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छत्तीसगढ़

कांग्रेस न्याय यात्रा…भाषण के दौरान महंत भूले बैज का नाम:पूर्व सीएम, PCC चीफ दिखे मोबाइल में बिजी; CM साय बोले- क्षमा यात्रा निकालनी चाहिए

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रायपुर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की न्याय यात्रा का समापन हो गया है। यात्रा के जरिए कांग्रेस ने प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर साय सरकार को टारगेट किया। यात्रा के पहले दिन अलग-थलग पड़े कांग्रेसी समापन समारोह के दिन सचिन पायलट और राष्ट्रीय नेताओं के सामने एकजुट दिखे। मंच से भाषण के दौरान जहां चरणदास महंत दीपक बैज का नाम भूल गए। वहीं इस दौरान भूपेश बघेल और दीपक बैज मोबाइल चलाते नजर आए।

भाजपा ने न्याय यात्रा पर तंज कसा है। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस को न्याय यात्रा नहीं बल्कि क्षमा यात्रा निकालनी चाहिए। 27 सितंबर को बलौदाबाजार के गिरौदपुरी से शुरू हुई यात्रा 2 अक्टूबर को गांधी मैदान में खत्म हुई।

ग्रामीण इलाकों में अलग, शहर में एकजुट दिखे कांग्रेसी

यात्रा के पहले दिन गिरौदपुरी से दीपक बैज, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत, शिव डहरिया, ज्योत्सना महंत, प्रमोद दुबे, विकास उपाध्याय समेत अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक साथ यात्रा शुरू की थी। लेकिन यात्रा के आधे घंटे बाद ही कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता बैज को पीछे छोड़कर आगे बढ़ गए।

इसके अलावा दूसरे दिन बड़े नेता यात्रा में शामिल नहीं हुए। तीसरे दिन पोस्टर विवाद हुआ। कांग्रेस नेताओं की इस गुटबाजी का मीडिया में प्रकाशन हुआ तो 30 सितंबर से कांग्रेस नेता सक्रिय हुए और 2 अक्टूबर को समापन तक सभी नेता एकजुट होकर चलने लगे और कार्यकर्ताओं को विवाद नहीं करने की समझाइश भी दी।

मंच पर जगह नहीं मिली तो खड़े हो गए कई नेता

यात्रा के समापन के दौरान भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मंच पर चढ़ने की होड़ दिखी। मंच व्यवस्था में तैनात प्रभारियों को इसमें जद्दोजहद करनी पड़ी। जिन नेताओं को कुर्सी नहीं मिली वे बड़े नेताओं के पीछे ही खड़े हो गए। मंच पर मौजूद नेता समर्थकों के साथ यात्रा के दौरान साथ चलने वालों का उत्साहवर्धन करते दिखे।

बैज को कहा दीपक बघेल

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने यात्रा के समापन के दौरान मंच पर बैठे नेताओं का नाम लेकर भाषण शुरू किया। इस दौरान वे दीपक बैज को दीपक बघेल बोल पड़े। इस पर मंच पर बैठे नेता हंसने लगे और कार्यकर्ता भी दीपक बैज का पूरा नाम दोहराने लगे।

गलती समझ आने पर महंत संभालते हुए दीपक बैज को पहले दीपक महंत, फिर दीपक बघेल और फिर दीपक बैज बोला और कहा कि हम सब एक ही हैं, नाम में क्या रखा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को दीपक बघेल बोलने के बाद स्पष्टीकरण देते हुए महंत।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को दीपक बघेल बोलने के बाद स्पष्टीकरण देते हुए महंत।

कांग्रेस न्याय यात्रा के निकले ये मायने

प्रदेश में बलौदाबाजार आगजनी, कवर्धा कांड के साथ लगातार हुई कई घटना के बाद कांग्रेस ने जैसे ही इसका विरोध किया सरकार ने विभागीय अधिकारियों पर सख्ती करना शुरू कर दिया। कवर्धा हिंसा के बाद कई लोगों पर कार्रवाई हुई।

इसके अलावा बिलासपुर, रायपुर, राजनादगांव और अंबिकापुर में पुलिस अधिकारियों को लॉ-एंड ऑर्डर मेंटेन करने का निर्देश दिया गया। रायपुर की सड़कों पर पुलिस की सख्ती देखने को मिल रही है। नशे का कारोबार करने वाले और अपराधियों पर कार्रवाई करने एसएसपी से लेकर थाना प्रभारी तक सड़कों पर निकल रहे हैं।

महंत के भाषण के दौरान मोबाइल चलाते दिखे नेता

कांग्रेस की न्याय यात्रा खत्म होने के बाद बीजेपी नेताओं ने सोशल मीडिया पर वार छेड़ दिया। सोशल मीडिया साइट x से एक पोस्ट हुआ, जिसमें महंत के भाषण के बीच पूर्व सीएम भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज मोबाइल चलाते दिखे। बीजेपी नेताओं x पर लिखा है कि मंच से अपनी अन्याय यात्रा का महंत विवरण देते रहे, इधर ऊबकर बैठे बैज, बघेल मोबाइल चलाते रहे।

कांग्रेस को न्याय यात्रा शोभा नहीं देता: डिप्टी सीएम साव

बीते दिनों बस्तर प्रवास पर पहुंचे डिप्टी CM और लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव ने कांग्रेस को जमकर घेरा। उन्होंने जगदलपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, कांग्रेस को न्याय यात्रा नहीं बल्कि माफी यात्रा निकालनी चाहिए। इन्होंने अपनी सरकार में प्रदेश की जनता को ठगा है।

