कोरबा
कोरबा जिले में 21 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान
कोरबा । यातायात पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी (भा.पु.से.) के निर्देशन में तथा यातायात एवं क्राइम प्रभारी रविंद्र कुमार मीना (भा.पु.से.) के नेतृत्व में सडक़ सुरक्षा को मजबूत करने हेतु विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कोरबा जिले में कुल 21 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई, यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई एवं सडक़ मित्रों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण और हेलमेट वितरण किया गया।
ब्लैक स्पॉट्स की पहचान
कोरबा जिले में कुल 21 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई, जहां सडक़ दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। इनमें से 9 ब्लैक स्पॉट्स राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-130) पर स्थित हैं।
एनएच 130 पर 9 ब्लैक स्पॉट्स-
6 बागों थाना क्षेत्र में,2 पाली थाना क्षेत्र में,1 कटघोरा थाना क्षेत्र में
अन्य 12 ब्लैक स्पॉट्स
4 उरगा थाना क्षेत्र में,2 पसान थाना क्षेत्र में,3 सिविल लाइन थाना क्षेत्र में,1 कोतवाली थाना क्षेत्र में,1 बालको थाना क्षेत्र में,1 दीपका थाना क्षेत्र में
ब्लैक स्पॉट का क्राइटेरिया
तीन वर्षों में किसी स्थान पर कम से कम पाँच गंभीर सडक़ दुर्घटनाएँ होना। अथवा इन दुर्घटनाओं में कम से कम दस मृत हुए हों। ऐसे स्थान जहाँ सडक़ डिज़ाइन, मोड़, खराब संकेत व्यवस्था, अंधे मोड़ या अन्य कारणों से दुर्घटनाएँ अधिक होती हैं। यातायात पुलिस इन ब्लैक स्पॉट्स पर संकेतक, साइनेज, गति सीमा नियंत्रण और अन्य सुधारात्मक उपाय लागू करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर रही है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
यातायात पुलिस द्वारा कोसाबाड़ी क्षेत्र में नो पार्किंग में खड़े 17 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा ओवरस्पीड के 20 मामलों में चालान किया गया। 13 लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए।
185 मोटर वाहन अधिनियम के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 13 लोगो पर कार्रवाई की गई।
पाली थाना क्षेत्र में सडक़ मित्रों को प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण एवं हेलमेट वितरण
सडक़ दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए पाली थाना क्षेत्र में सडक़ मित्रों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
? सीपीआर , रक्तस्राव रोकने, घावों पर पट्टी लगाने और आपातकालीन सहायता बुलाने की प्रक्रिया समझाई गई।
108 (एम्बुलेंस) और 112 (पुलिस) को तुरंत सूचना देने का महत्व बताया गया।
साथ ही सडक़ मित्रों को हेलमेट वितरित किए गए ताकि वे स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और समाज में भी हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा दें।
यातायात पुलिस की अपील
यातायात पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि—
सडक़ पर यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग करें।
ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष सावधानी बरतें और गति सीमा का पालन करें।
नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा न करें।
हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
सडक़ दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की सहायता करें और आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें।
यह अभियान सडक़ सुरक्षा को मजबूत करने और सडक़ दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यातायात पुलिस इस प्रकार के कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखेगी।
कोरबा
अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार, 1 जेसीबी समेत 9 वाहन जप्त
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश एवं उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में खनिज विभाग कोरबा द्वारा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न संदिग्ध क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 1 जेसीबी, 1 ट्रेलर, 2 टीपर एवं 5 ट्रैक्टर सहित कुल 9 वाहनों को जप्त किया।
खनिज विभाग की टीम ने सीतामढ़ी, बरमपुर, कपाटमुड़ा, सुराकछार, बांकीमोगरा, तिलसरा, गुरसिया सहित अन्य क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान बांकीमोगरा, कोसावाड़ी, बरमपुर, घरीपखना एवं गुरसिया क्षेत्र में गिट्टी, मिट्टी और रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लगे वाहनों को पकड़कर जप्त किया गया। जप्त वाहनों को बांकीमोगरा थाना, रामपुर थाना, बांगो थाना तथा खनिज जांच चौकी रामपुर-कटघोरा में अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग के अनुसार जिले में अवैध खनन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवैध उत्खनन के 12 प्रकरणों में 6 लाख 74 हजार 100 रुपये, अवैध परिवहन के 89 प्रकरणों में 7 लाख 37 हजार 931 रुपये तथा अवैध भण्डारण के 10 प्रकरणों में 7 लाख 14 हजार 810 रुपये की वसूली की गई है। इस अवधि में कुल 18 लाख 70 हजार 473 रुपये राजस्व की वसूली की जा चुकी है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के खिलाफ अभियान लगातार संचालित किया जाता रहेगा।
कोरबा
पीएम किसान उत्सव दिवस पर किसानों को मिली 15.72 करोड़ की सम्मान निधि
कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कोरबा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में ‘‘पीएम किसान उत्सव दिवस‘‘ के तहत किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने भाग लेकर कृषि की नवीन तकनीकों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर कोरबा जिले के 78 हजार 620 किसानों के खातों में 15.72 करोड़ रुपये की सम्मान निधि राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जैविक एवं प्राकृतिक खेती, बीज पंजीयन, प्रमाणित बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा कृषि से अधिक आय अर्जित करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। कृषि विभाग द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के तहत फसल संरक्षण, मृदा परीक्षण, जल संरक्षण एवं समेकित कीट प्रबंधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग तथा कृषि उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम में 75 किसानों सहित कुल 92 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। अंत में किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाकर गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग तथा शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया गया।
कोरबा
बेहतर खेती, बेहतर भविष्य, नैनो तकनीक अपना रहे किसान
आधुनिक नवाचार का मिला लाभ, किसान ब्रजेश रात्रे ने दोहराया भरोसा
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा खेती को अधिक लाभकारी, किफायती और टिकाऊ बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके और उनकी आय में वृद्धि हो। इसी दिशा में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उन्नत कृषि नवाचार किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। किसानों के बीच इन उर्वरकों की बढ़ती स्वीकार्यता आधुनिक कृषि नवाचारों के प्रति बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।

कोरबा जिले के ग्राम बाता निवासी कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। छोटे कृषक श्री रात्रे लगभग एक एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे आवश्यक कृषि आदान सामग्री प्राप्त करने सहकारी समिति कनबेरी पहुंचे, जहां से उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्राप्त किया।
श्री रात्रे ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष पहली बार अपनी फसल में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया था। इसके परिणाम उत्साहजनक रहे, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने इस वर्ष भी नैनो उर्वरकों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में तीन भाई खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उनके सकारात्मक अनुभव को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अपनी खेती में नैनो उर्वरकों का उपयोग शुरू कर दिया है। इससे पूरे परिवार को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिल रहा है।
श्री रात्रे ने बताया कि पहले वे पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग करते थे, लेकिन नैनो उर्वरकों के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होता है, उर्वरकों की अनावश्यक बर्बादी कम होती है तथा फसलों को आवश्यक पोषण प्रभावी ढंग से प्राप्त होता है। यही कारण है कि किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति रुचि और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से समय पर नैनो उर्वरकों की उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इससे किसानों को खेती की तैयारियां समय पर करने में सुविधा मिल रही है और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिल रहा है।
अंत में कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे ने जिले के किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि खेती में नवाचारों को अपनाने में किसी भी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। समय के साथ कृषि पद्धतियों में बदलाव लाकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक तकनीकें न केवल बेहतर उत्पादन और लागत में बचत सुनिश्चित करती हैं, बल्कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
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