कोरबा
साल की पहली जीएम समन्वय बैठक में सीएमडी हरीश दुहन ने बेहतर योजना और निर्णायक क्रियान्वयन पर दिया जोर
चार घंटे से अधिक चली मैराथन बैठक में अंतिम तिमाही के लक्ष्यों एवं आगामी योजना पर हुआ गहन मंथन

बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की वर्ष 2026 की पहली जीएम समन्वय बैठक दिनांक 02 जनवरी 2026 को आयोजित की गई। चार घंटे से अधिक समय तक चली इस मैराथन बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने की। बैठक में वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही एवं आगामी वर्ष के लिए उत्पादन, उत्पादकता, योजना और समन्वय से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

सीएमडी श्री दुहन ने सभी क्षेत्रों और विभागों से आह्वान किया कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए अंतिम तिमाही में हर संभव प्रयास पूरे संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ किए जाएँ। उन्होंने कहा, “लक्ष्य प्राप्ति के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा। हमारी टीम पर मुझे पूरा भरोसा है—हम हर चुनौती का सामना करने और जीत हासिल करने में सक्षम हैं।”


उन्होंने बेहतर योजना, समयबद्ध निर्णय, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और टीमवर्क पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संगठित प्रयास ही सतत प्रदर्शन की कुंजी है।


बैठक के आरंभ में सीएमडी श्री दुहन द्वारा वीसी के माध्यम से सीडब्ल्यूएस कोरबा द्वारा विकसित 3.3 केवी एचटी मोटर टेस्ट फैसिलिटी का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही मुख्यालय सिस्टम विभाग द्वारा विकसित SRMS (Service Record Management System) पोर्टल, जिसके माध्यम से कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया गया है, तथा अतिथि पोर्टल (Guest House Management System) का भी लोकार्पण किया गया। ये दोनों डिजिटल पहल प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और सुगमता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
समन्वय बैठक में निदेशक (तकनीकी–संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन तथा निदेशक (तकनीकी–योजना/परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान हाल ही में आईआईटी–आईएसएम धनबाद एवं ईसीएल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित UMEED 2025 कॉन्फ्रेंस में सीएमडी श्री हरीश दुहन के शोध पत्र को उत्कृष्ट योगदान के लिए प्राप्त स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र निदेशक मण्डल द्वारा सौंपा गया।
इसके साथ ही, कॉन्फ्रेंस में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए अजय तिवारी, महाप्रबंधक (यूजी) तथा रमेश बसंत सिंधुर, महाप्रबंधक (खनन) / अ.प्र.नि के तकनीकी सचिव को सीएमडी श्री दुहन के कर-कमलों से प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।
बैठक के अंत में दिसंबर माह में मुख्यालय से सेवानिवृत्त हुए दीपक पंड्या, महाप्रबंधक (खनन) को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कोरबा
श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।
कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
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