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कोरबा

कोरबा में गौ तस्करी की आशंका पर विवाद:गौ सेवक और खटाल संचालक भिड़े, पुलिस ने की कार्रवाई

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कोरबा। कोरबा में गौ तस्करी की आशंका पर दो गुटों के बीच जमकर विवाद हो गया। यह घटना रविवार देर रात पुलिस लाइन मुख्य मार्ग पर हुई, जिसकी सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस और कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

गौ सेवकों को माजदा वाहन क्रमांक सीजी 12 बीवी 4529 में मवेशी ले जाने की जानकारी मिली थी। उन्होंने रिसदी चौक के पास वाहन को रोका और जांच की, जिसमें आधा दर्जन से अधिक भैंस और बछड़े भरे हुए पाए गए। गौ सेवकों ने वाहन चालक से पूछताछ की, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर विवाद शुरू हो गया।

गौ सेवकों को मवेशियों की तस्करी का संदेह था, जिससे विवाद

गौ सेवकों को मवेशियों की तस्करी का संदेह था, जिससे विवाद

क्या है मामला

बताया गया कि ये मवेशी गोकुलनगर स्थित खटाल से ले जाए जा रहे थे। गौ सेवकों को मवेशियों की तस्करी का संदेह था, जिससे विवाद बढ़ गया। खटाल संचालक भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद गौ सेवक और खटाल संचालक आमने-सामने आ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वहां लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।

सिविल लाइन थाना पुलिस और सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। जांच के दौरान मवेशी मालिक के साथ हुए लिखित दस्तावेजों को पुलिस के सामने प्रस्तुत किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मवेशियों को दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। इसके बाद मामला शांत हुआ।

इस घटना में वाहन चालक के साथ मारपीट की भी खबर है। उसकी शिकायत पर मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मवेशी से भरे वाहन के चालक के खिलाफ भी पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची थी और वहां भैंस से भरी गाड़ी मिली। मामले में आगे की जांच जारी है।

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कोरबा

कांग्रेसी पार्षद के बेटे-बेटी को एंबुलेंस ने मारी टक्कर:कोरबा के कटघोरा में हादसा, दोनों गंभीर रूप से घायल

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कोरबा/कटघोरा। कोरबा के कटघोरा में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसा हो गया। तहसील चौक पर तेज रफ्तार एंबुलेंस ने बाइक सवार युवक-युवती को टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों की पहचान कुसमुंडा की कांग्रेसी पार्षद गीता गवेल के बेटे और बेटी के रूप में हुई है। उन्हें कटघोरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की खबर सुनते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।

बताया जा रहा है कि भाई-बहन किसी काम से कटघोरा गए हुए थे। इसी दौरान तेज रफ्तार एंबुलेंस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बाइक बुरी तरह चकनाचूर हो गई।

एंबुलेंस में मरीज सवार था, जिसे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इस हादसे में एंबुलेंस का अगला हिस्सा डैमेज हो गया, हालांकि मरीज को कोई चोट नहीं आई है।

कटघोरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर एंबुलेंस जब्त कर ली है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील चौक पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

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करतला

मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना में उपभोक्ता को मिला बड़ा लाभ

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पाली के केराझरिया में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए वितरण कम्पनी के प्रबंध निदेशक

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा राज्य शासन की मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का लाभ अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुँचाने हेतु सभी वितरण केंद्रों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पाली सब-डिवीजन में आयोजित विशेष शिविर में वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर शामिल हुए। प्रबंध निदेशक ने शासन की इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
पाली में आयोजित इस शिविर में कुल 20 पात्र उपभोक्ताओं द्वारा रूपये 01 लाख 29 हजार की राशि जमा की गई तथा उन्हें मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत रूपये 03 लाख 48 हजार की छूट प्रदान की गई। राज्य शासन की यह योजना कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक संकट से प्रभावित निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने हेतु चलाई जा रही है, जिसमें बकाया बिल पर सरचार्ज पूर्णतः माफ किया जा रहा है तथा बिल राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

शिविर के दौरान ग्राम केराझरिया निवासी उपभोक्ता जगत प्रसाद की पुत्री द्वारा यह बताया गया कि वे कोरोना काल एवं अन्य आर्थिक कारणों से बिजली बिल की शेष राशि जमा करने में असमर्थ हैं, जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है। स्थिति से अवगत होने पर प्रबंध निदेशक की पत्नी श्रीमती मंजुला सिंह कंवर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उपभोक्ता के बकाया रूपये 08 हजार 022 की राशि स्वयं जमा कर सहायता प्रदान की। इस सहयोग से संबंधित उपभोक्ता का बिजली बिल पूर्णतः शून्य हो गया।

शिविर में ज्ञान सिंह राजपाल एवं प्रयाग नारायण सिंह, ए.के. अंबस्ट (कार्यपालक निदेशक, बिलासपुर), बी.के. सरकार (अधीक्षण यंत्री, कोरबा), अंशु वार्शने (कार्यपालन यंत्री, कटघोरा), शेखर सोनी (सहायक अभियंता, कटघोरा), एन.पी. सोनी (सहायक अभियंता, पाली), सुश्री मुंजि तिग्गा (कनिष्ठ अभियंता, पाली) सहित विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

जनगणना-2027 की तैयारी तेज, 23 मार्च से 10 जून तक जिले में अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियाँ प्रतिबंधित

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कोरबा। भारत सरकार गृह मंत्रालय तथा भारत के महापंजीयक (रजिस्टार जनरल आफ इंडिया) के निर्देशानुसार आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देने के लिए जिला कोरबा में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी, जिला कोरबा के द्वारा आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया है कि 1 मई 2026 से 30 जून 2026 की अवधि में संचालित होने वाली “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” की कार्यवाही को समयबद्ध, व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले में अवकाश प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार 23 मार्च 2026 से 10 जून 2026 तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को नियत अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी की पूर्व अनुमति से अवकाश प्रदान किया जा सकेगा। इस अवधि में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को मुख्यालय त्यागने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। जनगणना कार्य में संलग्न कर्मचारियों को प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण तथा फील्ड कार्य की तैयारी के लिए सदैव उपलब्ध रहना होगा।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि 23 मार्च 2026 के पूर्व स्वीकृत सभी अवकाश आदेश स्वतः निरस्त माने जाएंगे, जबकि चिकित्सा अवकाश को ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से यथावत रखा जा सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी विभागों से इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण सांख्यिकीय कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनगणना देश की आधारभूत नीति-निर्माण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण स्तंभ है, इसलिए इससे जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करना होगा। आदेश की प्रतियां जिले के सभी नगरीय निकायों, तहसीलों, जनगणना कार्यालयों तथा अन्य संस्थानों को अवगत करा दी गई है।

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