छत्तीसगढ़
CM साय बोले- बड़ी-बड़ी बात करना ठीक नहीं:राहुल गांधी बोले थे- मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर एक भी गरीब को नहीं बुलाया
रायपुर । कांग्रेस नेता और राहुल गांधी अयोध्या में बीजेपी की हार और राम के नाम पर अहंकार को लेकर लगातार घेर रहे हैं। इस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जितनी सीटें BJP को मिली है। उतना कांग्रेस का 3 चुनाव का भी अगर काउंट करें तो वह नहीं पहुंच पाते हैं। आज वह लोग बड़ी-बड़ी बातें करेंगे तो ये ठीक नहीं है।
मुख्यमंत्री ने ये बयान रायपुर पुलिस लाइन हैलीपैड पर दिया है। वहीं बीजेपी ने कहा कि बौखलाए कांग्रेस नेता स्तरहीन बयानबाजी करके अपने मानसिक दिवालियापन का प्रदर्शन कर रहे हैं।
अयोध्या हार पर राहुल गांधी भी कस चुके हैं तंज
रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर बनाया। इसमें एक भी गरीब नहीं बुलाया गया। उद्घाटन में एक किसान, एक मजदूर, एक पिछड़ा, एक दलित नहीं दिखा।आदिवासी राष्ट्रपति से कहा गया आप इसमें नहीं आ सकतीं।
राहुल ने कहा कि आपने देखा होगा, इसमें अडानी, अंबानी खड़े थे, उद्योगपति खड़े थे। पूरा बॉलीवुड खड़ा था। क्रिकेट टीमें खड़ी थीं, लेकिन एक भी गरीब नहीं था, इसलिए जवाब अयोध्या की जनता ने दे दिया।
राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी अयोध्या में हार गई, वे उत्तर प्रदेश में हार गए। वे हार गए क्योंकि वे भारत के विचार पर हमला कर रहे थे। हमारे संविधान में भारत को राज्यों का संघ कहा गया है।भारत राज्यों, भाषाओं, इतिहास, संस्कृति, धर्म और परंपराओं का एक संघ है।
आप सभी ने फोटो देखी होगी कि नरेंद्र मोदी ने संविधान को अपने माथे से लगा रखा है। ये देश की जनता ने करवाया है। देश के प्रधानमंत्री को जनता ने संदेश दिया है कि आप संविधान के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते।’
राहुल गांधी की राह पर छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने इस बात पर आश्चर्य जताया है कि विधानसभा के बाद प्रदेश की लोकसभा सीटों पर करारी हार के बाद भी कांग्रेस में हार की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। सब या आपसी जुबानी जंग में लगे हैं, या फिर हार से बौखलाए कांग्रेस नेता स्तरहीन बयानबाजी करके अपने मानसिक दिवालियापन का प्रदर्शन कर रहे हैं।
श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के भीतर अब लगातार हार की समीक्षा के लिए बैठक बुलाने की मांग जोर पकड़ रही है, लेकिन कांग्रेस नेता सिर्फ हवा-हवाई बयानबाजी करके अपनी बची-खुची सियासी साख बचाने में लगे हैं।
राहुल गांधी अहंकार और खुशफहमी में जी रहे
संजय श्रीवास्तव ने कहा कि तीन-तीन लोकसभा चुनाव में अपने नेतृत्व में कांग्रेस के लगातार दयनीय प्रदर्शन के बाद भी राहुल गांधी अहंकार और खुशफहमी में जी रहे हैं। श्रीवास्तव ने कहा राहुल गांधी पहले यह तो बताएं कि जब जीत जाने का इतना भरोसा था तो सोनिया गांधी रायबरेली सीट छोड़कर राजस्थान के रास्ते राज्यसभा में क्यों गईं?
अपनी ही अमेठी सीट छोड़कर राहुल गांधी ने दो बार केरल की वायनाड सीट क्यों चुनी?
संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कुल जमा 99 सीट हासिल करने वाले राहुल गांधी कम-से-कम यह तो मानें कि 240 का आंकड़ा 99 से लगभग ढाई गुना ज्यादा बड़ा होता है। आखिर बघेल मीडिया का सामना क्यों नहीं कर रहे और क्यों नहीं बता रहे कि वह खुद क्यों हारे और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की शर्मनाक हार क्यों हुई?
बघेल हार की जिम्मेदारी ले रहे और न दीपक बैज
श्रीवास्तव ने तंज कसा कि न बघेल हार की जिम्मेदारी ले रहे हैं, न प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज किसी एक को जिम्मेदार मान रहे हैं। बैज यह तो बताएँ कि कांग्रेस की हार के लिए अगर कोई एक नेता जिम्मेदार नहीं है तो जो-जो नेता जिम्मेदार हैं, उनकी जवाबदेही कब तक तय की जा रही है?
कोरबा
संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।
कोरबा
सुशासन तिहार में जनमन सहित अन्य प्रचार समाग्री का किया गया वितरण
कोरबा। सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जन कल्याणकारी और महत्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित तथा जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों एवं नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही जिले के सभी पांच ब्लाक में आयोजित महत्वपूर्ण शिविर स्थल-ग्राम पिपरिया, जल्के, बसीबार, बैरा, चोढ़ा, चुईया, गिधौरी, केराकछार, सिरमिना, लमना, नगोई, मोरगा, निरधी, जटगा, छिंदपुर आदि स्थानों में शिविर के माध्यम से जनमन सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का अवलोकन किया। शिविर के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में प्रचार सामग्री सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिंग टूमारो छ.ग.टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड) आदि का वितरण किया गया।
कोरबा
31 मई को मनाया जाएगा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में कोरबा जिले में 31 मई 2026 को राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले में तंबाकू सेवन एवं धुम्रपान से हाने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे जनसामान्य में धुम्रपान और तम्बाकू सेवन करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य परामर्श एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधयां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों, महाविद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्तिगत स्वाथ्य के लिए हानिकारक है , बल्कि यह हमारे परिवारों और पर्यावरण को भी नुकसान पहॅंुचाता है वर्तमान समय में कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बिमारियॉं एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण तंबाकू सेवन है।
उन्होंने आमजन से अपील किया है कि वे स्वयं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावो के प्रति जागरूक करें साथ ही विश्व तंबाकू निषेघ कार्यक्रम में सहभागिता कर तंबाकू मुक्त समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।
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