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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में चंगाई सभा, हिंदू संगठन का हंगामा:पास्टर ने कहा- शिव-विष्णु-ब्रह्मा कुछ नहीं कर सकते, यीशु मसीह के दो घूंट से बीमारियां होंगी ठीक

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में घर पर चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। हिंदू संगठन ने घर में धर्मांतरण और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान को लेकर जमकर हंगामा किया।

हिंदू संगठन ने आरोप लगाया कि इस सभा में आसपास के लोगों को इलाज के नाम पर बुलाया गया था। वहां लोगों को चमत्कारी पानी पिलाकर बीमारियों के ठीक होने की बात कही जा रही थी। साथ ही ईसा मसीह और बाइबल से जुड़ी किताबें भी बांटी जा रही थीं और ईसाई धर्म का प्रचार किया जा रहा था।

इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई। पास्टर ने लोगों से यह कहा कि तुम्हारे शिव, विष्णु और ब्रह्मा कुछ नहीं कर सकते, जबकि ईसा मसीह का दिया हुआ दो घूंट पानी पीने से सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है।

हिंदू संगठन ने इसकी शिकायत थाने में की है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम उदयबंद का है।

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम उदयबंद के गुड़ीपारा इलाके में घर पर चंगाई सभा का आयोजन

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम उदयबंद के गुड़ीपारा इलाके में घर पर चंगाई सभा का आयोजन

चंगाई सभा में गांव की महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।

चंगाई सभा में गांव की महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता ने पास्टर पर लगाए धर्म परिवर्तन कराने के आरोप।

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता ने पास्टर पर लगाए धर्म परिवर्तन कराने के आरोप।

दरअसल, गुरुवार सुबह ग्राम उदयबंद के गुड़ीपारा इलाके के पास रहने वाले बद्रीनाथ बरेठ के घर में चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। सभा में गांव की महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। इसकी जानकारी हिंदू जागरण मंच के सतीश सोनी को मिली। इसके बाद सतीश सोनी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घर में लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया।

शिकायतकर्ता सतीश सोनी ने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने एक परिचित से जानकारी मिली थी। उन्होंने बताया कि ईसाई धर्म से जुड़े कुछ लोगों और एक पास्टर द्वारा एक विशेष सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इस सभा में आसपास के लोगों को इलाज के नाम पर बुलाया गया था। वहां लोगों को चमत्कारी पानी पिलाकर बीमारियों के ठीक होने की बात कही जा रही थी। साथ ही ईसा मसीह और बाइबल से जुड़ी किताबें भी बांटी जा रही थीं और ईसाई धर्म का प्रचार किया जा रहा था।

आरोप यह भी है कि इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गईं। पास्टर ने लोगों से यह कहा कि तुम्हारे शिव, विष्णु और ब्रह्मा कुछ नहीं कर सकते, जबकि ईसा मसीह का दिया हुआ दो घूंट पानी पीने से सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।

इसके बाद सतीश सोनी और उनके साथियों ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता के निर्देश पर पुलिस इस मामले की वैधानिक जांच और आगे की कार्रवाई कर रही है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : राज्यपाल से परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

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राज्यपाल से परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू के नेतृत्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की।

राज्यपाल श्री डेका ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी और कहा कि अपना कर्तव्य भली-भांति निभाते हुए देश और समाज की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करें। आम आदमी को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दें साथ ही अपने अधीनस्थों के प्रति भी संवेदनशील रहें।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, संचालक छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी टी सी महावर, प्रशिक्षण निदेशक प्रणव सिंह सहित परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी गोकुल आर. के., वदथ्यवथ यशवंत नाइक एवं इशांत जायसवाल उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

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नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन

बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्य

बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।

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छत्तीसगढ़

ओपी-सिंहदेव में बयानबाजी के बाद PWD ने दिया रेट अप्रूवल: वर्क-ऑर्डर जारी करने की तैयारी