डिप्टी सीएम साव बोले कांग्रेस को न्याय यात्रा शोभा नहीं देती।

डिप्टी सीएम साव बोले कांग्रेस को न्याय यात्रा शोभा नहीं देती।

न्याय यात्रा गुटबाजी का शिकार- केदार गुप्ता

भाजपा प्रवक्ता केदार गुप्ता ने कहा, कि यात्रा से पहले मुख्यमंत्री, पूर्व मंत्री और विधायक गायब दिखे। पूर्व आबकारी मंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुर्सी नहीं मिली। नेता प्रतिपक्ष महंत यात्रा में पहुंचे, लेकिन कुछ देर बाद ही वो गाड़ी में बैठकर वापस चले गए। कांग्रेस में गुटबाजी साफ दिख रही है। ये दीपक बैज की नौटंकी यात्रा थी।

बीजेपी नेता केदार गुप्ता बोले न्याय यात्रा गुटबाजी का शिकार।

बीजेपी नेता केदार गुप्ता बोले न्याय यात्रा गुटबाजी का शिकार।

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छत्तीसगढ़

महासमुन्द : बारनावापारा अभयाण्य में “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन,200 से अधिक पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज

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देश के 11 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा,अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

महासमुन्द। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 16 से 18 जनवरी 2026 तक “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन किया गया। सर्वे के दौरान पक्षियों की अच्छी विविधता देखने को मिली। अब तक प्राप्त डेटा के अनुसार इस सर्वे में लगभग 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

इस सर्वे में देश के 11 राज्यों महाराष्ट्र, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल एवं कर्नाटक से आए 70 प्रतिभागियों, 12 वॉलंटियर्स, विशेषज्ञों एवं फोटोग्राफर्स सहित लगभग 100 लोगों की सहभागिता रही।यह बर्ड सर्वे केवल बारनवापारा अभ्यारण्य तक सीमित न होकर उसके आसपास से जुड़े कोठारी, सोनाखान एवं देवपुर परिक्षेत्रों में भी किया जा रहा है। सर्वे के दौरान प्रतिभागियों द्वारा संग्रहित पक्षी आंकड़े वैश्विक डाटाबेस का हिस्सा बनेंगे।अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होग़ा। सर्वे में प्रमुख विशेषज्ञों  में डॉ. हकीमुद्दीन एफ. सैफी, डॉ. जागेश्वर वर्मा,  मोहित साहू एवं सोनू अरोरा की सहभागिता रही।

सर्वे के आकर्षण बने प्रमुख प्रजातियां-इस सर्वे में विशेष रूप से कुछ प्रजातियाँ प्रतिभागियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें बार-हेडेड गूज उल्लेखनीय रही, जो प्रायः मध्य एशिया के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रजनन करती है तथा सर्दियों में भारत सहित दक्षिण एशिया के जलाशयों और खेतों में देखी जाती है। इसी प्रकार आर्द्र घासभूमि, धान के खेतों, दलदली क्षेत्रों एवं नदी किनारे पाए जाने वाले ग्रे-हेडेड लैपविंग, शिकारी पक्षी प्रजाति पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश, यूरेशियन स्पैरोहॉक,वन पारिस्थितिकी में बीज प्रसार के लिए महत्वपूर्ण माना जाने वाला ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन का अवलोकन भी आकर्षण का केंद्र बना।

बर्ड सर्वे के सबंध में वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील  ने बताया कि बारनवापारा सेंट्रल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ मिश्रित एवं साल वनों के साथ विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक परिदृश्य मौजूद हैं। इस सर्वे से प्राप्त डेटा आगे चलकर अभयारण्य में आवश्यक प्रबंधन कार्ययोजनाओं की पहचान में सहायक होगा, खासतौर पर उन पक्षी प्रजातियों के संरक्षण कार्य में जिनकी संख्या में गिरावट देखी जा रही है।

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छत्तीसगढ़

वीबी-जी राम जी योजना से करमरी में आत्मनिर्भरता को मिली नई दिशा

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डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़। आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले की ग्राम पंचायत करमरी में वीबी-जी राम जी (विकसित भारत ग्राम गारंटी) योजना के अंतर्गत आज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और विकासोन्मुख नारों के साथ योजना का स्वागत किया। ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर “आत्मनिर्भर गांव-विकसित भारत” का संदेश भी दिया गया। 

कार्यक्रम के अंतर्गत कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरी जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के आपसी समन्वय से तैयार कार्य योजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी एवं सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है, और  वीबी-जीराम जी इन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

कार्यक्रम के दौरान हितग्राही विनोद कुमार एवं दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल का वितरण किया गया। इससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।ग्रामीणों ने वीबी-जीराम जी योजना को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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खेल

केंद्रीय खेल मंत्री से मिले ओलिंपिक संघ के सचिव सिसोदिया:40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में किए जाने का किया आग्रह

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया ने नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।

बैठक में डॉ. सिसोदिया ने छत्तीसगढ़ में चल रही खेल गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की। सिसोदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जो छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, लगातार खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रयासरत हैं।

महासचिव ने केंद्रीय खेल मंत्री से आग्रह किया कि मेघालय में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों के बाद 40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन फरवरी 2028 में छत्तीसगढ़ को सौंपा जाए। इससे राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच मिलेगा।

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