Connect with us

देश

देश के 53वें CJI बने जस्टिस सूर्यकांत:शपथ के बाद भाई-बहन के पैर छुए, पूर्व CJI गवई से गले मिले, मोदी-शाह से मिलने पहुंचे

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद बहन और बड़े भाई के पैर छुए। इस कार्यक्रम में उनके परिवार के लोग भी शामिल हुए।

शपथ के बाद CJI सूर्यकांत ने PM मोदी समेत अन्य लोगों से मुलाकात की। वे पूर्व CJI बीआर गवई से गले मिले। इस समारोह में ब्राजील समेत सात देशों के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज भी राष्ट्रपति भवन पहुंचे।

भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार किसी CJI के शपथ ग्रहण में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी रही। समारोह में भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश और उनके परिवार के सदस्य भी पहुंचे।

इस दौरान पूर्व CJI गवई ने एक नई मिसाल कायम की। शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन्होंने अपनी आधिकारिक गाड़ी राष्ट्रपति भवन में ही अपने उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत के लिए छोड़ दी।

CJI सूर्यकांत की शपथ के फोटोज

शपथ के बाद CJI सूर्यकांत राष्ट्रपति मुर्मू के पास पहुंचे और उनका अभिवादन किया।

शपथ के बाद CJI सूर्यकांत राष्ट्रपति मुर्मू के पास पहुंचे और उनका अभिवादन किया।

CJI सूर्यकांत ने भाई ऋषिकांत (कैप पहने हुए) और बहन राजबाला के भी पैर छुए।

CJI सूर्यकांत ने भाई ऋषिकांत (कैप पहने हुए) और बहन राजबाला के भी पैर छुए।

CJI सूर्यकांत ने ससुर राम प्रताप और सास आरती शर्मा के पैर छुए।

CJI सूर्यकांत ने ससुर राम प्रताप और सास आरती शर्मा के पैर छुए।

CJI सूर्यकांत पीएम मोदी, राजनाथ और अमित शाह से मिलने भी पहुंचे।

CJI सूर्यकांत पीएम मोदी, राजनाथ और अमित शाह से मिलने भी पहुंचे।

CJI सूर्यकांत पूर्व CJI बीआर गवई के गले भी मिले।

CJI सूर्यकांत पूर्व CJI बीआर गवई के गले भी मिले।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, PM नरेंद्र मोदी, CJI सूर्यकांत, पूर्व CJI बीआर गवई और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, PM नरेंद्र मोदी, CJI सूर्यकांत, पूर्व CJI बीआर गवई और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल।

पूर्व वाइस प्रेसिडेंट जगदीप धनखड़ और पूर्व CJI भूषण रामकृष्ण गवई सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में नजर आए।

पूर्व वाइस प्रेसिडेंट जगदीप धनखड़ और पूर्व CJI भूषण रामकृष्ण गवई सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में नजर आए।

CJI सूर्यकांत का कार्यकाल 14 महीने का होगा

वर्तमान CJI बीआर गवई का कार्यकाल रविवार 23 नवंबर को खत्म हो गया। उनके बाद अब जस्टिस सूर्यकांत यह जिम्मेदारी संभालेंगे। जस्टिस सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को रिटायर होंगे और उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के हेड होंगे CJI सूर्यकांत

CJI सूर्यकांत ने बेंच जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर के साथ कोर्ट रूम नंबर 1 में आधिकारिक कार्यवाही शुरू की। जस्टिस सूर्यकांत अब पांच मेंबर वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के हेड भी होंगे।

पांच मेंबर वाला कॉलेजियम जो सुप्रीम कोर्ट के जजों को चुनता है और हाईकोर्ट के जजों के ट्रांसफर पर फैसला करता है, उसमें अब CJI कांत और जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एमएम सुंदरेश शामिल होंगे।

तीन सदस्यों वाले कॉलेजियम में, जो हाईकोर्ट के जजों को चुनता है, CJI और जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस बीवी नागरत्ना सदस्य होंगे। भले ही जस्टिस कांत का CJI के तौर पर लगभग 14 महीने का कार्यकाल है, कॉलेजियम में सिर्फ एक बदलाव होगा, जब जस्टिस माहेश्वरी 28 जून, 2026 को रिटायर होंगे।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा कॉलेजियम के सदस्य बनेंगे। CJI कांत के रिटायर होने के बाद, जस्टिस जेबी पारदीवाला कॉलेजियम में शामिल होंगे।

