देश
पटना के अस्पताल में 30 सेकेंड में गैंगस्टर का मर्डर :वॉर्ड में घुसे 5 बदमाश; गोली मारी और भाग निकले
पटना,एजेंसी। पटना के पारस अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गुरुवार को फिल्मी स्टाइल में हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड का CCTV फुटेज भी सामने आया है। इसमें 5 अपराधी दिखाई दे रहे हैं। 4 लोगों ने कैप लगा रखी है। एक बिना कैप का है।
किसी ने भी अपना चेहरा नहीं ढंका है। देखने में सभी की उम्र 35 से 40 के बीच लग रही है। चंदन मिश्रा के वॉर्ड में घुसने से पहले पांचों ने कमर से पिस्टल निकाल ली। पिस्टल की नॉट चढ़ाई। इसके बाद आराम से दरवाजा खोलकर वॉर्ड में दाखिल हो गए।
30 सेकेंड बाद सभी अपराधी गैंगस्टर को गोली मारकर एक-एक कर बाहर निकले। सभी ने अपनी कमर में पिस्टल खोंसी और भाग निकले।
बताया जा रहा है कि अपराधियों ने चंदन मिश्रा को गोली मारने का वीडियो भी शूट किया है।
हत्या की तस्वीरें

पिस्टल की नॉट चढ़ाते हुए वॉर्ड में घुसते 5 अपराधी।

30 सेकेंड में गोली मारने के बाद वॉर्ड से भागते अपराधी।
गैंगस्टर चंदन मिश्रा कौन था, हत्या करने वाले शेरू गैंग के
चंदन मिश्रा बक्सर का रहने वाला था। वो बड़ा गैंगस्टर था। पुलिस के अनुसार उसके ऊपर 10 से ज्यादा हत्या के आरोप हैं। लूट और अपहरण कर फिरौती, धमकाकर उगाही करना उसका क्राइम पैटर्न था। वो कई शहरों में ऐलान कर मर्डर कर चुका था। बक्सर के ही प्रसिद्ध चूना व्यवसायी को उसने दिनदहाड़े ऐलान कर के मारा था। रंगदारी ना देने पर ऐलान किया था ‘कल मारेंगे’।
उसके बाद व्यवसायी की हत्या कर दी गई थी। इस मर्डर में उसका दोस्त शेरू भी शामिल था। बाद में कुछ पैसों और अन्य मामलों को लेकर दोनों में विवाद हो गया। दोनों अलग-अलग हो गए थे। बाद में शेरू ने अपना गैंग बना लिया था। आरा तनिष्क लूट कांड में शेरू गैंग का नाम आया था। फिलहाल पुलिस का ये मानना है कि शेरू गैंग ने ही चंदन मिश्रा की हत्या को अंजाम दिया है।
इस हत्या में शामिल 2 बदमाश भी शेरू गैंग के बताए जा रहे हैं।

बदमाश नंबर-1 और 2, शेरू गैंग के बताए जा रहे हैं।

10 से ज्यादा हत्या के मामलों में आरोपी था चंदन
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही शास्त्री नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है।
मृतक का नाम चंदन मिश्रा है। चंदन, बेऊर जेल से पैरोल पर इलाज के लिए पारस अस्पताल आया था। उसका लिवर डैमेज हो गया था।
चंदन बक्सर का रहने वाला था। बक्सर में राजेंद्र केसरी नाम के चूना व्यवसायी की हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया था। उसे उम्रकैद की सजा हुई थी।
पटना SSP ने बताया कि चंदन एक कुख्यात अपराधी था। वो 10 से ज्यादा मर्डर केस में आरोपी था। मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है।
15 दिनों की पैरोल पर बाहर आया था
चंदन मिश्रा 15 दिनों के लिए पैरोल पर बाहर आया था। 18 जुलाई को उसकी पैरोल खत्म हो रही थी। उसे पटना के बेऊर जेल लौटना था।
इस बीच तबीयत खराब होने के बाद वह पटना के पारस अस्पताल में अपना इलाज कर रहा था।
चंदन हॉस्पिटल के बेड नंबर 209 पर लेटा था। जिस वक्त गोली मारी गई, वो सो रहा था। बुधवार को ही डिस्चार्ज होने वाला था। लेकिन किसी कारण से नहीं हो पाया।
चंदन मिश्रा को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। पिछले 12 सालों से वह जेल में बंद था। वो बक्सर जेल से भागलपुर और भागलपुर से फिर पटना के बेऊर जेल में सजा काट रहा था।
SSP बोले- चंदन के विरोधी गुट ने गोली मारी
पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि ‘बक्सर निवासी चंदन मिश्रा पर हत्या के दर्जनों केस दर्ज थे। एक मामले में चंदन सजायाफ्ता भी है। चंदन इतना दुर्दांत अपराधी है कि इसे बक्सर से भागलपुर जेल भेजा गया था। इलाज के कारण पेरोल दिया गया था। चंदन के विरोधी गुट ने गोली मारी है।’
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पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप के हत्यारे तत्काल हों गिरफ्तार: राहुल गांधी
नई दिल्ली,एजेंसी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि उसके लोगों ने कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की हत्या की है। श्री गांधी ने रविवार को देबदीप की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की और कहा कि कांग्रेस हिंसा पर भरोसा नहीं करती और अहिंसा के सिद्धांत को कलंकित करने वाली राजनीति के सामने झुकना नहीं जानती है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर रविवार को लिखा, ‘कांग्रेस के कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की तृणमूल से जुड़े गुंडों द्वारा की गयी हत्या बेहद निंदनीय है। शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। पश्चिम बंगाल में आज लोकतंत्र नहीं, तृणमूल का गुंडा राज चल रहा है। वोट के बाद विरोधी आवाज़ों को डराना, मारना, मिटाना, यही टीएमसी का चरित्र बन चुका है।’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस की राजनीति कभी हिंसा पर नहीं टिकी और न कभी टिकेगी।
हमने भी अपने कार्यकर्ता खोए हैं, फिर भी हमने हमेशा अहिंसा और संविधान का रास्ता चुना है। यही हमारी विरासत है, यही हमारा संकल्प।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी मांग स्पष्ट है, सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कठोरतम सज़ा मिले और देबदीप के परिवार को पूर्ण सुरक्षा तथा मुआवज़ा सुनिश्चित किया जाए। भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करने वाली इस राजनीति के सामने हम झुकेंगे नहीं। न्याय होकर रहेगा।’
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पहले आतंकियों को बिरयानी, अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से दिया जवाब- ममता पर अमित शाह ने साधा निशाना
तेहट्टा,एजेंसी। गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में बीजेपी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी जन सभा को संबोधित किया। नदिया के तेहट्टा विधानसभा में अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि TMC ने किसानों की अनदेखी की है पहले चरण में TMC का सूपड़ा साफ हो गया है।

