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छत्तीसगढ़

कांग्रेस बोली- शिक्षक दिवस पर टीचर्स का हुआ अपमान:राजभवन में लाइन लगवाकर पहले ही मोमेंटो-प्रशस्ति पत्र पकड़ाया, संघ बोला- यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन

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रायपुर,एजेंसी। शिक्षक दिवस पर राजभवन में समारोह को लेकर कांग्रेस और शिक्षक संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, यह कार्यक्रम शिक्षकों के सम्मान का नहीं बल्कि अपमान का प्रतीक बन गया।

वहीं, शालेय शिक्षाकर्मी संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि कार्यक्रम के लिए शिक्षकों का ड्रेस कोड रखा गया था। इस कार्यक्रम में शिक्षकों के व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन हुआ। इससे पहले भी राज्यपाल रहे है। उन्होंने पूर्व में अपने हाथों से शिक्षकों को सम्मानित किया। शिक्षा विभाग इस नई परंपरा का सुधार करें।

राजभवन के अंदर छत्तीसगढ़ मण्डपम में शिक्षकों के सम्मान के दौरान ग्रुप में फोटो खिंचवाई गई।

राजभवन के अंदर छत्तीसगढ़ मण्डपम में शिक्षकों के सम्मान के दौरान ग्रुप में फोटो खिंचवाई गई।

अगर आदर से सम्मानित नहीं करना था तो बुलाया क्यों?

कांग्रेस नेता सुशील आनंद ने सवाल उठाया कि, अगर शिक्षकों को सम्मानित करने का समय और शिष्टाचार नहीं था, तो उन्हें कार्यक्रम में बुलाया ही क्यों गया। उन्होंने कहा कि आपके पास इतना समय नहीं है कि आप अपने हाथों से मोमेंटो दें, प्रमाण पत्र दें? राजभवन अधिकारियों की यह कोताही बर्दाश्त के योग्य नहीं है।

व्यक्तिगत सम्मान होना चाहिए था

शालेय शिक्षाकर्मी संघ अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि, शिक्षकों का वित्तीय बोझ पहले से ही बहुत है, और ऐसे में शिक्षकों पर ड्रेस कोड थोपना भी उचित नहीं है। दुबे ने कहा कि उन्होंने कहा कि शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर राज्यपाल के हाथों से सम्मानित किया जाना चाहिए था।

लेकिन इस बार पांच-पांच के समूह में बुलाकर पहले से ही प्रशस्ति पत्र और सामग्री दे दी गई। इस बार राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में ऐसा लगा जैसे केवल फोटो सेशन किया जा रहा हो। यह गलत परंपरा शिक्षा विभाग ने शुरू की है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल रमेन डेका भाषण देते।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल रमेन डेका भाषण देते।

मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में हुआ अपमान

कांग्रेस प्रवक्ता सुशील ने कहा कि, जब शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा था उस दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में यह सब हुआ और शिक्षा मंत्री को इस विषय पर ध्यान देना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं यह केवल राज्य के उत्कृष्ट शिक्षकों का ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी शिक्षकों का अपमान है।कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि भाजपा सरकार और राजभवन को शिक्षकों से इस आचरण के लिए माफी मांगनी चाहिए।

