छत्तीसगढ़
कबीरधाम : आर्थिक तंगी से रंजना की छुटी पढ़ाई, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के सहयोग से फिर होगी शुरू
कबीरधाम जिले की बेटियों की शिक्षा को मिली नई उड़ान, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी आर्थिक सहायता
कबीरधाम। कबीरधाम जिले में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आर्थिक सहायता प्रदान कर एक प्रेरणादायक पहल की है। उन्होंने जरूरतमंद छात्राओं की पढ़ाई में सहयोग करते हुए ग्राम हरमो निवासी भारती साहू को 2 लाख रुपए तथा ग्राम चिल्फी निवासी रंजना झारिया को 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर उक्त राशि के चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर नरेन्द्र मानिकपुरी, अमर कुर्रे, ओमकार साहू, लोकचंद साहू, मिलू साहू उपस्थित रहे।

इस दौरान रंजना झारिया ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी, जिसके कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें जानकारी मिली कि उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा जरूरतमंदों की मदद करते हैं, तब उन्होंने उनसे संपर्क कर अपनी समस्या बताई। उनकी स्थिति को समझते हुए श्री शर्मा ने 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। रंजना ने बताया कि इस सहायता से वह अब दोबारा नर्सिंग की पढ़ाई शुरू कर सकेंगी और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। उन्होंने इसके लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है।
छत्तीसगढ़
DMF घोटाला…पूर्व IAS टुटेजा की बेल खारिज:हाईकोर्ट बोला- विभाग के सीनियर अफसर रहे, सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा, जमानत नहीं दे सकते
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस एनके व्यास ने कहा कि आरोपी पहले विभाग में सीनियर अफसर रह चुके हैं और यह आर्थिक गड़बड़ी सोच-समझकर की गई है।

कोर्ट ने यह भी माना कि मामले में गवाहों और सबूतों को प्रभावित किए जाने की आशंका है। दरअसल, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच रिपोर्ट के आधार पर कोरबा के डीएमएफ फंड घोटाले में केस दर्ज किया था।
यह मामला उस समय का है, जब अनिल टुटेजा उद्योग विभाग में अतिरिक्त सचिव थे। इस केस में अनिल टुटेजा को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया है। जेल में रहते हुए निलंबित आईएएस टुटेजा ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।

ईओडब्ल्यू और एसीबी ने ईडी की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएमएफ फंड घोटाले में केस दर्ज किया था।
रानू समेत अन्य आरोपियों को बेल का दिया हवाला
जमानत याचिका में उनके वकील ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस केस के आरोपी रानू साहू सहित अन्य को जमानत दे दी है। साथ ही कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कई मामलों की जांच कर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसका कोई सबूत नहीं है। जांच में जान बुझकर देरी की जा रही है। ऐसे में याचिकाकर्ता भी जमानत का हकदार है।
राज्य शासन ने कहा- गवाहों को प्रभावित करने की आशंका
दूसरी तरफ राज्य शासन के तरफ से जमानत देने का विरोध किया, कहा कि डीएमएफ घोटाले के साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग, कोयला लेवी और शराब घोटाले के केस में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। केस में उन्हें जमानत देने से गवाह और सबूत प्रभावित हो सकता है।
हाईकोर्ट बोला- अपराध में संलिप्लता, नहीं दी जा सकती जमानत
इस मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास की बेंच में हुई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत लगाए गए आरोपों में आवेदक की भूमिका सामने आती है।
हाईकोर्ट ने केस डायरी का हवाला देते हुए कहा कि सतपाल सिंह छाबड़ा को संबंधित फर्मों से अवैध कमीशन के रूप में करीब 16 करोड़ रुपए मिले थे और इसमें से कुछ राशि आवेदक तक भी पहुंची है।
इस आधार पर अदालत ने माना कि प्रारंभिक रूप से आवेदक की इस अपराध में संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।

सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
पद का दुरुपयोग और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि आवेदक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी कंपनियों के माध्यम से सार्वजनिक धन का गलत उपयोग किया, जिससे जनता को नुकसान हुआ है। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता आवेदक की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने की संभावना को ध्यान में रखा।
आर्थिक अपराध पर सख्त टिप्पणी
साथ ही यह भी माना कि आवेदक विभाग में वरिष्ठ पद पर रहा है और सप्लायरों के साथ मिलकर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग में शामिल रहा है। कोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध जानबूझकर किए जाते हैं और इनमें निजी लाभ को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे समाज का भरोसा कमजोर होता है और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचता है।
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आरोपी अधिकारी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
छत्तीसगढ़
जनगणना पर बोले भूपेश- मोदी की नियत पर शक:रायपुर में कहा- हिरण का शिकार करने वालों के साथ PM पतंग उड़ाते हैं
रायपुर, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में काले हिरण का जिक्र होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर तंज कसते हुए पीएम मोदी और अभिनेता सलमान खान पर निशाना साधा।

बघेल ने कहा, ‘काले हिरण का जिसने शिकार किया, मोदी जी उनके साथ पतंग उड़ाते हैं और संरक्षण की बात करते हैं। छत्तीसगढ़ में हिरण की कोई कमी नहीं है, यहां पहले से संरक्षण हो रहा है। प्रधानमंत्री यहां आकर पिंजरे में बंद शेर के साथ फोटो खिंचवा रहे थे, उसके पहले से यहां हिरण है।
वहीं, PM मोदी के जनगणना को सफल बनाने की अपील पर भूपेश बघेल ने कहा कि जनगणना 2021 से लंबित है, SIR कराया जा सकता है, लेकिन नियत पर शक होता है।’

