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कोरबा

जिले में रसोई गैस की सुचारू वितरण व्यवस्था हेतु कलेक्टर एवं एसपी ने ली समीक्षा बैठक, गैस एजेंसियों को दिए सख्त निर्देश

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लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने की स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन को करें सूचित:-  कलेक्टर

सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने सभी गैस एजेंसियों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरा लगाने के दिए निर्देश

बैनर के माध्यम से तहसीलदार, थाना प्रभारी व कंट्रोल रूम का सम्पर्क नंबर प्रदर्शित करने किया निर्देशित

एजेंसियों को बुकिंग डेट के अनुक्रम, फर्स्ट कम-फर्स्ट सर्व व ओटीपी ऑथेंटिकेशन से ही गैस वितरण के दिए निर्देश

कोरबा। जिले में घरेलू रसोई गैस की सुचारू उपलब्धता व वितरण सुनिश्चित करने, अवैध भंडारण, ब्लैक मार्केटिंग, अधिक कीमत पर बिक्री तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की अध्यक्षता में आज गैस वितरक एजेंसियों की  बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुचारु और पारदर्शी गैस वितरण व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सम्बन्धितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक श्री तिवारी ने सभी गैस वितरक एजेंसियों को सख्त दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट किया  कि एजेंसियों में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए, सभी एजेंसियां इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने  सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी गैस वितरक एजेंसियों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए।  एजेंसी परिसर के बाहर की गतिविधियों पर निगरानी के लिए बाहरी दिशा में भी एक कैमरा विशेष रूप से लगाने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही सभी एजेंसियों में सुरक्षा की दृष्टि से चौकीदार की व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने निर्देशित किया  कि एजेंसियों में स्टॉक की कमी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में तत्काल सूचना जिला प्रशासन सहित संबंधित तहसीलदार एवं थाना प्रभारी  को दी जाए, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने सभी एजेंसियों को अपने परिसर में बैनर के माध्यम से तहसीलदार, थाना प्रभारी का संपर्क नंबर एवं जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का नंबर भी प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा है कि आपसी समन्वय के साथ एलपीजी सिलेंडर का सुचारु भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले में एलपीजी सिलेंडर के अवैध भंडारण, ब्लैक मार्केटिंग या निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री जैसी किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। सभी गैस एजेंसियां इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और विशेष सतर्कता बरतें।


उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की डिलीवरी फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व के आधार पर और बुकिंग तिथि के अनुक्रम में ही दी जाए। कलेक्टर ने  निर्देश दिए कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ही की जाए और बिना ओटीपी के किसी भी स्थिति में सिलेंडर की डिलीवरी न हो। साथ ही उपभोक्ताओं को 25 दिनों के पूर्व दोबारा सिलेंडर जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को प्रतिदिन अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य शाखा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में तत्काल खाद्य अधिकारी को सूचित करने को कहा गया है, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो। इस अवसर पर अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, जिला खाद्य अधिकारी जी एस कंवर, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पैट्रोलियम, भारत गैस एजेंसी के अधिकारी उपस्थित थे।

जिला स्तरीय कंन्ट्रोल रूम, दूरभाष नंबर 9691901259 पर कर सकते है सम्पर्क

जिले में खाद्य नागरिक आपूर्ति से सम्बंधित आवश्यक वस्तुओं की सुचारु वितरण और परिवहन व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित कर अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है।
जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 9691901259 पर भी आमजन खाद्य आपूर्ति से संबंधित समस्या, सुझाव या आवश्यक जानकारी दर्ज करा सकते हैं। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आम जनता द्वारा प्राप्त शिकायतों, सुझावों तथा आवश्यक जानकारी का संकलन कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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कोरबा

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई

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आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही

कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है।  नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है।  इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।

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कोरबा

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित

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मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,

प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।

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कोरबा

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को

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कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।

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