पणजी,एजेंसी। गोवा के अरपोरा इलाके में शनिवार देर रात एक नाइट क्लब में सिलेंडर ब्लास्ट होने से 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। मरने वालों में 4 टूरिस्ट और 14 स्टाफ शामिल हैं, जबकि 7 लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
गोवा पुलिस ने क्लब के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक क्लब में करीब 12 बजे सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। यह इतना जोरदार था कि कुछ ही मिनटों में आग पूरे क्लब में फैल गई। फायर ब्रिगेड ने काफी देर की कोशिश के बाद आग पर काबू पाया।
घटना की सूचना मिलते ही CM प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो मौके पर पहुंचे। CM ने बताया कि 3 लोगों की मौत जलने और बाकी की मौत दम घुटने से हुई है। हादसे की पूरी जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि क्लब में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया गया था। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और फोरेंसिक (FSL) टीम आग की असली वजह की जांच कर रही है।
वहीं, प्रधानमंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को लिए 2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।
घटना से जुड़ी तस्वीरें…
आग लगने के वक्त क्लब में डांसर और बैंड परफॉर्मेंस दे रहे थे।
आग लगने के बाद क्लब में अफरा तफरी का माहौल दिखा।
आग लगने के बाद क्लब में धुआं भरता दिखा, जिससे लोगों का दम घुटा।
पणजी से करीब 25 km दूर अरपोरा गांव में यह पॉपुलर पार्टी वेन्यू पिछले साल खुला था। आग आधी रात के बाद रोमियो लेन के पास बिर्च में लगी।
घटना में घायल हुए लोगों को अस्पताल भेजा गया।
आग लगने से क्लब के अंदर रखा सारा सामान जल गया।
पुलिस और जांच अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे।
किचन से शुरू हुई आग, सीढ़ियों पर मिले शव
गोवा के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि 25 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मरने वालों में ज्यादातर क्लब में काम करने वाले कर्मचारी थे। डीजीपी ने कहा- आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर में बनी रसोई से क्लब के दूसरे हिस्सों में फैली। इसलिए सबसे ज्यादा शव किचन एरिया से मिले हैं। भागने की कोशिश में दो लोगों की मौत सीढ़ियों पर हुई।
चश्मदीद बोलीं- लोग ग्राउंड फ्लोर के किचन में फंसे
चश्मदीद फातिमा शेख के मुताबिक, आग लगते ही अंदर जोरदार भगदड़ मच गई। उस समय क्लब में वीकेंड पार्टी चल रही थी और करीब 100 लोग डांस फ्लोर पर थे। जैसे ही धुआं और लपटें दिखीं, कई लोग घबराकर नीचे की ओर भागे और गलती से ग्राउंड फ्लोर के किचन में पहुंच गए। वहां पहले से मौजूद स्टाफ भी फंस गया। फातिमा ने बताया,
बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए। कुछ ही मिनटों में पूरा क्लब आग की लपटों में घिर गया, वहां पाम लीव्स से सजावट की गई थी, जो तुरंत जल गई। कई लोग जैसे-तैसे बाहर निकले, लेकिन कुछ अंदर ही रह गए।
CM सावंत बोले- जिम्मेदारों पर एक्शन लेंगे
CM सावंत ने X पर पोस्ट कर बताया कि आज का दिन गोवा के लिए बहुत दुखद है। अरपोरा में लगी भीषण आग में 23 लोगों की मौत हो गई। मैं बेहद दुखी हूं और इस कठिन समय में सभी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैंने मौके पर जाकर हालात देखे और इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
उन्होंने बताया- जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आग कैसे लगी और क्या वहां फायर सेफ्टी और बिल्डिंग के नियमों का सही तरह पालन किया गया था या नहीं। जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना पर किसने क्या कहा-
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि नॉर्थ गोवा में आग लगने की दुखद घटना से बहुत दुख हुआ, जिसमें कई कीमती जानें गईं। दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। इस मुश्किल समय में उन्हें हिम्मत मिले। मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन बचाव और राहत का काम कर रहा है और प्रभावित लोगों को जरूरी देखभाल दे रहा है। जिन लोगों की जान गई, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।
लोकसभा में नेत विपक्ष राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने लिखा- यह सिर्फ एक हादसा नहीं सुरक्षा और शासन की क्रिमिनल नाकामी है। एक पूरी, ट्रांसपेरेंट जांच से जवाबदेही तय होनी चाहिए और यह पक्का होना चाहिए कि ऐसी रोकी जा सकने वाली दुखद घटनाएं दोबारा न हों।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं की पूरी जांच, सख्त जवाबदेही तय होनी चाहिए। मैं वहां के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अपील करता हूं कि वे प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद दें और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहें।
