कोरबा
कोरबा ट्रिपल मर्डर केस…रस्सी से गला घोंटकर हत्या:शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में खुलासा, एक के मुंह में नींबू, दूसरे की जेब में सिगरेट पैकेट मिला
कोरबा। कोरबा में ट्रिपल मर्डर केस के शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ हो गया है कि तीनों की हत्या की गई थी। स्क्रैप व्यवसाय से जुड़े अशरफ मेमन सहित तीन लोगों के शव उनके कबाड़ यार्ड से बरामद हुए थे। पुलिस ने शुरुआती जांच में तंत्र-मंत्र के दौरान हत्या की आशंका जताई थी।
लेकिन जांच में अशरफ मेमन की जेब से सिगरेट के पैकेट, नीतीश के मुंह से नींबू और सुरेश साहू की जेब से भी नींबू मिला है। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के अनुसार तीनों की मौत पतली रस्सी से गला घोंटने से हुई। दुर्ग निवासी नीतीश के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए।
यह पूरा हत्याकांड तंत्र-मंत्र के जरिए 5 लाख से ढाई करोड़ रुपए कमाने का लालच देकर किया गया। बिलासपुर का तांत्रिक (बैगा) आशीष दास अपने 3 साथियों के साथ इस योजना को अंजाम देने कोरबा पहुंचा था। तांत्रिक के साथ आए अश्विनी कुर्रे ने बताया कि 5 लाख बैगा को दिए जाने थे और बाकी पैसे बराबर हिस्सों में बांटे जाने थे।
कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि इस मामले में अपराध दर्ज कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी तांत्रिक आशीष दास अभी भी फरार है। उन्होंने कहा कि पूछताछ के बाद और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। वहीं कारोबारी अशरफ के परिजनों ने बड़े षड्यंत्र की आशंका जताई है।

गिरफ्तार किए गए कारोबारी समेत तीन लोगों के मर्डर के आरोपी।
तांत्रिक बैगा 3 साथियों के साथ पहुंचा था
बिलासपुर से एक तांत्रिक (बैगा) आशीष दास बुधवार शाम 4 बजे तीन अन्य साथियों के साथ कोरबा पहुंचा था। इसके बाद अशरफ मेमन के बरबसपुर स्थित स्क्रैप यार्ड में रात में तंत्र-मंत्र शुरू किया गया।
फिर आशीष ने एक कमरे में तीनों को बारी-बारी से बुलाया, उन्हें नींबू दिया और रस्सी से एक घेरा बनाया। इसके बाद उन्हें कमरे में बंद कर दिया और आधे से एक घंटे बाद खोलने को कहा। जब समय बीतने पर कमरा खोला गया, तो तीनों मृत पाए गए।
बिलासपुर अमेरी के रहने वाले अश्वनी कुर्रे, जो तांत्रिक की टीम के साथ आया था, उसने बताया कि 5 लाख रुपए को तंत्र विद्या से ढाई करोड़ बनाने की बात हुई थी और उस पैसे को बराबर हिस्सों में बांटा जाना था। हालांकि, तांत्रिक आशीष ने कमरे में तंत्र विद्या की।
मृतकों की पहचान कोरबा निवासी अशरफ मेमन, तुलसी नगर निवासी सुरेश साहू (पिता बलदेव साहू) और बलौदाबाजार निवासी नीतीश कुमार के रूप में हुई है।

आरोपियों से पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं।
पत्नी बोली- 5 दिन से पति को परेशान कर रहे थे
मृतक सुरेश साहू की पत्नी गुड़िया देवी ने कहा कि बिलासपुर का संजय साहू पिछले 5 दिन से कुछ करवाने के लिए पैसे के लिए उनके दिमाग में प्रेशर डाल रहा था। घर आकर उनको रात 12 बजे साथ ले गए। पता नहीं कहां खाना खिलाए हैं। 3 बजे आखिरी बार बात हुई उसके बाद से वह फोन नहीं उठा रहे थे।
कारोबारी के परिजनों ने जताई षड्यंत्र की आशंका
कबाड़ व्यवसायी अशरफ मेमन की मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। परिवार और परिचितों का कहना है कि अशरफ बेहद तेज दिमाग का व्यक्ति था, इसलिए 5 लाख देकर 2.5 करोड़ तंत्र-मंत्र से बनाने जैसी बातों पर वह आसानी से विश्वास नहीं कर सकता था। उन्हें शक है कि तांत्रिक क्रिया के नाम पर उसके साथ कोई बड़ा षड्यंत्र किया गया।

