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हरियाणा के रुझानों में तीसरी बार BJP सरकार:कांग्रेस ने कहा- नतीजे चौंकाने वाले, सीएम नायब सैनी बोले- कांग्रेस का झूठ नहीं चलाहरियाणारियाणा के रुझानों में तीसरी बार BJP सरकार:कांग्रेस ने कहा- नतीजे चौंकाने वाले, सीएम नायब सैनी बोले- कांग्रेस का झूठ नहीं चला
चंडीगढ़,एजेंसी। हरियाणा में BJP तीसरी बार सरकार बनाती दिख रही है। राज्य में ऐसा करने वाली वह पहली पार्टी होगी। पार्टी को रुझानों में कुल 90 सीटों में से 7 पर बढ़त हासिल है। 41 सीटों पर जीत मिल चुकी हैउधर, कांग्रेस को 4 सीटों पर बढ़त हासिल है, 33 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी लाडवा और कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा गढ़ी-सांपला सीट से जीत गए हैं।कांग्रेस ने रिजल्ट को चौंकाने वाला बताया है। वहीं सीएम सैनी ने कहा कि जनता ने कांग्रेस के झूठ को नकार दिया है।
BJP की बढ़त के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम नायब सिंह सैनी को फोन किया और जीत पर बधाई दी। इस बीच खबर आ रही है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण दशहरा यानी 12 अक्टूबर को हो सकता है।
डेढ़ घंटे में रुझान कांग्रेस के हाथ से निकले मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। रुझान आते ही कांग्रेस ने बढ़त बना ली थी और कुछ देर तक एक तरफा जीत की ओर थी। पार्टी ने 65 सीटों को छू लिया था। भाजपा कम होकर 17 सीटों पर आ गई थी।
लेकिन 9:30 बजे भाजपा टक्कर में आई और दोनों पार्टियों में दो सीटों का अंतर रह गया। सुबह 9:44 बजे एक समय ऐसा भी आया जब दोनों पार्टी 43-43 सीटों पर आ गईं। इसके बाद भाजपा 51 सीटों तक पहुंच गई। करीब 11 बजे से भाजपा की सीटें 47 से 51 के बीच बनी हुई हैं।
हरियाणा में इस बार 67.90% वोटिंग हुई थी। पिछले चुनाव में 68.20% वोटिंग हुई थी।
| हरियाणा में क्या है स्थिति | |||
| पार्टी | रुझान में आगे | जीत | कुल |
| BJP | 7 | 41 | 48 |
| कांग्रेस | 4 | 34 | 37 |
| इनेलो-बसपा | 2 | 0 | 2 |
| JJP-ASP | 0 | 0 | 0 |
| AAP | 0 | 0 | 0 |
| अन्य | 3 | 0 | 3 |
हरियाणा की 17 हॉट सीटें: कहीं पोते ने दादा को हराया, तो कहीं बहन ने भाई को हराया
अटेली सीट: केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी और भाजपा उम्मीदवार आरती सिंह राव चुनाव जीतीं, उन्होंने बसपा उम्मीदवार अत्तर सिंह को 2500 वोटों से हराया।
लाडवा सीट: सीएम नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस प्रत्याशी मेवा सिंह को 16054 वोटों से हराया।
गढ़ी-सांपला सीट: कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 71465 वोट से चुनाव जीत गए हैं।
ऐलनाबाद सीट: इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला 15 हजार वोट से चुनाव हार गए हैं। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह बेनीवाल ने जीत दर्ज की है।
जुलाना सीट: कांग्रेस कैंडिडेट विनेश फोगाट ने 6015 वोटों से जीत दर्ज की है। उन्होंने BJP के उम्मीदवार कैप्टन योगेश बैरागी को हराया है।
हिसार सीट: देश की सबसे अमीर महिला प्रत्याशी सावित्री जिंदल ने 18941 वोटों से जीत दर्ज की है।
तोशाम सीट: बंसीलाल के पोते और कांग्रेस उम्मीदवार अनिरुद्ध चौधरी तोशाम सीट से चुनाव हार गए हैं। उन्हें बंसीलाल की पोती और भाजपा उम्मीदवार श्रुति चौधरी ने हराया।
होडल सीट: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान भी हार गए हैं।
