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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में प्रार्थना-सभा की आड़ में धर्मांतरण:हिंदू संगठनों का आरोप-लालच देकर हिंदुओं को बुलाया, जमकर मचा बवाल, पास्टर समेत सात गिरफ्तार, बाइबिल और डायरी जब्त

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का एक और मामला सामने आया है। हिंदू संगठनों के विरोध और हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पास्टर समेत सात लोगों को पकड़ा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हिंदुओं को प्रलोभन देकर धर्म सभा के बहाने बुलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था।

पुलिस ने उनके पास से बड़ी संख्या में बाइबिल और डायरियां बरामद की हैं। इस मामले में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र की है।

प्रार्थना सभा और धर्मांतरण को लेकर पहले भी कई बार हो चुका है बवाल।

प्रार्थना सभा और धर्मांतरण को लेकर पहले भी कई बार हो चुका है बवाल।

ग्राम भदौरा में रहने वाले बाबा शर्मा उर्फ पुर्णेनंद्र शर्मा सहित हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि बुधवार को पेंड्री में संदीपनी स्कूल पास के पोल्ट्री फार्म में प्रार्थना सभा कराई जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू परिवार की महिलाओं और बच्चों को बुलाया गया है। खबर मिलते ही कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और जमकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी।

पोल्ट्री फार्म में प्रार्थना सभा, धर्मांतरण कराने का आरोप।

पोल्ट्री फार्म में प्रार्थना सभा, धर्मांतरण कराने का आरोप।

पुलिस ने पोल्ट्री फार्म में दी दबिश, पास्टर समेत पांच गिरफ्तार

हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की सूचना पर टीआई हरीश तांडेकर दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पोल्ट्री फार्म में दबिश देकर जांच की। जहां, पास्टर संजीव कुमार सूर्यवंशी समेत उसके सहयोगी प्रार्थना सभा के नाम पर हिंदुओं को प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहे थे।

पुलिस ने वहां से भारी बाइबिल और अन्य डायरियां बरामद की हैं। पुलिस की टीम पास्टर समेत सात लोगों को थाने ले गई। पुलिस ने बाबा शर्मा उर्फ पुर्णेनंद्र शर्मा की शिकायत पर पास्टर और उसके साथियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया है।

पुलिस ने कथित पास्टर समेत सात लोगों पर केस दर्ज किया है।

पुलिस ने कथित पास्टर समेत सात लोगों पर केस दर्ज किया है।

हिंदू संगठन के लोगों का आरोप- लालच देकर महिलाओं व बच्चों को बुलाया

हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाते हुए पुलिस को बताया कि पास्टर और उसके साथियों ने हिंदू परिवार की महिलाओं और बच्चों को इलाज और अच्छे जीवन का प्रलोभन देकर बुलाया था। यहां पर प्रार्थना की आड़ में उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था। हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने जब इसका विरोध किया तो पास्टर और उसके साथी हुज्जतबाजी करने लगे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : असम के तैराकों ने राज्यपाल डेका से की सौजन्य भेंट

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9 पदक जीतकर बने फर्स्ट रनर-अप

असम के तैराकों ने राज्यपाल श्री डेका से की सौजन्य भेंट
असम के तैराकों ने राज्यपाल श्री डेका से की सौजन्य भेंट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 प्रतियोगिता में भाग लेने आए असम राज्य के तैराक खिलाडि़यों ने आज यहां लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य मुलाकात की। खिलाडि़यों ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक जीतकर फर्स्ट रनर-अप का स्थान हासिल किया है।
    राज्यपाल श्री डेका ने खिलाडि़यों की इस उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेलों में अनुशासन, समर्पण और टीम भावना से ही ऐसी सफलता हासिल होती है। राज्यपाल ने खिलाडि़यों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    इस अवसर पर खिलाडि़यों के साथ असम स्विमिंग एसोसिएशन के संयुक्त सचिव दिव्य ज्योति शर्मा, तकनीकी अधिकारी जान मनी बोरा तथा कोच भी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

भिलाई : लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाएं- राज्यपाल डेका

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छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

भिलाई। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ माना गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक मिशन और साधना है। समाज का दर्पण कहलाने वाली पत्रकारिता ने सदैव जनता और सत्ता के बीच संपर्क-सेतु की भूमिका निभाई है और लोगों को जागरूक किया है। इसलिए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। 

          राज्यपाल श्री डेका आज भिलाई सेक्टर 4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि की आंसदी से सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री डेका ने इस अवसर पर महिला पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मानित किया, जिसमें शगुफ्ता शीरीन, अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर, साक्षी सोनी शामिल है। इसी प्रकार समाज सेवी महिलाओं साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंग, सुनीता जैन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

     राज्यपाल श्री डेका ने वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि आज पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया के विस्फोट ने सूचना के प्रवाह को लोकतांत्रिक तो बनाया है, लेकिन साथ ही विश्वास का गंभीर संकट भी खड़ा किया है। फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर व्यक्ति ‘पत्रकार‘ बन चुका है और सत्यापन से पहले ही समाचार वायरल हो जाते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ‘फेक न्यूज‘ और ‘डीपफेक‘ ने सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली कर दी है। इन सबके बीच आज भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा।

      एक स्वस्थ पत्रकारिता ही एक स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने इस चौथे स्तंभ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर दुबे, सचिव सतीश बौद्ध एवं अन्य पदाधिकारी और राजाराम त्रिपाठी, प्रो. संजय त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज सहित बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के पत्रकार उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

कोरिया : जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की सराहना

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कोरिया मॉडल की देशभर में गुंज- प्रधानमंत्री ने बताया जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण

कोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण: जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की सराहना

कोरिया। कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है।

जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की सराहना

इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं।

पृष्ठभूमि

कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था। 

कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा

“जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं।

सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय

महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना। 

2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण)

जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ। यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब) बड़े तालाबों के बराबर और 1800 से अधिक (1500 m³/ डबरी) डबरियों के बराबर है। (गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।)

भूजल स्तर में सुधार

CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है। 

2026 में प्रगति

20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं।

कलेक्टर का वक्तव्य

जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा—

“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”
कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

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