10वीं के बाद पहली बार शहर देखा था

जस्टिस सूर्यकांत के पिता मदनमोहन शास्त्री संस्कृत के शिक्षक और प्रसिद्ध साहित्यकार थे। मां शशि देवी गृहिणी थीं। बड़े भाई ऋषिकांत सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, दूसरे भाई शिवकांत डॉक्टर और तीसरे देवकांत आईटीआई से रिटायर्ड हैं। बहन कमला देवी सबसे बड़ी हैं। जस्टिस सूर्यकांत सबसे छोटे हैं। बड़े भाई ऋषिकांत ने बताया, सूर्यकांत ने 10वीं तक पढ़ाई गांव पेटवाड़ में की। इसके बाद पहली बार शहर देखा था।

सूर्यकांत के बड़े भाई देवकांत ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत की पत्नी सविता सूर्यकांत हैं और वह कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुई हैं। वह इंग्लिश की प्रोफेसर रही हैं। उनकी 2 बेटियां हैं- मुग्धा और कनुप्रिया। दोनों बेटियां पढ़ाई कर रही हैं।

भाई ऋषिकांत ने बताया, सूर्यकांत के विवाह की बात चली तो उन्होंने कहा था दहेज में एक चम्मच भी नहीं लूंगा। विवाह 1987 में जींद की सविता शर्मा से हुआ।

जस्टिस सूर्यकांत और उनकी पत्नी सविता। - फाइल फोटो

जस्टिस सूर्यकांत और उनकी पत्नी सविता। – फाइल फोटो

जस्टिस सूर्यकांत के यादगार फैसले

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत कई कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच का हिस्सा रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वे संवैधानिक, मानवाधिकार और प्रशासनिक कानून से जुड़े मामलों को कवर करने वाले 1000 से ज्यादा फैसलों में शामिल रहे। उनके बड़े फैसलों में आर्टिकल 370 को निरस्त करने के 2023 के फैसले को बरकरार रखना भी शामिल है।

  • पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच का हिस्सा थे जिसने 2017 में बलात्कार के मामलों में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को लेकर जेल में हुई हिंसा के बाद डेरा सच्चा सौदा को पूरी तरह से साफ करने का आदेश दिया था।
  • जस्टिस सूर्यकांत उस बेंच का हिस्सा थे जिसने कॉलोनियल एरा के राजद्रोह कानून को स्थगित रखा था। साथ ही निर्देश दिया था कि सरकार की समीक्षा तक इसके तहत कोई नई FIR दर्ज न की जाए।
  • सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन समेत समस्त बार एसोसिएशनों में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने का निर्देश देने का श्रेय भी जस्टिस सूर्यकांत को दिया जाता है।
  • जस्टिस सूर्यकांत सात जजों की बेंच में शामिल थे जिसने 1967 के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के फैसले को खारिज कर दिया था। यूनिवर्सिटी के संस्थान के अल्पसंख्यक दर्जे पर पुनर्विचार का रास्ता खुल गया था।
  • वे पेगासस स्पाइवेयर मामले की सुनवाई करने वाली बेंच का हिस्सा थे, जिसने गैरकानूनी निगरानी के आरोपों की जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट का एक पैनल बनाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में खुली छूट नहीं मिल सकती।

बिहार SIR मामले की सुनवाई भी की

जस्टिस सूर्यकांत ने बिहार में SIR से जुड़े मामले की सुनवाई भी की। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को रेखांकित करने वाले एक आदेश में जस्टिस सूर्यकांत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर किए गए 65 लाख नामों की डीटेल सार्वजनिक की जाए।

पेटवाड़ के स्कूलों के टॉपर्स को हर साल सम्मानित करने जाते हैं

ऋषिकांत ने बताया, ‘एक भाई डॉक्टर बना तो पिताजी चाहते थे सूर्यकांत इंजीनियर बनें, लेकिन उन्होंने कानून पढ़ा। पढ़ने में तेज थे। सूर्यकांत अभी भी गांव से जुड़े हैं। गांव के दोनों स्कूल के टॉपर्स को सम्मानित करने हर साल आते हैं। गांव में पूर्वजों के नाम पर एक तालाब है। वहां जरूर जाते हैं। जब भी आते हैं बथुआ, बाजरे की रोटी, कढ़ी बनती है।’

