रखा जाये।
9) प्रभावित एवं पुनर्वास गांव की महिलाओं को स्वरोजगार योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाये।
10) पुनर्वास गांव में कबीज भू विस्थापित परिवार को पूर्ण काबिज भूमि का पट्टा दिया जाये।
11) डिप्लेयरिंग प्रभावित गांव सुराकछार बस्ती में किसानों को हुये नुकसान का क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रदान किया जाये।
12) पूर्व में विस्थापित ग्रामों के भू विस्थापित जिन्हें बसावट नहीं दिया गया है उन्हें बसावट प्रदान किया जाए।
13) डंपिंग की मिट्टी को वापस खोदे गए खदान में भरा जाए इस डंपिंग के मिट्टी का प्रयोग दूसरे कार्यों में ना किया जाए।
14) एसईसीएल कुसमुंडा द्वारा गेवरा का अधिग्रहण 2018 में हो चुका है लेकिन अभी तक वहां पर किसानों को मुआवजा,रोजगार आदि की सुविधा नहीं दी गई है उन्हें तत्काल रोजगार मुआवजा दिया जाए नहीं तो पूर्व में जारी अधिग्रहण रद्द किया जाए।
15) खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था किया जाए।
16) आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए।
कोरबा
जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा का हुआ आयोजन:जनप्रतिनिधियों ने जनहित के मुद्दे उठाए
बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में शुक्रवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग सहित जिला पंचायत सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सामान्य सभा की बैठक में शिक्षा, सहकारिता, उद्योग विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से संबंधित कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के सुझाव दिए।

बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा करते हुए लघु एवं सीमांत किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद, उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिला स्तरीय अधिकारियों ने बैठक में अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी प्रगति तथा हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की। अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती अनंत सुष्मिता कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव (अधिवक्ता), श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी, विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान, जिला पंचायत के लेखाधिकारी राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती अमिता साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा
12 साल का कार्यकाल पूरा, भाजपा महिला मोर्चा ने सरकार की उपलब्धियां बताई
कोरबा। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 4399 दिनों के कार्यकाल व केन्द्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उपलब्धियों को साझा किया। भाषण, पेटिंग व रंगोली प्रतियोगिताएं भी हुईं। जिसमें प्रतिभागियों ने कला व विचारों के जरिए पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाई।

राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संकल्प दोहराया। भाजपा जिला कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज टीपी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री संतोषी दीवान और अध्यक्षता महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार ने की। वक्ताओं ने कहा पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम बने हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रतिभागियों को महापौर संजू देवी राजपूत ने पुरस्कृत किया।
इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा, ज्योति वर्मा, रुक्मणी नायर, अर्जुन गुप्ता, नीरज ठाकुर, संजय राठौर, वैशाली रत्नपारखी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री अनुसुईया राठौर, स्वाति कश्यप मौजूद रहीं। समापन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने और जनसेवा के लिए समर्पित भाव से काम करने के आह्वान के साथ हुआ।
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