इन शिक्षकों का हुआ सम्मान

जिलाशिक्षक
रायपुरप्रधान पाठक गोपाल राम यादव
रायपुरसहायक शिक्षक (एल.बी.) कामिनी साहू
धमतरीप्रधान पाठक: किरण साहू
धमतरीसहायक शिक्षक (एल.बी.): कु. प्रीति शांडिल्य
सारंगढ़-बिलाईगढ़प्रधान पाठक: प्रियंका गोस्वामी
सारंगढ़-बिलाईगढ़व्याख्याता (एल.बी.): समय लाल काठे
राजनांदगांवप्राचार्य: डॉ. शोभा श्रीवास्तव
राजनांदगांवप्रधान पाठक: मुन्हेलाल लिल्हारे
दंतेवाड़ाप्रधान अध्यापक: सुमन जॉर्ज
दंतेवाड़ासहायक शिक्षक (एल.बी.): सुनीता अजीत
कबीरधामव्याख्याता: रमेश कुमार चंद्रवंशी
कबीरधामव्याख्याता: कामिनी जोशी
जिलाशिक्षक
सरगुजाशिक्षक: बंदना महथा
सरगुजाव्याख्याता: अनिता मंदिलवार
नारायणपुरशिक्षक (एल.बी.): उमेश कुमार सलाम
नारायणपुरप्रधान अध्यापक: सविता यादव
जशपुरप्रधान पाठक: सरिता नायक
जशपुरप्रधान पाठक: प्रवीण कुमार पाठक
कोरियाव्याख्याता / प्रभारी प्राचार्य: अमित लाल गुप्ता
कोरियाजेल शिक्षक: विवेक सिद्धिकी
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुरव्याख्याता (एल.बी.): राजेश कुमार द्विवेदी
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुरप्रधान पाठक: मीना जायसवाल
खैरागढ़-छुईखदान-गंडईप्रधान अध्यापक: किशोर कुमार शर्मा
खैरागढ़-छुईखदान-गंडईसहायक शिक्षक (एल.बी.): राजेश कुमार प्रजापति
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकीप्रधान पाठक: संध्या साहू
जिलाशिक्षक
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकीव्याख्याता (एल.बी.): संजय देवांगन
बलरामपुर-रामानुजगंजशिक्षक (एल.बी.): चन्द्रमुखी मेहता
दुर्गशिक्षक (एल.बी.): नरोत्तम कुमार साहू
दुर्गशिक्षक (एल.बी.): खेमलता गोस्वामी
कोरबाशिक्षक (एल.बी.): मधुलिका
कोरबाप्रधान पाठक: प्रिया दुबे
सूरजपुरप्रधान पाठक: रंजय कुमार सिंह
सूरजपुरव्याख्याता (एल.बी.): प्रदीप कुमार जायसवाल
बलौदाबाजार-भाटापाराशिक्षक (एल.बी.): मोहन लाल वर्मा
बलौदाबाजार-भाटापाराव्याख्याता (एल.बी.): जगदीश साहू
मुंगेलीव्याख्याता (एल.बी.): दुर्गा तिवारी
मुंगेलीसहायक शिक्षक (एल.बी.): सुधारानी शर्मा
जिलाशिक्षक
कोंडागांवप्रभारी प्राचार्य: मनोज कुमार डड़सेना
कोंडागांवशिक्षक (एल.बी.): शिवचरण साहू
रायगढ़सहायक शिक्षक (एल.बी.): टिकेश्वर प्रसाद पटेल
रायगढ़प्रधान पाठक: नंद किशोर सतपथी
सुकमासहायक शिक्षक: अंजु बारसे
सुकमाशिक्षक (एल.बी.): गंगाधर राना
गरियाबंदसहायक शिक्षक (एल.बी.): खोमन लाल सिन्हा
गरियाबंदशिक्षक (एल.बी.): दिप्ती मिश्रा
सक्तिशिक्षक (एल.बी.): संजीव कुमार चंद्रवंशी
सक्तिसहायक शिक्षक (एल.बी.): नीरा साहू
बालोदव्याख्याता (एल.बी.): नरोत्तम कुमार यदु
बालोदसहायक शिक्षक (एल.बी.): एनुका सार्वा
जिलाशिक्षक
जांजगीर-चांपाव्याख्याता: अमृत लाल साहू
जांजगीर-चांपाव्याख्याता (एल.बी.): प्रतीक्षा सिंह
बेमेतराशिक्षक (एल.बी.): सुनीता राजपूत
बेमेतराशिक्षक (एल.बी.): केवरा सेन
महासमुंदव्याख्याता (एल.बी.): जगदीश सिन्हा
महासमुंदव्याख्याता (एल.बी.): डॉ. ज्योति किरण चंद्राकर
बिलासपुरव्याख्याता (एल.बी.): शांति सोनी
बिलासपुरप्रधान पाठक: शिव कुमार छत्रवाणी
बस्तरव्याख्याता: सईदा खान
बस्तरव्याख्याता/प्रधान अध्यापक: देवश्री गोयल
उत्तर बस्तर कांकेरव्याख्याता: कुसुम जैन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाहीप्राचार्य: आरती तिवारी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाहीप्रधान पाठक (एल.बी.): कु. साबरा निशा
बीजापुरप्रधान पाठक: जगदीश तोरेंम
बीजापुरव्याख्याता (एल.बी.): अरुण कुमार सिंह
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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में दो दिन में 9 करोड़ का गांजा पकड़ाया:लग्जरी कारों-बसों से हो रही तस्करी, रायगढ़, मनेंद्रगढ़ और सूरजपुर में कार्रवाई

