कोरबा
छठ महापर्व: सप्तमी पर तुलसीनगर छठ घाट में श्रद्धा का सैलाब, उदीयमान सूर्य को दिया अर्ध्य
विकास अग्रवाल के सौजन्य से व्रतियों का किया गया सम्मान, चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद
कोरबा। आज सूर्य की लालिमा के साथ ही सप्तमी की चमक जिले के छठ घाटों में श्रद्धा के साथ दिखी। कोरबा शहर के तुलसीनगर छठ घाट में छठ महापर्व के अंतिम दिन सप्तमी पर अर्ध्य देने श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला। अलसुबह 4.00 बजे से ही व्रती, पूर्वांचलवासी सहित क्षेत्र के नागरिक तुलसी छठ घाट पहुंचे और सप्तमी पर छठ मैय्या की पूजा-अर्चना कर जैसे ही आसमान में सूर्य की लालिमा दिखी, प्रवाहित नहर में उतर कर भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया।
व्रतियों का सम्मान एवं वस्त्र वितरण










पूजा-अर्चना के बाद व्रतियों का पूर्व पार्षद श्रीमती आरती अग्रवाल एवं विकास अग्रवाल ने व्रतियों का सम्मान किया और वस्त्र वितरण कर चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। विकास अग्रवाल की माताश्री श्रीमती गायत्री देवी अग्रवाल, भाजपा प्रदेश मंत्री सुश्री ऋतु चौरसिया, पार्षद मथुरा बाई चंद्रा सहित पूर्वांचल के वरिष्ठ सदस्यों, तुलसीनगर छठ समिति के अध्यक्ष शत्रुहन शर्मा के हाथों व्रतियों का सम्मान कराया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विकास अग्रवाल ने सभी व्रतियों का सम्मान किया। तुलसीनगर छठ घाट में समिति द्वारा यह 15वां आयोजन था और भव्य तथा दिव्य ढंग से छठ का महापर्व यहां सम्पन्न हुआ।
सिंदूर दान से सौभाग्य की कामना


पूर्वांचल वासियों की पुरातन परंपरा के अनुसार व्रती महिलाओं ने सौभाग्यवती महिलाओं के मांग में सिंदूर दान किया और सौभाग्य की कामना की। पूर्व पार्षद श्रीमती आरती अग्रवाल ने अपनी सासुमाता के मांग में सिंदूर दान किया और पांव पखार कर सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ व्रती महिलाओं ने उपस्थित महिलाओं को सिंदूर दान किया। पार्षद मथुरा बाई चंद्रा ने भी सभी को सप्तमी पर छठ महापर्व की बधाई दी और वरिष्ठ व्रती महिलाओं से आशीर्वाद लिया। विकास अग्रवाल ने भी सभी व्रती महिलाओं का सम्मान करते हुए चरण स्पर्श किया और आशीर्वाद लिया।
छठ मैय्या की पूजा-अर्चना कर कोरबा के लिए समृद्धि की कामना




सप्तमी पर सूर्य को अर्ध्य देने के पूर्व श्रीमती गायत्री अग्रवाल, ऋतु चौरसिया, आरती अग्रवाल, विकास अग्रवाल, शत्रुहन शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, नेतागण, समाजसेवी एवं उपस्थित दिग्गजों ने छठी मैय्या की पूजा-अर्चना की और कोरबा की समृद्धि के लिए कामना करते हुए प्रार्थना की।
उगते सूरज को दिया अर्ध्य

पूर्वांचल वासियों ने भगवान सूर्य के उदीयमान स्वरूप का दर्शन किया और प्रवाहित नहर के जल में उतरकर भगवान सूर्य को सप्तमी का अर्ध्य दिया। सभी की खुशहाली और मंगलकामनाओं का यह महापर्व आज सम्पन्न हो गया।
उपस्थित जनों को प्रसाद का वितरण किया गया और सभी की मंगलकामनाओं को ह्दय में रखकर सब अपने घर की ओर प्रस्थान किए।
रौशनी से जगमग था तुलसीनगर छठ घाट

तुलसीनगर छठ घाट समिति द्वारा इस बार भी तुलसीनगर छठ घाट को रौशनी से सजाया गया था। चारों तरफ सत्व का उजास रौशनी बिखेर रहा था। व्रती महिलाएं एवं पुरूष पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर सूप में प्रसाद और छठ मैय्या की पूजन सामाग्री ले कर छठ मैय्या की पूजा-अर्चना की। सप्तमी पर छठ महापर्व का उल्लास हर किसी के चेहरे में देखने को मिल रहा था।
दीपों की जगमग से घाट भी रौशन हो रहा था। छठ मैय्या की जय, भगवान सूरज देव की जय का नारा गूंज रहा था, पारंपरिक छठ गीतों से परिसर गंूजायमान हो रहा था। पंडित के दिव्य मंत्रोच्चार से सत्व की गूंज चारों तरफ फैल रही थी। सूर्य की किरणें छठी मैय्या का स्वागत करने के लिए आतुर दिख रही थी और आसमान की सुनहरी किरणों से धरती का आभा निखर रहा था। धीरे-धीरे सूरज की किरणें धूप में बदलने लगी और सप्तमी का यह पावन दिन सूर्य के अर्ध्य के साथ छठ महापर्व के सम्पन्न होने का अवसर बता रहा था। भव्यता, दिव्यता और मंगलकामनाओं के साथ छठ महापर्व का यह पावन पर्व सम्पन्न हुआ और कार्यक्रम के अंत तक विकास अग्रवाल-आरती अग्रवाल ने सभी का अभिवादन और धन्यवाद के लिए छठ घाट में डटे रहे।
छठ महापर्व के आयोजन में इनकी भी रही भूमिका

तुलसीनगर छठ घाट में आयोजित छठ महापर्व के इस उल्लास को दिव्यता और भव्यता देने में पूर्वांचल छठ पूजा समिति तुलसीनगर कोरबा के संरक्षक विकास अग्रवाल के साथ अध्यक्ष शत्रुहन शर्मा, सचिव विवेक तिवारी, उपाध्यक्ष मंजित सिंह, सलाहकार पारस सिंह, सूरज पाण्डेय, सदस्यगण- सुरेश चंद्रा, दिनेश तिवारी, विजेंद्र गिरी, अरविंद गोस्वामी, तारकेश्वर शर्मा, अशोक मिश्रा, तारकेश्वर तिवारी सहित अन्य सदस्यों का योगदान महत्वपूर्ण रहा।


कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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