जनदर्शन में विभिन्न समस्याओं के 57 आवेदन हुए प्राप्त:आमजनों ने बारी-बारी कलेक्टर के सामने रखी अपनी परेशानी
कोरबा। कलेक्टर जनदर्शन में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से अपनी शिकायतों व समस्याओं के निराकरण के लिए आए लोगों ने बारी-बारी से अपने आवेदन कलेक्टर अजीत वसंत के समक्ष रखा। कलेक्टर ने आमजनो के आवेदनों को गम्भीरता से सुनते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का जांच कर शासन के नियमानुसार निराकरण करने एवं आमजनों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में आज पोड़ी-उपरोड़ा के कटोरी नगोई से आई प्रार्थी प्रेमकली बाई ने कलेक्टर को अपने पुत्र को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करवाने व वापस घर लाने के लिए आवेदन दिया। उसने बताया कि उसके बेटे तेजप्रताप को अच्छी सैलरी की नौकरी दिलाने के नाम से बहकाकर पड़ोसी गांव के व्यक्ति द्वारा तमिलनाडु ले जाया गया था, जहां उसे बंधक बनाकर कार्य कराया जा रहा है। उसे ना तो मजदूरी दी जा रही है और ना ही घर आने दिया जा रहा है। प्रार्थिया ने अपने बुढ़ापे के सहारे को बंधुवा मजदूरी से छुड़वाकर घर वापस लाने का निवेदन किया। कलेक्टर अजीत वसंत ने आवेदन को सवेदनशीलता से लेते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा बंधुआ मजदूरी व मानव तस्करी जैसी शिकायतों पर गम्भीरता से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने श्रम अधिकारी को प्रकरण की जांच कर स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही तेजप्रताप को बंधुवा मजदूरी से मुक्त कराकर घर वापस लाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने निर्देशित किया। इसी प्रकार दादरकला की रहने वाली कुमारी पूजा कंवर ने मजदूरी भुगतान के संबंध में आवेदन देते हुए बताया कि वह निहारिका के रॉयल रसोई होटल में स्टीवर्ड का काम करती थी। उसके पिछले अगस्त से अक्टूबर माह तक का पारिश्रमिक भुगतान लंबित है। उसने कलेक्टर से यथाशीघ्र मजदूरी भुगतान कराने का आग्रह किया। कलेक्टर ने श्रम अधिकारी को आवेदन का परीक्षण कर आवेदिका को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। ग्राम सुतर्रा के निवासी तिलक राम, नर्मदा बाई व तिहारु राम द्वारा अर्जित भूमि के मुआवजा राशि दिलाने के सम्बंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में राष्ट्रीय राजमार्ग पथरापाली से कटघोरा हेतु उनकी जमीन विधिवत अर्जन की गई थी परन्तु आज दिनांक तक उन्हें मुआवजा प्रदान नहीं किया गया है। उनके द्वारा भू अर्जन शाखा कटघोरा का कई बार चक्कर लगाया जा चुका है पर उन्हें हर बार मुआवजा राशि उनके खाते में भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया जाता है। उन्होंने कलेक्टर से शीघ्र मुआवजा राशि दिलाने का निवेदन किया। कलेक्टर ने प्रकरण को टीएल में दर्ज करते हुए एसडीओ राजस्व को प्रकरण का परीक्षण कर यथाशीघ्र आवेदको मुआवजा राशि प्रदान कर प्रकरण निराकृत करने हेतु निर्देशित किया। विकासखण्ड पाली के ग्राम नुनेरा निवासी झगल राम ने कलेक्टर को वन अधिकार पट्टा दिलाने का आवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में उसके व उसकी पत्नी समारिन बाई के नाम से वन अधिकार पट्टा बनाया गया है, परन्तु आज तक वितरित नहीं हुआ है। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग को नुनेरा ग्राम के वन अधिकार पट्टाधारी हितग्राहियों की सूची की परीक्षण कर आवेदक के नाम की जांच करने के निर्देश दिए एवं उन्हें पात्रतानुसार पट्टा वितरित करने निर्देशित किया। