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कोरबा

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर भारत का कदम, सूरज की शक्ति से बनेगा विश्व मार्गदर्शक

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छत पर सोलर, घर में उजाला बिल हुआ जीरो, भविष्य हुआ सुनहरा
कोरबा।
आज जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट, जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, तब भारत ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से एक स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना इसका बेमिसाल उदाहरण है। यह योजना न केवल बिजली आपूर्ति की समस्या का समाधान करती है, बल्कि देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी का हमेशा से यह विज़न रहा है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो और इसमें ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता सबसे अहम भूमिका निभाए। भारत जैसे विशाल देश में, जहां हर वर्ग का नागरिक बिजली पर निर्भर है, वहां सौर ऊर्जा को अपनाकर न केवल घरेलू स्तर पर राहत दी जा सकती है, बल्कि औद्योगिक और ग्रामीण विकास को भी नई गति प्रदान की जा सकती है। इसी सोच का परिणाम है प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना, जिसके अंतर्गत नागरिकों को प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
योजना का उद्देश्य केवल बिजली बिल कम करना भर नहीं है, बल्कि हर नागरिक को ऊर्जा उत्पादक बनाना है। पहले जहां लोग केवल उपभोक्ता थे, वहीं अब वे अपने घर की छत पर लगे सोलर पैनलों से बिजली उत्पन्न कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक बचत होती है और अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आय का मार्ग भी खुलता है। यह बदलाव गांव-गांव और शहर-शहर में एक नई क्रांति का रूप ले रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच संकल्प में आत्मनिर्भर भारत को प्रमुख लक्ष्य बताया है। सूर्यघर योजना इस संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार कर रही है। यह पहल न केवल नागरिकों को राहत पहुंचा रही है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। इसके साथ ही, यह योजना सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को भी पूरा करने में सहायक है। पर्यावरण संरक्षण, अक्षय ऊर्जा का प्रसार, ग्रामीण विकास, और आर्थिक सशक्तिकरण ये सभी लक्ष्य एक साथ पूरे होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बिजली की उपलब्धता अक्सर चुनौती का कारण बन जाती है,  वहां अब लोग अपने घर की छतों से ही आत्मनिर्भर हो रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में भी यह योजना लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है। जब हर घर सूरज की रोशनी से बिजली उत्पन्न करेगा, तब भारत केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी एक आदर्श बनेगा। सूरज से रोशनी, जीवन में समृद्धि यह न केवल आज की जरूरत है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य देने वाली पहल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज आमजन के जीवन को रोशन कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत नागरिक अपने घरों की छतों पर सौर पैनल स्थापित कर सकते हैं और प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ ले सकते हैं। जिसमें सब्सिडी की सुविधा केंद्र सरकार द्वारा रूपये 30 हजार से लेकर रूपये 78 हजार तक की सब्सिडी दी जाती है, राज्य सरकार द्वारा रूपये 30 हजार की सब्सिडी, सुलभ ऋण कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के लोग भी सहजता से सोलर पैनल स्थापित कर सकें, तेजी से क्रियान्वयन पंजीयन से लेकर पैनल स्थापना तक की प्रक्रिया मात्र 3 से 4 दिनों में पूरी हो जाती है, आर्थिक बचत बिजली बिल शून्य होने से परिवारों को हर महीने सैकड़ों से हजारों रुपये की बचत होती है और पर्यावरण सुरक्षा सौर ऊर्जा उपयोग से प्रदूषण कम होता है और स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार होता है।
कोरबा जिले से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित छुरी गांव निवासी अशोक अग्रवाल बिजली का स्थाई विकल्प ढूंढ रहें थे जिससे बिल का झमेला भी न हो और बजट फ्रेंडली हो , उनका घर और साथ ही राइस मिल, दोनों में बिजली की खपत अधिक थी, जिससे हर महीने बिल आता था। योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल अपने घर की छत पर स्थापित कराया। शासन से उन्हें सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे पैनल की लागत काफी कम हो गई। पैनल लगने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया और परिवार को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने लगी।