हिसार से 50 किमी दूर दस हजार आबादी वाले पेटवाड़ का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। गांव में एक गौरव पट्‌ट लगे हैं। एक शिलालेख पर गांव के 5 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, दूसरे पर दो शहीद जवान और तीसरे पर बड़े पदों पर पहुंचे 26 लोगों के नाम लिखे हैं। इनमें आईएएस, आईपीएस, वैज्ञानिक, डाॅक्टर आदि शामिल हैं। इसमें सबसे ऊपर जस्टिस सूर्यकांत का नाम है। जस्टिस सूर्यकांत बड़े भाई ऋषिकांत और भाभी राजबाला के साथ गांव में रहते हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

10 साल जेल, रू.10 करोड़ का जुर्माना, पेपर लीक संशोधन बिल कैबिनेट से मंजूर

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024 में संशोधन के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

संशोधित विधेयक को मिली मंजूरी

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संशोधित पेपर लीक विधेयक के मसौदे पर चर्चा की गई और उसे मंजूरी दे दी गई। सरकार अब इस विधेयक को अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।

पेपर लीक माफिया पर होगी कड़ी कार्रवाई

प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।

बता दें कि इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार मजबूत कानूनी व्यवस्था लागू करेगी।

CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक

इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। इस वार्ता को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक से पहले CJP ने मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग की थी, जिसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को वार्ता स्थल बनाया गया।

CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें

बैठक के दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।

Continue Reading

देश

कांग्रेस का बड़ा ऐलान- कल देशभर में पार्टी निकालेगी कैंडल मार्च

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे 25 जुलाई (शनिवार) को ज़िला स्तर पर कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करें। यह आयोजन NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के समर्थन में और विरोध कर रहे छात्रों पर कथित “बर्बर हमलों” की निंदा करने के लिए किया जाएगा। सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों को लिखे एक पत्र में, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशन में आयोजित किए जाने चाहिए।

वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, “माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशानुसार, आपसे अनुरोध है कि आप अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक ज़िला कांग्रेस कमेटी (DCC) को शनिवार शाम, 25 जुलाई, 2026 को एक विशाल कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का निर्देश दें।” पत्र में कहा गया है कि मार्च महात्मा गांधी या डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की ओर बढ़ना चाहिए और वहीं समाप्त होना चाहिए, साथ ही छात्रों और युवाओं के समर्थन में सत्याग्रह आयोजित किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करने का भी निर्देश दिया। पार्टी ने परीक्षा की शुचिता के “पूरी तरह से ध्वस्त होने” और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया, “हमें परीक्षा की शुचिता के पूरी तरह से ध्वस्त होने और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी स्पष्ट रूप से मांग करनी चाहिए।”

PunjabKesari

पार्टी ने PCC, DCC, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के सदस्यों की भागीदारी का आह्वान किया। PCC अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि मार्च और सत्याग्रह “शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावी ढंग से” आयोजित किए जाएं और उन्हें व्यापक मीडिया और सोशल मीडिया कवरेज मिले।

पत्र में कहा गया, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और डराने-धमकाने, दमन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस की यह घोषणा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई।

CJP बातचीत के लिए तब सहमत हुई जब सरकार ने कथित तौर पर उसकी दो शर्तें मान लीं — कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और हाल ही में परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, CJP प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर अड़ी रही। CJP प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने कहा, “हमें (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।” यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रणालीगत सुधारों के संबंध में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे मसौदा विधेयक पर विचार करेगा जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा।

Continue Reading

देश

हिमाचल में चलती कार पर चट्टानें गिरीं, 13 की मौत:गुजरात के नवसारी में बाढ़, हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट, 5 शहरों में पानी भरा, बाजार डूबे

Published

on

नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर, एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को उदयपुर-किलाड़ सड़क पर कडू नाला के पास लैंडस्लाइड हो गई। इसकी चपेट में टाटा सूमो टैक्सी आ गई। गाड़ी में 15 लोग सवार थे, 13 की मौत हो गई।

उधर गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं।

नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अहमदाबाद, सूरत में पानी भर गया। वाव-थराद जिले में बाजार डूब गए।

यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में पानी सड़क पर भर गया। ग्रामीण नाव से आ-जा रहे हैं।

वहीं, राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677