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कोरबा

जिले में शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से गणेश चतुर्थी, ईद-ए-मिलाद सहित अन्य पर्व मनाने का लिया गया निर्णय

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रैली, जुलूस, डीजे आदि हेतु एसडीएम से लेनी होगी अनुमति

जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर दिनेश नाग द्वारा जिले में आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक ली गई। उन्होंने सभी त्योहारों को शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर कोरबा एसडीएम सरोज महिलांगे, पुलिस विभाग सहित विभिन्न शांति समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री नाग ने कहा कि जिले में सभी त्यौहारों को उल्लासपूर्ण, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाता रहा है। त्यौहारों के दौरान कभी भी कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि आने वाले 07 सितंबर को गणेश चतुर्थी एवं 17 सितंबर को ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी), अनंत चतुर्दशी, विश्वकर्मा जयंती का पर्व शांति व सद्भावपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने में आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने सभी समितियों को पर्याप्त स्वयंसेवक वॉलिंटियर नियुक्त करने की बात कही। रैली, जुलूस, डीजे आदि हेतु एसडीएम से परमिशन लेने के लिए निर्देशित किया गया है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में हमेशा की तरह सभी पर्व को शान्ति और सौहार्दपूर्ण मनाया जाए। किसी के धार्मिक भावनाओं को आघात पहुचाने और समाज को भड़काने वाले कार्य नहीं किए जाए। जिले की शांति व्यवस्था और सदभावनापूर्ण माहौल को खराब करने वालों पर कड़ी कार्यवाही का निर्णय लिया गया। गणेश उत्सव के दौरान पण्डालों में यातायात, स्ट्रीट लाईट व्यवस्था, साफ-सफाई, महिला पुरूष आरक्षकों की व्यवस्था, गणेश पंडाल में की गई लाईटिंग इत्यादि पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। जिला प्रशासन द्वारा निर्देशित किया गया कि आवागमन वाले सड़कों पर पंडाल न लगाई जाए। कार्यक्रम स्थल पर ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित न हो इसका भी समुचित ध्यान रखा जाए। गणेश मूर्ति स्थापना एवं पंडाल हेतु एसडीएम से अनुमति लिये जाने हेतु सदस्यों को निर्देशित किया गया। प्रतिमा की ऊँचाई भी बहुत ज्यादा न हो, ताकि जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकें। समिति द्वारा कानून-व्यवस्था बनाये रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने एवं विशेष पेट्रोलिंग करवाने हेतु सुझाव दिया गया।
इसी प्रकार गणेश प्रतिमा के विसर्जन को लेकर समितियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रतिमाओं का सूर्यास्त से पूर्व विसर्जन किया जाए। विसर्जन के दौरान दुर्घटना से बचने के लिए समिति को आवश्यक व्यवस्था करने एवं नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा चिन्हांकित स्थलों पर एवं अन्य जगहों पर निर्धारित समयावधि में विसर्जन हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में विसर्जन स्थल पर साफ सफाई, प्रकाश व्यवस्था, तैराक-गोताखोरों की व्यवस्था, अग्निशमन, अस्पताल में आपात स्थिति के लिए चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह ईद-ए-मिलाद के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा जुलूस निकालने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मस्जिदों पर साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में उपस्थित गणमान्य नागरिकों एवं जिले वासियों को गणेश, ईद-ए-मिलाद एवं सभी पर्व की शुभकामना देते हुए सभी धर्मों के मान्यताओं, रीति रिवाजों का सम्मान करने एवं सभी त्यौहार को शांति, सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्वक मनाए जाने हेतु आग्रह किया गया।

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कोरबा

संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।

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कोरबा

सुशासन  तिहार में जनमन सहित अन्य प्रचार समाग्री का किया गया वितरण

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कोरबा। सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जन कल्याणकारी और महत्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित तथा जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों  एवं नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही जिले के सभी पांच ब्लाक में आयोजित महत्वपूर्ण शिविर स्थल-ग्राम पिपरिया, जल्के, बसीबार, बैरा, चोढ़ा, चुईया, गिधौरी, केराकछार, सिरमिना, लमना, नगोई, मोरगा, निरधी, जटगा, छिंदपुर आदि स्थानों में शिविर के माध्यम से जनमन सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का अवलोकन किया। शिविर के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में प्रचार सामग्री सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिंग टूमारो छ.ग.टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड) आदि का वितरण किया गया।

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कोरबा

31 मई को मनाया जाएगा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में कोरबा जिले में 31 मई 2026 को राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले में तंबाकू सेवन एवं धुम्रपान  से हाने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे जनसामान्य में धुम्रपान और तम्बाकू सेवन करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य परामर्श एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधयां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों, महाविद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्तिगत स्वाथ्य के लिए हानिकारक है , बल्कि यह हमारे परिवारों और पर्यावरण को भी नुकसान पहॅंुचाता है वर्तमान समय में कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बिमारियॉं एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण तंबाकू सेवन  है।
उन्होंने आमजन से अपील किया है कि वे स्वयं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावो के प्रति जागरूक करें साथ ही विश्व तंबाकू निषेघ कार्यक्रम में सहभागिता कर तंबाकू मुक्त समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।

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