BJP MLA ने क्लबों का सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की
BJP MLA माइकल लोबो ने कहा कि राज्य के सभी क्लबों का सेफ्टी ऑडिट करवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टूरिस्ट गोवा को हमेशा एक सुरक्षित जगह मानते हैं, लेकिन इस घटना बहुत चिंताजनक है और आगे ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि टूरिस्ट और इन क्लबों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे अहम है। लोबो ने बताया कि हादसे में ज्यादातर लोग बेसमेंट की तरफ भागते समय दम घुटने से मारे गए।
लंदन/नई दिल्ली, एजेंसी। लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात फिर भारत सरकार पर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं।
माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में माना है कि उनकी रू.14,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति से बैंकों को वसूली हुई है। यह रकम उन बैंकों को लौटाई गई, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज के रूप में बकाया था।
विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से करीब रू.9,000 करोड़ का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है।
बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने और CBI-ED की जांच के बीच 2 मार्च 2016 यानी 10 साल 6 महीने पहले पहले वे माल्या भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। बाद में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया था।
माल्या का दावा- ED ने बैंकों को 14 हजार करोड़ लौटाए
माल्या ने बुधवार देर रात भी X पर कई पोस्ट किए। इनमें उन्होंने हाल के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि उनके साथ अब भी अन्याय हो रहा है।
विजय ने एक पोस्ट में यह भी कहा, “मेरे साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए मुझे लगता है कि मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं। मैं भगोड़ा नहीं हूं। ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने मुझे भारत लौटने से रोक रखा है।”
माल्या ने ED की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल बताए गए हलफनामे का एक हिस्सा साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उसमें उनसे 14,131.60 करोड़ रुपए की वसूली का जिक्र है।
उन्होंने लिखा, “बॉम्बे हाईकोर्ट में ED की ओर से दाखिल हलफनामा। पैराग्राफ 7 में तय कर्ज है और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल किए गए 14,131.60 करोड़ रुपए दिखाए गए हैं।”
माल्या ने कहा, “पांच साल बाद भी मुझे ऐसा व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया। मुझे गलत तरीके से भगोड़ा बताया गया है।” उन्होंने वसूली का लेखा-जोखा दिखाने वाली एक टेबल भी शेयर की।
उन्होंने लिखा, “जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब पर भरोसा करते हैं, वे यह तालिका देखें। क्या मीडिया की ओर से मुझे इस तरह निशाना बनाया जाना और किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहना सही है? यह पूछना शुरू क्यों नहीं किया जाता कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा।”
मार्च 2016 में देश छोड़कर गए थे, 2019 में भगोड़ा घोषित
माल्या मार्च 2016 में यूके चले गए थे। इसके बाद साल 2019 में अधिकारियों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था।
इस कानून के तहत प्राधिकारियों को संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला है। भारत सरकार लगातार यूके से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।
क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) कानून उन आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है जो भारतीय अदालतों की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर भाग जाते हैं।
इस कानून के तहत अदालतों को मामले की सुनवाई पूरी होने से पहले ही आरोपी की देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों को अटैच यानी जब्त करने और उन्हें नीलाम/बेचकर बैंकों का बकाया वसूलने का अधिकार मिलता है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी में दी थी अंतिम मोहलत
इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचने वाला व्यक्ति न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता।
कोर्ट ने माल्या से कहा था कि यह आखिरी मौका है, वे बताएं कि भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी है।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है।
खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं।
नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद कीचड़ से दबे मकान।
हादसे में जान गंवाने वाले रिश्तेदार की फोटो देखते परिजन। ये तस्वीरें मार्चुरी के बाहर लगाई गई हैं।
चिलिमे टनल में 105 मीटर तक पहुंची नेपाली-भारतीय सेना की टीम
रसुवा जिले के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में नेपाली और भारतीय सेना की टीम मिलकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। टीम अब तक सर्विस टनल के अंदर करीब 105 मीटर तक पहुंच गई है।
प्रोजेक्ट तक जाने वाली सड़क से मलबा हटाने का काम भी चल रहा है। प्रभावित इलाके के दोनों तरफ आने-जाने के लिए रोप लाइन लगा दी गई है।
बाढ़ आने के दिन ही नेपाली सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने पहले इलाके का जायजा लिया और फिर टनल के मुहाने से मिट्टी और मलबा हटाकर अंदर गई। यहां से दो लोगों के शव बरामद किए गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मौके पर मौजूद एक्सकेवेटर के साथ बॉबकैट एक्सकेवेटर भी लगातार मलबा हटाने और खुदाई में लगाया गया है।
नेपाल में रेस्क्यू से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल बाढ़ में AI से शवों की पहचान की कोशिश
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के बाद लापता लोगों और अज्ञात शवों की पहचान के लिए FaceTagr AI तकनीक की मदद ली जा रही है। यह तस्वीरों और वीडियो में चेहरों का मिलान कर लापता लोगों से संभावित मैच तलाशती है।
FaceTagr हजारों रिकॉर्ड में से 5-10 संभावित मैच सामने लाता है। परिवार इन मैचों को देख सकते हैं, जबकि अंतिम पहचान नेपाल पुलिस या संबंधित सरकारी एजेंसियां करती हैं।
FaceTagr से जुड़े समीर पंथी के मुताबिक, अब तक करीब 500 लापता लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सिस्टम ने करीब 90 शवों की पहचान में मदद की है। हालांकि, यह नेपाल पुलिस के कुल आधिकारिक पहचान आंकड़े से अलग है।
रेस्क्यू और फोरेंसिक मदद के लिए 54 विशेषज्ञ नेपाल भेजे
भारत ने राहत सामग्री के साथ 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं।
विशेष रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग में अभियान चला रही है, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ काठमांडू की दो लैब में DNA जांच में मदद कर रहे हैं।
भारत ने इसके लिए DNA किट, रिऐजेंट और प्रोफाइलिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।
पणजी, एजेंसी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मुझे मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती है। ये काम 2016 तक पूरा होना था, लेकिन 15 साल में सिर्फ 94% ही पूरा हुआ है।’
गडकरी ने यह बात बुधवार को पणजी में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने कहा, ‘हाईवे का काम पूरा होने के बाद मैं इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा। मैं ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं।’
गडकरी ने इस साल 22 जुलाई को राज्यसभा में बताया था कि पिछले 3 साल में नेशनल हाईवे निर्माण में खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए 103 ठेकेदार और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया और उन पर जुर्माना लगाया गया।
मुंबई-गोवा हाईवे: 15 साल से काम चल रहा, कई जगह गड्ढे
मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण का काम 2011 में शुरू हुआ था। इसके बाद भी यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। 440 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में काम पूरा होने के बावजूद कई जगह सड़क पर गड्ढे, पानी भरने, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
हाईवे पर मई में खारपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल लेना शुरू किया गया था। इसके बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में काम और सुधार जारी है। हाईवे पर बंदरों के लिए 2021 में बनाया गया एक ओवरपास भी ढह चुका है, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।
हाईवे का काम 2016 तक पूरा होना था
मुंबई-गोवा हाईवे का काम पहले 2016 तक पूरा किया जाना था। जमीन अधिग्रहण, निर्माण से पहले की मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण काम में लगातार देरी हुई।
2024 में केंद्र सरकार ने भी संसद में बताया था कि जमीन अधिग्रहण और कुछ ठेकेदारों की आर्थिक दिक्कतों के कारण परियोजना में देरी हुई।
यह हाईवे मुंबई को कोंकण के रास्ते गोवा से जोड़ता है। इसका महाराष्ट्र वाला हिस्सा करीब 460 किलोमीटर है। परियोजना का यह मार्ग पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।