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने का आवेदन लेकर आए तरदा के कपूरदास बघेल ने कलेक्टर को बताया कि उसके खाते में लैंड सीडिंग की समस्या के कारण कुछ दिनों से योजना की राशि नही आ रही है। जिससे उसे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने कृषि अधिकारी को आवेदक के खाते में लैंड सीडिंग की समस्या का समाधान कर उसे पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार आज जनदर्शन में भूमि सीमांकन, बंटवारा, रिकार्ड दुरुस्ती, मुआवजा राशि दिलाने, मजदूरी भुगतान, कानूनी सहायता दिलाने, प्राकृतिक आपदा के तहत सहायता राशि दिलाने सहित अन्य समस्याओं के कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों को सम्बंधित अधिकारियों को आवेदन का परीक्षण कर समय सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत व अपर कलेक्टर दिनेश नेताम, संयुक्त कलेक्टर मनोज बंजारे, शिक्षा विभाग, कृषि, समाज कल्याण खाद्य सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कोरबा। कोरबा जिले के मुड़ा पार स्थित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर सोमवार को शाम 7:00 बजे समय से पहले ही बंद मिला। स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण केंद्र में ताला लगा हुआ था, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वे निर्धारित समय के भीतर इलाज की उम्मीद लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे, लेकिन शाम 7:00 बजे केंद्र बंद मिला। स्टाफ के नदारद रहने से मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा। महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हुई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई बार स्टाफ समय पर उपस्थित नहीं रहता। लोगों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और केंद्र की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और लोगों को बुनियादी सुविधा का लाभ मिल सके।
कोरबा। नगर निगम ने 84 बड़े बकाएदारों के नाम सार्वजनिक करते हुए जमा नहीं करने पर संपत्ति कुर्की की चेतावनी दी है। कई लोगों का 4 से 7 लाख टैक्स बकाया है। नोटिस जारी करने के बाद भी टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने कम टैक्स वसूली पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद संपत्ति कर, जल कर, मकान और दुकान किराया समेत अन्य कर जमा नहीं करने वालों का नाम सार्वजनिक किया है। टैक्स जमा नहीं होने पर निगम को नुकसान भी हो रहा है। अभी नगर निगम टैक्स वसूली के लिए वार्डों में शिविर भी आयोजित कर रहा है।
इस साल 144 करोड़ टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा है। इसमें करीब 45 प्रतिशत की वसूली हो पाई है। आयुक्त ने निगम के ठेकेदारों को टेंडर भरने से अयोग्य घोषित करने कहा है। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है, जिनका टैक्स बकाया है। सबसे अधिक बकाया वालों में रामभगत मित्तल का 3 लाख 35 हजार 347, मोहनलाल अग्रवाल का 7 लाख 31 हजार 624, शकुंतला देवी का 3 लाख 92 हजार, शिवकुमार अग्रवाल और गोपाल प्रसाद अग्रवाल का 4 लाख 91207, बलविंदर सिंह का 3 लाख 70 हजार, विनय शंकर द्विवेदी का 1 लाख 22 हजार 574, राजकुमार मोदी का 1 लाख 29101 रुपए बकाया है। 50 हजार से अधिक बकाया वालों को पहले नोटिस जारी किया है।
कोरबा। श्री अग्रसेन पब्लिक स्कूल के शिक्षक शिक्षकाओं के द्वारा शहर से 20 किलोमीटर दूर परसाखोला में वन भोज का आयोजन किया गया। जिसमें श्री अग्रसेन शिक्षक समिति के अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि वनभोज में विद्यालय के शिक्षक शामिल हुए। पढाई के साथ साथ विद्यालय के द्वारा वनभोज से शिक्षकों के मानसिक शांति के अनुभव होने के साथ-साथ बच्चों के पढाई में एक अभिरूचि भी पैदा होती है।
आने वाला समय परीक्षाओं का होगा, जिससे मानसिक शांति से वे अच्छी तैयारी भी करा सकते हैं। ताकि स्कूल के छात्र अच्छे अंक अर्जित कर सकें। इस अवसर पर प्राचार्य रीना चौधरी ने बताया कि वनभोज से हमारे बीच उत्साह पूर्व वार्तावरण बनता है। वनभोज के साथ साथ विभिन्न प्रतियोगिता का अयोजन भी किया गया जिसमें विजेताओं को पुरस्कार भी दिए गए।