Connect with us

छत्तीसगढ़

महिला कांग्रेस की कुर्सी पर दो खेमों की सीधी टक्कर

Published

on

सिंहदेव गुट की छन्नी साहू अटकीं, भूपेश खेमे की संगीता सिन्हा सबसे मजबूत दावेदार

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन अब अंतिम मोड़ पर है। महीनों से चल रही अंदरूनी कवायद के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर जल्द फैसला हो सकता है। चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन असली सवाल यह है कि मुहर किस खेमे के नाम पर लगेगी।

सोमवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने दिल्ली में 5 प्रमुख महिला नेताओं के इंटरव्यू हुए हैं। इंटरव्यू देने वालों में बालोद से विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक छन्नी साहू, लक्ष्मी ध्रुव, ममता चंद्राकर और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा शामिल रहीं। भारतीय राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने सभी से संगठन, चुनावी रणनीति और महिला कांग्रेस को दोबारा सक्रिय करने को लेकर सवाल पूछे।

पार्टी सूत्रों की मानें तो बातचीत के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। फिलहाल दौड़ में दो नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं, जिसमें संगीता सिन्हा और छन्नी साहू शामिल है। लेकिन यह मुकाबला सिर्फ महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं है।

इसे कांग्रेस के दो सबसे प्रभावशाली चेहरे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बीच शक्ति संतुलन की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है। संगीता सिन्हा को भूपेश बघेल खेमे की पसंद माना जा रहा है, जबकि छन्नी साहू को सिंहदेव का भरोसेमंद चेहरा बताया जाता है।

कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा।

कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा।

पूर्व विधायक छन्नी साहू।

पूर्व विधायक छन्नी साहू।

सालभर पहले ही जा चुका है छन्नी साहू के नाम का प्रस्ताव

छन्नी साहू के मामले में दिलचस्प बात यह है कि उनका नाम करीब एक साल पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने AICC को भेज दिया था। इसके बावजूद फाइल लंबे समय तक अटकी रही। पार्टी के भीतर इसे महज प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि सियासी संतुलन से जोड़कर देखा जाता रहा है। छन्नी साहू संगठन में अपनी बेबाक शैली और सदस्यता अभियान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़ने के लिए जानी जाती हैं।

महेंद्र कर्मा की बेटी तुलिका कर्मा का नाम भी है रेस में शामिल

इसी बीच शहीद महेंद्र कर्मा की बेटी तूलिका कर्मा ने भी रेस को दिलचस्प बना दिया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी तूलिका कर्मा को हाल ही में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और ओडिशा महिला कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली में हुए इंटरव्यू के लिए वह खास तौर पर राजधानी पहुंचीं। संगठन में तेजी से बढ़ी उनकी भूमिका को उनके दावे की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।

ओडिशा कांग्रेस की प्रभारी हैं तूलिका कर्मा।

ओडिशा कांग्रेस की प्रभारी हैं तूलिका कर्मा।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए जिन पांच नामों पर विचार हो रहा है, उनमें से चार विधायक हैं। इससे साफ है कि पार्टी इस बार ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो संगठन के साथ-साथ चुनावी मैदान में भी असरदार साबित हो सके।

अब गेंद कांग्रेस हाईकमान के पाले में है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में फैसला आ सकता है। यह फैसला सिर्फ महिला कांग्रेस का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति की दिशा भी तय करेगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कोरबा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई:5 तस्करों के ठिकानों पर दबिश, 5 लाख से अधिक की अवैध लकड़ी जब्त

Published

on

कोरबा। कोरबा वनमंडल के लेमरू वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच कथित लकड़ी तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी की। लेमरू और कुदुरुवा गांवों में की गई इस कार्रवाई के दौरान 306 अवैध काष्ठ चिरान जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

वन एवं वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव एवं दक्षिण कोरबा उपवनमंडलाधिकारी सुरकांत सोनी के निर्देशन में यह संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई का नेतृत्व लेमरू वनपरिक्षेत्राधिकारी जयंत सरकार, बालको परिक्षेत्राधिकारी देवव्रत खाण्डे तथा परसखेत परिक्षेत्राधिकारी विक्रांत सिंह कंवर ने किया।

मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी

वन विभाग को मुखबिर से अवैध लकड़ी भंडारण की सूचना मिली थी। इसके बाद नियमानुसार सर्च वारंट जारी कर वन विभाग की टीम ने लेमरू और कुदुरुवा गांव के पांच घरों में एक साथ दबिश दी। अभियान में परिक्षेत्र सहायक श्रवण कुमार गायकी और रामेश्वर सिंह सिदार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

घरों से बरामद हुई बड़ी मात्रा में लकड़ी

छापेमारी के दौरान बीजा, साल और अन्य मूल्यवान प्रजातियों की लकड़ी बड़ी मात्रा में बरामद हुई। ग्राम लेमरू निवासी दिनेश कुमार तंवर के घर से 2 नग साल चिरान (0.122 घन मीटर) जब्त किए गए।

वहीं सुरेश कुमार सिंह के घर से 68 नग साल प्रजाति के चिरान (1.272 घन मीटर) तथा 2 नग कलमी प्रजाति के चिरान (0.123 घन मीटर) बरामद हुए।

ग्राम कुदुरुवा निवासी शिशुपाल के घर से 231 नग साल प्रजाति के चिरान (3.975 घन मीटर) और 3 नग बीजा प्रजाति के चिरान (0.042 घन मीटर) जब्त किए गए।

306 नग चिरान जब्त, कीमत 5 लाख से अधिक

वन विभाग के अनुसार कुल 5.534 घन मीटर लकड़ी के 306 नग चिरान जब्त किए गए हैं। बरामद लकड़ी की अनुमानित बाजार कीमत 5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

पुलिस और वन अमले की संयुक्त कार्रवाई

यह कार्रवाई थाना लेमरू पुलिस और वन विभाग के लगभग 30 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अभियान में लेमरू, बालको और परसखेत वन परिक्षेत्रों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

वन विभाग ने बताया कि जब्त लकड़ी के संबंध में वन अधिनियम एवं प्रासंगिक नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रखने की बात कही है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

23 जून को होगी साय कैबिनेट बैठक:वित्त-स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे के बिंदुओं पर होगी चर्चा, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 23 जून को आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली यह अहम बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में सुबह 11:30 बजे शुरू होगी।

बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और अलग-अलग विभागों के प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक में राज्य सरकार के कई विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत मामलों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

माना जा रहा है कि इस दौरान प्रदेश के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मंत्रिपरिषद की मुहर लग सकती है। बैठक में वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे अहम क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी और नए प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।

महत्वपूर्ण माना जा रहा बैठक

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई नई योजनाओं की घोषणा या पहले से चल रही योजनाओं में संशोधन से जुड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक सरकार की आगामी रणनीति और प्राथमिकताओं की दिशा भी तय कर सकती है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

स्मार्ट मीटर हटाने घर-घर जाकर समर्थन पत्र भरवाएगी कांग्रेस:बैज बोले- 5 बार बढ़ाई गई बिजली दरें, भाजपा बोली- जनता कांग्रेस को नकार चुकी

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बिजली दरों में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी ने तय किया है कि जुलाई में कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने के समर्थन में लोगों से समर्थन पत्र भरवाएंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि सरकार आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, जबकि उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों को लेकर आंदोलन का निर्णय लिया है।

ऐसे में आगामी मानसून सत्र में कांग्रेस इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। वहीं, इस मामले में भाजपा का कहना है कि जनता कांग्रेस की आवाज सुनना पसंद नहीं करती है, इसलिए कांग्रेस शांत रहे।

बैज बोले- बिजली बिल बना सबसे बड़ी समस्या

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में बिजली बिल उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। लोग बिल सुधार के लिए लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिल पा रहा है।

अगर सरकार ने जल्द ही इस दिशा में आवश्यक कदम नहीं उठाए तो जनता की यह नाराजगी एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकती है।

मानसून सत्र में विधानसभा में घेरेंगे

पार्टी ने घोषणा की है कि आगामी मानसून सत्र में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार से इस पर जवाब मांगेंगे। कांग्रेस का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और खाद की कीमतों के साथ-साथ बिजली दरों में वृद्धि भी एक बड़ा मुद्दा बनेगा।

भाजपा सरकार ने पांच बार बिजली बढ़ाई

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद अब तक पांचवीं बार बिजली दरों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता और किसान प्रभावित हो रहे हैं। वहीं स्मार्ट मीटर को लेकर भी बिल बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे यह मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा सियासी सवाल बन गया है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677