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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में लव-अफेयर में मां-बेटी, बेटे का मर्डर:80KM दूर ले गया मोख्तार अंसारी, सोते वक्त कुल्हाड़ी से मारा; सिर की हड्डियां तक टूटीं

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बलरामपुर,एजेंसी।  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में मां-बेटी और बेटे की हत्या की वजह लव अफेयर बनी है। बताया जा रहा है कि आरोपी मोख्तार के भाई आरिफ का एक नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था, जिसके कारण वो घर पर पैसे नहीं भेजता था। इससे नाराज होकर बड़े भाई ने लड़की के साथ उसकी मां और भाई की हत्या कर दी।

तीनों को गांव से 80 किलोमीटर दूर ले जाकर मारा गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बलरामपुर थाना क्षेत्र के दहेजवार का है।

घर में हत्या कर खेत में फेंका गया था शव

घर में हत्या कर खेत में फेंका गया था शव

आरोपी पांच दिनों के पुलिस रिमांड पर बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि आरोपी मोख्तार अंसारी (38) निवासी भंडरिया, झारखंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। आरोपी से पूछताछ कर मामले में शेष खुलासा किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, शुक्रवार को बंद पड़े फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट से लगे खेत में 3 नर कंकाल मिले थे, जिसमें तीन खोपड़ी और बॉडी के अन्य पार्ट्स बरामद हुए। साड़ी, सलवार, पैंट और अन्य कपड़ों भी मिले। तीनों की पहचान कुसमी से 27 सितंबर से लापता सूरजदेव ठाकुर की पत्नी कौशल्या ठाकुर (36 साल), बेटी मुक्तावती उर्फ मुस्कान ठाकुर (17 साल) और बेटा मिंटू ठाकुर (6 साल) के रूप में हुई।

जांच में पता चला कि, मुस्कान ठाकुर का आरोपी के भाई से प्रेम संबंध था। झारखंड के बरगढ़ निवासी मुख्य आरोपी मोख्तार का छोटा भाई आरिफ अंसारी कुसमी में रहकर ठेकेदारी का काम करता है। अच्छे पैसे भी कमा रहा था। आरिफ और मुस्कान के बीच प्रेम संबंध की पुष्टि कॉल डिटेल और मोबाइल चैट से हुई है।

आरोपी मोख्तार अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी मोख्तार अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पिता के इलाज के लिए पैसे नहीं भेजता था आरिफ

बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी मोख्तार अंसारी के पिता को सांप ने काट लिया था, जिससे उसके शरीर के अंग गल रहे हैं। इसके बावजूद छोटा भाई आरिफ पिता के इलाज के लिए पैसे नहीं भेजता था। इससे मोख्तार अंसारी नाराज था। इसी को लेकर मुस्कान और उसके परिवार को मारने की साजिश रची।

डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा सैंपल

डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा सैंपल

कुसमी से बलरामपुर ले गया मुख्तार अंसारी

अब तक के पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि तीनों की हत्या मोख्तार अंसारी ने की है। कौशल्या ठाकुर, मुस्कान और मिंटू ठाकुर को लेकर मोख्तार अंसारी कुसमी से बलरामपुर लेकर गया। दहेजवार में जहां कंकाल मिले हैं, उसके पास ही झोपड़ीनुमा घर है। तीनों को वहां रखा।

जहां शवों को फेंका, वहां लोगों नहीं था आना जाना

रात में तीनों जब सो गए तो कुल्हाड़ी से सिर और माथे पर कई वार किए। तीनों को रात में ही मारा और लाश को पानी भरे खाली खेत में बने नाले में फेंक आया। शव गलकर बहते भी रहे। इस कारण बदबू ज्यादा नहीं फैली।

सूरजदेव ठाकुर ने दर्ज कराई थी पत्नी, बेटी व बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट

सूरजदेव ठाकुर ने दर्ज कराई थी पत्नी, बेटी व बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट

धान काटने के लिए आया मालिक तो पता चला

खेत का मालिक महाराजगंज का है, जो धान बोने के बाद खेत देखने नहीं आया था। धान काटने के लिए वह शुक्रवार को खेत में पहुंचा तो उसे कंकाल मिले। जहां शवों को फेंका उस इलाके में लोगों का आना-जाना भी नहीं था।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

मामले में बलरामपुर पुलिस पर लापरवाही के भी आरोप लग रहे हैं। तीनों की गुमशुदगी कुसमी थाने में दर्ज की गई, लेकिन पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज नहीं किया। सूरजदेव ठाकुर को आरिफ पर तीनों को भगाकर ले जाने का शक था। FIR के लिए उसने आवेदन कुसमी थाने सहित मुख्यमंत्री के नाम पर भी दिया था।

मुख्यमंत्री कैंप बगिया में भी शिकायत, FIR नहीं

मामले में मुख्यमंत्री कैंप बगिया में कौशल्या की मां कमला बाई ने भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। आरिफ से पूछताछ में उसने पुलिस को बताया था कि उसका भाई मुख्तार अंसारी तीनों को लेकर गया है। मुख्तार से भी पूछताछ हुई, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ सकी।

बलरामपुर थाने में बिलखते परिजन।

बलरामपुर थाने में बिलखते परिजन।

डीएनए टेस्ट के लिए लिया गया सैंपल

तीनों शवों की पहचान किए जाने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम एक्सपर्ट कुलदीप कुजूर की टीम ने डीएनए सैंपल एकत्र किया है। टेस्ट के लिए सैंपल रायपुर भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने में करीब 10 से 15 दिनों का समय लग सकता है। इसके बाद पुलिस जांच आगे बढ़ सकेगी।