श्री अग्रवाल आज अपने अनुभव को गांव और आसपास के लोगों से साझा कर उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह योजना वर्तमान की आवश्यकता ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी ऊर्जा संरक्षण का मार्ग है।
इसी प्रकार कोरबा जिले के कटघोरा निवासी विशेष मित्तल, व्यापारी एवं बाइक शोरूम संचालक है, इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। उनके घर में भी बिजली खपत अत्यधिक थी, एक दिन समाचार माध्यमों से योजना की जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत पंजीकरण कराया। महज 3 से 4 दिनों में उनके घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित हो गया। शासन से उन्हें 78 हजार रूपये की सब्सिडी प्राप्त हुई।
विशेष मित्तल ने पैनल अपनी माताजी श्रीमती अंजनी मित्तल के नाम पर लगवाया। प्रारंभ में उन्हें विश्वास नहीं था कि वास्तव में बिजली बिल शून्य हो सकता है, लेकिन जब कुछ ही महीनों में यह संभव हुआ तो उन्होंने स्वयं योजना की सराहना की और अपने मायके व परिचितों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि “प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सच्चा वरदान है। इससे हमें आर्थिक मजबूती मिली है और हम अपने भविष्य को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”
आज कोरबा जिले से लेकर राज्य और देश के हर हिस्से में इस योजना की सफलता की कहानियां गढ़ी जा रही हैं। ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में लोग इसे अपना रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि लोग केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादक बन रहे हैं। अब घरों की छतें केवल छाया और सुरक्षा नहीं देतीं, बल्कि आत्मनिर्भर भविष्य का आधार बन रही हैं। व्यापारियों और उद्योगों को अब निर्बाध बिजली मिल रही है, महिलाएं घरेलू कार्यों में बाधा रहित ऊर्जा का लाभ ले रही हैं, युवाओं के लिए यह रोजगार और उद्यमिता का नया अवसर बन रहा है।
लाभार्थी अशोक अग्रवाल और मित्तल परिवार सहित हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह योजना जन-जन के जीवन में स्थायी बदलाव ला रही है। इससे आर्थिक सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता एक साथ संभव हो रही है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित और स्वच्छ ऊर्जा का भविष्य प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह जनआंदोलन बन चुकी है। इनके जैसे हजारों परिवार यह सिद्ध करते हैं कि यदि सही दिशा में कदम बढ़ाया जाए तो हर परिवार अपने जीवन में खुशहाली, आर्थिक मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा का प्रकाश फैला सकता है।

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कोरबा

लखन लाल ने किया बालको कूलिंग टॉवर से रिस्दा पुल तक के नाली निर्माण का शिलान्यास

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बालकोनगर।  मंत्री लखन लाल देवांगन ने सोमवार को शांतिनगर क्षेत्र में सड़क किनारे नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहीं। यह पहल क्षेत्रीय नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा शांतिनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह परियोजना बालको कूलिंग टॉवर से रिस्दा पुल तक लगभग 2.9 किलोमीटर लंबाई में विकसित की जाएगी। लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 2.5 करोड़ रुपये जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) तथा 2.5 करोड़ रुपये बालको की सीएसआर निधि से प्राप्त हुए हैं। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत अब निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

इस नाली निर्माण परियोजना के पूर्ण होने से शांतिनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा। इससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी तथा बरसात के मौसम में होने वाली असुविधाओं से राहत प्राप्त होगी। शिलान्यास अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।

*बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह* ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित यह नाली निर्माण परियोजना सामुदायिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने, जीवन स्तर में सुधार लाने और दीर्घकालिक विकास को गति देने के प्रति बालको की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। समुदाय के साथ हमारी व्यापक सहभागिता से वित्तीय वर्ष 2026 में 1.8 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हम अपने समुदाय के विश्वास के लिए आभारी हैं, जिसने हमें सतत सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है।

