देश
बैंक को लगाया चूना… नकली सोना गिरवी रखकर लिया 57 लाख का लोन, 16 लोगों पर मामला दर्ज
प्रयागराज,एजेंसी। प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित एक प्राइवेट बैंक शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठगों ने बेहद शातिर तरीके से नकली सोना गिरवी रखकर असली गोल्ड लोन हासिल कर लिया और बैंक को लाखों रुपये का चूना लगा दिया।

16 नामजद, कई अज्ञात आरोपी… पुलिस जांच में जुटी
इस मामले में बैंक के सहायक महाप्रबंधक पंकज वर्मा की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में 16 नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुल 18 गोल्ड लोन खातों के जरिए यह फर्जीवाड़ा किया गया।
57 लाख का लोन, ब्याज सहित 64 लाख पार
जांच के अनुसार, आरोपियों ने इन खातों के माध्यम से बैंक से करीब 57 लाख 19 हजार 800 रुपये का गोल्ड लोन लिया। समय के साथ ब्याज जुड़ने पर यह रकम बढ़कर 64 लाख रुपये से अधिक हो गई। यह पूरा घोटाला योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें बैंक की प्रक्रियाओं का फायदा उठाया गया।
ऐसे हुआ खुलासा… जब दोबारा जांच में खुली पोल
इस फ्रॉड का पर्दाफाश तब हुआ, जब बैंक ने अपनी नियमित प्रक्रिया के तहत गिरवी रखे गए सोने की दोबारा जांच कराई। दूसरी बार जांच में सामने आया कि जो सोना गिरवी रखा गया था, वह असली नहीं बल्कि नकली था। इसके बाद बैंक में हड़कंप मच गया और तत्काल विस्तृत जांच शुरू की गई।
अप्रेजर की भूमिका भी संदेह के घेरे में
जांच में यह भी सामने आया कि इस धोखाधड़ी में केवल ग्राहक ही नहीं, बल्कि गोल्ड अप्रेजर की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है। बैंक आमतौर पर अप्रेजर की रिपोर्ट के आधार पर ही लोन मंजूर करता है, जिसका फायदा उठाकर इस पूरे सिंडिकेट ने ठगी को अंजाम दिया।
दूसरे जिलों तक फैला सिंडिकेट, पुलिस अलर्ट
बैंक की ओर से इस मामले की शिकायत जुलाई 2025 में ही की गई थी, लेकिन विस्तृत जांच के बाद 10 अप्रैल 2026 को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह कोई एकल मामला नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट का हिस्सा है, जो अन्य जिलों के बैंकों को भी इसी तरह निशाना बना चुका है।

छत्तीसगढ़
‘SIR से न सीएम योगी खुश, न अखिलेश’:ज्योतिबा फुले की जयंती मनाने लखनऊ पहुंचे भूपेश बघेल, बोले- उन्होंने महिला शिक्षा पर काम किया
लखनऊ/रायपुर,एजेंसी। लखनऊ में कांग्रेस आज (11 अप्रैल को) ज्योतिबा फुले की जयंती मना रही है। यहां छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे। उन्होंने SIR पर कहा कि इस प्रक्रिया से न सीएम योगी खुश हैं और न ही विपक्ष के नेता अखिलेश यादव। जब सरकार में बैठे लोग ही SIR से संतुष्ट नहीं हैं तो इसमें हम अपना क्या ही बताएं।

ज्योतिबा फुले के लिए कहा कि उन्होंने महिलाओं के लिए स्कूल खोले। महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। बता दें कि लखनऊ में ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती कांग्रेस वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस के रूप में मना रही है।


इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में कांग्रेस के नेताओं का जुटान हुआ है।

ऑडिटोरियम में कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी बैठे हुए हैं।

देश
ममता बनर्जी का बड़ा दावा- EC की मदद से BJP ने भवानीपुर में मेरी उम्मीदवारी रद्द कराने की कोशिश की
कोलकाता,एजेंसी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके खिलाफ दो झूठे मामले दर्ज कराने की कोशिश कर निर्वाचन आयोग की मदद से दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से उनकी उम्मीदवारी रद्द कराने का प्रयास किया लेकिन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उसकी यह कोशिश विफल कर दी। बनर्जी ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशियारी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से 90 लाख मतदाताओं के नाम ”जबरन” हटवाने का आरोप भी लगाया। बनर्जी के सामने अपनी भवानीपुर सीट बरकरार रखने के लिए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की चुनौती है।

बनर्जी ने अधिक ब्योरा दिए बिना कहा, ”भाजपा ने निर्वाचन आयोग की मदद से मेरे खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने की कोशिश कर भवानीपुर से मेरी उम्मीदवारी रद्द कराने का प्रयास किया लेकिन हमने उसकी साजिश नाकाम कर दी।” उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसमें ”लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने और जीतने का साहस नहीं है, इसलिए वह फर्जी तरीकों से जबरन वोट कब्जाने की साजिश रच रही है।” निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी को “भाजपा की मुख्य वॉशिंग मशीन” बताते हुए बनर्जी ने कहा, ”इसीलिए वे मतदाताओं के नाम हटा रहे हैं। वे परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में भी छेड़छाड़ की योजना बना रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनावों में भाजपा की करारी हार और बाद में दिल्ली में उसके सत्ता से बेदखल होने के बाद न्याय देर-सवेर अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा, ”एसआईआर प्रक्रिया के कारण 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। हटाए गए 90 लाख मतदाताओं में 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम हैं… क्या बांग्ला बोलने से हम भारतीय नहीं रह जाते? क्या हमें बार-बार अपनी नागरिकता साबित करने की जरूरत है?”