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सरगुजा, एजेंसी। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधूरे निर्माण को लेकर वित्तमंत्री ओपी चौधरी और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव में बयानबाजी के बाद PWD ने रेट अप्रूवल जारी कर दिया है। अधूरे निर्माण को पूरा करने वित्त विभाग ने 99 करोड़ की मंजूरी दी है। इसका टेंडर होने के बाद भी कई महीने से रेट अप्रूवल लटका था।

राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का निर्माण अप्रैल 2023 से राशि के अभाव में बंद पड़ा था। अस्पताल भवन के बाकी बचे निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए 109 करोड़ रुपए की जरुरत थी। लंबे इंतजार के बाद 109 करोड़ रुपए जारी करने की घोषणा भी नवंबर 2024 में की गई, लेकिन शासन स्तर से सिर्फ 98 करोड़ रुपए ही जारी किए गए।

ओपी चौधरी और टीएस सिंहदेव के बीच बयानबाजी के बाद स्वीकृति।

ओपी चौधरी और टीएस सिंहदेव के बीच बयानबाजी के बाद स्वीकृति।

कई महीने से लटका था रेट अप्रूवल

शासन के निर्देश और आश्वासन के बाद लोक निर्माण विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया पूरी की। रायपुर कंस्ट्रक्शन कंपनी का रेट सबसे कम आया। विभाग ने रेट अप्रूवल के लिए फाइल भेज दी थी। शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो पा रहा था।

ओपी चौधरी की पहल के बाद मिला रेट अप्रूवल

3 दिन पहले प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का काम अधूरा होने को लेकर कहा था कि, भूपेश कका और टीएस सिंहदेव के झगड़े के कारण हॉस्पिटल का काम पूरा नहीं हो सका है। ओपी चौधरी के बयान पर टीएस सिंहदेव ने कहा था कि, ढाई साल में भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। ओपी चौधरी इसकी जिम्मेदारी लें।

ओपी चौधरी ने अंबिकापुर में पीडब्लूडी के अधिकारियों से टेंडर को लेकर जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि अप्रूवल रायपुर से नहीं मिलने के कारण वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ है। ओपी चौधरी ने पीडब्लूडी के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और तत्काल अप्रूवल जारी करने का निर्देश दिया।

ओपी चौधरी के निर्देश के बाद पीडब्लूडी ने अप्रूवल जारी कर दिया है। इसके बाद काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

2023 में पूरा हुआ था मेडिकल कॉलेज का कार्य।

2023 में पूरा हुआ था मेडिकल कॉलेज का कार्य।

पांच मंजिला भवन में कई काम अधूरे

मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भवन के निर्माण के लिए शासन से कुल 374 करोड़ की स्वीकृति मिली थी। इसमें 168 करोड़ से हॉस्पिटल भवन का काम होना था। इस राशि से सिर्फ अस्पताल के पांच मंजिला भवन को ही खड़ा किया जा सका है।

अस्पताल भवन में अभी प्लास्टर, पेंट-पुट्टी, टाइल्स, सेनेटरी वेयर के काम शेष है। इसके साथ ही विद्युतीकरण का 50 प्रतिशत काम बाकी है। वहीं अस्पताल में दरवाजा, खिड़की, गैस, ऑक्सीजन पाइप पाइन, एसी, सहित अन्य कार्य भी शेष हैं।

अप्रूवल मिला, जारी करेंगे वर्क ऑर्डर

सरगुजा पीडब्लूडी के EE वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि, टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेट अप्रूवल नहीं मिल सका था। रेट अप्रूवल मिल गया है। हमने निर्माण एजेंसी को फोन किया है। वे जब आएंगे, वर्क आर्डर जारी हो जाएगा। उन्होंने कम राशि मिलने को लेकर कहा कि इतनी राशि में काम हो जाना चाहिए। राशि कम पड़ेगी तो वर्क एक्सटेंशन लिया जाएगा।

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