जिला प्रशासन और बालको की साझेदारी कोरबा क्षेत्र में आधारभूत संरचना विकास को लगातार नई गति दे रही है। हाल ही में बजरंग चौक से रिस्दा पुल (परसाभाठा मार्ग) के उन्नयन, पुल मरम्मत और आधुनिक सड़क निर्माण की दिशा में शुरू हुई पहल के क्रम में यह नाली निर्माण परियोजना क्षेत्रीय विकास की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और आजीविका जैसे क्षेत्रों में बालको की निरंतर पहल स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को नई गति देते हुए स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर में सुधार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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कोरबा

कोरबा : सुशासन तिहार 2026 : भीषण गर्मी में मुख्यमंत्री गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं के ले रहे जानकारी, करा रहे निराकरण: उद्योग मंत्री

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भीषण गर्मी में मुख्यमंत्री गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं के ले रहे जानकारी,

नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर

नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर

कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज सोमवार को नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगलानगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर को संबोधित करते हुये आज कहा कि प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जनसमस्याओं के निराकरण हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं से रूबरू हो रहे हैं, उनका निराकरण करा रहे हैं तथा प्रदेश में सम्पूर्ण सुशासन की सरकार की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। 

नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर

यहां उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ कोरबा जिले एवं नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्र में भी सुशासन तिहार मनाया जा रहा है तथा इसके अंतर्गत शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। आज निगम का सातवॉं व अंतिम सुशासन तिहार शिविर सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने शिविर में उपस्थिति प्रदान करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय तथा पार्षदों व जनप्रतिनिधियों के साथ शिविर में लगाये गये जिले के विभिन्न विभागों व नगर पालिक निगम केारबा के विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर महापौर, सभापति व आयुक्त के साथ ही पार्षद नरेन्द्र देवांगन, भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा आदि जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। इस अवसर पर दिये गये अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विगत 11 वर्षाे के अपने कार्यकाल में देश का सम्मान विश्व स्तर पर बढ़ाया है, जिसके लिये हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हैं, वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने कार्याे व योजनाओं से लगातार जनकल्याण का कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारी सरकार जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर विश्वास रखती है तथा सरकार जो कहती है, वह करती भी है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है, उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है तथा उनकी बरसों पुरानी समस्याएं दूर हो रही हैं। उन्होने कहा कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में बड़ी सफलता के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किा गया है, जिसके लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर तथा निगम के सभी पार्षदों को बधाई देता हूॅं। 

10 वर्ष की समस्याएं हो रही दूर 
 इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जगह-जगह जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे हैं तथा विगत 10 वर्ष की समस्याएं दूर की जा रही हैं। उन्होने कहा कि शासन प्रशासन का यह प्रथम लक्ष्य है कि जनताजनार्दन की सभी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, केवल कागजी कार्यवाही न हों। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि कोरबा के सभी 67 वार्डाे मंे बिना किसी भेदभाव के बडे़ पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं तथा उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन इन कार्याे हेतु लगातार फंड की व्यवस्था करा रहे हैं। 

इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि यह हमारी सरकार है जो समस्याओं का निराकरण भी बडे़ उल्लास के साथ सुशासन तिहार के रूप में करती है, सुशासन तिहार का यह आयोजन जनताजनार्दन को एक अच्छा शासन प्रशासन देने का संकल्प है, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्याे व नीतियों से छत्तीसगढ़ में सुशासन स्थापित कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद है कि उन्होने मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक के लिये शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन कराया है, अब योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है, बिचौलिया प्रथा समाप्त हो गई है। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा क्षेत्र के एक-एक विकास कार्याे पर एक-एक समस्याओं पर लगातार नजर रख रहे हैं तथा उनके उत्साहवर्धन के परिणाम स्वरूप अधिकारी कर्मचारी भी पूरे उत्साह के साथ कार्य कर रहे हैं। 