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रायगढ़/मनेंद्रगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों में कुल 8 करोड़ 65 लाख रुपए का गांजा पकड़ा गया है। अलग-अलग जिलों में लग्जरी कारों और बसों के जरिए से इसकी तस्करी हो रही थी।

शुक्रवार को 2 अलग-अलग कार्रवाई में कारों से गांजा मिला। रायगढ़ जिले में करीब 300 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ा गया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं। एक दिन पहले सूरजपुर जिले में पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ के गांजे की गठरियां पकड़ी थीं। जिनका वजन 8 क्विंटल 30 किलो था।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।

केस 1- रायगढ़ में लग्जरी कारों में मिला गांजा

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (5 जून) सुबह पुलिस को सूचना मिली कि, ओडिशा के सोनपुर इलाके से गांजे की बड़ी खेप 2 सफेद कारों में भरकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर ले जाई जा रही है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान कटकलिया मार्ग पर एक इनोवा क्रिस्टा और एक मारुति सुजुकी XL-6 को रोककर जांच की।

जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी हुई थीं। गाड़ी में ओडिशा नंबर प्लेट OD-10-H-0050 के नीचे छत्तीसगढ़ नंबर CG-13-BY-6540 की दूसरी नंबर प्लेट लगी थी। इससे पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद वाहन में सवार युवकों से पूछताछ शुरू की गई।

कार में मिला 300 किलो गांजा

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के दोनों कारों की तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों वाहनों से करीब 300 किलो गांजा मिला। जब्त गांजा की कीमत बाजार में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

1 करोड़ 86 लाख की संपत्ति जब्त

पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा की यह खेप मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने साथियों तक पहुंचाने जा रहे थे।

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 300 किलो गांजा, दो कारें और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपए बताई जा रही है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।

आरोपियों को किया गिरफ्तार

धर्मेंद्र मौर्य (27) निवासी अनूपपुर (मध्यप्रदेश)

निखिल कश्यप (23) निवासी रामानुजगंज

रिंकु कश्यप (28) निवासी सरगुजा

केस 2 – मनेंद्रगढ़ में 3 करोड़ का गांजा पकड़ाया

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 2 कारों से करीब 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस को देखते ही तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग गए।

पुलिस गाड़ी नंबरों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गांजा किस स्थान से लाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।

केस 3 – सूरजपुर में बस से पकड़ाया 4 करोड़ का गांजा

सूरजपुर जिले में गुरुवार को पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ का गांजा जब्त किया था। 8 क्विंटल 30 किलो गांजा कपड़ों की गठरियों में छिपाकर रखा गया था। बस के जरिए झाड़ू बेचने की आड़ में गांजा कटनी भेजा जा रहा था। बस में महिला और पुरुष सवार थे।

पुलिस ने ड्राइवर समेत 6 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। महिलाओं के साथ 4 दुधमुंहे बच्चे भी थे। मामले में 18 से 19 अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। मामला जयनगर थाना क्षेत्र का है।

ड्राइवर ने कहा कि किसी बाबू ने बस अंबिकापुर के कालीघाट से बुक की थी। सामान मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पिपरिया कला ले जाया जा रहा था। कालीघाट से करीब 20-22 लोग बस में बैठे थे।

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कोरबा

हर पौधा बनेगा एक स्मृति, हर वृक्ष रचेगा हरित विरासत की नई कहानीः सीईओ राजेश कुमार सिंह

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बालकोनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालको टाउनशिप में ‘स्मृति उद्यान’ का शुभारंभ किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इसके उपरांत 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधे रोपे। इस अवसर पर बालको के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

‘स्मृति उद्यान’ केवल एक पौधारोपण पहल नहीं है, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक मंच है, जहां प्रत्येक पौधा उन प्रियजनों को समर्पित किया गया जिन्होंने जीवन को प्रेम, मार्गदर्शन और प्रेरणा से समृद्ध किया। वृक्ष केवल प्रकृति का उपहार नहीं हैं, बल्कि जीवन, आशा और निरंतरता के प्रतीक भी हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनेगा।

बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा, “स्मृति उद्यान हमारे प्रियजनों की यादों को प्रकृति के माध्यम से सहेजने का एक अनूठा प्रयास है। यहाँ लगाया गया प्रत्येक पौधा अपने साथ एक व्यक्तिगत कहानी, एक भावना और एक स्मृति लेकर बढ़ेगा। आज रोपे गए अमलतास के पौधे स्मरण और प्रकृति के बीच एक स्थायी संबंध का प्रतीक हैं। यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण की दिशा में हमारा दीर्घकालिक निवेश है।”

स्मृति उद्यान विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ हुआ एक दीर्घकालिक अभियान है, जो आने वाले वर्षों तक लोगों की भावनाओं और प्रकृति को जोड़ता रहेगा। भविष्य में भी कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं समुदाय के सदस्य अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, किसी उपलब्धि का उत्सव अथवा किसी प्रियजन की स्मृति पर यहाँ आकर पौधारोपण कर सकेंगे। आने वाले वर्षों में यह उद्यान कई कहानियों, स्मृतियों और वृक्षों का जीवंत संग्रह बन जाएगा।

स्मृति उद्यान में औषधीय गुणों से भरपूर अमलतास के पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में अपने आकर्षक सुनहरे पीले पुष्पों से टाउनशिप की सुंदरता को और बढ़ाएंगे। यह न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाता है, बल्कि मधुमक्खियों एवं तितलियों जैसे परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र तथा उनके घरों एवं आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक खाद भी वितरित की गई।

स्मृति उद्यान के अलावा बीते तीन महीनों में बालको द्वारा टाउनशिप के विभिन्न हरित क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें 2,000 बोगनवेलिया एवं 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। इस पहल ने टाउनशिप की हरियाली और सौंदर्य को और समृद्ध किया है। टाउनशिप में पहले से ही फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन तथा अन्य प्रमुख हरित स्थल मौजूद हैं। बालको का यह सतत प्रयास पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ते हुए एक हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा’ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के उद्योगों पर पर्यावरण विभाग सख्त:94 को नोटिस जारी, 3.03 करोड़ का वसूला जुर्माना; रायपुर की हवा में 4% सुधार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले इंडस्ट्रीज के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं, जबकि 82 इंडस्ट्रीज के उत्पादन बंद करने और उनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 3.03 करोड़ रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं, राजधानी की हवा में लगभग 4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

इन जिलों में नियमित निगरानी

पर्यावरण संरक्षण मंडल के मुताबिक रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों के उद्योगों की लगातार जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन उद्योगों में हवा और पानी को प्रदूषित करने से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1974 के तहत की गई।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।

इंडस्ट्रीज पर करोड़ों का जुर्माना

जांच में 96 इंडस्ट्रीज पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार रुपए से ज्यादा का पर्यावरण जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 136 उद्योगों और संस्थानों पर, जो बिना ढंके कच्चा माल, उत्पाद और कचरा ले जा रहे थे, उन पर 51 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया।

फ्लाई ऐश के गलत तरीके से परिवहन और डंपिंग के मामले में 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपए की अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाई गई। इस तरह कुल जुर्माना 3 करोड़ 3 लाख रुपए से अधिक पहुंच गया है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।

सिंगल-यूज प्लास्टिक पर भी कार्रवाई

पर्यावरण मंडल ने प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और इस्तेमाल के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान एक उद्योग का उत्पादन बंद कराया गया और उस पर 87 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

दूसरे उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। इसके अलावा दो अन्य इकाइयों का भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई है।

रायपुर की हवा हुई बेहतर

पर्यावरण विभाग की सख्ती का असर रायपुर की हवा पर भी दिखा है। साल 2024 में रायपुर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 65.38 था, जो 2025 में घटकर 62.86 हो गया। यानी शहर की हवा में करीब 4 प्रतिशत सुधार हुआ है। यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में आता है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने साफ किया है कि पर्यावरण नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आगे भी नियम तोड़ने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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