उचाना कलां सीट: भाजपा के प्रत्याशी देवेंद्र अत्री ने सिर्फ 39 वोट से जीत दर्ज की है। देवेंद्र ने पूर्व उप मुख्यमंत्री और जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला और चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे और कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह को हराया।
अंबाला कैंट सीट: भाजपा नेता और पूर्व मंत्री अनिल विज ने 7277 वोटों से जीत दर्ज की है। विज ने निर्दलीय प्रत्याशी चित्रा सरवारा को हराया।
सिरसा सीट: हलोपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री गोपाल कांडा चुनाव हार गए हैं। उन्हें कांग्रेस के गोकुल सेतिया ने 7234 वोटों से हराया।
रानियां सीट: निर्दलीय प्रत्याशी रणजीत चौटाला को रिश्ते में उनके ही पोते और इनेलो उम्मीदवार अर्जुन चौटाला ने हराया।
डबवाली सीट: देवीलाल के पोते और इनेलो उम्मीदवार आदित्य देवीलाल चौटाला ने रिश्ते में भतीजे और जेजेपी के उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला को हरा दिया।
राई सीट: इंडिया बुल्स के मालिक समीर गहलावत की मां और भाजपा उम्मीदवार कृष्णा गहलावत राई से जीत गई हैं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जय भगवान अंतिल को 4673 वोटों से हराया।
बादशाहपुर सीट: पूर्व मंत्री और भाजपा उम्मीदवार राव नरबीर सिंह जीते, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार वर्धन यादव को 60705 वोटों से हराया।
पंचकूला सीट: पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रमोहन बिश्नोई चुनाव जीते, उन्होंने भाजपा उम्मीदवार ज्ञानचंद गुप्ता को 1997 वोटों से हराया।
नारनौंद सीट: भाजपा उम्मीदवार और पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु हारे, उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार जस्सी पेटवाड़ ने 12578 वोटों से हराया।
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सरकार का बड़ा फैसला: 16 कॉम्बिनेशन दवाओं पर लगा तुरंत बैन
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में लोगों की सेहत की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने पूरे भारत में 16 फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के बनाने, बेचने, बांटने और सप्लाई करने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है।
यह कड़ा फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ की धारा 26A के तहत एक नोटिफिकेशन जारी करके लिया गया है। एक्सपर्ट्स की जांच में सामने आया है कि इन दवाओं को मिलाकर बेचना वैज्ञानिक और मेडिकल तौर पर सही नहीं था। यह कदम एक वैज्ञानिक समीक्षा के बाद उठाया गया है।

क्यों लगाया गया इन दवाओं पर बैन?
क्या होती हैं FDC दवाएं? FDC (Fixed-Dose Combination) दवाएं वे होती हैं, जिनमें दो या दो से ज्यादा दवाओं के एक्टिव साल्ट (सामाग्री) को एक निश्चित मात्रा में मिलाकर एक ही दवा (जैसे एक टैबलेट या सिरप) के रूप में तैयार किया जाता है।
बैन की वजह: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ‘ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड’ ने एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी। जांच में पाया गया कि इन 16 कॉम्बिनेशन दवाओं को एक साथ मिलाकर देने का कोई मेडिकल आधार नहीं था। सरकार के मुताबिक, इन दवाओं के फायदे से ज्यादा इनके नुकसान या जोखिम होने की आशंका थी, इसलिए इन्हें ‘असुरक्षित और अतार्किक’ माना गया।
कौन-कौन सी दवाओं पर लगी है रोक?