आयुक्त ने सर्वमंगला नगर जोन व निगम के उपलब्धियों पर रखा प्रतिवेदन 

 इस अवसर पर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सर्वमंगला नगर जोन के विकास कार्याे व नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा प्राप्त उपलब्धियों पर अपना विस्तृत प्रतिवेदन शिविर में रखा। उन्होने बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत वर्ष 2023 से अब तक 05 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से 54 कार्य स्वीकृत किये गये थे, जिनमें 28 कार्य पूर्ण हो गये हैं, 13 कार्य प्रगति पर है तथा 13 कार्य निविदा में हैं। इस मौके पर उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, सम्पत्तिकर व जलकर की वसूली, श्रद्धांजलि योजना, विभिन्न राशन कार्ड आदि से लाभान्वित कराये गये हितग्राहियों के संबंध में विस्तार से जानकारी शिविर में प्रस्तुत की। आयुक्त श्री पाण्डेय ने इस मौके पर कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित हों, इसके लिये कलेक्टर कुणाल दुदावत ने वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की है, जो आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करा रही हैं, आयुक्त श्री पाण्डेय ने आगे बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत मॉं सर्वमंगला मंदिर परिसर को प्लास्टिक फ्री जोन बनाया गया है, वहीं शहर के सबसे ज्यादा स्थलों को कचरा मुक्त स्थल बनाकर सजाया, संवारा गया है।

हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित 

 शिविर के दौरान शासन के विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को योजनाओं के लाभ से लाभान्वित किया गया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व उपस्थित अतिथियों द्वारा हितग्राही चन्द्रशेखर व विष्णु प्रसाद को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवासगृह की चाबी प्रदान की गई। इसी प्रकार हितग्राही शांता बाई व प्रभा यादव को राशन कार्ड, गोपी देवगन को वृद्धावस्था पेंशन तथा गौरीशंकर साहू व मोहनबाई रत्नाकर को श्रवण यंत्र प्रदान किये गये। 

    इस अवसर पर भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा, प्रफुल्ल तिवारी, माधव जायसवाल, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त पवन वर्मा, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह, जोन कमिश्नर सुनील टांडे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी आदि के साथ नगर निगम कोरबा व जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण एवं काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।

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कोरबा में घर के अंदर मिली महिला की लाश:पति ने देखा पत्नी को फंदे पर लटका, भागकर किया था लव-मैरिज, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा जिले में एक 26 साल की शादीशुदा महिला की लाश घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। पति ने पत्नी को फंदे पर लटका देखा तो वह घबरा गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इसके बाद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।

जांच में पता चला कि महिला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली थी। उसके पति ने अपनी पहली पत्नी को छोड़कर उससे लव मैरिज किया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र के कृष्णा नगर बस्ती का है।

जानकारी के मुताबिक, कृष्णा नगर बस्ती निवासी धर्मेंद्र पासवान ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गौरेया थाना, तुर्की इलाके की रहने वाली 26 वर्षीय प्रीति उर्फ बेबी को लेकर भाग गया था। इसके बाद धर्मेंद्र ने प्रीति से लव मैरिज कर ली थी।

दोनों पिछले कुछ सालों से कोरबा के कृष्णा नगर में किराए के मकान में रह रहे थे। यहां वे अपने तीन साल के बच्चे के साथ रह रहे थे। धर्मेंद्र पासवान बालको पावर प्लांट में एक निजी कंपनी के ठेकेदारी कार्य से जुड़ा हुआ है।

फांसी के फंदे पर लटकी मिली लाश

रविवार सुबह प्रीति की लाश घर में लोहे के एंगल पर चुन्नी से फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। सुबह जब पति धर्मेंद्र ने प्रीति को फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखा तो वह घबरा गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला को नीचे उतारा गया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

इसके बाद उसे तुरंत एंबुलेंस से जिला मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने रविवार शाम तक कमरे को सील कर दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मानिकपुर चौकी पुलिस ने जब मृतका के परिजनों से उनके थाने के जरिए संपर्क किया तो पता चला कि उसकी मां नहीं है, सिर्फ पिता हैं। लेकिन पिता भी आने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि वे भी किसी के साथ प्रेम विवाह कर पहले ही घर छोड़ चुके हैं।

इस मामले को लेकर कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। तहसीलदार के सामने पंचनामा और बयान की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।

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