स्क्रैप यार्ड के कमरे से स्क्रैप व्यवसायी अशरफ मेमन मृत अवस्था में मिले। (फाइल फोटो)
40 छोटे-बड़े कबाड़ी दुकानदार जुड़े थे
अशरफ कबाड़ कारोबार में पूरे कोरबा के साथ-साथ दूसरे जिलों में भी जाना जाता था। जिले में करीब 40 छोटे-बड़े कबाड़ी दुकानदार उससे जुड़े थे और उसके नाम का काफी दबदबा था। कुछ बड़े कारोबारियों से उसका पुराना विवाद भी चलता रहा। इसी कारोबार में उसका छोटा भाई इमरान भी साथ काम करता था।
आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज थे
अशरफ पर जुआ एक्ट, मारपीट, बलवा, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज थे। कोरबा के अलावा अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ प्रकरण हैं। कारोबार और पुराने विवादों की वजह से शहर में उसके कई दुश्मन भी थे।
कथित तंत्र-क्रिया के दौरान अशरफ की मौत हो गई। यह कैसे हुआ, इस पर लोगों के मन में कई सवाल हैं। अशरफ 47 साल का था। उसके तीन बेटे हैं- शाहिद (27), अदनान (24) और अरमान (21)। बड़े बेटे शाहिद की शादी हो चुकी है। घटना के बाद इलाके में चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोरबा
“सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत कोरबा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, लूट के मामले का खुलासा
लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चौकी मानिकपुर में लूट की घटना का त्वरित खुलासा किया गया है।

प्रार्थी योगेश कुमार कंवट, निवासी तिलकेजा दरी मोहल्ला, थाना उरगा, दिनांक 25.03.2026 को अपने जीजा के घर मानिकपुर आया था। दिनांक 26.03.2026 को रात्रि लगभग 02:00 बजे वापस जाते समय मानिकपुर बाजार के पास कुछ अज्ञात आरोपियों द्वारा उसे रोककर हाथ-मुक्का से मारपीट करते हुए उसकी हीरो एचएफ डीलक्स मोटर सायकल एवं नगदी रकम 2000 रुपये लूटकर फरार हो गए।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली चौकी मानिकपुर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें अभिरक्षा में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपीगण का विवरण:–
- फैजल अहमद अंसारी उर्फ अमन, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।
- विजय चौहान, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।
आरोपियों से पृथक-पृथक मेमोरण्डम कथन लेकर उनके कब्जे से लूट की मशरूका, जिसमें एक पुरानी इस्तेमाल की गई मोटर सायकल (हीरो एचएफ डीलक्स), मोटर सायकल क्रमांक CG 11 AB 8037 एवं नगदी राशि बरामद की गई।
बरामद सामग्री को विधिवत गवाहों के समक्ष जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
कोरबा पुलिस द्वारा “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत क्षेत्र में अपराध नियंत्रण हेतु निरंतर सख्त कार्यवाही जारी रहेगी एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

कोरबा
“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोतवाली पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही
डीजे विवाद में चाकूबाजी की घटना का खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार
कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में दिनांक 25 मार्च 2026 को थाना कोतवाली, जिला कोरबा क्षेत्रांतर्गत डीजे को लेकर हुए विवाद में प्रार्थी संदीप भास्कर के कूल्हे पर चाकू मारने की घटना सामने आई थी। उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली में आरोपीगण के विरुद्ध धारा 109(3), 296, 351(3), 115(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
आरोपियों का नाम पता:—
- संतोष बाबा पिता पंचराम वैष्णव, उम्र 18 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
- शिव यादव पिता छोटेलाल, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
- पुरुषोत्तम सोनी उर्फ पांडू पिता जयराम, उम्र 21 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती।
तीनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना करना स्वीकार किया गया। उनके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त चाकू जप्त किया गया। प्रकरण में धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है।
उक्त सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
♦️“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस द्वारा अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है तथा आगे भी यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

कोरबा
ग्रामीणों के आंदोलन के आगे झुका प्रबंधन, SECL गेवरा और PNC कंपनी का खदानबंदी समाप्त, 13 को तत्काल और 7 को 8 अप्रैल तक रोजगार का मिला लिखित आश्वासन
कोरबा/गेवरा। SECL गेवरा परियोजना के प्रभावित ग्राम नरईबोध और गेवरा क्षेत्र के ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज गेवरा खदान और आउटसोर्सिंग कंपनी PNC के कार्यों को पूरी तरह ठप कर दिया।पुनर्वास, मुआवजा, बसाहट और वैकल्पिक रोजगार की मांग को लेकर सुबह 9:00 बजे से शुरू हुआ, यह उग्र प्रदर्शन दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहा, जिससे परियोजना का कार्य लगभग 4 घंटे तक बाधित रहा ।

मुख्य घटनाक्रम
- नारेबाजी और घेराव:- भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और CISF के जवान मुस्तैद रहे ।
- प्रशासनिक मध्यस्थता:- आंदोलन को समाप्त कराने के लिए तहसीलदार और SECL के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों, कंपनी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई ।
- सहमति और समाधान:- वार्ता के दौरान PNC कंपनी में 13 भू-विस्थापितों को तत्काल प्रभाव से रोजगार में बहाल करने का निर्णय लिया गया। वहीं शेष 7 भू-विस्थापितों को उनका बी-फॉर्म (B-Form) और मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात 8 अप्रैल 2026 तक कार्य पर रखने का लिखित आश्वासन दिया गया ।
- लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
एसईसीएल गेवरा के अधिकारियों और नायब तहसीलदार द्वारा लिखित में आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रही गोमती केवट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी 20 लोगों की जॉइनिंग और अन्य मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो भविष्य में पुनः उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।
इस समझौते के बाद खदान और PNC कंपनी में कार्य पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गया है ।



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