बैन की गई दवाएं अलग-अलग बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती थीं, जिनमें एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, पेट दर्द और स्किनकेयर (त्वचा) की दवाएं शामिल हैं:
1. पेट दर्द, दर्द और ऐंठन की दवाएं:
एसिटाइल सैलिसिलिक एसिड + एथोहेप्टाज़ीन
डाइसाइक्लोमाइन + पैरासिटामोल + क्लिडिनियम ब्रोमाइड
डाइसाइक्लोमाइन + पैरासिटामोल + क्लिडिनियम ब्रोमाइड + क्लोरडायज़ेपॉक्साइड
पैरासिटामोल + लिग्नोकेन
2. डायबिटीज की दवा:
ग्लिक्लाज़ाइड + क्रोमियम पिकोलिनेट
3. एंटीबायोटिक दवाओं के कॉम्बिनेशन:
एमोक्सिसिलिन + सेराटियोपेप्टिडेज़
एमोक्सिसिलिन + सेराटियोपेप्टिडेज़ + लैक्टोबैसिलस स्पोरोजेन्स
एमोक्सिसिलिन + क्लोक्सासिलिन + लैक्टिक एसिड बैसिलस + सेराटियोपेप्टिडेज़
सेफैड्रोक्सिल + प्रोबेनेसिड
सेफुरोक्सिम + सेराटियोपेप्टिडेज़
4. स्किनकेयर और क्रीम :
ऐसी क्रीम या लोशन जिनमे एलोवेरा (Aloe extract) के साथ नीचे दिए गए तत्वों को मिलाया गया था, उन पर भी रोक लगा दी गई है जैसे कि… Vitamin E, Jojoba oil, Orange oil, Wheat germ oil, Tea tree oil, Allantoin, D-Panthenol का कॉम्बिनेशन।
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PM मोदी ने ओडिशा को दी बड़ी सौगात, ₹47,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स किए लॉन्च
मयूरभंज,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मयूरभंज में ‘विकास की धारा, पूरा ओडिशा’ (विकास रा धारा, ओडिशा सारा) नाम के एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम ओडिशा में BJP सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ शामिल हुए। इस मौके पर PM मोदी ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए कहा, “ओडिशा की बेटी आज देश में इतने ऊंचे पद पर पहुंची हैं और हम सभी का मार्गदर्शन कर रही हैं। यह हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है। राष्ट्रपति का व्यक्तित्व, उनका उदार और दयालु स्वभाव, और देश व समाज की सेवा के प्रति उनका अटूट समर्पण – इन सबने न केवल मयूरभंज की, बल्कि पूरे ओडिशा राज्य की पहचान को मजबूत किया है।” PM ने आगे कहा, “आज एक बहुत शुभ क्षण है क्योंकि आज राष्ट्रपति जी का जन्मदिन है, और मुझे आज उनके गांव जाने और उन्हें शुभकामनाएं देने का मौका मिला। आज मैं राष्ट्रपति जी के साथ पहाड़पुर भी गया था।”प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पहाड़पुर गांव का तेजी से विकास करके उसे “सोलर विलेज” बनाया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इलाके के हर घर में सौर ऊर्जा की सुविधा हो। इस पहल की तुलना कोणार्क सूर्य मंदिर की विरासत से करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पहाड़पुर नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) के केंद्र के रूप में वैश्विक मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान बनाने जा रहा है।
PM मोदी ने कहा, “अब पहाड़पुर को तेजी से सोलर विलेज के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि यहां हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाई जाएगी। जिस तरह ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर की एक खास पहचान है, उसी तरह पहाड़पुर भी सोलर विलेज के तौर पर अपनी पहचान बनाएगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ओडिशा के प्राकृतिक संसाधनों को आर्थिक “संभावनाओं” में बदलने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने ‘उत्कर्ष ओडिशा’ अभियान जैसी पहलों की सफलता का भी जिक्र किया, जिसने राज्य में वैश्विक और घरेलू निवेशकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है। पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ओडिशा के संसाधनों को ओडिशा की संभावनाओं में बदल रही है। ओडिशा में बड़े निवेश आ रहे हैं, यहाँ नए उद्योग लगाए जा रहे हैं और इस मकसद से ‘उत्कर्ष ओडिशा’ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।”पीएम मोदी ने आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया और कहा कि आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोज़गार के बेहतर मौकों से जोड़ा जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, “आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए हम आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोज़गार के मौकों से जोड़ रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएँ मिलनी चाहिए… इसके लिए देश भर में लगभग 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं।”
इस इलाके के साथ अपने जुड़ाव का ज़िक्र करते हुए, पीएम मोदी ने लोगों की भारी मौजूदगी के लिए आभार जताया और कहा कि मयूरभंज के लोगों का प्यार उन्हें बार-बार यहाँ खींच लाता है।