पश्चिम बंगाल की तेहट्टा, नादिया में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि…जब ममता बनर्जी और कांग्रेस की सरकार थी तब आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते थे। 2014 में पीएम मोदी की सरकार आई उरी पर हमला हुआ तो सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा में हमला हुआ एयरस्ट्राइक की और पहलगाम में हमला हुआ, पाकिस्तान के घर में घुसकर ऑपरेशन सिंदूर करके आतंकवादियों का सफाया किया गया।
पीएम मोदी ने इस देश को आतंकवाद से मुक्त किया है। पीएम मोदी ने इस देश को नक्सलवाद से मुक्त किया है और अब भाजपा सरकार ला दीजिए, चुन-चुन कर घुसपैठियों को निकालने का काम हम करेंगे… दीदी कहती हैं कि SIR करके घुसपैठियों का नाम क्यों निकाल रहे हो? दीदी, आपका समय समाप्त हो चुका है।
अमित शाह ने कहा, “4 मई को भाजपा सरकार बनने वाली है। मई महीने के बाद बंगाल की हर दीदी, माता, बहन के खाते में हर महीने 3 हजार रुपये भाजपा सरकार भेजने वाली है और सारे बेरोज़गार युवाओं के बैंक खाते में हर महीने 3 हजार रुपये भेजे जाएंगे। सारी माताओं- बहनों को बस में कोई टिकट नहीं लेना है, मुफ्त में यात्रा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 4 तारीख को भाजपा सरकार आने वाली है… भाजपा का मुख्यमंत्री आने के बाद सिर्फ मतदाता सूची से नहीं, पूरे बंगाल की भूमि से घुसपैठियों को चुन-चुन कर निकालेंगे।
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न्यायपालिका पर जनता का भरोसा बनाए रखना हमारा दायित्व: सीजेआई सूर्यकांत
नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका और उससे जुड़ी संस्थाओं में जनता का गहरा विश्वास है और इस विश्वास को बनाए रखना सभी का दायित्व है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यहां ‘एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज’ (राजस्थान चैप्टर) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने पूर्व न्यायाधीशों की तुलना ‘बावड़ी’ से करते हुए उन्हें ज्ञान का भंडार बताया, जो कठिन परिस्थितियों में व्यवस्था का मार्गदर्शन कर सकते हैं। सीजेआई ने कहा, “जिस प्रकार राजस्थान में बावड़ियां बरसात के मौसम में पानी संचित कर सूखे समय में उपयोगी होती हैं, उसी प्रकार सेवानिवृत्त न्यायाधीश हमारे लिए एक बहुमूल्य संसाधन हैं। लोक अदालतों, मध्यस्थता और सलाहकार भूमिकाओं में उनका अनुभव अत्यंत उपयोगी है।

न्यायिक संस्थाओं को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता
सीजेआई ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सहित सभी न्यायिक संस्थाओं को अधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संबोधन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोग न्यायाधीशों के शब्दों को अत्यंत सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं, जो न्यायपालिका पर जनता के गहरे विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस विश्वास को बनाए रखना न्यायपालिका की जिम्मेदारी है।
न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने एक शेर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “जिसको तूफानों से उलझने की हो आदत, ऐसी कश्ती को समंदर भी दुआ देता है।” उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे जनता का विश्वास न केवल बना रहे बल्कि और मजबूत हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और यह कानून तथा संविधान की रक्षक है। शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका ने ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है।
न्यायालयों की संख्या बढ़ाने पर कार्य कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायाधीश केवल मुकदमों का निपटारा नहीं करते, बल्कि वे न्याय की आवश्यकता वाले प्रत्येक व्यक्ति की उम्मीद होते हैं। अनुभवी न्यायाधीशों का योगदान आज भी न्याय प्रणाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए कानूनों के प्रशिक्षण, अदालतों के आधुनिकीकरण और न्यायालयों की संख्या बढ़ाने पर कार्य कर रही है। राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण आमजन तक न्याय पहुंचाने और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उच्च न्यायालय के यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम की शुरुआत की गयी तथा पूर्व न्यायाधीशों द्वारा लिखे गए लेखों के संकलन का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज के पदाधिकारी, न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में विधि विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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