छत्तीसगढ़
हरियाणा में CRPF जवान की गोली मारकर हत्या
छत्तीसगढ़ से 1 महीने की छुट्टी आया था; 3 दिन पहले बेटा पैदा हुआ, पत्नी अभी अस्पताल में
सोनीपत/रायपुर,एजेंसी। हरियाणा के सोनीपत में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारे रविवार की देर रात में उसे घर से बुलाकर ले गए और गोली मार दी।
गोली की आवाज सुनते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो जवान उन्हें लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। परिजन तुरंत उसे अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही सदर गोहाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान गांव खेड़ी दमकन निवासी कृष्ण के रूप में हुई है।
कृष्ण वर्तमान में छत्तीसगढ़ में तैनात था और एक महीने की छुट्टी लेकर घर आया था। जवान 2 बच्चों का पिता था, जिनमें से एक बच्चे का जन्म 3 दिन पहले ही हुआ है। उसकी पत्नी अभी भी अस्पताल में भर्ती है।
पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि हाल ही में जवान हरिद्वार से कांवड़ लेने गया था, जहां कुछ युवकों से उसका झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में उसकी हत्या करने की बात सामने आई है। फिलहाल, पुलिस ने खुलासे के लिए चार टीमों को लगाया है।

खानपुर मेडिकल कॉलेज में आज मृतक जवान कृष्ण के शव का पोस्टमॉर्टम होगा। मेडिकल कॉलेज में मौजूद जवान के पिता बलवान मोबाइल पर परिवार के लोगों को मामले की जानकारी देते हुए।
यहां सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला…
- 11 साल पहले लगी नौकरी, 7 साल पहले शादी हुई:
- पुलिस के मुताबिक कृष्ण करीबन 11 साल पहले सीआरपीएफ में नौकरी लगा था। 7 साल पहले उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद उसके दो बच्चे हैं। एक बच्चा करीब 6 साल का है, दूसरे बेटे का जन्म 3 दिन पहले ही हुआ है। अपनी पत्नी की डिलीवरी और अन्य काम को लेकर ही कृष्ण 16 जुलाई को 1 महीने की छुट्टी लेकर घर आया था। जवान का पूरा परिवार गांव में ही रहता है। कृष्ण का एक बड़ा भाई भी है।
- कांवड़ यात्रा लेकर हरिद्वार गया, युवकों से हुआ झगड़ा:
- ACP गोहाना ऋषिकांत के मुताबिक, सीआरपीएफ जवान कृष्ण 22 जुलाई को कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार गया था। यात्रा के दौरान गांव के ही कुछ युवकों के साथ उसकी कहासुनी हुई थी। बाद में विवाद बढ़ गया था, लेकिन इसके बाद सभी अपने घरों को लौट आए थे। कृष्ण ने शिवरात्रि पर गांव के ही शिवालय में जलाभिषेक भी किया था।
- रात में घर से बुलाकर ले गए, कई गोलियां मारी:
- पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गांव के ही कुछ युवकों ने कृष्ण को रविवार की देर रात करीब 1 बजे उसे घर से बाहर बुलाया था। जैसे ही कृष्ण कुमार बाहर आया, उस पर गोलियां चला दीं और फरार हो गए। गोली की आवाज सुनते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और खून से लथपथ कृष्ण को उठाकर तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- खानपुर मेडिकल कॉलेज में होगा पोस्टमॉर्टम:
- खेड़ी दमकन गांव में मर्डर की सूचना मिलते ही गोहाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस ने आवश्यक छानबीन और कार्रवाई के बाद शव को कब्जे में लेकर खानपुर पीजीआई भिजवाया। पुलिस ने गांव खेड़ी दमकन जाकर भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। साथ ही परिवार और आसपास के लोगों से मामले की जानकारी ली।

खानपुर मेडिकल कॉलेज में मौजूद पुलिस कर्मी।
परिजनों ने बताए 3 युवकों के नाम, रिपोर्ट दर्ज
ACP गोहाना ऋषिकांत ने बताया कि वारदात रविवार रात को करीब 1 बजे के आसपास की है। कृष्ण के पिता बलवान ने गांव के ही तीन युवकों अजय, निशांत और आनंद पर हत्या के आरोप लगाए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान हुए झगड़े को ही वारदात को कारण बताया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। चार टीम वारदात की छानबीन में लगी हैं, जिनमें दो सीआईए, एक एसीपी टीम और SHO की टीम शामिल है। जिन युवकों के नाम बताए गए है, वे फरार है, पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पत्नी अभी भी अस्पताल में ही भर्ती
परिवार के मुताबिक, 3 दिन पहले बेटे को जन्म देने के बाद कृष्ण की पत्नी अभी भी खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में ही भर्ती है। रविवार को कृष्ण पूरा दिन उसके पास अस्पताल में ही था। परिवार के अन्य लोग अस्पताल पहुंच गए थे तो उन्होंने कृष्ण को आराम करने के लिए घर भेज दिया था। इसी वजह से कृष्ण घर आ गया था।
छत्तीसगढ़
सुकमा : मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता
जिला अस्पताल में मौत के मुंह से लौटाई महिला की सांसें
सुकमा। सुकमा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा की तत्परता और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप से प्राप्त जानकारी के अनुसार छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना निवासी 38 वर्षीय श्रीमती पाली कवासी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया।

देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण थी और तत्काल सर्जरी आवश्यक हो गई। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना समय गंवाए तुरंत एलएससीएस (सीजर) ऑपरेशन कर मरीज का उपचार प्रारंभ किया। हालांकि ऑपरेशन के दौरान मृत बच्चा पैदा होने से महिला की स्थिति और अधिक जटिल हो गई।
महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान महिला का श्वास बंद सा हो गया, साथ ही नाड़ी और हृदय की धड़कन भी थम सी गई। ऐसे संकट की घड़ी में जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए महिला को दो बार सीपीआर दिया और तत्काल वार्ड में शिफ्ट कर आधुनिक वेंटीलेटर की सहायता से उपचार शुरू किया गया। इसके बाद महिला को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।
डॉक्टरों की सतर्कता और उपलब्ध संसाधनों के कारण महिला की जान बचा ली गई। आज श्रीमती पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के प्रयासों की सराहना कर रही हैं।

छत्तीसगढ़
जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के मातृत्व वन में किया सीता अशोक के पौधे का रोपण
जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने सर्किट हाउस जशपुर के मातृत्व वन में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीता अशोक के पौधे का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार और वनमंडला अधिकारी शशि कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मातृत्व वन में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मातृत्व वन में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया है। इस पहल ने अभियान को भावनात्मक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व प्रदान किया है।
राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेंगी।
मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीता अशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाले समय में औषधीय एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

छत्तीसगढ़
जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान शनिवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल श्री डेका ने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं।
इस दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल श्री डेका ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।

इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी’ के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार,वनमंडलाधिकारी शशि कुमार सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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