26 अप्रैल को मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण का जिक्र किया।
‘मन की बात’ में काले हिरण का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने 26 अप्रैल को ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में कहा कि मध्य भारत में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के खुले इलाकों में काले हिरण की वापसी हुई है, जो जैविक विरासत के पुनरुद्धार का प्रतीक है।
पीएम ने कहा कि कई सालों तक स्थानीय स्तर पर विलुप्त रहने के बाद अब ये हिरण फिर से प्राकृतिक वातावरण में दिखाई दे रहे हैं।
बारनवापारा-बिलासपुर में चला पुनर्वास अभियान
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों के पुनर्वास के लिए पांच साल का विशेष अभियान चलाया गया। 2017 में इन्हें स्थानीय रूप से विलुप्त घोषित किए जाने के बाद वन विभाग ने पुनर्प्रवेश योजना शुरू की।
इसके तहत नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणि उद्यान और बिलासपुर के कानन पेंडारी प्राणि उद्यान से हिरणों को लाकर यहां बसाया गया। 2021 में शुरू इस योजना के तहत दिल्ली से 50 और बिलासपुर से 27 काले हिरण लाए गए। अनुकूल वातावरण और लगातार निगरानी के कारण अब इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है।

बघेल ने कहा, ‘काले हिरण का जिसने शिकार किया, मोदी जी उनके साथ पतंग उड़ाते हैं।
PM ने जनगणना 2027 को सफल कराने की अपील की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जनगणना 2027 को मिलकर सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। देश की जनगणना सिर्फ सरकारी काम नहीं है। यह हम सब की जिम्मेदारी है।
‘मन की बात’ कार्यक्रम में PM ने कहा, “देश में इस समय एक बहुत अहम अभियान चल रहा है, जिसके बारे में हर भारतीय को जानकारी होनी जरूरी है।
ये जनगणना का अभियान है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव अलग होने वाला है। जनगणना 2027 को डिजिटल बनाया गया है।
सारी जानकारी सीधे डिजिटल माध्यम में दर्ज हो रही है। घर-घर जाने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप है। वे आपसे बात करके उसी में जानकारी दर्ज करेंगे।”
‘जनगणना में आप भी भर सकते हैं जानकारी’
देशवासियों से जनगणना में हिस्सा लेने की अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा, इस बार जनगणना में आपकी भागीदारी भी आसान बनाई गई है, आप खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। कर्मचारी के आने से 15 दिन पहले आपके लिए सुविधा शुरू होगी। आप अपने समय के अनुसार जानकारी भर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा, जब आप प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो आपको एक विशेष आईडी मिलती है। ये आईडी आपके मोबाइल या ईमेल पर आती है। बाद में जब कर्मचारी आपके घर आता है, तो आप यही आईडी दिखाकर जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं। इससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ती।
पीएम मोदी ने जानकारी दी कि जिन राज्यों में स्व-गणना का काम पूरा हो गया है, वहां गणना कर्मचारी की ओर से घरों के सूचीकरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण का कार्य पूरा भी हो चुका है।
छत्तीसगढ़
धमतरी में पूर्व मंत्री के भाई के घर ED रेड:12 से ज्यादा अधिकारी खंगाल रहे दस्तावेज, अभनपुर में भी एक्शन, भारतमाला से जुड़ा मामला
धमतरी, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सोमवार तड़के ईडी की टीम ने धमतरी के कुरुद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की।
इसके साथ ही जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी गई है। यह कार्रवाई सुबह से जारी है। हालांकि अभी तक प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने रेड की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सुबह तीन गाड़ियों में 12 से अधिक ईडी के अधिकारी भूपेंद्र चंद्राकर के घर पहुंचे। टीम घर के अंदर जांच-पड़ताल कर रही है। आरोप है कि उन्होंने कथित भारतमाला घोटाले में अपने करीबियों को सिर्फ अभनपुर ही नहीं, बल्कि कायाबांधा (अभनपुर), दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड जैसे क्षेत्रों में करोड़ों रुपए का मुआवजा दिलवाया है।
इन आरोपों से संबंधित शिकायत दस्तावेजों के साथ दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर ईडी यह जांच कर रही है।

तीन गाड़ियों में 12 से अधिक ईडी के अधिकारी भूपेंद्र चंद्राकर के घर पहुंचे।

टीम घर के अंदर जांच-पड़ताल कर रही है।
घर अंदर से लॉक कर दस्तावेजों की जांच
धमतरी में कुरूद के सरोजिनी चौक के पास भूपेंद्र चंद्राकर का घर है, जहां पर ईडी की टीम पहुंची हुई है। ईडी की टीम घर के अंदर जांच कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाबल भी मौजूद हैं। घर के अंदर से ताला लगाया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति बाहर से अंदर ना जा सके।
शिकायतों के आधार पर ईडी की जांच
रायपुर, अभनपुर में इससे पहले भी ED ने गोपाल गांधी और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे।
भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी गई है।
जमीन अधिग्रहण में अनियमितताओं का खुलासा
शुरुआती जांच में सामने आया है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि घोषित कर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया। साथ ही एक ही खसरे की जमीन को कागजों में अलग-अलग हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों के नाम पर भुगतान किया गया। ED इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है।
अफसरों ने नहीं की पुष्टि
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रेड की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। ईडी बीजेपी नेता के भाई और कुछ जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर जांच कर रही है, हालांकि पूरे मामले में अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।
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