बनर्जी ने कहा, “एसआईआर एक दिन बड़ा घोटाला साबित होगा।” पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के भाजपा के वादे पर बनर्जी ने कहा कि पार्टी यूसीसी के जरिए लोगों पर अपना फरमान थोपना चाहती है। उन्होंने कहा, “यूसीसी के जरिए वे आपके धार्मिक आस्था का पालन करने और परंपराओं के अनुसार रीति-रिवाज निभाने के अधिकार छीनना चाहते हैं। वे सभी धार्मिक प्रथाओं को एक जैसा करना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “यूसीसी का मतलब एक भाजपा, एक नियम है। जब हम चुनाव में व्यस्त हैं, तब ऐसे विधेयक संसद में क्यों लाए जा रहे हैं? जब आप दिल्ली की सत्ता में नहीं रहेंगे, तो हम ऐसे कठोर कानूनों को निरस्त कर देंगे। हम पश्चिम बंगाल में इसे लागू नहीं होने देंगे।” भाजपा पर ईवीएम में हेराफेरी की साजिश का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं चाहते। मतगणना के दिन वे उन सीट के नतीजे पहले घोषित करने की कोशिश करेंगे, जहां भाजपा आगे होगी, जबकि जहां तृणमूल आगे होगी, वहां गिनती धीमी की जाएगी।” उन्होंने कहा, “इसके बाद वे लाइट बंद कर जनादेश के साथ छेड़छाड़ करेंगे।
भाजपा को एक इंच भी जगह मत दीजिए—ईवीएम की पूरी तरह और बारीकी से जांच कीजिए।” झाड़ग्राम में एक अन्य रैली में बनर्जी ने चुनाव के दौरान काले धन के इस्तेमाल के प्रयासों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “चुनाव के समय वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात करते हैं, लेकिन अपनी पार्टी में महिलाओं का प्रतिनिधित्व क्या है? उन्होंने यह वादा पहले क्यों नहीं निभाया?” उन्होंने दावा किया कि तृणमूल ने महिलाओं को 37 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व दिया है और कई क्षेत्रों में यह 50 प्रतिशत तक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि वे केवल चुनाव के समय ही राज्य में आते हैं। बनर्जी ने कहा, “वे प्रवासी पक्षियों की तरह हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय वे क्यों नहीं दिखते?” भाजपा पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “महिला पहलवानों का क्या हुआ? उन्नाव और हाथरस में क्या हुआ?”

मतदान के दिन झारखंड से लोगों को लाए जाने की आशंका जताते हुए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय इलाकों से परिचित अधिकारियों का तबादला कर उनकी जगह बाहरी लोगों को नियुक्त किया गया है ताकि “भाजपा को मदद मिल सके।” भाजपा शासित राज्यों में खान-पान पर पाबंदियों का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “किसने उन्हें हमारे मांस, मछली और अंडे खाने के तरीके पर अपना हुक्म थोपने का अधिकार दिया?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिसीमन के पीछे भाजपा का “असली एजेंडा” लोगों को निरुद्ध शिविरों में भेजना है। बनर्जी ने कहा, “वे सभी को धमका रहे हैं। बंगाल से करीब 500 प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया गया है, लेकिन इससे हमारी किसी भी सामाजिक कल्याण योजना में देरी नहीं हुई है।”

देश
अमित शाह ने बंगाल में जारी किया BJP का ‘संकल्प पत्र’, जनता से किए ये वादे
कोलकाता,एजेंसी। पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां जोरों- शोरों से तैयारियां कर रही हैं। BJP ने आज राज्य में अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘संकल्प पत्र’ के रूप में जनता के सामने रखा। इस दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, रोजगार और महिला सुरक्षा को लेकर पार्टी का रोडमैप पेश किया।

संकल्प पत्र के मुख्य बिंदु
घोषणापत्र में मुख्य रूप से इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
- कानून-व्यवस्था: राज्य में शांति बहाली और हिंसा मुक्त चुनाव का वादा।
- रोजगार: बेरोजगार युवाओं के लिए नई योजनाओं और अवसरों का रोडमैप।
- महिला सशक्तिकरण: महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम और विशेष योजनाएं।
ममता सरकार पर किया तीखा हमला
घोषणापत्र जारी करते हुए अमित शाह ने सत्तारूढ़ TMC पर जमकर निशाना साधा। शाह ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में बंगाल की जनता ने जिन उम्मीदों के साथ ममता बनर्जी को सत्ता सौंपी थी, वे अब पूरी तरह टूट चुकी हैं। राज्य के लोग अब डर के साये में हैं और मन से बदलाव चाहते हैं। उन्होंने इस मेनिफेस्टो को ‘निराशा से बाहर निकलने’ और ‘भय से मुक्ति’ का रास्ता बताया। शाह ने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के लिए रोजगार सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। भाजपा ने अपने वादों की फेहरिस्त में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को भी प्रमुखता दी है।

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