कुसमी थाना प्रभारी लाइन अटैच

मामले में कुसमी थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल पर कार्रवाई की गई है। जितेंद्र जायसवाल को पुलिस लाइन बलरामपुर अटैच किया गया है। रघुनाथनगर थाना प्रभारी संत लाल आयाम को थाना प्रभारी कुसमी बनाया गया है। हालांकि आदेश अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस फेरबदल को प्रशासनिक बताया गया है।

अन्य आरोपी की भी संलिप्तता की आशंका ट्रिपल मर्डर में बलरामपुर पुलिस को आशंका है कि मामले में अन्य आरोपी की संलिप्तता हो सकती है। पुलिस इसकी भी तस्दीक करेगी। रिमांड अवधि में पुलिस अन्य तथ्यों की जांच करेगी। कौशल्या ठाकुर सिर्फ मोख्तार अंसारी के कहने पर आई थी या अन्य आरोपी भी इसमें शामिल थे, इसकी तस्दीक होगी।

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कोरबा

दीपका में 30 अप्रैल को 20वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी

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देशभर के विद्वानों का होगा संगम-डॉ गजेंद्र

कोरबा। शासकीय महाविद्यालय दीपका, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के बौद्धिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। महाविद्यालय एवं अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा की कसौटी पर विकलांग-विमर्श का पुनर्मूल्यांकनÓ विषय पर 20वीं एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 30 अप्रैल 2026, गुरुवार को किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: 9:30 बजे महाविद्यालय परिसर में होगा। इस संगोष्ठी में देशभर से विद्वान, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विषय विशेषज्ञ सहभागी बनेंगे, जिससे विचारों का एक व्यापक और सार्थक आदान-प्रदान संभव होगा।

इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री लखनलाल देवांगन उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) डॉ. विनय कुमार पाठक करेंगे।
संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेयी, अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल, तथा गेवरा प्रोजेक्ट के जनरल मैनेजर अरुण त्यागी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को समृद्ध करेंगे। इसके साथ ही कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल समारोह भूषण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर ‘विकलांग-विमर्श : विविध संदर्भÓ शीर्षक पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा, जिसके संपादन का कार्य डॉ. पायल लिल्हारे (निवाड़ी, मध्यप्रदेश) द्वारा किया गया है। यह पुस्तक विकलांग-विमर्श के विभिन्न आयामों को उजागर करते हुए समकालीन संदर्भों में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता ठाकुर ने बताया कि यह संगोष्ठी भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में विकलांग-विमर्श के पुनर्मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो समाज में समावेशी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करेगा। वहीं 20वी राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक डॉ. गजेंद्र तिवारी ने सभी शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं जागरूक नागरिकों से इस आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर इसे सफल बनाने का आह्वान किया है।
यह संगोष्ठी न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि सामाजिक समरसता एवं समावेशिता के नए आयाम स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

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छत्तीसगढ़

कोंडागांव : वन मंत्री केदार कश्यप ने दहिकोंगा तेंदूपत्ता फड़ का किया निरीक्षण

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वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

कोंडागांव। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज रविवार को कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता देखी और संग्राहकों को हो रहे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जानकारी ली।

          निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने दो संग्राहकों के मोबाइल में स्वयं ऑनलाइन एंट्री कर भुगतान प्रक्रिया को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है।

          वन मंत्री ने संग्राहकों से सीधे संवाद कर उन्हें “तेंदूपत्ता तिहार” की बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

           इस अवसर पर कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह, संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ. आशीष कोटरिवार, परिक्षेत्र अधिकारी कोंडागांव, परिक्षेत्र अधिकारी दहिकोंगा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

जनगणना में लगे शिक्षकों के लिए दुर्घटना बीमा की मांग:छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बोला: चुनाव ड्यूटी जैसी सुरक्षा मिले, 1 करोड़ का बीमा हो

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रायपुर,एजेंसी। जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपए के दुर्घटना बीमा की मांग उठी है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जनगणना आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र सौंपकर निर्वाचन ड्यूटी की तर्ज पर बीमा सुरक्षा देने की मांग की है।

ड्यूटी के दौरान दुर्घटना, गंभीर बीमारी या असामयिक मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा जरूरी है।

चुनाव ड्यूटी जैसी सुरक्षा की मांग

संगठन का कहना है कि जब जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर की है और जोखिम भी चुनावी ड्यूटी जैसा है, तो सुरक्षा मानकों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसलिए जनगणना कार्य में तैनात हर शिक्षक और कर्मचारी को 1 करोड़ रुपए का बीमा कवर दिया जाए।

तीन प्रमुख तर्क रखे

एसोसिएशन ने शासन के सामने तीन प्रमुख बिंदु रखे—

  • समान जोखिम, समान सुरक्षा: जनगणना ड्यूटी में भी चुनाव जैसी चुनौतियां और खतरे हैं।
  • आर्थिक संबल: हादसे या मृत्यु की स्थिति में परिवार को सहायता मिले।
  • मानसिक निश्चिंतता: बीमा सुरक्षा से कर्मचारी निर्भीक होकर काम कर सकेंगे।
एसोसिएशन की ओर से लिखा गया लेटर।

एसोसिएशन की ओर से लिखा गया लेटर।

हाल की घटनाओं का दिया हवाला

एसोसिएशन ने जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की मौत की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों ने बीमा सुरक्षा की जरूरत को और गंभीर बना दिया है।

टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि जनगणना अधिसूचना जारी होने के साथ ही बीमा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएं, ताकि जमीनी स्तर पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों को सुरक्षा मिल सके।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के साथ प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

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