पीएम मोदी ने कहा, “ओडिशा में बीजेपी सरकार के अब 2 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर आप सभी के बीच आना, मयूरभंज आने का यह सौभाग्य और इतनी बड़ी संख्या में आपकी मौजूदगी—यह मौका मेरे लिए बहुत खास है। आपका प्यार मुझे बार-बार यहाँ खींच लाता है।” इस समय के सांस्कृतिक महत्व पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा अभी त्योहारों के माहौल में है और यहाँ बड़े पारंपरिक उत्सव चल रहे हैं। पीएम ने आगे कहा, “हमारा ओडिशा अभी त्योहारों की खुशी में डूबा हुआ है। पिछले हफ़्ते ही यहाँ ‘गण परदा’ त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया गया। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की तैयारियाँ भी ज़ोरों पर हैं। मयूरभंज में बारीपदा रथ यात्रा को लेकर भी उत्साह का माहौल है। और इन सबके बीच, लोकतंत्र और विकास का उत्सव भी चल रहा है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में लगभग 47,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया, जिनका मकसद राज्य के बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक सेवाओं को बदलना है। इससे पहले दिन में, एक अहम सांस्कृतिक पहल के तहत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मयूरभंज ज़िले के पहाड़पुर गाँव का दौरा किया। दोनों नेताओं ने ‘संताली जाहिरा’ और ‘हो जाहिरा’ के पवित्र स्थलों पर पारंपरिक पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए और देश की समृद्धि के लिए आशीर्वाद माँगा।
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गाजा संकट पर फिलिस्तीन की PM मोदी से भावुक अपील- ‘हमारा बड़ा भाई भारत मदद देकर बचा सकता हजारों जानें ’
नई दिल्ली, एजेंसी। एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर गाजा पट्टी में जारी मानवीय संकट को लेकर फिलिस्तीन ने भारत से मदद की अपील की है। भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश (Abdullah M. Abu Shawesh) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा घोषित ‘आरोग्य मैत्री’ पहल अब गाजा के हजारों लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। राजदूत अबू शावेश ने कहा कि फिलिस्तीन लंबे समय से भारत को अपना मित्र और बड़ा भाई मानता आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत मानवीय आधार पर गाजा के स्वास्थ्य क्षेत्र की सहायता के लिए आगे आएगा। उनके अनुसार, इजरायली सैन्य अभियानों के कारण गाजा की स्वास्थ्य व्यवस्था लगभग ध्वस्त हो चुकी है और अस्पताल गंभीर संसाधन संकट से जूझ रहे हैं।

राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों और मानवीय संगठनों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि
- गाजा के 36 अस्पतालों में से केवल 19 आंशिक रूप से कार्यरत हैं।
- एंटीबायोटिक्स, एनेस्थीसिया, डायलिसिस सामग्री और सर्जिकल उपकरणों की भारी कमी है।
- रक्त की यूनिटों और इंसुलिन का भी गंभीर अभाव है।
- अस्पतालों के जनरेटर चलाने के लिए ईंधन की कमी बनी हुई है।
- हजारों मरीजों को तत्काल मेडिकल इवैक्यूएशन की जरूरत है।
- 180 आवश्यक दवाएं पूरी तरह खत्म
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार:
- लगभग 520 आवश्यक दवाओं की तत्काल आवश्यकता है।
- इनमें से करीब 180 दवाओं का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
- कैंसर और ट्यूमर उपचार में उपयोग होने वाली 97 विशेष दवाओं में से 50 उपलब्ध नहीं हैं।
- लगभग 4,000 कैंसर मरीजों का उपचार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
राजदूत ने कहा कि लाखों इमारतों के नष्ट होने और मलबे के नीचे हजारों शवों के दबे होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। साफ पानी की कमी और कचरे के ढेरों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। अबू शावेश ने भारत सरकार, भारतीय चिकित्सा संस्थानों, मानवीय संगठनों और नागरिक समाज से अपील की कि वे दवाएं, चिकित्सा उपकरण और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करें। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए राजदूत ने कहा कि यदि यह प्रक्रिया स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ती है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शांति हर मानवतावादी प्रयास की बुनियाद है और क्षेत्र में स्थिरता आने से फिलिस्तीनी जनता को भी राहत मिल सकती है।भारत पारंपरिक रूप से फिलिस्तीन को मानवीय सहायता प्रदान करता रहा है और साथ ही इजरायल के साथ भी मजबूत संबंध बनाए हुए है। ऐसे में गाजा संकट के बीच फिलिस्तीन की यह अपील भारत की पश्चिम एशिया नीति और मानवीय कूटनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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